Meta अमेरिकी राज्यों के साथ हुए समझौते के तहत 18 साल से कम उम्र के उपयोगकर्ताओं के लिए डिफॉल्ट दो घंटे की दैनिक सीमा, रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक ब्लॉक और स्कूल समय में नोटिफिकेशन नियंत्रण लागू करेगी। [1][3][4] दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, फिलीपींस और यूरोपीय संघ अब सिर्फ हानिकारक पोस्ट हटाने पर नहीं, बल्कि सिफारिशी...
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शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How has Meta’s settlement with nearly all U.S. states—requiring it to pay up to $18 billion over a decade, impose a default two-hour daily l. Article summary: Meta’s U.S. settlement has become a powerful international proof point: it demonstrates that platforms can technically impose design-based safeguards, making it harder for companies to argue that strong youth protections. Topic tags: general, news, general web, government. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with
Meta का अमेरिकी राज्यों के साथ हुआ समझौता अब सिर्फ 18 अरब डॉलर तक के भुगतान का मामला नहीं है। यह दुनिया भर के नियामकों के लिए एक व्यावहारिक उदाहरण बन गया है कि बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म किशोरों के इस्तेमाल पर डिफॉल्ट सीमाएं, रात में रोक और फीचर-स्तरीय सुरक्षा नियंत्रण लागू कर सकते हैं।
Meta ने Facebook और Instagram को बच्चों के लिए जानबूझकर लत पैदा करने वाला बनाने के आरोपों को स्वीकार नहीं किया है। फिर भी, समझौते के तहत कंपनी अगले 10 वर्षों में 18 अरब डॉलर तक का भुगतान करेगी और 18 साल से कम उम्र के उपयोगकर्ताओं के लिए कई बदलाव लागू करेगी। 1
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समझौते के प्रमुख प्रावधान Facebook और Instagram के किशोर उपयोगकर्ताओं पर लागू होंगे:
इनमें से अधिकांश उत्पाद बदलाव कई वर्षों तक लागू रहने हैं। समझौते में यह संभावना भी रखी गई है कि अगर TikTok और YouTube जैसे अन्य बड़े प्लेटफॉर्म समान सुरक्षा उपाय अपनाते हैं, तो Meta पर लागू शर्तें और कड़ी हो सकती हैं। इस वजह से यह मामला एकमुश्त आर्थिक भुगतान से आगे जाकर प्लेटफॉर्म के लंबे समय के डिज़ाइन को प्रभावित कर सकता है। 1
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अब तक सोशल मीडिया नियमन का बड़ा हिस्सा इस सवाल पर केंद्रित रहा है कि किसी प्लेटफॉर्म पर गैरकानूनी या नुकसानदेह पोस्ट आने के बाद उसे कितनी जल्दी हटाया जाता है। नई बहस इससे आगे बढ़ रही है: प्लेटफॉर्म लोगों को बार-बार लौटने, लंबे समय तक जुड़े रहने और ऐप बंद करना मुश्किल बनाने के लिए कैसे डिज़ाइन किए गए हैं?
