यूक्रेन की सैन्य खुफिया एजेंसी HUR का कहना है कि 3M22 जिरकॉन हाइपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल नहीं, बल्कि दो चरणीय ठोस ईंधन वाली बैलिस्टिक मिसाइल है। इसकी आकलित अधिकतम गति मैक 6.8 है, जबकि रूस मैक 9 का दावा करता है। [6][9][10] HUR के मुताबिक मिसाइल में लगभग 120 किलोग्राम का वारहेड, Baget 83 कंप्यूटिंग सिस्टम और उड़ान के दौर...
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शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What did Ukraine’s military intelligence agency (HUR) reveal in its technical breakdown of Russia’s 3M22 Zircon missile—including its classi. Article summary: HUR’s assessment challenges Russia’s portrayal of the 3M22 Zircon as an invulnerable Mach-9 hypersonic cruise missile: it describes it instead as a two-stage, solid-fuel ballistic missile with a quasi-ballistic trajector. Topic tags: general, general web, news. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fake numbers
यूक्रेन की सैन्य खुफिया एजेंसी HUR ने रूस की 3M22 जिरकॉन मिसाइल पर एक तकनीकी आकलन जारी किया है। यह रिपोर्ट रूस के उस सार्वजनिक दावे को चुनौती देती है जिसमें जिरकॉन को ‘अजेय’ मैक-9 हाइपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल बताया जाता रहा है। HUR के अनुसार यह दो-चरणीय, ठोस-ईंधन वाली बैलिस्टिक मिसाइल है, जो अर्ध-बैलिस्टिक प्रक्षेपवक्र पर उड़ती है और इसकी अधिकतम गति मैक 6.8 से अधिक नहीं है। 6
9
10
यह अंतर केवल शब्दों का खेल नहीं है। बैलिस्टिक या अर्ध-बैलिस्टिक मिसाइल से निपटने के लिए वायु-रक्षा प्रणालियों को अलग तरह की चुनौती का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा, जिरकॉन को नौसैनिक हथियार से जमीन से लॉन्च होने वाली मिसाइल में बदलने की खबर रूस को यूक्रेन के खिलाफ इसके इस्तेमाल का एक अतिरिक्त विकल्प देती है।
यूक्रेनी आकलन के अनुसार जिरकॉन में दो चरणों वाली ठोस-ईंधन प्रणोदन व्यवस्था है। इसका उड़ान-पथ पारंपरिक, कम ऊंचाई पर उड़ने वाली क्रूज़ मिसाइल जैसा नहीं, बल्कि अर्ध-बैलिस्टिक है। HUR ने इसकी अधिकतम गति मैक 6.8 बताई है, जो रूस के अक्सर दोहराए जाने वाले मैक-9 के दावे से कम है। 6
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रिपोर्ट के अनुसार मिसाइल का वारहेड लगभग 120 किलोग्राम का है। जिरकॉन जैसे महंगे और लंबी दूरी के स्ट्राइक हथियार के लिए इसे अपेक्षाकृत छोटा वारहेड बताया गया है। 2
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हालांकि, सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी इतनी नहीं है कि HUR के आकलन के हर हिस्से की स्वतंत्र पुष्टि की जा सके। रूस के आधिकारिक दावों और पुराने ओपन-सोर्स संदर्भों में जिरकॉन की गति अधिक बताई गई है और इसे हाइपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल के रूप में वर्णित किया गया है। 1
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15 इसलिए फिलहाल सबसे सावधान निष्कर्ष यही है कि HUR ने जिरकॉन की एक वैकल्पिक तकनीकी व्याख्या पेश की है—न कि मिसाइल की हर विवादित विशेषता अंतिम रूप से तय हो चुकी है।
