होंडा और निसान ने विलय के बजाय तकनीकी साझेदारी चुनी है; दोनों 2029 के वित्त वर्ष से अगली पीढ़ी की सॉफ्टवेयर डिफाइंड कारों के लिए साझा ‘डिजिटल आधार’ विकसित करेंगे। [1][11] समझौते में कई कोर इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल यूनिट (ECU), इन व्हीकल ऑपरेटिंग सिस्टम, प्रमुख मिडलवेयर और वाहन नियंत्रण सॉफ्टवेयर शामिल हैं। [1] साझा तकनी...
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What does Honda and Nissan’s new joint development agreement entail—including their plan to standardize core electronic control units, the i. Article summary: Honda and Nissan have chosen a technology sharing alliance rather than a corporate combination: they will jointly develop standardized “digital backbone” components for future software defined vehicles, with deployment p. Topic tags: general web, ai, productivity, code, growth. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts
होंडा और निसान ने एक ही कंपनी बनने के बजाय अपनी कारों की तकनीकी नींव साझा करने का रास्ता चुना है। दोनों कंपनियों ने अगली पीढ़ी की सॉफ्टवेयर-डिफाइंड व्हीकल्स (SDVs) के लिए संयुक्त विकास समझौता किया है। इस व्यवस्था के तहत साझा तकनीक से लैस वाहनों को वित्त वर्ष 2029 से पेश करने की योजना है—जापान की वित्तीय गणना के अनुसार यह अवधि 1 अप्रैल 2029 से 31 मार्च 2030 तक होगी। 1
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होंडा और निसान अपनी कारों के इलेक्ट्रिकल/इलेक्ट्रॉनिक आर्किटेक्चर के कुछ बुनियादी हिस्सों के लिए साझा विनिर्देश तय करेंगे और उनका संयुक्त विकास करेंगे। इनमें शामिल हैं:
दोनों कंपनियां इन साझा रूप से विकसित ECU और सॉफ्टवेयर को शामिल करने वाला इलेक्ट्रिकल/इलेक्ट्रॉनिक आर्किटेक्चर अपनी अगली पीढ़ी की SDVs में वित्त वर्ष 2029 से इस्तेमाल करने का इरादा रखती हैं। 1
आज की सॉफ्टवेयर-डिफाइंड कारों में वाहन का प्रदर्शन और कई सुविधाएं केवल इंजन या बैटरी पर निर्भर नहीं रहतीं। कार के भीतर मौजूद कंप्यूटर, ऑपरेटिंग सिस्टम और सॉफ्टवेयर भी उतने ही अहम हो गए हैं। ऐसे में होंडा और निसान का लक्ष्य इस साझा आधार पर दोहराए जाने वाले विकास कार्य को कम करना है।
साझा मानकीकरण से दोनों कंपनियां इंजीनियरिंग संसाधनों को एक साथ लगा सकती हैं, अलग-अलग समान प्रणालियां विकसित करने की लागत बचा सकती हैं और बड़े पैमाने पर उत्पादन का लाभ उठा सकती हैं। इससे विकास चक्र छोटा होने और कनेक्टेड, सॉफ्टवेयर-केंद्रित कारों में प्रतिस्पर्धा मजबूत होने की उम्मीद है। 1
इसका मतलब यह नहीं है कि होंडा और निसान की कारें एक जैसी होंगी। साझा तकनीकी नींव के ऊपर दोनों कंपनियां डिजाइन, ड्राइविंग अनुभव, सुविधाओं और ब्रांड पहचान के स्तर पर अपने वाहनों को अलग रख सकती हैं। 1
यह समझौता होंडा और निसान के मार्च 2024 के उस समझौता ज्ञापन से जुड़ा है, जिसमें विद्युतीकरण और सॉफ्टवेयर के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएं तलाशने की बात थी। बाद में मित्सुबिशी मोटर्स भी व्यापक रणनीतिक सहयोग से जुड़ी कुछ चर्चाओं में शामिल हुई। 2
हालांकि, मित्सुबिशी इस ECU और सॉफ्टवेयर विकास समझौते की हस्ताक्षरकर्ता नहीं है। भविष्य में उसकी भागीदारी की संभावना बनी हुई है, लेकिन इसे अभी पक्का निर्णय नहीं माना गया है। 2
यह साझेदारी उस व्यापक कॉरपोरेट संयोजन से अलग है जिसकी घोषणा 2024 के अंत में हुई थी। होंडा और निसान का विलय या व्यापक एकीकरण फरवरी 2025 में समाप्त हो गया था। रिपोर्टों के अनुसार, प्रस्तावित स्वामित्व ढांचे और निसान की स्थिति को लेकर दोनों पक्षों में मतभेद थे। 2
ECU और सॉफ्टवेयर साझेदारी के समानांतर होंडा ने अपने ऑटोमोबाइल कारोबार को फिर से मजबूत करने के लिए तीन वित्त वर्षों—मार्च 2029 तक—की अलग योजना बनाई है। कंपनी का लक्ष्य मोटरसाइकिल और वित्तीय सेवाओं समेत समेकित परिचालन लाभ को 1.4 ट्रिलियन येन से अधिक करना है, जो उसका अब तक का सबसे ऊंचा लक्ष्य होगा। 11