नियामकों की नजर खास तौर पर इन फीचर्स पर है:
इसी से ‘सुरक्षा डिफॉल्ट रूप से’ का विचार उभर रहा है। इसका मतलब है कि बच्चों और माता-पिता को हर सुरक्षा सेटिंग अलग से खोजकर चालू न करनी पड़े; सुरक्षित विकल्प पहले से सक्रिय हों और उन्हें बदलने के लिए अभिभावकीय अनुमति जरूरी हो।
दक्षिण कोरिया के मीडिया नियामक ने कहा है कि Meta जिन युवा-सुरक्षा उपायों को अमेरिका में स्वीकार कर रही है, उन्हें आदर्श रूप से पूरी दुनिया में लागू किया जाना चाहिए, सिर्फ अमेरिकी उपयोगकर्ताओं तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। सियोल संभावित रूप से लत पैदा करने वाले फीचर्स पर कड़े नियमों पर भी विचार कर रहा है—इनमें सिफारिशी प्रणालियां, एंगेजमेंट मेट्रिक्स और पुश नोटिफिकेशन शामिल हैं। 18
यह रुख महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे बहस सिर्फ आपत्तिजनक पोस्ट या एकल कंटेंट पर नहीं रुकती। अब सवाल यह भी है कि फीड किस क्रम में दिखाई जाती है, नोटिफिकेशन उपयोगकर्ताओं को वापस कैसे खींचते हैं और लोकप्रियता के संकेत किशोरों के व्यवहार को किस तरह प्रभावित करते हैं।
ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों ने Meta की अमेरिकी प्रतिबद्धताओं को इस बात का प्रमाण बताया कि प्लेटफॉर्म बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रभावी तकनीकी उपाय अपना सकते हैं। इससे उस आलोचना को बल मिला है कि कंपनियों के पास जरूरी सुरक्षा टूल पहले से मौजूद हैं, लेकिन उन्होंने उन्हें पर्याप्त व्यापकता या सख्ती से लागू नहीं किया। 18
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया में यह भी बताया गया कि एक ऑस्ट्रेलियाई कानून फर्म Meta के खिलाफ संभावित सामूहिक मुकदमे की संभावना तलाश रही थी। यह पहल अमेरिकी समझौते से अलग है और अभी उसे समझौते का परिणाम नहीं माना जा सकता। 18
फिलीपींस में अधिकारियों ने कहा कि Meta और Roblox ने उम्र की बेहतर पुष्टि, अभिभावकीय नियंत्रण और समय-सीमा मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई है। यह चर्चा बच्चों के शोषण और ऑनलाइन धोखाधड़ी से निपटने के व्यापक प्रयासों के बीच हो रही है। 18
इससे पता चलता है कि सरकारें किसी एक सार्वभौमिक न्यूनतम उम्र-सीमा पर निर्भर नहीं रहना चाहतीं। प्लेटफॉर्म से उपयोगकर्ताओं की उम्र अधिक भरोसेमंद तरीके से जानने, माता-पिता को वास्तविक नियंत्रण देने और बच्चों के लगातार ऐप इस्तेमाल को सीमित करने की मांग बढ़ रही है।
यह कहना सही नहीं होगा कि Meta का अमेरिकी समझौता ही यूरोपीय संघ की कार्रवाई का कारण बना। यूरोपीय आयोग की जांच पहले से चल रही थी और जुलाई में आयोग ने डिजिटल सर्विसेज एक्ट के तहत Meta के खिलाफ प्रारंभिक निष्कर्ष जारी किए।
आयोग ने कहा कि Facebook और Instagram के अनंत स्क्रॉल, ऑटोप्ले, पुश नोटिफिकेशन और अत्यधिक निजीकरण वाली सिफारिशी प्रणालियां उपयोगकर्ताओं, खासकर नाबालिगों, के शारीरिक और मानसिक कल्याण के लिए जोखिम पैदा कर सकती हैं। आयोग ने प्रारंभिक तौर पर Meta को डिजिटल सर्विसेज एक्ट का उल्लंघनकर्ता माना और मजबूत जोखिम-नियंत्रण उपायों की मांग की।
यूरोपीय अधिकारियों ने डिफॉल्ट रूप से ऑटोप्ले और अनंत स्क्रॉल बंद करने, वास्तविक स्क्रीन-टाइम ब्रेक देने और ऐसे सिफारिशी सिस्टम बदलने पर जोर दिया है जो केवल एंगेजमेंट बढ़ाने वाले कंटेंट को प्राथमिकता देते हैं। Meta नियमों का पालन नहीं करती है तो उस पर जुर्माना लग सकता है।
इसलिए अमेरिकी समझौता यूरोपीय मामला शुरू नहीं करता। उसका प्रभाव अधिक अप्रत्यक्ष है: ब्रसेल्स और अन्य नियामकों के पास अब यह दिखाने के लिए एक नया वास्तविक उदाहरण है कि प्लेटफॉर्म-स्तर पर बड़े डिज़ाइन बदलाव संभव हैं।
