Nancy Grace Roman Space Telescope ने 30 अगस्त 2026 को सुबह 7:26 बजे EDT पर SpaceX Falcon Heavy से सफल उड़ान भरी और रॉकेट के दूसरे चरण से नियोजित तरीके से अलग हो गया। [1][3] रोमन का Wide Field Instrument हबल जैसी स्पष्टता के साथ कम से कम 100 गुना चौड़ा दृश्य क्षेत्र देगा, जिससे यह हबल की तुलना में आकाश का बहुत बड़ा ह...
शोध उत्तर

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NASA का Nancy Grace Roman Space Telescope अब अंतरिक्ष की ओर अपनी स्वतंत्र यात्रा पर है। इसे 30 अगस्त 2026 को सुबह 7:26 बजे EDT पर SpaceX के Falcon Heavy रॉकेट से फ्लोरिडा स्थित Kennedy Space Center के Launch Complex 39A से रवाना किया गया। NASA ने पुष्टि की कि रोमन नियोजित तरीके से रॉकेट के दूसरे चरण से अलग हो गया है। अब यह सूर्य-पृथ्वी L2 क्षेत्र तक पहुंचने के लिए लगभग तीन महीने की, करीब 10 लाख मील लंबी यात्रा कर रहा है। 1
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यह लॉन्च मिशन की शुरुआत भर है। रोमन को अपने गंतव्य तक पहुंचना, तय कक्षा में स्थापित होना, प्रणालियों को तैनात करना और उपकरणों की जांच पूरी करनी होगी। इसके बाद ही नियमित वैज्ञानिक अवलोकन शुरू होंगे। NASA और मिशन सहयोगियों को इसकी पहली तस्वीरें और डेटा 2027 की शुरुआत के आसपास मिलने की उम्मीद है। 10
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उड़ान भरने के करीब ढाई मिनट बाद Falcon Heavy के दोनों साइड बूस्टर अलग हो गए और फ्लोरिडा की ओर लौटने लगे। रॉकेट का मुख्य चरण रोमन से जुड़े दूसरे चरण को अंतरिक्ष तक ले गया। इसके बाद दूसरे चरण ने रोमन को उसकी बाहरी अंतरिक्ष यात्रा के लिए आवश्यक इंजन बर्न किए। अंत में रोमन दूसरे चरण से अलग होकर अपने दम पर आगे बढ़ गया। 2
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टेलीस्कोप का लक्ष्य सूर्य-पृथ्वी L2 है—पृथ्वी से लगभग 10 लाख मील दूर स्थित एक ऐसा गुरुत्वीय क्षेत्र, जो अंतरिक्ष अभियानों के लिए बेहद उपयोगी माना जाता है। James Webb Space Telescope भी इसी व्यापक क्षेत्र में काम करता है। L2 से रोमन को गहरे अंतरिक्ष की ओर लगातार देखने का अवसर मिलेगा और लंबे, बिना रुकावट वाले सर्वेक्षण करना आसान होगा। 6
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रोमन को हबल का तेज़ संस्करण समझना सही नहीं होगा। इसकी असली बढ़त इस बात में है कि यह हबल जैसी स्पष्टता को बहुत बड़े दृश्य क्षेत्र के साथ जोड़ता है।
इसके Wide Field Instrument में लगभग 300 मेगापिक्सल का इन्फ्रारेड कैमरा लगा है। रोमन की एक तस्वीर में आकाश का उतना हिस्सा दिखाई देगा, जो पूर्णिमा के चंद्रमा के दिखने वाले आकार से भी बड़ा होगा। इसके मुकाबले हबल की इन्फ्रारेड तस्वीरें करीब 200 गुना छोटी होती हैं और रोमन का व्यक्तिगत दृश्य क्षेत्र हबल से कम-से-कम 100 गुना चौड़ा है। 18
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NASA का अनुमान है कि रोमन समान संवेदनशीलता और इन्फ्रारेड रिजॉल्यूशन बनाए रखते हुए हबल की तुलना में आकाश का सर्वेक्षण 1,000 गुना तक तेज़ी से कर सकता है। यहां ‘तेज़’ का अर्थ टेलीस्कोप या प्रकाश की गति नहीं, बल्कि सर्वेक्षण की क्षमता और दक्षता है। रोमन विशाल क्षेत्रों को तेजी से स्कैन करने के लिए बनाया गया है, जबकि हबल और Webb चुनिंदा पिंडों का कहीं अधिक बारीकी से अध्ययन करते रहेंगे।
