रूस की समस्या केवल बजट घाटे की नहीं, बल्कि तत्काल नकदी की भी है। युद्ध से जुड़े खर्च राजस्व और उधारी की तुलना में तेज़ी से बढ़े हैं। रिपोर्टों के अनुसार, अप्रैल के बाद अधिकांश गैर प्राथमिक मदों में खर्च करीब 35% घटाया गया है और एजेंसियों को संभावित 15% कर्मचारी कटौती की तैयारी करने को कहा गया है। रक्षा, सामाजिक भुगत...
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How have Russia’s escalating war costs pushed the federal budget into a severe cash and deficit crisis in 2026, prompting a 35% cut to most. Article summary: Russia’s fiscal problem appears to be both a deficit problem and a cash timing problem: war related outlays have risen faster than revenues and borrowing, leaving the Treasury short of liquid funds even as the government. Topic tags: general web, prompt engineering, security, regulation, marketing. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text,
रूस का 2026 का वित्तीय संकट दो मोर्चों पर उभरता दिख रहा है—बजट घाटा लगातार बढ़ रहा है और सरकार के पास समय पर भुगतान करने के लिए उपलब्ध नकदी भी कम पड़ रही है। युद्ध से जुड़े खर्चों को प्राथमिकता देने के कारण गैर-सैन्य और गैर-प्राथमिक कार्यक्रमों पर कड़ा अंकुश लगाया गया है। यह स्थिति वित्त मंत्री एंतोन सिलुआनोव के उस सार्वजनिक आश्वासन से भी विरोधाभासी दिखाई देती है, जिसमें उन्होंने कहा था कि सरकार के नियोजित खर्च पूरी तरह वित्तपोषित हैं। 2
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ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल में वित्त मंत्री सिलुआनोव ने प्रधानमंत्री मिखाइल मिशुस्तिन को चेतावनी दी थी कि सरकार के पास सभी आवश्यक भुगतानों को समय पर पूरा करने के लिए पर्याप्त नकदी नहीं हो सकती। रिपोर्टों में कहा गया कि ट्रेजरी के समेकित खाते का शेष लगभग –5.5 ट्रिलियन रूबल तक पहुंच गया था। 2
यह आंकड़ा पूरे साल के संचयी बजट घाटे के बराबर नहीं है। यह सरकार की तत्काल नकदी स्थिति को दर्शाता है—यानी उस समय उपलब्ध धन और तय भुगतानों के बीच का दबाव। फिर भी, इतना बड़ा नकारात्मक शेष गंभीर वित्तीय तनाव का संकेत है।
जानकार सूत्रों पर आधारित रिपोर्टों के मुताबिक, अप्रैल से अधिकांश गैर-प्राथमिक बजट मदों में खर्च करीब 35% घटाया गया है। सरकारी एजेंसियों को गैर-जरूरी खर्च टालने और कर्मचारियों की संख्या में संभावित 15% कमी के लिए तैयारी करने को कहा गया है। 14
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इन प्रतिबंधों से रक्षा खर्च, सामाजिक हस्तांतरण, सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों का वेतन, क्षेत्रों को दी जाने वाली सब्सिडी और राष्ट्रीय कर्ज़ की सेवा को बाहर रखा गया है। 14
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इससे सरकार ने स्पष्ट प्राथमिकता तय की है: सैन्य अभियान, बुनियादी सामाजिक भुगतान और राज्य की वित्तीय साख को बनाए रखना—जबकि नागरिक प्रशासन और अन्य विवेकाधीन कार्यक्रमों का खर्च पीछे धकेलना।
वित्त मंत्रालय के प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से जुलाई 2026 के बीच संघीय बजट घाटा 6.455 ट्रिलियन रूबल, यानी जीडीपी का 2.8%, रहा। पूरे साल के बजट कानून में घाटे का लक्ष्य 3.786 ट्रिलियन रूबल, या जीडीपी का 1.6%, रखा गया था। इसका अर्थ है कि जुलाई तक आधिकारिक संचयी घाटा मूल वार्षिक लक्ष्य का लगभग 1.7 गुना हो चुका था। 5