पोलैंड ने एक अलग मामले में यूरोपीय आयोग से Meta पर 25 करोड़ यूरो का जुर्माना लगाने को कहा है। आरोप है कि कंपनी ने धोखाधड़ी वाले विज्ञापनों से निपटने में पर्याप्त कार्रवाई नहीं की। पोलैंड के अनुरोध में यह दावा और एक पोलिश अपीलीय अदालत का फैसला शामिल है कि Meta अपने प्लेटफॉर्म पर होस्ट किए गए विज्ञापनों के लिए जिम्मेदार हो सकती है।
यह मामला किशोरों में सोशल मीडिया की लत से जुड़ा नहीं है और इसे अमेरिकी समझौते की बाल-सुरक्षा शर्तों का हिस्सा नहीं समझना चाहिए। फिर भी, यह दिखाता है कि Meta पर निगरानी अब युवा कल्याण से आगे बढ़कर इस सवाल तक पहुंच रही है कि प्लेटफॉर्म अपने सिस्टम से होने वाले अनुमानित नुकसान की कितनी जिम्मेदारी लेते हैं।
यह समझौता तकनीकी व्यवहार्यता का मजबूत उदाहरण है। अब प्लेटफॉर्मों के लिए यह कहना कठिन होगा कि रात में रोक, समय-सीमा, नोटिफिकेशन नियंत्रण या सुरक्षित डिफॉल्ट को करोड़ों उपयोगकर्ताओं पर लागू करना व्यावहारिक रूप से असंभव है।
लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि केवल दो घंटे की सीमा सोशल मीडिया से जुड़े सभी जोखिम खत्म कर देगी। परिणाम इस बात पर निर्भर करेंगे कि उम्र की पुष्टि कितनी भरोसेमंद है, नियमों का पालन कैसे कराया जाता है, किन परिस्थितियों में छूट दी जाती है और युवा उपयोगकर्ता दूसरे ऐप्स पर कितनी आसानी से जा सकते हैं।
यह भी जरूरी है कि अमेरिकी समझौते को दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, फिलीपींस या यूरोपीय संघ की हर पहल का सीधा कारण न माना जाए। इन प्रयासों की अपनी कानूनी और राजनीतिक पृष्ठभूमि है। समझौते का तात्कालिक अंतरराष्ट्रीय असर इससे अधिक सीमित, लेकिन महत्वपूर्ण है: सरकारों के पास अब मजबूत, डिज़ाइन-आधारित सुरक्षा की मांग करने के लिए एक वास्तविक मिसाल है।
यही कारण है कि Meta का समझौता उसके आर्थिक मूल्य से कहीं आगे जाता है। इसने नियामकों को यह पूछने का ठोस आधार दिया है कि सोशल मीडिया कंपनियां उपयोगकर्ताओं का समय और एंगेजमेंट बढ़ाने वाली मशीनरी को किस हद तक बदलने के लिए तैयार हैं—और क्या बच्चों के लिए सुरक्षित डिफॉल्ट हर देश में लागू होना चाहिए।
Studio Global AI
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
Meta अमेरिकी राज्यों के साथ हुए समझौते के तहत 18 साल से कम उम्र के उपयोगकर्ताओं के लिए डिफॉल्ट दो घंटे की दैनिक सीमा, रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक ब्लॉक और स्कूल समय में नोटिफिकेशन नियंत्रण लागू करेगी। [1][3][4]
Meta अमेरिकी राज्यों के साथ हुए समझौते के तहत 18 साल से कम उम्र के उपयोगकर्ताओं के लिए डिफॉल्ट दो घंटे की दैनिक सीमा, रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक ब्लॉक और स्कूल समय में नोटिफिकेशन नियंत्रण लागू करेगी। [1][3][4] दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, फिलीपींस और यूरोपीय संघ अब सिर्फ हानिकारक पोस्ट हटाने पर नहीं, बल्कि सिफारिशी एल्गोरिदम, अनंत स्क्रॉल, ऑटोप्ले, पुश नोटिफिकेशन और उम्र पुष्टि जैसे फीचर्स पर ध्यान दे रहे हैं। [18][20][29][30]
अमेरिकी समझौते ने हर अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई को सीधे शुरू नहीं किया—यूरोपीय संघ की जांच पहले से चल रही थी—लेकिन इसने यह तर्क कमजोर कर दिया कि बड़े प्लेटफॉर्म ऐसे सुरक्षा उपाय बड़े पैमाने पर लागू नहीं कर सकते।
Meta अमेरिकी राज्यों के साथ हुए समझौते के तहत 18 साल से कम उम्र के उपयोगकर्ताओं के लिए डिफॉल्ट दो घंटे की दैनिक सीमा, रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक ब्लॉक और स्कूल समय में नोटिफिकेशन नियंत्रण लागू करेगी। [1][3][4] दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, फिलीपींस और यूरोपीय संघ अब सिर्फ हानिकारक पोस्ट हटाने पर नहीं, बल्कि सिफारिशी...