अपने पहले पांच वर्षों में रोमन के हबल के शुरुआती 30 वर्षों में कवर किए गए आकाश से 50 गुना से अधिक क्षेत्र की तस्वीरें लेने की उम्मीद है। यह पैमाना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि ब्रह्मांड के कई सवालों के जवाब के लिए कुछ गिने-चुने पिंडों को देखने के बजाय अरबों आकाशगंगाओं, तारों और ग्रह प्रणालियों का तुलनात्मक अध्ययन जरूरी होता है।
रोमन सुपरनोवा, कमजोर गुरुत्वीय लेंसिंग और आकाशगंगाओं के समूहों के अध्ययन जैसी कई तकनीकों का एक साथ इस्तेमाल करेगा। इससे वैज्ञानिक यह समझने की कोशिश करेंगे कि समय के साथ ब्रह्मांड का विस्तार कैसे बदला। परिणाम डार्क एनर्जी पर अधिक सटीक सीमाएं तय करने में मदद कर सकते हैं—यह वही रहस्यमय घटक है जिसे ब्रह्मांड के तेज़ी से फैलने से जोड़ा जाता है। मिशन डार्क मैटर के अध्ययन में भी योगदान देगा, जो सीधे दिखाई नहीं देता लेकिन ब्रह्मांडीय संरचनाओं को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 3
रोमन का सर्वेक्षण दूसरे प्रमुख वेधशालाओं का विकल्प नहीं, बल्कि उनका पूरक होगा। Webb चुनिंदा पिंडों का विस्तृत अध्ययन करता है, Euclid बड़े पैमाने पर ब्रह्मांडीय मानचित्र तैयार कर रहा है और Vera C. Rubin Observatory बदलते हुए ऑप्टिकल आकाश का सर्वेक्षण कर रही है। रोमन की इन्फ्रारेड नजर इसी विकसित होते ब्रह्मांड की एक अलग तस्वीर देगी। 2
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रोमन ग्रह प्रणालियों की सांख्यिकीय जनगणना भी करेगा। बार-बार किए जाने वाले अवलोकनों से 1,00,000 से अधिक transit करने वाले exoplanets की पहचान होने की उम्मीद है। इससे वैज्ञानिक यह समझ सकेंगे कि ग्रह कैसे बनते हैं और ग्रह प्रणालियां समय के साथ कैसे विकसित होती हैं। 7
एक अलग gravitational microlensing सर्वेक्षण आकाशगंगा के केंद्र की दिशा में घने तारकीय क्षेत्रों पर नजर रखेगा। माइक्रोलेंसिंग तब होती है जब सामने मौजूद किसी पिंड का गुरुत्वाकर्षण पीछे स्थित तारे के प्रकाश को मोड़कर उसे कुछ समय के लिए अधिक चमकीला बना देता है। इस तकनीक से ऐसे ग्रहों का पता लगाया जा सकता है जिन्हें transit या radial-velocity तरीकों से खोजना कठिन होता है—जैसे अपने तारों से बहुत दूर स्थित ठंडी दुनिया, मंगल से छोटे पिंड और वे free-floating यानी ‘आवारा’ ग्रह, जो किसी तारे की परिक्रमा नहीं करते। पृथ्वी के वायुमंडल से ऊपर रोमन की स्थिति इस सर्वेक्षण के लिए विशेष रूप से उपयोगी होगी। 7
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रोमन में Coronagraph Instrument भी है, जिसे तकनीकी प्रदर्शन के रूप में भेजा गया है। यह किसी तारे की तेज़ चमक को दबाने की तकनीक का परीक्षण करेगा, ताकि कुछ विशाल exoplanets और ग्रह-निर्माण या धूल से बने डिस्क की सीधे तस्वीरें और विशेषताएं हासिल की जा सकें। यह रोमन का मुख्य सर्वेक्षण उपकरण नहीं है, लेकिन इसके परिणाम भविष्य की उन वेधशालाओं के डिजाइन में मदद कर सकते हैं जो पृथ्वी जैसे ग्रहों की खोज और अध्ययन करेंगी। 3
