चीन ने ह्यूमनॉइड रोबोट बनाने और भेजने में शुरुआती बढ़त हासिल कर ली है, लेकिन यह बढ़त अभी व्यापक रूप से सक्षम रोबोट कर्मचारियों की क्षमता का प्रमाण नहीं है। शिपमेंट के आंकड़ों में चीनी कंपनियों की हिस्सेदारी 95% से 97% से अधिक बताई जाती है, पर इन आंकड़ों में विश्वविद्यालयों, प्रयोगशालाओं, प्रदर्शनियों और सरकारी पायलट...
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शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How is China’s humanoid robot industry simultaneously achieving global manufacturing dominance—producing about 95% of the roughly 20,000 hum. Article summary: China has achieved an early lead in making and shipping humanoid bodies, not in creating broadly capable robot workers.. Topic tags: general web, chatgpt, ai, code, security. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fake numbers, clickbait thumbnails, icons, and tiny thumbnail layouts. Make it useful as an illustr
चीन ने ह्यूमनॉइड रोबोटों के हार्डवेयर और उत्पादन में दुनिया के सामने शुरुआती बढ़त बना ली है। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि चीन ने ऐसे रोबोट तैयार कर लिए हैं जो किसी भी फैक्टरी, गोदाम या घर में इंसानों की तरह भरोसेमंद और स्वतंत्र रूप से काम कर सकें।
चीन की रणनीति फिलहाल साफ दिखती है: कम लागत वाली मशीनें बड़े पैमाने पर बनाना, उन्हें नियंत्रित वातावरणों में तैनात करना, उनसे वास्तविक दुनिया का डेटा जुटाना और उस डेटा के सहारे ‘एम्बॉडीड AI’—यानी ऐसा AI जो भौतिक दुनिया को देखकर निर्णय ले और उसमें कार्रवाई करे—में बड़ी छलांग लगाने की कोशिश करना। यह रणनीति प्रभावशाली है, लेकिन इसकी अंतिम सफलता अभी साबित नहीं हुई है।
उद्योग के उपलब्ध अनुमानों के अनुसार, 2026 की पहली छमाही में दुनिया भर में करीब 19,100 ह्यूमनॉइड रोबोट भेजे गए और चीनी निर्माताओं की हिस्सेदारी 97% से अधिक रही। अलग-अलग शोध संस्थाएं शिपमेंट की परिभाषा और कुल संख्या अलग तरह से गिनती हैं। इसलिए 2025 में लगभग 20,000 वैश्विक इकाइयों में चीन की 95% हिस्सेदारी जैसे आंकड़ों को स्वतंत्र ऑडिट किए गए ‘काम कर रहे रोबोटों’ की संख्या नहीं, बल्कि उद्योग के अनुमान के संकेतक के रूप में देखना चाहिए। 7
‘भेजा गया’ रोबोट जरूरी नहीं कि किसी ग्राहक के लिए लगातार उत्पादक काम कर रहा हो। कई मशीनें विश्वविद्यालयों, अनुसंधान प्रयोगशालाओं, प्रदर्शनियों, सरकारी पायलटों और तथाकथित ‘डेटा फैक्ट्रियों’ में जा रही हैं। एक रोबोटिक्स विश्लेषक का अनुमान है कि 2026 में बने ह्यूमनॉइड रोबोटों में से 50% से 70% तक डेटा संग्रह के लिए इस्तेमाल हो सकते हैं, न कि सीधे भुगतान करने वाले ग्राहकों का काम करने के लिए। 4
