UCL और UCLH के अनुसार, लंदन के National Hospital for Neurology and Neurosurgery में लाइव ब्रेन ट्यूमर सर्जरी के दौरान पहली बार रियल टाइम AI सहायता का इस्तेमाल किया गया। [1] 48 वर्षीय Rhys Hibbert के 11 मिमी के सौम्य पिट्यूटरी ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकाला गया और उनकी दृष्टि सुरक्षित रही। [1] AI ने ऑपरेशन के दौरान रक्...
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What happened in the world’s first real time AI guided brain tumor removal at London’s National Hospital for Neurology and Neurosurgery—incl. Article summary: UCL/UCLH reported the world’s first use of real time AI assistance during live brain tumour removal at London’s National Hospital for Neurology and Neurosurgery: the system helped surgeons remove a pituitary tumour while. Topic tags: general web, chatgpt, ai, workflow, code. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts wit
लंदन में ब्रेन ट्यूमर की एक सर्जरी के दौरान पहली बार रियल-टाइम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सहायता का इस्तेमाल किया गया। UCL और University College London Hospitals (UCLH) के मुताबिक, यह ऑपरेशन National Hospital for Neurology and Neurosurgery (NHNN) में हुआ और AI ने सर्जनों को ट्यूमर निकालते समय महत्वपूर्ण संरचनाओं की पहचान करने में मदद की। मरीज की दृष्टि सुरक्षित रही। 1
यहां AI ने सर्जन की जगह नहीं ली। यह एक decision-support tool था—यानी ऐसा सिस्टम जो संभावित जोखिम वाले हिस्सों को चिह्नित कर मानव विशेषज्ञों को जानकारी देता है। हर महत्वपूर्ण निर्णय और ऑपरेशन पर नियंत्रण सर्जनों के पास ही रहा। 1
मरीज 48 वर्षीय Rhys Hibbert थे। वे Bedfordshire में customer-services manager हैं और सामुदायिक गतिविधियों में भी सक्रिय रूप से स्वयंसेवा करते हैं। 1
दिसंबर 2024 में टहलने के दौरान उनके गिरने और दौरा पड़ने के बाद जांच की गई। इसी दौरान उनके मस्तिष्क में 11 मिमी का सौम्य (benign) पिट्यूटरी ट्यूमर पाया गया। यह ट्यूमर उनकी दृष्टि के लिए खतरा बन रहा था और इलाज न होने पर आगे चलकर अंधेपन का कारण बन सकता था। 1
सर्जरी में ट्यूमर सफलतापूर्वक निकाल दिया गया और उनकी दृष्टि बची रही। उपलब्ध जानकारी में उनकी लंबे समय की रिकवरी या विस्तृत फॉलो-अप का पूरा विवरण नहीं दिया गया है। 1
पिट्यूटरी ग्रंथि खोपड़ी के आधार पर, मस्तिष्क के भीतर बेहद संवेदनशील जगह पर स्थित होती है। यह प्रमुख रक्त वाहिकाओं—जिनमें carotid arteries भी शामिल हैं—और दृष्टि से जुड़ी optic nerves के बहुत करीब होती है। इस क्षेत्र में मिलीमीटर भर की गलती से गंभीर रक्तस्राव, स्ट्रोक, अंधापन या मृत्यु का जोखिम हो सकता है। 1
ऑपरेशन के दौरान सर्जनों ने एंडोस्कोपिक कैमरे से मिलने वाली लाइव वीडियो फीड का इस्तेमाल किया। AI सिस्टम ने केवल पहले से किए गए स्कैन पर निर्भर रहने के बजाय इस लाइव दृश्य का विश्लेषण किया और:
इसका व्यावहारिक उद्देश्य सर्जनों को यह समझने में मदद करना था कि किन हिस्सों से बचना है और ट्यूमर को सुरक्षित रूप से कितना निकाला जा सकता है। AI ने न तो उपकरणों को खुद नियंत्रित किया और न ही सर्जनों के निर्णयों को निर्देशित किया। 1
