AI सर्वरों के लिए हाई बैंडविड्थ मेमोरी की मांग बढ़ने से निर्माताओं ने अधिक लाभ वाली AI मेमोरी को प्राथमिकता दी, जिससे स्मार्टफोन ग्रेड DRAM और NAND की आपूर्ति पर दबाव आया। कम कीमत वाले फोन में कंपोनेंट लागत बिक्री मूल्य का बड़ा हिस्सा होती है; इसलिए निर्माता बढ़ी हुई लागत आसानी से ग्राहकों पर नहीं डाल सकते। Xiaomi क...
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How did the rise of AI data centers—by redirecting Samsung, SK Hynix, and other memory manufacturers’ capacity toward advanced chips, reduci. Article summary: AI data center demand turned memory from a routine cost deflator into a supply constraint: manufacturers could earn more by prioritizing high bandwidth and other AI oriented memory, leaving less capacity for phone grade . Topic tags: general web, agents, ai, marketing, growth. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts w
AI डेटा सेंटरों की बढ़ती मांग ने मेमोरी चिप को लंबे समय से चली आ रही लागत-कमी की कहानी से निकालकर एक बड़ी आपूर्ति बाधा बना दिया है। Samsung, SK Hynix और अन्य निर्माताओं के लिए AI सर्वरों में इस्तेमाल होने वाली अधिक लाभकारी मेमोरी बनाना, सामान्य स्मार्टफोन मेमोरी की तुलना में ज्यादा आकर्षक हो गया। दूसरी ओर, बड़े क्लाउड और डेटा सेंटर संचालकों ने भविष्य की आपूर्ति पहले से सुरक्षित करनी शुरू कर दी। इसका नतीजा यह हुआ कि फोन में लगने वाली पारंपरिक DRAM और NAND flash के लिए उपलब्ध क्षमता कम हुई और उनकी कीमतें बढ़ीं।
कई वर्षों तक मेमोरी और डिस्प्ले की कीमतों में गिरावट स्मार्टफोन कंपनियों के लिए एक तरह का लागत-कुशन रही। निर्माता बिना फोन की खुदरा कीमत बढ़ाए ज्यादा RAM, अधिक स्टोरेज और बेहतर स्क्रीन दे पाते थे। इससे खास तौर पर बजट फोन की कीमत-प्रतिस्पर्धा को बनाए रखना आसान था।
AI सर्वरों ने इस समीकरण को बदल दिया। हाई-बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) और AI वर्कलोड के लिए तैयार अन्य उन्नत चिपों की मांग ने उत्पादन क्षमता का आवंटन बदल दिया। सामान्य DRAM और NAND—जो हर स्मार्टफोन में जरूरी होते हैं—अब पहले की तरह लगातार अतिरिक्त आपूर्ति वाली कमोडिटी नहीं रहे। मेमोरी की कीमतों में तेज बढ़ोतरी ने फोन निर्माताओं की लागत बढ़ा दी, जबकि डिस्प्ले जैसी दूसरी प्रमुख लागतों में लंबे समय से मिल रही गिरावट का लाभ भी पहले जैसा नहीं रहा।
200 डॉलर से कम कीमत वाले फोन में कंपोनेंट लागत बिक्री मूल्य का बहुत बड़ा हिस्सा होती है। प्रति डिवाइस मुनाफा भी सीमित रहता है। ऐसे में DRAM, NAND या डिस्प्ले की कीमत में उल्लेखनीय बढ़ोतरी का पूरा बोझ ग्राहक पर डालना आसान नहीं होता।
कीमत बढ़ाने पर ग्राहक दूसरे मॉडल की ओर जा सकते हैं, क्योंकि इस श्रेणी में खरीदार कीमत के प्रति बेहद संवेदनशील होते हैं। कीमत स्थिर रखने पर बढ़ी हुई लागत लगभग सीधे ग्रॉस मार्जिन को कम करती है। निर्माता आम तौर पर तीन रास्तों में से किसी एक को चुनते हैं:
यही वजह है कि AI मेमोरी संकट का असर प्रीमियम फोन की तुलना में किफायती फोन पर अधिक तीखा पड़ता है।
Xiaomi की बिक्री का बड़ा हिस्सा कम कीमत वाले स्मार्टफोन से जुड़ा है। इसलिए मेमोरी और अन्य प्रमुख कंपोनेंट की महंगाई को संभालने की उसकी क्षमता सीमित रही। कंपनी के Q2 2026 नतीजे इस दबाव को साफ दिखाते हैं।
