रूस ने कहा कि अगर यूक्रेन ब्रिटिश लंबी दूरी की मिसाइलों से रूसी क्षेत्र में हमले करता है, तो ब्रिटिश सैन्य ठिकानों और उपकरणों को यूक्रेन के अंदर और बाहर निशाना बनाया जा सकता है। यह चेतावनी ब्रिटेन के उस फैसले के बाद आई जिसमें यूक्रेन को स्टॉर्म शैडो/SCALP मिसाइलों के ब्रिटिश घटकों से जुड़ी गोपनीय तकनीकी जानकारी साझा...
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What did Russian officials warn Britain and France about after the United Kingdom agreed to share classified Storm Shadow missile technology. Article summary: Russian officials said Britain and France were “playing with fire” by enabling Ukraine to produce Storm Shadow/SCALP-type long-range missiles, and warned that Britain could face strikes on military targets both inside an. Topic tags: general, news, general web, user generated, government. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermar
यूक्रेन को स्टॉर्म शैडो/SCALP क्रूज़ मिसाइलों की तकनीक उपलब्ध कराने के ब्रिटेन के फैसले पर मॉस्को ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने इस कदम को “आग में ईंधन डालना” बताया, जबकि रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने ब्रिटेन और फ्रांस पर “आग से खेलने” का आरोप लगाया। 36
विवाद का तत्काल कारण ब्रिटेन की वह सहमति थी जिसके तहत यूरोपीय रक्षा कंपनी MBDA यूक्रेन के साथ ब्रिटिश निर्मित घटकों से जुड़ी गोपनीय तकनीकी जानकारी साझा कर सकती है। इसका उद्देश्य यूक्रेन को अपनी घरेलू लंबी दूरी की क्रूज़ मिसाइलों का उत्पादन विकसित करने में मदद करना है। 316
मॉस्को की सबसे स्पष्ट जवाबी कार्रवाई की चेतावनी ब्रिटिश सैन्य ठिकानों और उपकरणों को लेकर थी। रूसी अधिकारियों ने कहा कि अगर यूक्रेनी सेना ब्रिटिश हथियारों का इस्तेमाल करके रूसी क्षेत्र में हमले करती है, तो ब्रिटेन से जुड़े सैन्य ठिकाने और उपकरण यूक्रेन के भीतर और उसके बाहर भी निशाना बन सकते हैं। 16
रूस ने यह भी आरोप लगाया कि ब्रिटेन और फ्रांस यूक्रेन में मिसाइलों की असेंबली करवाकर रूस पर होने वाले लंबी दूरी के हमलों की जिम्मेदारी से बचना चाहते हैं। ज़खारोवा ने कहा कि लंदन, मॉस्को की नजर में, यूक्रेन के हमलों में कानूनी रूप से सहभागी बनने से “एक कदम दूर” है और ब्रिटेन के नीति बदलने तक “विनाशकारी परिणामों” की चेतावनी दी। 159
ये रूसी अधिकारियों की धमकियां और कानूनी दावे हैं, स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य या किसी तयशुदा रूसी हमले का प्रमाण नहीं। उपलब्ध रिपोर्टिंग मॉस्को की बयानबाजी और घोषित जवाबी नीति को दर्ज करती है, लेकिन यह साबित नहीं करती कि रूस ने ब्रिटेन या फ्रांस की जमीन पर हमला करने का फैसला कर लिया है।
इन बयानों के बीच पश्चिमी सरकारें पहले से यह आकलन कर रही थीं कि रूस NATO की दृढ़ता को परख सकता है। CBS द्वारा रिपोर्ट किए गए अमेरिकी खुफिया आकलन के अनुसार, संभावित कार्रवाइयों में साइबर हमले, हाइब्रिड ऑपरेशन और ऐसे अन्य कदम शामिल हो सकते हैं जिन्हें रूस सीधे तौर पर नकार सके। इनका उद्देश्य जरूरी नहीं कि व्यापक युद्ध शुरू करना हो; रूस NATO की एकता और किसी सदस्य देश पर हमले की स्थिति में अमेरिकी प्रतिक्रिया की इच्छा को परख सकता है।
BBC से बात करने वाले पश्चिमी अधिकारियों के अनुसार, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सीधे रूस-NATO सैन्य संघर्ष से बचना चाहते हैं, भले ही यूक्रेन के समर्थक देशों के खिलाफ मॉस्को की भाषा अधिक आक्रामक हो गई हो। उनके मुताबिक ब्रिटिश बलों या हथियार बनाने वाली सुविधाओं को निशाना बनाने की धमकियां दबाव बनाने की पुरानी रणनीति से मेल खाती हैं, न कि खुले युद्ध की किसी नई योजना का प्रमाण हैं।
फिर भी, इसका अर्थ यह नहीं कि खतरा कम है। “ग्रे-ज़ोन” या हाइब्रिड अभियान में तोड़फोड़, साइबर हमले, राजनीतिक हस्तक्षेप, हवाई क्षेत्र का उल्लंघन और ड्रोन गतिविधियां शामिल हो सकती हैं। ऐसी कार्रवाइयां युद्ध की औपचारिक सीमा से नीचे रहती हैं, जिससे हमले की जिम्मेदारी तय करना और सामूहिक जवाब देना कठिन हो जाता है।
CIA निदेशक जॉन रैटक्लिफ ने 25 अगस्त को मॉस्को की अचानक और सार्वजनिक रूप से पहले से घोषित न की गई यात्रा की। CIA निदेशक के रूप में यह रूस की उनकी पहली ज्ञात यात्रा थी। उस समय बैठक का उद्देश्य और बातचीत का पूरा एजेंडा स्पष्ट नहीं था। 1718
