उपलब्ध संकेत बताते हैं कि रूस बड़े पैमाने पर अतिरिक्त सैनिक जुटाने की प्रशासनिक और कानूनी क्षमता तैयार कर रहा है, लेकिन नई राष्ट्रव्यापी लामबंदी का कोई सार्वजनिक आदेश पुष्ट नहीं हुआ है। यूक्रेनी खुफिया के अनुसार रूस 2026 और 2027 में 3 3 लाख लोगों की भर्ती पर विचार कर रहा है; यह खुफिया आकलन है, अंतिम क्रेमलिन निर्णय...
शोध उत्तर

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सबसे मजबूत निष्कर्ष यह नहीं है कि रूस ने नई व्यापक लामबंदी का आदेश दे दिया है। उपलब्ध संकेतों से इतना जरूर लगता है कि मॉस्को बड़ी संख्या में सैनिक जुटाने की प्रशासनिक, कानूनी और सुरक्षा-संबंधी क्षमता तैयार कर रहा है—और 2022 जैसी राजनीतिक कीमत चुकाए बिना जनशक्ति बढ़ाने के विकल्प तलाश रहा है।
यूक्रेनी खुफिया एजेंसियों का कहना है कि रूस 2026 में 3 लाख और 2027 में 3 लाख अतिरिक्त लोगों को भर्ती करने पर विचार कर रहा है। यह एक महत्वपूर्ण आकलन है, लेकिन इसे अंतिम निर्णय या जारी हो चुके आदेश का सार्वजनिक प्रमाण नहीं माना जा सकता। 1
यूक्रेन के मुख्य खुफिया निदेशालय और विदेश खुफिया सेवा की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, रूस के जनरल स्टाफ ने 2026-27 में कुल 6 लाख लोगों की अतिरिक्त लामबंदी का एक परिदृश्य तैयार किया है। इसका उद्देश्य यूक्रेन में लड़ रही सैन्य इकाइयों को भरना और नई बनाई जा रही यूनिट्स को मजबूत करना बताया गया है। यह जरूरत युद्धक्षेत्र में बढ़ते नुकसान और अलग-अलग क्षेत्रों में कॉन्ट्रैक्ट भर्ती की रफ्तार धीमी पड़ने के बीच पैदा हुई है। 1
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने अलग से कहा है कि रूस सितंबर में होने वाले संसदीय चुनावों के बाद करीब 3 लाख अतिरिक्त सैनिक जुटा सकता है। रॉयटर्स के अनुसार, उनके आकलन में ऐसी भौगोलिक रूप से लक्षित या “परिधीय” लामबंदी की बात थी, जिसका तत्काल केंद्र रूस के सबसे बड़े शहर नहीं होंगे।
इन दोनों दावों का दायरा पूरी तरह समान नहीं है। खुफिया ब्रीफिंग 2026-27 में कुल 6 लाख लोगों की बात करती है, जबकि ज़ेलेंस्की की सार्वजनिक टिप्पणी शुरुआती 3 लाख और आगे संभावित विस्तार पर केंद्रित है। इसलिए इन्हें रिपोर्ट किए गए प्लान या आकलन के रूप में देखना चाहिए, पुष्ट लामबंदी आदेश के रूप में नहीं।
रिपोर्टों के अनुसार, एक ही सप्ताह में 1,13,000 से अधिक रूसी अपर लार्स चेकपॉइंट के रास्ते जॉर्जिया पहुंचे। 20 अगस्त को ही 20,000 से अधिक लोगों के पार जाने की खबर है। यह उछाल ऐसे समय आया जब मॉस्को की नई भर्ती की अफवाहें फैल रही थीं।
इससे सितंबर 2022 की घटना की याद आती है, जब राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 3 लाख रिजर्व सैनिकों की “आंशिक लामबंदी” की घोषणा की थी। उस फैसले के बाद रूस में विरोध प्रदर्शन हुए और बड़ी संख्या में युवा पुरुष देश छोड़ने की कोशिश करने लगे। इसलिए सीमा से अचानक बढ़ता पलायन जनता के डर और आशंका का महत्वपूर्ण संकेत बन गया।