HUR ने मिसाइल में Baget-83 ऑनबोर्ड कंप्यूटिंग सिस्टम की पहचान की है। एजेंसी के मुताबिक इसकी गाइडेंस प्रणाली उड़ान के अधिकांश हिस्से में इनर्शियल नेविगेशन और अंतिम चरण में एक्टिव रडार सीकर का संयोजन इस्तेमाल करती है। 2
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सरल शब्दों में, इनर्शियल नेविगेशन मिसाइल को उड़ान के दौरान अपनी स्थिति का अनुमान लगाने में मदद करता है। अंतिम चरण में एक्टिव रडार प्रणाली लक्ष्य को पहचानने या उस पर नजर बनाए रखने में मदद कर सकती है। मिसाइल का बैलिस्टिक या अर्ध-बैलिस्टिक प्रक्षेपवक्र वायु-रक्षा के लिए खास मायने रखता है, क्योंकि उड़ान-पथ और अंतिम चरण में संभावित बदलाव यह तय करते हैं कि कौन-सी रक्षा प्रणाली उसे निशाना बना सकती है।
HUR का कहना है कि उसकी जांच में जिरकॉन के उत्पादन से जुड़े 70 से अधिक रूसी उद्यम, व्यक्ति और विदेशी-संबंधित घटकों का पता चला है। रिपोर्ट में NPO Mashinostroyeniya को प्रमुख निर्माता बताया गया है। यह कंपनी रूस की Tactical Missiles Corporation का हिस्सा है। 2
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यूक्रेनी आकलन में विदेशी मूल के उपकरणों और घटकों का भी उल्लेख है। इनमें TriQuint Semiconductor और Intel में शामिल हो चुकी Altera Corporation जैसी अमेरिकी कंपनियों से जुड़े हिस्से शामिल बताए गए हैं। ये HUR की जांच में किए गए attribution के दावे हैं। इन्हें इस बात का प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए कि संबंधित कंपनियों ने जानबूझकर रूसी हथियार कार्यक्रम के लिए आपूर्ति की थी। 9
10
इस सप्लाई चेन की पहचान का महत्व केवल मिसाइल की बनावट समझने तक सीमित नहीं है। इससे संभावित खरीद मार्गों, प्रतिबंधों से बचने के जोखिमों और उन औद्योगिक अड़चनों का पता लगाने में मदद मिल सकती है जो भविष्य में रूस के उत्पादन को प्रभावित करें।
जिरकॉन को मूल रूप से रूसी परमाणु-संचालित पनडुब्बियों और 3S14 वर्टिकल लॉन्च सिस्टम से लैस Project 22350 फ्रिगेट से दागे जाने वाले एंटी-शिप हथियार के रूप में विकसित किया गया था। 2
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HUR और इससे जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार रूस ने बाद में इसे Bastion-M तटीय-रक्षा प्रणालियों से लॉन्च करने के लिए अनुकूलित किया। बताया गया है कि यह बदलाव यूक्रेन युद्ध के दौरान रूस के Black Sea Fleet को सुरक्षित और प्रभावी ढंग से संचालित करने में आई कठिनाइयों के बीच किया गया। 5
6
इस बदलाव से मिसाइल की संचालनगत उपयोगिता बढ़ती है। जहाज या पनडुब्बी से लॉन्च होने वाला हथियार जमीन आधारित तटीय प्रणाली के जरिए हमला करने का विकल्प बन जाता है। इससे रूस की उपलब्ध नौसैनिक क्षमता पर निर्भरता कम हो सकती है।
तकनीकी वर्गीकरण बदलने से जिरकॉन का खतरा खत्म नहीं होता। अगर इसकी वास्तविक गति रूस के मैक-9 दावे से कम भी हो, तब भी तेज रफ्तार वाली बैलिस्टिक या अर्ध-बैलिस्टिक उड़ान पहचान, ट्रैकिंग और इंटरसेप्शन के लिए उपलब्ध समय घटा सकती है। HUR ने PAC-3 MSE इंटरसेप्टर को इस श्रेणी के खतरे के खिलाफ यूक्रेन की उपलब्ध रक्षा बताया है। 10