यही वजह है कि उत्पादन के आंकड़े और वास्तविक व्यावसायिक उपयोग के बीच बड़ा अंतर दिखाई देता है। चीन 2026 में 1 लाख से अधिक इकाइयों के उत्पादन का लक्ष्य रख सकता है, लेकिन इस लक्ष्य तक पहुंचना अपने-आप में यह साबित नहीं करेगा कि वे रोबोट लाभदायक ढंग से उपयोगी काम भी कर रहे हैं।
चीन की ताकत केवल सरकारी सब्सिडी नहीं है। देश के पास मोटर, बैटरी, सेंसर, इलेक्ट्रॉनिक्स और मशीनरी के लिए व्यापक आपूर्ति-श्रृंखला है। बड़े पैमाने पर विनिर्माण, कम लागत वाले पुर्जे, तेज प्रोटोटाइपिंग और कंपनियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा से मशीनों की कीमत घटाने और डिजाइन में तेजी से बदलाव करने में मदद मिलती है।
बीजिंग की औद्योगिक नीति ने इस प्रक्रिया को और गति दी है। 2021 के रोबोटिक्स ब्लूप्रिंट में सब्सिडी, शोध पर कर-छूट और वित्तीय सहायता जैसे उपायों के जरिए चीन को रोबोटिक्स तकनीक का वैश्विक केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा गया था। 9 इससे कंपनियों को शुरुआती नुकसान सहने, उत्पादन क्षमता बनाने और ऐसे प्रयोग करने का अवसर मिलता है जिनका तत्काल निजी बाजार नहीं है।
नतीजा यह है कि चीन सस्ते और अपेक्षाकृत अधिक संख्या में भौतिक रोबोट उपलब्ध करा सकता है, भले ही उनकी पकड़, संतुलन, सहनशक्ति, त्रुटि-सुधार और नए हालात में निर्णय लेने की क्षमता अभी सीमित हो।
चीन में रोबोट ट्रेनिंग सेंटर इस रणनीति की अहम कड़ी हैं। उदाहरण के लिए, गुआंग्शी की एक सरकारी निविदा में UBTech को ह्यूमनॉइड रोबोट और संबंधित हार्डवेयर उपलब्ध कराने के लिए 1.8 करोड़ डॉलर का ठेका मिला। इस केंद्र का उद्देश्य एम्बॉडीड AI के लिए प्रशिक्षण डेटा तैयार करना है। 2
ऐसे केंद्र रोबोटों को सामान उठाने, छांटने, पैक करने या किसी औद्योगिक प्रक्रिया को दोहराने जैसी गतिविधियों से डेटा दे सकते हैं। इससे हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर को साथ-साथ सुधारने में मदद मिल सकती है।
लेकिन यहां एक आर्थिक पेच है। डेटा केंद्र को रोबोट, ऑपरेटर, बड़ी जगह, रखरखाव, डेटा लेबलिंग और बार-बार हार्डवेयर बदलने पर खर्च करना पड़ता है। यदि तैयार डेटा को खरीदने वाले ग्राहक कम हों या उसकी कीमत कम हो, तो यह परियोजना सब्सिडी के बिना लाभदायक नहीं रह सकती। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, लियूझोउ स्थित केंद्र के कर्मचारियों ने भी इसकी लाभप्रदता का स्पष्ट रास्ता नहीं बताया।
इसलिए ट्रेनिंग सेंटर बाजार का प्रमाण कम और भविष्य की तकनीक में निवेश अधिक हैं। इनका असली मूल्य तभी साबित होगा जब इनके जरिए प्रशिक्षित रोबोट ग्राहक के लिए इतना लगातार और उपयोगी काम कर सकें कि पूरी व्यवस्था की लागत निकल आए।
Unitree के संस्थापक और CEO वांग शिंगशिंग ने कहा है कि रोबोटों की ‘एम्बॉडीड इंटेलिजेंस’ एक ‘ChatGPT मोमेंट’ की ओर बढ़ रही है। इसका मतलब होगा कि रोबोट अचानक कई तरह के काम सामान्य निर्देशों के आधार पर सीख और कर सकें, बजाय इसके कि हर काम के लिए उन्हें अलग-अलग प्रोग्राम किया जाए। 3