प्रकाशितकर्ताGPT-5.6 Luna से संपादितGPT Image 1.5 से चित्र बनाए गए
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Meta का अमेरिकी राज्यों के साथ हुआ समझौता अब सिर्फ 18 अरब डॉलर तक के भुगतान का मामला नहीं है। यह दुनिया भर के नियामकों के लिए एक व्यावहारिक उदाहरण बन गया है कि बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म किशोरों के इस्तेमाल पर डिफॉल्ट सीमाएं, रात में रोक और फीचर-स्तरीय सुरक्षा नियंत्रण लागू कर सकते हैं।
Meta ने Facebook और Instagram को बच्चों के लिए जानबूझकर लत पैदा करने वाला बनाने के आरोपों को स्वीकार नहीं किया है। फिर भी, समझौते के तहत कंपनी अगले 10 वर्षों में 18 अरब डॉलर तक का भुगतान करेगी और 18 साल से कम उम्र के उपयोगकर्ताओं के लिए कई बदलाव लागू करेगी। 1
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समझौते के प्रमुख प्रावधान Facebook और Instagram के किशोर उपयोगकर्ताओं पर लागू होंगे:
इनमें से अधिकांश उत्पाद बदलाव कई वर्षों तक लागू रहने हैं। समझौते में यह संभावना भी रखी गई है कि अगर TikTok और YouTube जैसे अन्य बड़े प्लेटफॉर्म समान सुरक्षा उपाय अपनाते हैं, तो Meta पर लागू शर्तें और कड़ी हो सकती हैं। इस वजह से यह मामला एकमुश्त आर्थिक भुगतान से आगे जाकर प्लेटफॉर्म के लंबे समय के डिज़ाइन को प्रभावित कर सकता है। 1
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अब तक सोशल मीडिया नियमन का बड़ा हिस्सा इस सवाल पर केंद्रित रहा है कि किसी प्लेटफॉर्म पर गैरकानूनी या नुकसानदेह पोस्ट आने के बाद उसे कितनी जल्दी हटाया जाता है। नई बहस इससे आगे बढ़ रही है: प्लेटफॉर्म लोगों को बार-बार लौटने, लंबे समय तक जुड़े रहने और ऐप बंद करना मुश्किल बनाने के लिए कैसे डिज़ाइन किए गए हैं?