लेकिन इस रक्षा क्षमता पर आपूर्ति का दबाव है। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार 2026 की पहली छमाही में सहयोगी देशों से मिले वायु-रक्षा मिसाइलों की संख्या 2025 के स्तर की लगभग एक-तिहाई रह गई थी। Reuters ने भी बताया कि यूक्रेन और मध्य-पूर्व में बढ़ती मांग के कारण दुनिया भर में Patriot इंटरसेप्टर के भंडार पर दबाव है। 17
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रूस के व्यापक मिसाइल अभियान से यह चिंता और गंभीर हो जाती है। HUR के अनुसार रूस ने जुलाई 2026 में यूक्रेन पर 198 बैलिस्टिक और हाइपरसोनिक मिसाइलें दागीं—यह उस साल का सबसे बड़ा मासिक आंकड़ा था। साथ ही, रूसी कारखाने मिसाइल प्रणालियों का उत्पादन निर्धारित लक्ष्य से अधिक दर पर कर रहे थे।
सार्वजनिक रिपोर्टों में यूक्रेनी आकलन के हवाले से यह भी कहा गया कि रूस ने 1 से 19 जुलाई 2026 के बीच 20 जिरकॉन मिसाइलें दागीं, जबकि पूरे साल के लिए अनुमानित उत्पादन लक्ष्य 30 मिसाइलों का था। ये आंकड़े यूक्रेनी आकलनों पर आधारित हैं और इन्हें उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
HUR की रिपोर्ट जिरकॉन के आसपास बनाए गए रूस के प्रचारात्मक दावे को चुनौती देती है, लेकिन असली मुद्दा केवल यह नहीं है कि मिसाइल मैक 9 की गति हासिल करती है या नहीं। उपलब्ध आकलन इसे तेज रफ्तार वाली, सीमित संख्या में मौजूद बैलिस्टिक मिसाइल के रूप में पेश करता है, जिसमें करीब 120 किलोग्राम का वारहेड, एक विशिष्ट गाइडेंस ढांचा और 70 से अधिक संगठनों तक फैली उत्पादन श्रृंखला है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि रूस ने कथित तौर पर इस मिसाइल को नौसैनिक एंटी-शिप भूमिका से जमीन से लॉन्च किए जाने वाले हथियार में बदल दिया है। यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब यूक्रेन के पास HUR द्वारा बताए गए प्रमुख बचाव साधन Patriot PAC-3 MSE इंटरसेप्टर की आपूर्ति सीमित है। जिरकॉन की वास्तविक तकनीकी क्षमता पर विवाद भले जारी रहे, लेकिन रूस के लिए इसका संचालनगत महत्व केवल मैक-9 के दावे पर निर्भर नहीं है।
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इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
यूक्रेन की सैन्य खुफिया एजेंसी HUR का कहना है कि 3M22 जिरकॉन हाइपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल नहीं, बल्कि दो चरणीय ठोस ईंधन वाली बैलिस्टिक मिसाइल है। इसकी आकलित अधिकतम गति मैक 6.8 है, जबकि रूस मैक 9 का दावा करता है। [6][9][10]
यूक्रेन की सैन्य खुफिया एजेंसी HUR का कहना है कि 3M22 जिरकॉन हाइपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल नहीं, बल्कि दो चरणीय ठोस ईंधन वाली बैलिस्टिक मिसाइल है। इसकी आकलित अधिकतम गति मैक 6.8 है, जबकि रूस मैक 9 का दावा करता है। [6][9][10] HUR के मुताबिक मिसाइल में लगभग 120 किलोग्राम का वारहेड, Baget 83 कंप्यूटिंग सिस्टम और उड़ान के दौरान इनर्शियल नेविगेशन से लेकर अंतिम चरण में एक्टिव रडार गाइडेंस तक की व्यवस्था है। इसके उत्पादन से 70 से अधिक संगठन जुड़...
मूल रूप से पनडुब्बियों और फ्रिगेट से दागे जाने के लिए बनाई गई जिरकॉन को कथित तौर पर Bastion M तटीय प्रणालियों से जमीन से लॉन्च करने के लिए ढाला गया है। इस बीच यूक्रेन को Patriot PAC 3 MSE इंटरसेप्टर की सीमित उपलब्धता...