यह उम्मीद मूलतः रोबोट के शरीर से ज्यादा उसके ‘दिमाग’ पर टिकी है। दौड़ना, नाचना या बैकफ्लिप करना प्रभावशाली प्रदर्शन हो सकता है, लेकिन गोदाम में अलग आकार की वस्तुएं सुरक्षित रूप से उठाना, गलती पहचानना और बदलती परिस्थिति में सही निर्णय लेना कहीं कठिन है।
भाषा मॉडल को इंटरनेट पर उपलब्ध विशाल डिजिटल सामग्री और तेज कंप्यूटिंग से लाभ मिला। रोबोटों के मामले में प्रशिक्षण डेटा जुटाना महंगा, धीमा और सुरक्षा नियमों से बंधा है। अधिक रोबोट अधिक डेटा जरूर बना सकते हैं, लेकिन केवल संख्या बढ़ने से डेटा विविध, उच्च-गुणवत्ता वाला और दूसरे कामों में स्थानांतरित किए जाने योग्य बन जाए—यह जरूरी नहीं।
Unitree के CEO ने यह भी संकेत दिया है कि ऐसी सफलता में एक दशक तक लग सकता है। इससे पता चलता है कि उद्योग की मौजूदा चुनौती मशीनें बनाना नहीं, बल्कि उन्हें सामान्य परिस्थितियों में समझदारी से काम करने लायक बनाना है।
Unitree के शंघाई STAR Market में पदार्पण ने उद्योग के प्रति निवेशकों का उत्साह उजागर कर दिया। कंपनी के शेयर शुरुआती कीमत से पांच गुना से अधिक चढ़े और दिन के अंत में लगभग 460% ऊपर बंद हुए। 6
यह उछाल कंपनी और पूरे क्षेत्र के भविष्य पर निवेशकों के भरोसे को दिखाता है, लेकिन इसे आज की तैनाती की अर्थव्यवस्था का प्रमाण नहीं माना जा सकता। रॉयटर्स के अनुसार, Unitree मुनाफे में थी, फिर भी उसके बहुत कम रोबोट व्यावसायिक वातावरणों में इस्तेमाल हो रहे थे। किसी एक कंपनी का लाभदायक होना पूरे ह्यूमनॉइड क्षेत्र या सामान्य-purpose रोबोट बाजार की लाभप्रदता साबित नहीं करता।
यहां बुलबुले का जोखिम भी है। यदि कई कंपनियां लगभग समान मशीनें बनाकर कीमत घटाने की होड़ में उतरती हैं और सरकारी पायलट निजी क्षेत्र की नियमित मांग में नहीं बदलते, तो कमजोर कंपनियों का बंद होना या बड़ी कंपनियों में विलय होना संभव है। बाजार फिलहाल वास्तविक बिक्री और उत्पादकता से ज्यादा भविष्य की सफलता की संभावना को कीमत दे रहा है।
चीन की औद्योगिक नीति शुरुआती मांग पैदा करने और तकनीकी जोखिम को साझा करने का काम करती है। पिछले वर्ष में ह्यूमनॉइड रोबोट कंपनियों के लिए 20 अरब डॉलर से अधिक आवंटित किए जाने और AI व रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों के स्टार्टअप के लिए 1 ट्रिलियन युआन यानी करीब 137 अरब डॉलर के फंड की घोषणा की गई है। 12
सरकारी निविदाएं, स्थानीय ट्रेनिंग सेंटर और राज्य-समर्थित परीक्षण स्थल उस ‘पहले ग्राहक कौन होगा?’ वाली समस्या को हल कर सकते हैं जिसका सामना नई रोबोटिक्स कंपनियां करती हैं। मशीनें तैनात होंगी तो डेटा मिलेगा; डेटा मिलेगा तो सॉफ्टवेयर बेहतर होने की संभावना बढ़ेगी।
लेकिन सरकारी खरीद यह भी छिपा सकती है कि कोई उपयोग वास्तव में सब्सिडी के बिना टिकाऊ है या नहीं। इसलिए घोषित तैनाती और स्वतंत्र रूप से मापी गई उत्पादकता में फर्क करना जरूरी है।