फिर भी इस आंकड़े की एक बड़ी सीमा है: यह चिंता और आशंका दिखाता है, आसन्न सरकारी आदेश नहीं। लोगों की यात्रा कई कारणों से बढ़ सकती है और उपलब्ध रिपोर्टिंग यह साबित नहीं करती कि हर व्यक्ति स्थायी रूप से देश छोड़ रहा था या भर्ती से बचने के लिए ही जा रहा था।
इस पूरे मामले में सबसे अहम संकेत किसी औपचारिक घोषणा से नहीं, बल्कि प्रशासनिक और संस्थागत कदमों से मिलते हैं। रिपोर्टों में सैन्य पंजीकरण व्यवस्था को कड़ा करने, रिजर्व सैनिकों का अधिक डेटा जुटाने, भर्ती के नए तरीकों और सैन्य सेवा के लिए पात्र लोगों का दायरा बढ़ाने वाले कानूनी बदलावों का उल्लेख है।
नेशनल गार्ड—जिसे रूस में रोसगार्दिया कहा जाता है—ने भी संभावित लामबंदी अवधि के लिए कर्मियों और सुविधाओं की तैयारी की है। यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि रोसगार्दिया मुख्य रूप से आंतरिक सुरक्षा और शासन की सुरक्षा से जुड़ी बल-व्यवस्था है, जिसकी भूमिका रूस और उसके कब्जे वाले क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने से भी संबंधित है। संभावित बड़े पैमाने की भर्ती के दौरान यह सैन्य ढांचे की सुरक्षा, अशांति पर नियंत्रण या महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की निगरानी में इस्तेमाल हो सकती है।
इन कदमों में से कोई भी यह साबित नहीं करता कि राष्ट्रव्यापी लामबंदी तुरंत शुरू होने वाली है। लेकिन वे यह जरूर दिखाते हैं कि रूस जनशक्ति बढ़ाने के लिए एक से अधिक रास्ते खुले रख रहा है—औपचारिक भर्ती, कॉन्ट्रैक्ट सैनिकों की तेज भर्ती, रिजर्व सैनिकों पर दबाव या इन सभी का संयोजन।
2022 के बाद मॉस्को ने एक और अलोकप्रिय सामूहिक लामबंदी से बचने के लिए बड़े पैमाने पर भुगतान वाले कॉन्ट्रैक्ट पर निर्भरता रखी है। द गार्डियन के अनुसार, तब से लगभग 13 लाख कॉन्ट्रैक्ट सैनिक भर्ती किए गए हैं। कई क्षेत्रों में बड़े साइनिंग बोनस, वेतन और परिवारों के लिए आर्थिक भुगतान देकर लोगों को आकर्षित किया गया।
हालांकि कुछ क्षेत्रों में यह तरीका अधिक दबावपूर्ण होता जा रहा है। रिपोर्टों में सड़क से लोगों को पकड़ने, कमजोर सामाजिक समूहों पर दबाव डालने और कथित धोखे का उल्लेख है। ये रिपोर्ट पूरे रूस में एक समान नीति साबित नहीं करतीं, लेकिन संकेत देती हैं कि केवल स्वैच्छिक भर्ती से जरूरत पूरी करना कठिन हो रहा है और आर्थिक प्रोत्साहनों के साथ दबाव भी बढ़ रहा है।
कानूनी सहायता की बढ़ती मांग भी चेतावनी का संकेत है। वकीलों और कार्यकर्ताओं ने हिरासत, भर्ती के दबाव और सैन्य सेवा के लिए मजबूर किए जाने से जुड़े मामलों का दस्तावेजीकरण किया है। इसे औपचारिक लामबंदी मंजूर होने का निर्णायक प्रमाण नहीं, बल्कि दबाव में चल रही भर्ती व्यवस्था के संकेत के रूप में समझना अधिक उचित होगा।
संयुक्त राष्ट्र में रूस के स्थायी प्रतिनिधि वासिली नेबेंज़्या ने कहा है कि नई लामबंदी की योजना न तो है और न ही इसकी उम्मीद है। रूसी अधिकारी यह भी कहते रहे हैं कि सेना में कॉन्ट्रैक्ट भर्ती के जरिए पर्याप्त लोग जुटाए जा सकते हैं। नाटो से जुड़े एक विश्लेषण में भी कहा गया कि उसकी रिपोर्टिंग के समय तक रूस की ओर से नई लामबंदी पर कोई आधिकारिक फैसला नहीं हुआ था।