यूक्रेन की सैन्य खुफिया एजेंसी HUR का कहना है कि 3M22 जिरकॉन हाइपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल नहीं, बल्कि दो चरणीय ठोस ईंधन वाली बैलिस्टिक मिसाइल है। इसकी आकलित अधिकतम गति मैक 6.8 है, जबकि रूस मैक 9 का दावा करता है। [6][9][10] HUR के मुताबिक मिसाइल में लगभग 120 किलोग्राम का वारहेड, Baget 83 कंप्यूटिंग सिस्टम और उड़ान के दौर...
प्रकाशितकर्ताGPT-5.6 Luna से संपादितGPT Image 1.5 से चित्र बनाए गए
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यूक्रेन की सैन्य खुफिया एजेंसी HUR ने रूस की 3M22 जिरकॉन मिसाइल पर एक तकनीकी आकलन जारी किया है। यह रिपोर्ट रूस के उस सार्वजनिक दावे को चुनौती देती है जिसमें जिरकॉन को ‘अजेय’ मैक-9 हाइपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल बताया जाता रहा है। HUR के अनुसार यह दो-चरणीय, ठोस-ईंधन वाली बैलिस्टिक मिसाइल है, जो अर्ध-बैलिस्टिक प्रक्षेपवक्र पर उड़ती है और इसकी अधिकतम गति मैक 6.8 से अधिक नहीं है। 6
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यह अंतर केवल शब्दों का खेल नहीं है। बैलिस्टिक या अर्ध-बैलिस्टिक मिसाइल से निपटने के लिए वायु-रक्षा प्रणालियों को अलग तरह की चुनौती का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा, जिरकॉन को नौसैनिक हथियार से जमीन से लॉन्च होने वाली मिसाइल में बदलने की खबर रूस को यूक्रेन के खिलाफ इसके इस्तेमाल का एक अतिरिक्त विकल्प देती है।
यूक्रेनी आकलन के अनुसार जिरकॉन में दो चरणों वाली ठोस-ईंधन प्रणोदन व्यवस्था है। इसका उड़ान-पथ पारंपरिक, कम ऊंचाई पर उड़ने वाली क्रूज़ मिसाइल जैसा नहीं, बल्कि अर्ध-बैलिस्टिक है। HUR ने इसकी अधिकतम गति मैक 6.8 बताई है, जो रूस के अक्सर दोहराए जाने वाले मैक-9 के दावे से कम है। 6
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रिपोर्ट के अनुसार मिसाइल का वारहेड लगभग 120 किलोग्राम का है। जिरकॉन जैसे महंगे और लंबी दूरी के स्ट्राइक हथियार के लिए इसे अपेक्षाकृत छोटा वारहेड बताया गया है। 2
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हालांकि, सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी इतनी नहीं है कि HUR के आकलन के हर हिस्से की स्वतंत्र पुष्टि की जा सके। रूस के आधिकारिक दावों और पुराने ओपन-सोर्स संदर्भों में जिरकॉन की गति अधिक बताई गई है और इसे हाइपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल के रूप में वर्णित किया गया है। 1
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15 इसलिए फिलहाल सबसे सावधान निष्कर्ष यही है कि HUR ने जिरकॉन की एक वैकल्पिक तकनीकी व्याख्या पेश की है—न कि मिसाइल की हर विवादित विशेषता अंतिम रूप से तय हो चुकी है।
HUR ने मिसाइल में Baget-83 ऑनबोर्ड कंप्यूटिंग सिस्टम की पहचान की है। एजेंसी के मुताबिक इसकी गाइडेंस प्रणाली उड़ान के अधिकांश हिस्से में इनर्शियल नेविगेशन और अंतिम चरण में एक्टिव रडार सीकर का संयोजन इस्तेमाल करती है। 2