नियामकों की नजर खास तौर पर इन फीचर्स पर है:
इसी से ‘सुरक्षा डिफॉल्ट रूप से’ का विचार उभर रहा है। इसका मतलब है कि बच्चों और माता-पिता को हर सुरक्षा सेटिंग अलग से खोजकर चालू न करनी पड़े; सुरक्षित विकल्प पहले से सक्रिय हों और उन्हें बदलने के लिए अभिभावकीय अनुमति जरूरी हो।
दक्षिण कोरिया के मीडिया नियामक ने कहा है कि Meta जिन युवा-सुरक्षा उपायों को अमेरिका में स्वीकार कर रही है, उन्हें आदर्श रूप से पूरी दुनिया में लागू किया जाना चाहिए, सिर्फ अमेरिकी उपयोगकर्ताओं तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। सियोल संभावित रूप से लत पैदा करने वाले फीचर्स पर कड़े नियमों पर भी विचार कर रहा है—इनमें सिफारिशी प्रणालियां, एंगेजमेंट मेट्रिक्स और पुश नोटिफिकेशन शामिल हैं। 18
यह रुख महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे बहस सिर्फ आपत्तिजनक पोस्ट या एकल कंटेंट पर नहीं रुकती। अब सवाल यह भी है कि फीड किस क्रम में दिखाई जाती है, नोटिफिकेशन उपयोगकर्ताओं को वापस कैसे खींचते हैं और लोकप्रियता के संकेत किशोरों के व्यवहार को किस तरह प्रभावित करते हैं।
ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों ने Meta की अमेरिकी प्रतिबद्धताओं को इस बात का प्रमाण बताया कि प्लेटफॉर्म बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रभावी तकनीकी उपाय अपना सकते हैं। इससे उस आलोचना को बल मिला है कि कंपनियों के पास जरूरी सुरक्षा टूल पहले से मौजूद हैं, लेकिन उन्होंने उन्हें पर्याप्त व्यापकता या सख्ती से लागू नहीं किया। 18
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया में यह भी बताया गया कि एक ऑस्ट्रेलियाई कानून फर्म Meta के खिलाफ संभावित सामूहिक मुकदमे की संभावना तलाश रही थी। यह पहल अमेरिकी समझौते से अलग है और अभी उसे समझौते का परिणाम नहीं माना जा सकता। 18
फिलीपींस में अधिकारियों ने कहा कि Meta और Roblox ने उम्र की बेहतर पुष्टि, अभिभावकीय नियंत्रण और समय-सीमा मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई है। यह चर्चा बच्चों के शोषण और ऑनलाइन धोखाधड़ी से निपटने के व्यापक प्रयासों के बीच हो रही है। 18
इससे पता चलता है कि सरकारें किसी एक सार्वभौमिक न्यूनतम उम्र-सीमा पर निर्भर नहीं रहना चाहतीं। प्लेटफॉर्म से उपयोगकर्ताओं की उम्र अधिक भरोसेमंद तरीके से जानने, माता-पिता को वास्तविक नियंत्रण देने और बच्चों के लगातार ऐप इस्तेमाल को सीमित करने की मांग बढ़ रही है।
यह कहना सही नहीं होगा कि Meta का अमेरिकी समझौता ही यूरोपीय संघ की कार्रवाई का कारण बना। यूरोपीय आयोग की जांच पहले से चल रही थी और जुलाई में आयोग ने डिजिटल सर्विसेज एक्ट के तहत Meta के खिलाफ प्रारंभिक निष्कर्ष जारी किए।
आयोग ने कहा कि Facebook और Instagram के अनंत स्क्रॉल, ऑटोप्ले, पुश नोटिफिकेशन और अत्यधिक निजीकरण वाली सिफारिशी प्रणालियां उपयोगकर्ताओं, खासकर नाबालिगों, के शारीरिक और मानसिक कल्याण के लिए जोखिम पैदा कर सकती हैं। आयोग ने प्रारंभिक तौर पर Meta को डिजिटल सर्विसेज एक्ट का उल्लंघनकर्ता माना और मजबूत जोखिम-नियंत्रण उपायों की मांग की।
यूरोपीय अधिकारियों ने डिफॉल्ट रूप से ऑटोप्ले और अनंत स्क्रॉल बंद करने, वास्तविक स्क्रीन-टाइम ब्रेक देने और ऐसे सिफारिशी सिस्टम बदलने पर जोर दिया है जो केवल एंगेजमेंट बढ़ाने वाले कंटेंट को प्राथमिकता देते हैं। Meta नियमों का पालन नहीं करती है तो उस पर जुर्माना लग सकता है।