होंडा 2027 से नई पीढ़ी के हाइब्रिड मॉडल पेश करना शुरू करेगी। मार्च 2030 को समाप्त होने वाले वित्त वर्ष तक वैश्विक स्तर पर 15 ऐसे मॉडल लॉन्च करने की योजना है, जिनमें अधिकतर उत्तर अमेरिकी बाजार के लिए होंगे। उत्तर अमेरिका में डी-सेगमेंट या उससे बड़े हाइब्रिड मॉडल 2029 में आने हैं। 2
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कंपनी का लक्ष्य अपनी 2023 की हाइब्रिड प्रणाली की तुलना में नई पीढ़ी की हाइब्रिड प्रणाली की लागत 30% से अधिक घटाना है। नई प्रणाली को नए प्लेटफॉर्म और इलेक्ट्रिक ऑल-व्हील-ड्राइव यूनिट के साथ इस्तेमाल करने पर ईंधन दक्षता में 10% से अधिक सुधार का लक्ष्य भी रखा गया है। 2
होंडा ओहायो स्थित अपने ऑटो संयंत्रों की अतिरिक्त क्षमता को पेट्रोल और हाइब्रिड वाहनों के उत्पादन की ओर मोड़ेगी। कंपनी उत्तर अमेरिका के सभी ऑटो संयंत्रों को हाइब्रिड वाहन बनाने में सक्षम बनाने की योजना बना रही है।
LG Energy Solution के साथ होंडा की बैटरी संयुक्त उद्यम कंपनी, L-H Battery Company, अपनी EV बैटरी उत्पादन लाइनों के एक हिस्से को हाइब्रिड बैटरी उत्पादन के लिए बदलेगी। 2
डिजिटल इंजीनियरिंग वातावरण, AI और उत्पाद योजना व विकास प्रबंधन में बदलावों के जरिए होंडा 2025 की तुलना में तीन चीजों को आधा करना चाहती है:
कंपनी का कहना है कि छोटे मॉडल बदलावों के विकास समय को तुरंत आधा करने का लक्ष्य है। 2028 से शुरू होने वाले पूर्ण मॉडल बदलावों पर भी यही लक्ष्य लागू करने की योजना है। 2
होंडा ने वित्त वर्ष 2029 तक आंतरिक दहन इंजन और हाइब्रिड उत्पादों, सॉफ्टवेयर तथा EV के क्षेत्र में कुल 6.2 ट्रिलियन येन निवेश की योजना बताई है। साथ ही, मांग का पुनर्मूल्यांकन करते हुए कनाडा में प्रस्तावित EV वैल्यू-चेन परियोजना को अनिश्चित अवधि के लिए रोक दिया गया है। कंपनी संसाधनों को हाइब्रिड की ओर अधिक केंद्रित कर रही है। 5
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होंडा ने उत्तर अमेरिका, जापान और भारत को अपने प्राथमिक विकास बाजारों के रूप में चुना है। जापान में कंपनी खास तौर पर केई कारों के क्षेत्र में EV विस्तार पर ध्यान देगी। इसमें 2028 के लिए नियोजित N-BOX EV भी शामिल है। साथ ही, होंडा जापान में नई पीढ़ी के हाइब्रिड और उन्नत ड्राइवर-सहायता प्रणालियां यानी ADAS भी बढ़ाएगी। 3
भारत में 2028 से चार मीटर से छोटे और मिडसाइज सेगमेंट के लिए देश-विशेष मॉडल पेश करने की योजना है। होंडा भारत में अपने लगभग 60 लाख यूनिट सालाना मोटरसाइकिल कारोबार, डिजिटल प्लेटफॉर्म और नई कैप्टिव-फाइनेंस कंपनी का इस्तेमाल उन ग्राहकों तक पहुंचने के लिए करना चाहती है जो दोपहिया से कार की ओर बढ़ रहे हैं। 4
कुल मिलाकर, होंडा-निसान समझौता किसी विलय की वापसी नहीं, बल्कि कार के उस साझा तकनीकी ‘दिमाग’ को विकसित करने की कोशिश है जिस पर भविष्य की कनेक्टेड और सॉफ्टवेयर-आधारित गाड़ियां चलेंगी।
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होंडा और निसान ने विलय के बजाय तकनीकी साझेदारी चुनी है; दोनों 2029 के वित्त वर्ष से अगली पीढ़ी की सॉफ्टवेयर डिफाइंड कारों के लिए साझा ‘डिजिटल आधार’ विकसित करेंगे। [1][11]
होंडा और निसान ने विलय के बजाय तकनीकी साझेदारी चुनी है; दोनों 2029 के वित्त वर्ष से अगली पीढ़ी की सॉफ्टवेयर डिफाइंड कारों के लिए साझा ‘डिजिटल आधार’ विकसित करेंगे। [1][11] समझौते में कई कोर इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल यूनिट (ECU), इन व्हीकल ऑपरेटिंग सिस्टम, प्रमुख मिडलवेयर और वाहन नियंत्रण सॉफ्टवेयर शामिल हैं। [1]
साझा तकनीकी आधार से इंजीनियरिंग संसाधन और विकास लागत बचाने, विकास चक्र घटाने और बड़े पैमाने का लाभ लेने की उम्मीद है; दोनों कंपनियां अपने वाहनों को अलग पहचान दे सकेंगी। [1]