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सरल शब्दों में, इनर्शियल नेविगेशन मिसाइल को उड़ान के दौरान अपनी स्थिति का अनुमान लगाने में मदद करता है। अंतिम चरण में एक्टिव रडार प्रणाली लक्ष्य को पहचानने या उस पर नजर बनाए रखने में मदद कर सकती है। मिसाइल का बैलिस्टिक या अर्ध-बैलिस्टिक प्रक्षेपवक्र वायु-रक्षा के लिए खास मायने रखता है, क्योंकि उड़ान-पथ और अंतिम चरण में संभावित बदलाव यह तय करते हैं कि कौन-सी रक्षा प्रणाली उसे निशाना बना सकती है।
HUR का कहना है कि उसकी जांच में जिरकॉन के उत्पादन से जुड़े 70 से अधिक रूसी उद्यम, व्यक्ति और विदेशी-संबंधित घटकों का पता चला है। रिपोर्ट में NPO Mashinostroyeniya को प्रमुख निर्माता बताया गया है। यह कंपनी रूस की Tactical Missiles Corporation का हिस्सा है। 2
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यूक्रेनी आकलन में विदेशी मूल के उपकरणों और घटकों का भी उल्लेख है। इनमें TriQuint Semiconductor और Intel में शामिल हो चुकी Altera Corporation जैसी अमेरिकी कंपनियों से जुड़े हिस्से शामिल बताए गए हैं। ये HUR की जांच में किए गए attribution के दावे हैं। इन्हें इस बात का प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए कि संबंधित कंपनियों ने जानबूझकर रूसी हथियार कार्यक्रम के लिए आपूर्ति की थी। 9
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इस सप्लाई चेन की पहचान का महत्व केवल मिसाइल की बनावट समझने तक सीमित नहीं है। इससे संभावित खरीद मार्गों, प्रतिबंधों से बचने के जोखिमों और उन औद्योगिक अड़चनों का पता लगाने में मदद मिल सकती है जो भविष्य में रूस के उत्पादन को प्रभावित करें।
जिरकॉन को मूल रूप से रूसी परमाणु-संचालित पनडुब्बियों और 3S14 वर्टिकल लॉन्च सिस्टम से लैस Project 22350 फ्रिगेट से दागे जाने वाले एंटी-शिप हथियार के रूप में विकसित किया गया था। 2
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HUR और इससे जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार रूस ने बाद में इसे Bastion-M तटीय-रक्षा प्रणालियों से लॉन्च करने के लिए अनुकूलित किया। बताया गया है कि यह बदलाव यूक्रेन युद्ध के दौरान रूस के Black Sea Fleet को सुरक्षित और प्रभावी ढंग से संचालित करने में आई कठिनाइयों के बीच किया गया। 5
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इस बदलाव से मिसाइल की संचालनगत उपयोगिता बढ़ती है। जहाज या पनडुब्बी से लॉन्च होने वाला हथियार जमीन आधारित तटीय प्रणाली के जरिए हमला करने का विकल्प बन जाता है। इससे रूस की उपलब्ध नौसैनिक क्षमता पर निर्भरता कम हो सकती है।
तकनीकी वर्गीकरण बदलने से जिरकॉन का खतरा खत्म नहीं होता। अगर इसकी वास्तविक गति रूस के मैक-9 दावे से कम भी हो, तब भी तेज रफ्तार वाली बैलिस्टिक या अर्ध-बैलिस्टिक उड़ान पहचान, ट्रैकिंग और इंटरसेप्शन के लिए उपलब्ध समय घटा सकती है। HUR ने PAC-3 MSE इंटरसेप्टर को इस श्रेणी के खतरे के खिलाफ यूक्रेन की उपलब्ध रक्षा बताया है। 10
लेकिन इस रक्षा क्षमता पर आपूर्ति का दबाव है। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार 2026 की पहली छमाही में सहयोगी देशों से मिले वायु-रक्षा मिसाइलों की संख्या 2025 के स्तर की लगभग एक-तिहाई रह गई थी। Reuters ने भी बताया कि यूक्रेन और मध्य-पूर्व में बढ़ती मांग के कारण दुनिया भर में Patriot इंटरसेप्टर के भंडार पर दबाव है। 17