इसलिए अमेरिकी समझौता यूरोपीय मामला शुरू नहीं करता। उसका प्रभाव अधिक अप्रत्यक्ष है: ब्रसेल्स और अन्य नियामकों के पास अब यह दिखाने के लिए एक नया वास्तविक उदाहरण है कि प्लेटफॉर्म-स्तर पर बड़े डिज़ाइन बदलाव संभव हैं।
पोलैंड ने एक अलग मामले में यूरोपीय आयोग से Meta पर 25 करोड़ यूरो का जुर्माना लगाने को कहा है। आरोप है कि कंपनी ने धोखाधड़ी वाले विज्ञापनों से निपटने में पर्याप्त कार्रवाई नहीं की। पोलैंड के अनुरोध में यह दावा और एक पोलिश अपीलीय अदालत का फैसला शामिल है कि Meta अपने प्लेटफॉर्म पर होस्ट किए गए विज्ञापनों के लिए जिम्मेदार हो सकती है।
यह मामला किशोरों में सोशल मीडिया की लत से जुड़ा नहीं है और इसे अमेरिकी समझौते की बाल-सुरक्षा शर्तों का हिस्सा नहीं समझना चाहिए। फिर भी, यह दिखाता है कि Meta पर निगरानी अब युवा कल्याण से आगे बढ़कर इस सवाल तक पहुंच रही है कि प्लेटफॉर्म अपने सिस्टम से होने वाले अनुमानित नुकसान की कितनी जिम्मेदारी लेते हैं।
यह समझौता तकनीकी व्यवहार्यता का मजबूत उदाहरण है। अब प्लेटफॉर्मों के लिए यह कहना कठिन होगा कि रात में रोक, समय-सीमा, नोटिफिकेशन नियंत्रण या सुरक्षित डिफॉल्ट को करोड़ों उपयोगकर्ताओं पर लागू करना व्यावहारिक रूप से असंभव है।
लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि केवल दो घंटे की सीमा सोशल मीडिया से जुड़े सभी जोखिम खत्म कर देगी। परिणाम इस बात पर निर्भर करेंगे कि उम्र की पुष्टि कितनी भरोसेमंद है, नियमों का पालन कैसे कराया जाता है, किन परिस्थितियों में छूट दी जाती है और युवा उपयोगकर्ता दूसरे ऐप्स पर कितनी आसानी से जा सकते हैं।
यह भी जरूरी है कि अमेरिकी समझौते को दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, फिलीपींस या यूरोपीय संघ की हर पहल का सीधा कारण न माना जाए। इन प्रयासों की अपनी कानूनी और राजनीतिक पृष्ठभूमि है। समझौते का तात्कालिक अंतरराष्ट्रीय असर इससे अधिक सीमित, लेकिन महत्वपूर्ण है: सरकारों के पास अब मजबूत, डिज़ाइन-आधारित सुरक्षा की मांग करने के लिए एक वास्तविक मिसाल है।
यही कारण है कि Meta का समझौता उसके आर्थिक मूल्य से कहीं आगे जाता है। इसने नियामकों को यह पूछने का ठोस आधार दिया है कि सोशल मीडिया कंपनियां उपयोगकर्ताओं का समय और एंगेजमेंट बढ़ाने वाली मशीनरी को किस हद तक बदलने के लिए तैयार हैं—और क्या बच्चों के लिए सुरक्षित डिफॉल्ट हर देश में लागू होना चाहिए।
Studio Global AI
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
Meta अमेरिकी राज्यों के साथ हुए समझौते के तहत 18 साल से कम उम्र के उपयोगकर्ताओं के लिए डिफॉल्ट दो घंटे की दैनिक सीमा, रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक ब्लॉक और स्कूल समय में नोटिफिकेशन नियंत्रण लागू करेगी। [1][3][4]
Meta अमेरिकी राज्यों के साथ हुए समझौते के तहत 18 साल से कम उम्र के उपयोगकर्ताओं के लिए डिफॉल्ट दो घंटे की दैनिक सीमा, रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक ब्लॉक और स्कूल समय में नोटिफिकेशन नियंत्रण लागू करेगी। [1][3][4] दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, फिलीपींस और यूरोपीय संघ अब सिर्फ हानिकारक पोस्ट हटाने पर नहीं, बल्कि सिफारिशी एल्गोरिदम, अनंत स्क्रॉल, ऑटोप्ले, पुश नोटिफिकेशन और उम्र पुष्टि जैसे फीचर्स पर ध्यान दे रहे हैं। [18][20][29][30]
अमेरिकी समझौते ने हर अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई को सीधे शुरू नहीं किया—यूरोपीय संघ की जांच पहले से चल रही थी—लेकिन इसने यह तर्क कमजोर कर दिया कि बड़े प्लेटफॉर्म ऐसे सुरक्षा उपाय बड़े पैमाने पर लागू नहीं कर सकते।