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रोमन का मुख्य दर्पण 7.9 फीट यानी 2.4 मीटर व्यास का है—ठीक हबल के दर्पण जितना। यह दर्पण National Reconnaissance Office की ओर से NASA को दिए गए एक टेलीस्कोप संसाधन से आया था और इसे रोमन की ऑप्टिकल प्रणाली में शामिल किया गया। 18
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NASA की औपचारिक लॉन्च प्रतिबद्धता मई 2027 की थी, लेकिन पूरी तरह तैयार वेधशाला इससे कई महीने पहले ही लॉन्च के लिए तैयार हो गई। NASA ने मिशन को बजट के भीतर बताया है, जबकि मिशन पर रिपोर्टों में इसकी पूरी जीवन-चक्र लागत करीब 4.3 अरब डॉलर बताई गई है। 4
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रोमन को एक servicing interface के साथ भी डिजाइन किया गया है। इसका अर्थ है कि भविष्य में कोई रोबोटिक मिशन इसे ईंधन भरने या मरम्मत करने में सैद्धांतिक रूप से सक्षम हो सकता है। हालांकि, यह सुविधा किसी स्वीकृत या निर्धारित servicing flight का प्रमाण नहीं है।
Nancy Grace Roman NASA की पहली chief astronomer और एजेंसी में कार्यकारी पद संभालने वाली पहली महिला थीं। उन्होंने NASA के अंतरिक्ष-खगोल विज्ञान कार्यक्रम को आकार देने में मदद की और Hubble Space Telescope के लिए वैज्ञानिक समर्थन जुटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसी वजह से उन्हें “mother of Hubble” का उपनाम मिला।
NASA ने 2020 में घोषणा की थी कि उस समय Wide Field Infrared Survey Telescope के नाम से विकसित हो रही वेधशाला का नाम बदलकर Nancy Grace Roman Space Telescope रखा जाएगा। यह NASA का किसी महिला के नाम पर रखा गया पहला space telescope है।
Roman का नाम मिशन की सोच से भी जुड़ता है: पृथ्वी के धुंधले वायुमंडल से ऊपर अंतरिक्ष-आधारित वेधशालाओं के जरिए ब्रह्मांड का अध्ययन करना और वैज्ञानिक डेटा को व्यापक समुदाय के लिए उपयोगी बनाना। रोमन इसी दृष्टि को आगे बढ़ाते हुए पहले के उच्च-रिजॉल्यूशन अंतरिक्ष टेलीस्कोपों की तुलना में आकाश के कहीं बड़े हिस्से का सर्वेक्षण करेगा।
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Nancy Grace Roman Space Telescope ने 30 अगस्त 2026 को सुबह 7:26 बजे EDT पर SpaceX Falcon Heavy से सफल उड़ान भरी और रॉकेट के दूसरे चरण से नियोजित तरीके से अलग हो गया। [1][3]
Nancy Grace Roman Space Telescope ने 30 अगस्त 2026 को सुबह 7:26 बजे EDT पर SpaceX Falcon Heavy से सफल उड़ान भरी और रॉकेट के दूसरे चरण से नियोजित तरीके से अलग हो गया। [1][3] रोमन का Wide Field Instrument हबल जैसी स्पष्टता के साथ कम से कम 100 गुना चौड़ा दृश्य क्षेत्र देगा, जिससे यह हबल की तुलना में आकाश का बहुत बड़ा हिस्सा कहीं तेज़ी से स्कैन कर सकेगा। [41][48][49]
अपने पांच साल के प्राथमिक मिशन में यह डार्क एनर्जी, डार्क मैटर और बाहरी ग्रहों का अध्ययन करेगा—जिसमें गुरुत्वीय माइक्रोलेंसिंग के जरिए ठंडे और बिना किसी तारे की परिक्रमा करने वाले ग्रहों की खोज भी शामिल है। [3][7][51]