ये बयान महत्वपूर्ण हैं, लेकिन सवाल का अंतिम उत्तर नहीं देते। 2022 का अनुभव इस संदेह को बढ़ाता है: उस समय आधिकारिक आश्वासनों के बाद अचानक लामबंदी का आदेश आया था। इसलिए मौजूदा स्थिति में दोनों तरह की अतियों से बचना जरूरी है। नई लामबंदी का कोई सार्वजनिक रूप से पुष्ट आदेश नहीं है, लेकिन भर्ती और प्रशासनिक तैयारियों के पर्याप्त संकेत मौजूद हैं, जो बड़े पैमाने पर सैनिक जुटाने की संभावना को विश्वसनीय बनाते हैं।
पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने इस मुद्दे को केवल रूस की भर्ती योजना के अनुमान के रूप में नहीं, बल्कि व्यापक क्षेत्रीय तनाव के जोखिम के रूप में पेश किया है। उन्होंने कहा कि रूस बड़े स्तर पर तनाव बढ़ाने की तैयारी कर रहा है और आने वाली शरद ऋतु, सर्दी तथा अगले सात से आठ महीने क्षेत्रीय और नाटो सुरक्षा के लिए निर्णायक हो सकते हैं। 17
टस्क का बयान 6 लाख सैनिकों के आंकड़े की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता। लेकिन इससे यह जरूर पता चलता है कि यूक्रेन के बाहर भी इन कथित योजनाओं को किस तरह देखा जा रहा है—क्या रूस यूक्रेन में सैन्य दबाव बनाए रख सकता है और पूरे क्षेत्र में सैन्य या दबावपूर्ण गतिविधियां बढ़ा सकता है।
उपलब्ध सबूत तैयारी की ओर इशारा करते हैं, पुष्टि की ओर नहीं। यूक्रेनी खुफिया 2026-27 में 6 लाख लोगों की संभावित लामबंदी की बात कर रही है। ज़ेलेंस्की ने रूस के सितंबर चुनावों के बाद शुरुआती 3 लाख लोगों को जुटाने की चेतावनी दी है। वहीं, अपर लार्स से बड़ी संख्या में रूसियों के जाने की खबर बताती है कि बहुत से लोग 2022 जैसी स्थिति दोहराए जाने से डरे हुए हैं। 1
दूसरी ओर, भर्ती कोटे, दबावपूर्ण तरीके, रिजर्व सैनिकों का प्रशासनिक प्रबंधन और रोसगार्दिया की तैयारियां बताते हैं कि मॉस्को पर जनशक्ति जुटाने का दबाव बढ़ रहा है। अगला कदम औपचारिक लामबंदी, अधिक आक्रामक “छिपी” भर्ती या दोनों का संयोजन हो सकता है।
जब तक कोई आधिकारिक आदेश या स्वतंत्र रूप से सत्यापित दस्तावेज सामने नहीं आता, सबसे जिम्मेदार निष्कर्ष यही है: रूस तैयारी कर रहा है, लेकिन नई 6 लाख लोगों की सामूहिक लामबंदी अभी पुष्ट नहीं है।
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उपलब्ध संकेत बताते हैं कि रूस बड़े पैमाने पर अतिरिक्त सैनिक जुटाने की प्रशासनिक और कानूनी क्षमता तैयार कर रहा है, लेकिन नई राष्ट्रव्यापी लामबंदी का कोई सार्वजनिक आदेश पुष्ट नहीं हुआ है।
उपलब्ध संकेत बताते हैं कि रूस बड़े पैमाने पर अतिरिक्त सैनिक जुटाने की प्रशासनिक और कानूनी क्षमता तैयार कर रहा है, लेकिन नई राष्ट्रव्यापी लामबंदी का कोई सार्वजनिक आदेश पुष्ट नहीं हुआ है। यूक्रेनी खुफिया के अनुसार रूस 2026 और 2027 में 3 3 लाख लोगों की भर्ती पर विचार कर रहा है; यह खुफिया आकलन है, अंतिम क्रेमलिन निर्णय का सार्वजनिक प्रमाण नहीं।
एक सप्ताह में 1,13,000 से अधिक रूसियों के अपर लार्स के रास्ते जॉर्जिया जाने की खबर ने सितंबर 2022 की लामबंदी के बाद हुए पलायन की याद दिलाई, लेकिन सीमा आवाजाही अकेले आसन्न भर्ती आदेश साबित नहीं करती।