जुलाई में अमेरिकी Federal Communications Commission यानी FCC ने नए चीनी ह्यूमनॉइड और चार-पैर वाले रोबोटों के आयात पर रोक लगाई। अमेरिकी अधिकारियों ने राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक उद्योगों को देश में वापस लाने की जरूरत का हवाला दिया। 11
निकट भविष्य में इस प्रतिबंध का असर सीमित रह सकता है, क्योंकि अमेरिका में ह्यूमनॉइड रोबोटों का वास्तविक व्यावसायिक इस्तेमाल अभी बहुत कम है। 5 लेकिन लंबे समय में चीन को एक बड़े बाजार, ग्राहकों की प्रतिक्रिया और अंतरराष्ट्रीय मानकों पर प्रभाव के अवसर से वंचित होना पड़ सकता है।
फिर भी यह प्रतिबंध चीन की घरेलू रणनीति को तुरंत विफल नहीं करता। चीन का घरेलू बाजार, सरकारी संस्थान और औद्योगिक आधार कंपनियों को अपने देश में मशीनें बनाने और उनका परीक्षण जारी रखने का पर्याप्त अवसर देते हैं।
चीन की उत्पादन क्षमता उसे एम्बॉडीड AI में किसी बड़ी सफलता का लाभ उठाने वाले पहले देशों में शामिल कर सकती है। लेकिन अभी तक के आंकड़े मुख्यतः एक शक्तिशाली क्षमता-निर्माण कार्यक्रम दिखाते हैं—सामान्य-purpose रोबोटिक्स की समस्या का समाधान नहीं।
आने वाले वर्षों में इन सवालों के जवाब ज्यादा महत्वपूर्ण होंगे:
अगर चीन इन कसौटियों पर लगातार सुधार दिखा पाता है, तो उसका हार्डवेयर पैमाना बड़ा रणनीतिक लाभ बन सकता है। फिलहाल निष्कर्ष इतना ही है: चीन ने रोबोटों का उत्पादन तेज कर दिया है, लेकिन उन्हें सचमुच बहुउपयोगी और भरोसेमंद कामगार बनाने की चुनौती अभी बाकी है।
Studio Global AI
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
चीन ने ह्यूमनॉइड रोबोट बनाने और भेजने में शुरुआती बढ़त हासिल कर ली है, लेकिन यह बढ़त अभी व्यापक रूप से सक्षम रोबोट कर्मचारियों की क्षमता का प्रमाण नहीं है।
चीन ने ह्यूमनॉइड रोबोट बनाने और भेजने में शुरुआती बढ़त हासिल कर ली है, लेकिन यह बढ़त अभी व्यापक रूप से सक्षम रोबोट कर्मचारियों की क्षमता का प्रमाण नहीं है। शिपमेंट के आंकड़ों में चीनी कंपनियों की हिस्सेदारी 95% से 97% से अधिक बताई जाती है, पर इन आंकड़ों में विश्वविद्यालयों, प्रयोगशालाओं, प्रदर्शनियों और सरकारी पायलटों को भेजी गई मशीनें भी शामिल हो सकती हैं।
ट्रेनिंग सेंटर रोबोटों से वास्तविक दुनिया का डेटा जुटाकर ‘एम्बॉडीड AI’ विकसित करना चाहते हैं, लेकिन डेटा बेचकर मुनाफा कमाने का मॉडल अभी स्पष्ट नहीं है।
चीन ने ह्यूमनॉइड रोबोट बनाने और भेजने में शुरुआती बढ़त हासिल कर ली है, लेकिन यह बढ़त अभी व्यापक रूप से सक्षम रोबोट कर्मचारियों की क्षमता का प्रमाण नहीं है। शिपमेंट के आंकड़ों में चीनी कंपनियों की हिस्सेदारी 95% से 97% से अधिक बताई जाती है, पर इन आंकड़ों में विश्वविद्यालयों, प्रयोगशालाओं, प्रदर्शनियों और सरकारी पायलट...