ऑपरेशन UCL Queen Square Institute of Neurology के प्रोफेसर और NHNN के consultant neurosurgeon Hani Marcus ने किया। उनके साथ UCL के PhD candidate और UCL/UCLH neurosurgical resident Danyal Khan भी टीम में थे। 1
AI प्रणाली UCL Hawkes Institute की बहु-विषयक टीम ने विकसित की। इसकी तकनीकी अगुआई Dr Sophia Bano ने की। सिस्टम को पहले की एंडोस्कोपिक पिट्यूटरी सर्जरी की बड़ी, annotated वीडियो लाइब्रेरी पर प्रशिक्षित और परखा गया। Bano के अनुसार, इसमें सैकड़ों पुराने ऑपरेशनों के उदाहरण शामिल थे—इतने विविध अनुभव, जिन्हें किसी एक सर्जन को हासिल करने में कई वर्ष लग सकते हैं। 1
यह प्रणाली NVIDIA के Clara IGX प्लेटफॉर्म पर चली, जिसे मेडिकल-डिवाइस वातावरण में रियल-टाइम AI के लिए तैयार किया गया है। इस परीक्षण को National Institute for Health and Care Research (NIHR) और Google ने वित्त पोषित किया। NIHR UCLH Biomedical Research Centre, Royal College of Surgeons, EPSRC और Wellcome ने भी सहयोग दिया। 1
शोध कार्यक्रम की व्यापक परिकल्पना को कभी-कभी सर्जनों के लिए “ChatGPT” जैसी प्रणाली के रूप में बताया जाता है—एक ऐसा रियल-टाइम surgical co-pilot जो ऑपरेशन के दृश्य को समझ सके, शरीर की संरचनाओं और सर्जिकल गतिविधियों की पहचान कर सके और समय पर सुझाव या प्रतिक्रिया दे सके। 12
हालांकि, उपलब्ध जानकारी से यह साबित नहीं होता कि मौजूदा सिस्टम सामान्य बातचीत कर सकता है या अपने दम पर सर्जरी कर सकता है। फिलहाल यह सर्जनों को निर्णय लेने में सहायता देने वाला उपकरण है, स्वायत्त मशीन नहीं। 12
UK Health Innovation Minister James Frith ने इस मामले को AI के जरिए पहले “अकल्पनीय” मानी जाने वाली चिकित्सा संभावनाओं का उदाहरण बताया, साथ ही AI के लिए मजबूत सुरक्षा उपायों की जरूरत पर जोर दिया। NIHR के Mike Lewis ने भी इसे तकनीक और नवाचार के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की सरकारी योजना से जोड़कर देखा। 1
यह मामला अभी शुरुआती clinical-trial उपयोग का उदाहरण है। उपलब्ध स्रोतों के आधार पर यह कहना जल्दबाजी होगी कि इस तकनीक से सभी मरीजों में परिणाम बेहतर होंगे। बड़े clinical trial का आकार, डिजाइन, केंद्रों की संख्या या समय-सीमा भी अभी स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं है। 1
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UCL और UCLH के अनुसार, लंदन के National Hospital for Neurology and Neurosurgery में लाइव ब्रेन ट्यूमर सर्जरी के दौरान पहली बार रियल टाइम AI सहायता का इस्तेमाल किया गया। [1]
UCL और UCLH के अनुसार, लंदन के National Hospital for Neurology and Neurosurgery में लाइव ब्रेन ट्यूमर सर्जरी के दौरान पहली बार रियल टाइम AI सहायता का इस्तेमाल किया गया। [1] 48 वर्षीय Rhys Hibbert के 11 मिमी के सौम्य पिट्यूटरी ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकाला गया और उनकी दृष्टि सुरक्षित रही। [1]
AI ने ऑपरेशन के दौरान रक्त वाहिकाओं और दृष्टि से जुड़ी नसों जैसी अहम संरचनाओं को चिह्नित किया, लेकिन वह स्वायत्त सर्जन नहीं था। अंतिम निर्णय मानव सर्जिकल टीम ने लिए। [1]