18 अगस्त 2026 को जारी आंकड़ों के अनुसार, Xiaomi का स्मार्टफोन राजस्व सालाना आधार पर 7.5% घटकर 42.1 अरब युआन रह गया। स्मार्टफोन कारोबार का ग्रॉस मार्जिन एक साल पहले के 11.5% से गिरकर 8.5% हो गया। 1
पूरे समूह का राजस्व 6.1% घटकर 108.9 अरब युआन रहा, जबकि समायोजित शुद्ध लाभ 42.6% गिरकर 6.2 अरब युआन रह गया। विश्लेषकों का औसत अनुमान 6.6 अरब युआन के लाभ और 112.2 अरब युआन के राजस्व का था। कंपनी का ग्रॉस प्रॉफिट भी 17.2% घटकर 21.6 अरब युआन रह गया। 511
यह लगातार तीसरी तिमाही थी जब Xiaomi के लाभ में गिरावट आई। तत्काल दबाव बढ़ी हुई मेमोरी और अन्य कंपोनेंट लागत से आया, जिसे कमजोर स्मार्टफोन मांग ने और बढ़ा दिया। 1
नहीं। Xiaomi के समूह-स्तरीय नतीजों पर स्मार्टफोन मांग, उत्पाद मिश्रण, IoT कारोबार और कंपनी के अन्य व्यवसायों की लागत का भी असर पड़ा। लेकिन AI से प्रेरित कंपोनेंट संकट खास तौर पर नुकसानदेह रहा, क्योंकि इसका प्रहार कंपनी के मुख्य और अपेक्षाकृत कम-मार्जिन वाले फोन कारोबार पर पड़ा।
Xiaomi ने संकेत दिया कि 2026 की दूसरी छमाही में मेमोरी कीमतों में बढ़ोतरी की रफ्तार धीमी हो सकती है। इससे लागत दबाव कुछ कम हो सकता है, हालांकि यह अभी भी इस बात पर निर्भर करेगा कि AI सर्वरों की मांग और मेमोरी निर्माताओं की उत्पादन प्राथमिकताएं कैसे बदलती हैं। 1
Apple भी मेमोरी महंगाई से पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। कंपनी के प्रबंधन ने माना है कि बढ़ती मेमोरी कीमतें लाभ पर दबाव डाल रही हैं। फिर भी उसकी स्थिति Xiaomi जैसी नहीं है।
Apple के फोन काफी महंगे बिकते हैं और प्रति डिवाइस डॉलर के हिसाब से सकल लाभ अधिक होता है। उसके पास मजबूत ब्रांड-आधारित मूल्य निर्धारण क्षमता, बड़े आपूर्तिकर्ताओं के साथ बेहतर सौदेबाजी की ताकत और एक बड़ा सर्विसेज कारोबार भी है।
इसलिए Apple बढ़ी हुई बिल-ऑफ-मैटेरियल लागत को बड़े लाभ आधार में फैला सकता है, उसका कुछ हिस्सा खुद वहन कर सकता है या कीमत में सीमित वृद्धि कर सकता है। कम कीमत वाले Android फोन निर्माता के मुकाबले उसके ग्राहकों के तुरंत दूर जाने का जोखिम भी अपेक्षाकृत कम होता है।
इस संकट का बड़ा सबक यह है कि AI का असर केवल डेटा सेंटरों और उन्नत चिपों तक सीमित नहीं है। जब वही उत्पादन क्षमता उपभोक्ता उपकरणों में लगने वाली बुनियादी मेमोरी से हटती है, तो स्मार्टफोन की कीमत, स्पेसिफिकेशन और निर्माताओं के मुनाफे—तीनों पर दबाव पड़ता है।
Studio Global AI
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AI सर्वरों के लिए हाई बैंडविड्थ मेमोरी की मांग बढ़ने से निर्माताओं ने अधिक लाभ वाली AI मेमोरी को प्राथमिकता दी, जिससे स्मार्टफोन ग्रेड DRAM और NAND की आपूर्ति पर दबाव आया।
AI सर्वरों के लिए हाई बैंडविड्थ मेमोरी की मांग बढ़ने से निर्माताओं ने अधिक लाभ वाली AI मेमोरी को प्राथमिकता दी, जिससे स्मार्टफोन ग्रेड DRAM और NAND की आपूर्ति पर दबाव आया। कम कीमत वाले फोन में कंपोनेंट लागत बिक्री मूल्य का बड़ा हिस्सा होती है; इसलिए निर्माता बढ़ी हुई लागत आसानी से ग्राहकों पर नहीं डाल सकते।
Xiaomi का स्मार्टफोन राजस्व Q2 2026 में 7.5% घटकर 42.1 अरब युआन रह गया और फोन कारोबार का ग्रॉस मार्जिन 11.5% से गिरकर 8.5% हो गया। [1]