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ब्लूमबर्ग की गणना के अनुसार, जुलाई में अकेले बजट घाटा 724 अरब रूबल रहा। इससे एक महीने पहले बजट में अधिशेष दर्ज किया गया था, लेकिन वह स्थिति टिक नहीं सकी। 10
मितव्ययिता उपायों पर प्रकाशित द्वितीयक रिपोर्टों में 24 अगस्त तक बजट घाटा 8.654 ट्रिलियन रूबल बताए जाने का उल्लेख है। यह आंकड़ा वित्त मंत्रालय की नियमित प्रकाशित मासिक विज्ञप्ति के बजाय ऐसी रिपोर्टिंग से आया है, इसलिए इसे सावधानी से पढ़ना चाहिए। 14
यदि यह आंकड़ा सही है, तो यह पूरे साल के मूल 3.786 ट्रिलियन रूबल के लक्ष्य का लगभग 2.3 गुना होगा—और वित्तीय वर्ष में चार महीने अभी बाकी होंगे।
इसी तरह, अप्रैल के 5.8–5.9 ट्रिलियन रूबल के बजट घाटे और ट्रेजरी खाते के –5.5 ट्रिलियन रूबल के शेष को जोड़ना सही नहीं होगा। पहला बजट में जमा हुए प्रवाह-आधारित अंतर को दर्शाता है, जबकि दूसरा तत्काल नकदी की स्थिति बताता है। दोनों को साथ पढ़ने पर यह संकेत मिलता है कि रूस के सामने बड़ा घाटा और भुगतान के लिए अपर्याप्त तरल नकदी—दोनों समस्याएं थीं।
अनुमानों के मुताबिक, साल के अंत तक घाटा जीडीपी के 3.2% से 3.8% तक पहुंच सकता है। यह मूल 1.6% लक्ष्य से कम-से-कम लगभग दोगुना होगा। सैन्य और सुरक्षा जरूरतों के लिए अतिरिक्त 2 से 4 ट्रिलियन रूबल की संभावित आवश्यकता इस जोखिम को बढ़ा सकती है। हालांकि, यह एक अनुमानित सीमा है, आधिकारिक रूप से स्वीकृत अंतिम आवंटन नहीं।
जुलाई में सरकारी बजट पोर्टल के आंकड़ों के आधार पर एक अलग अनुमान में 2026 का घाटा 4.83 ट्रिलियन रूबल और कुल खर्च 45.11 ट्रिलियन रूबल रहने की संभावना जताई गई थी, जबकि बजट कानून में खर्च 44.07 ट्रिलियन रूबल और घाटा 3.79 ट्रिलियन रूबल माना गया था। 9
क्रेमलिन ने रक्षा, प्रमुख सामाजिक लाभ, सरकारी वेतन और कर्ज़ सेवा को बचाकर समायोजन का भार नागरिक विवेकाधीन खर्च पर डालने का रास्ता चुना है। इन संरक्षित मदों पर सालाना करीब 4 ट्रिलियन रूबल खर्च होने की रिपोर्ट है।
इस रणनीति से राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सरकार के लिए तत्काल सैन्य और राजनीतिक जोखिम कम हो सकता है, लेकिन इसकी कीमत सार्वजनिक सेवाओं, सरकारी निवेश और प्रशासनिक क्षमता में कमी के रूप में सामने आ सकती है। एजेंसियों में 15% स्टाफ कटौती की तैयारी इसी व्यापक दबाव का संकेत है।
सितंबर में होने वाले संसदीय चुनावों में युद्ध खर्च के खिलाफ राजनीतिक प्रतिक्रिया के लिए औपचारिक गुंजाइश भी सीमित है। रूस के सुप्रीम कोर्ट ने याब्लोको पार्टी को चुनाव लड़ने से रोक दिया है। उसे रूस में यूक्रेन युद्ध का खुलकर विरोध करने वाली एकमात्र पंजीकृत पार्टी के रूप में वर्णित किया गया था। 3
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इसलिए बजट संकट का असर जनता और सरकारी संस्थाओं पर तो पड़ सकता है, लेकिन चुनावी राजनीति में उसका सीधा और संगठित विरोध दिखाई देना कठिन हो सकता है।
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रूस की समस्या केवल बजट घाटे की नहीं, बल्कि तत्काल नकदी की भी है। युद्ध से जुड़े खर्च राजस्व और उधारी की तुलना में तेज़ी से बढ़े हैं।
रूस की समस्या केवल बजट घाटे की नहीं, बल्कि तत्काल नकदी की भी है। युद्ध से जुड़े खर्च राजस्व और उधारी की तुलना में तेज़ी से बढ़े हैं। रिपोर्टों के अनुसार, अप्रैल के बाद अधिकांश गैर प्राथमिक मदों में खर्च करीब 35% घटाया गया है और एजेंसियों को संभावित 15% कर्मचारी कटौती की तैयारी करने को कहा गया है।
रक्षा, सामाजिक भुगतान, सरकारी कर्मचारियों के वेतन, क्षेत्रों को सब्सिडी और कर्ज़ सेवा को इन कटौतियों से बाहर रखा गया है।