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रूस के व्यापक मिसाइल अभियान से यह चिंता और गंभीर हो जाती है। HUR के अनुसार रूस ने जुलाई 2026 में यूक्रेन पर 198 बैलिस्टिक और हाइपरसोनिक मिसाइलें दागीं—यह उस साल का सबसे बड़ा मासिक आंकड़ा था। साथ ही, रूसी कारखाने मिसाइल प्रणालियों का उत्पादन निर्धारित लक्ष्य से अधिक दर पर कर रहे थे।
सार्वजनिक रिपोर्टों में यूक्रेनी आकलन के हवाले से यह भी कहा गया कि रूस ने 1 से 19 जुलाई 2026 के बीच 20 जिरकॉन मिसाइलें दागीं, जबकि पूरे साल के लिए अनुमानित उत्पादन लक्ष्य 30 मिसाइलों का था। ये आंकड़े यूक्रेनी आकलनों पर आधारित हैं और इन्हें उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
HUR की रिपोर्ट जिरकॉन के आसपास बनाए गए रूस के प्रचारात्मक दावे को चुनौती देती है, लेकिन असली मुद्दा केवल यह नहीं है कि मिसाइल मैक 9 की गति हासिल करती है या नहीं। उपलब्ध आकलन इसे तेज रफ्तार वाली, सीमित संख्या में मौजूद बैलिस्टिक मिसाइल के रूप में पेश करता है, जिसमें करीब 120 किलोग्राम का वारहेड, एक विशिष्ट गाइडेंस ढांचा और 70 से अधिक संगठनों तक फैली उत्पादन श्रृंखला है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि रूस ने कथित तौर पर इस मिसाइल को नौसैनिक एंटी-शिप भूमिका से जमीन से लॉन्च किए जाने वाले हथियार में बदल दिया है। यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब यूक्रेन के पास HUR द्वारा बताए गए प्रमुख बचाव साधन Patriot PAC-3 MSE इंटरसेप्टर की आपूर्ति सीमित है। जिरकॉन की वास्तविक तकनीकी क्षमता पर विवाद भले जारी रहे, लेकिन रूस के लिए इसका संचालनगत महत्व केवल मैक-9 के दावे पर निर्भर नहीं है।
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इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
यूक्रेन की सैन्य खुफिया एजेंसी HUR का कहना है कि 3M22 जिरकॉन हाइपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल नहीं, बल्कि दो चरणीय ठोस ईंधन वाली बैलिस्टिक मिसाइल है। इसकी आकलित अधिकतम गति मैक 6.8 है, जबकि रूस मैक 9 का दावा करता है। [6][9][10]
यूक्रेन की सैन्य खुफिया एजेंसी HUR का कहना है कि 3M22 जिरकॉन हाइपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल नहीं, बल्कि दो चरणीय ठोस ईंधन वाली बैलिस्टिक मिसाइल है। इसकी आकलित अधिकतम गति मैक 6.8 है, जबकि रूस मैक 9 का दावा करता है। [6][9][10] HUR के मुताबिक मिसाइल में लगभग 120 किलोग्राम का वारहेड, Baget 83 कंप्यूटिंग सिस्टम और उड़ान के दौरान इनर्शियल नेविगेशन से लेकर अंतिम चरण में एक्टिव रडार गाइडेंस तक की व्यवस्था है। इसके उत्पादन से 70 से अधिक संगठन जुड़...
मूल रूप से पनडुब्बियों और फ्रिगेट से दागे जाने के लिए बनाई गई जिरकॉन को कथित तौर पर Bastion M तटीय प्रणालियों से जमीन से लॉन्च करने के लिए ढाला गया है। इस बीच यूक्रेन को Patriot PAC 3 MSE इंटरसेप्टर की सीमित उपलब्धता...