बाद की रिपोर्टों में अधिकारियों के हवाले से कहा गया कि रैटक्लिफ ने रूसी अधिकारियों को NATO देशों, विशेष रूप से बाल्टिक देशों, पर हमला न करने की चेतावनी दी। उन्होंने रूस के ईरान को दिए जा रहे समर्थन पर भी चर्चा की। चूंकि ये विवरण बैठक से परिचित अधिकारियों के हवाले से सामने आए और CIA ने बातचीत का आधिकारिक ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया, इसलिए इन्हें पूर्ण आधिकारिक रिकॉर्ड के बजाय स्रोत-आधारित रिपोर्ट माना जाना चाहिए।
इसके बावजूद यात्रा का समय महत्वपूर्ण था। पश्चिमी सरकारें रूस को NATO की सीमा पार करने से रोकने की कोशिश कर रही थीं, जबकि लंबी दूरी के मिसाइल हमले, हथियारों की आपूर्ति और हाइब्रिड गतिविधियों के कारण टकराव का दायरा बढ़ रहा था।
युद्ध के कारण रूस पर आर्थिक और लॉजिस्टिक दबाव भी बढ़ रहा था। Reuters के अनुसार, यूक्रेनी हमलों और पेट्रोलियम रिफाइनरियों पर उत्पादन में अतिरिक्त कटौती के बाद अगस्त में मॉस्को के पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी गईं।
Reuters ने अलग से बताया कि रूस के कई क्षेत्रों में ईंधन की कमी लौट आई और कम-से-कम 10 क्षेत्रों में स्थानीय अधिकारियों ने बिक्री पर नियंत्रण कड़ा किया। अन्य रिपोर्टों में कुछ क्षेत्रों में राशनिंग और ईंधन की मात्रा सीमित किए जाने की जानकारी दी गई।
इन कमियों से यह साबित नहीं होता कि ईंधन संकट ने रूस को ब्रिटेन को धमकी देने के लिए मजबूर किया। लेकिन इससे इतना जरूर पता चलता है कि यूक्रेन के लंबी दूरी के हमलों का असर रूस के भीतर दिखाई देने वाली आर्थिक और प्रशासनिक समस्याओं के रूप में सामने आ रहा था। इससे पहले से जारी सैन्य टकराव पर घरेलू दबाव और बढ़ा।
Guardian के हवाले से पश्चिमी अधिकारियों ने अनुमान लगाया कि रूस हर महीने जितने सैनिक भर्ती कर पा रहा है, उससे करीब 6,000 अधिक सैनिकों को खो रहा है। यह संख्या सैनिकों के हताहत होने और भर्ती से जुड़ा आकलन है, कोई सटीक रूप से सत्यापित गणना नहीं।
युद्ध के दौरान हताहतों के आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि कठिन होती है और अलग-अलग स्रोत अलग परिभाषाएं तथा तरीके अपनाते हैं। इसलिए इस संख्या को अंतिम या निर्विवाद आंकड़ा नहीं माना जाना चाहिए। व्यापक तस्वीर यह है कि रूस की सैन्य मानवशक्ति की जरूरतों को रणनीतिक चुनौती के रूप में देखा जा रहा है, हालांकि मॉस्को अभी भी बड़ी संख्या में सैनिकों की भर्ती जारी रखे हुए है।
स्टॉर्म शैडो विवाद पर रूस का संदेश तीन हिस्सों में था: ब्रिटिश सैन्य परिसंपत्तियों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की धमकी, ब्रिटेन और फ्रांस पर रूस के खिलाफ हमलों में अधिक प्रत्यक्ष रूप से शामिल होने का आरोप, और लंदन से अपनी नीति बदलने की मांग। 15
पश्चिमी आकलनों के अनुसार, निकट भविष्य का सबसे संभावित जोखिम NATO पर जानबूझकर किया गया पारंपरिक हमला नहीं, बल्कि अस्पष्ट और नकारे जा सकने वाले तरीकों से जारी दबाव हो सकता है। रैटक्लिफ की यात्रा ने रूस को NATO पर हमला न करने की सीमा याद दिलाने की कोशिश की, लेकिन मिसाइल तकनीक का हस्तांतरण, रूसी रिफाइनरियों पर हमले और सैनिकों की कमी इस सीमा को संभालना और कठिन बना रहे हैं।
नतीजा यह है कि बयानबाजी खुली और आक्रामक है, लेकिन सबसे गंभीर कदम संभवतः औपचारिक रूप से घोषित युद्ध की सीमा से नीचे उठाए जा सकते हैं।
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रूस ने कहा कि अगर यूक्रेन ब्रिटिश लंबी दूरी की मिसाइलों से रूसी क्षेत्र में हमले करता है, तो ब्रिटिश सैन्य ठिकानों और उपकरणों को यूक्रेन के अंदर और बाहर निशाना बनाया जा सकता है।
रूस ने कहा कि अगर यूक्रेन ब्रिटिश लंबी दूरी की मिसाइलों से रूसी क्षेत्र में हमले करता है, तो ब्रिटिश सैन्य ठिकानों और उपकरणों को यूक्रेन के अंदर और बाहर निशाना बनाया जा सकता है। यह चेतावनी ब्रिटेन के उस फैसले के बाद आई जिसमें यूक्रेन को स्टॉर्म शैडो/SCALP मिसाइलों के ब्रिटिश घटकों से जुड़ी गोपनीय तकनीकी जानकारी साझा करने की अनुमति दी गई।
पश्चिमी आकलनों के मुताबिक रूस सीधे NATO युद्ध से बचना चाहता है, लेकिन साइबर हमलों, तोड़फोड़, ड्रोन गतिविधियों और अन्य अस्पष्ट या नकारे जा सकने वाले अभियानों के जरिए दबाव बढ़ा सकता है।