प्रकाशितकर्ताGPT-5.6 Luna से संपादितGPT Image 1.5 से चित्र बनाए गए
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How is China’s humanoid robot industry simultaneously achieving global manufacturing dominance—producing about 95% of the roughly 20,000 hum. Article summary: China has achieved an early lead in making and shipping humanoid bodies, not in creating broadly capable robot workers.. Topic tags: general web, chatgpt, ai, code, security. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fake numbers, clickbait thumbnails, icons, and tiny thumbnail layouts. Make it useful as an illustr
चीन ने ह्यूमनॉइड रोबोटों के हार्डवेयर और उत्पादन में दुनिया के सामने शुरुआती बढ़त बना ली है। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि चीन ने ऐसे रोबोट तैयार कर लिए हैं जो किसी भी फैक्टरी, गोदाम या घर में इंसानों की तरह भरोसेमंद और स्वतंत्र रूप से काम कर सकें।
चीन की रणनीति फिलहाल साफ दिखती है: कम लागत वाली मशीनें बड़े पैमाने पर बनाना, उन्हें नियंत्रित वातावरणों में तैनात करना, उनसे वास्तविक दुनिया का डेटा जुटाना और उस डेटा के सहारे ‘एम्बॉडीड AI’—यानी ऐसा AI जो भौतिक दुनिया को देखकर निर्णय ले और उसमें कार्रवाई करे—में बड़ी छलांग लगाने की कोशिश करना। यह रणनीति प्रभावशाली है, लेकिन इसकी अंतिम सफलता अभी साबित नहीं हुई है।
उद्योग के उपलब्ध अनुमानों के अनुसार, 2026 की पहली छमाही में दुनिया भर में करीब 19,100 ह्यूमनॉइड रोबोट भेजे गए और चीनी निर्माताओं की हिस्सेदारी 97% से अधिक रही। अलग-अलग शोध संस्थाएं शिपमेंट की परिभाषा और कुल संख्या अलग तरह से गिनती हैं। इसलिए 2025 में लगभग 20,000 वैश्विक इकाइयों में चीन की 95% हिस्सेदारी जैसे आंकड़ों को स्वतंत्र ऑडिट किए गए ‘काम कर रहे रोबोटों’ की संख्या नहीं, बल्कि उद्योग के अनुमान के संकेतक के रूप में देखना चाहिए। 7
‘भेजा गया’ रोबोट जरूरी नहीं कि किसी ग्राहक के लिए लगातार उत्पादक काम कर रहा हो। कई मशीनें विश्वविद्यालयों, अनुसंधान प्रयोगशालाओं, प्रदर्शनियों, सरकारी पायलटों और तथाकथित ‘डेटा फैक्ट्रियों’ में जा रही हैं। एक रोबोटिक्स विश्लेषक का अनुमान है कि 2026 में बने ह्यूमनॉइड रोबोटों में से 50% से 70% तक डेटा संग्रह के लिए इस्तेमाल हो सकते हैं, न कि सीधे भुगतान करने वाले ग्राहकों का काम करने के लिए। 4
यही वजह है कि उत्पादन के आंकड़े और वास्तविक व्यावसायिक उपयोग के बीच बड़ा अंतर दिखाई देता है। चीन 2026 में 1 लाख से अधिक इकाइयों के उत्पादन का लक्ष्य रख सकता है, लेकिन इस लक्ष्य तक पहुंचना अपने-आप में यह साबित नहीं करेगा कि वे रोबोट लाभदायक ढंग से उपयोगी काम भी कर रहे हैं।
चीन की ताकत केवल सरकारी सब्सिडी नहीं है। देश के पास मोटर, बैटरी, सेंसर, इलेक्ट्रॉनिक्स और मशीनरी के लिए व्यापक आपूर्ति-श्रृंखला है। बड़े पैमाने पर विनिर्माण, कम लागत वाले पुर्जे, तेज प्रोटोटाइपिंग और कंपनियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा से मशीनों की कीमत घटाने और डिजाइन में तेजी से बदलाव करने में मदद मिलती है।
बीजिंग की औद्योगिक नीति ने इस प्रक्रिया को और गति दी है। 2021 के रोबोटिक्स ब्लूप्रिंट में सब्सिडी, शोध पर कर-छूट और वित्तीय सहायता जैसे उपायों के जरिए चीन को रोबोटिक्स तकनीक का वैश्विक केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा गया था। 9 इससे कंपनियों को शुरुआती नुकसान सहने, उत्पादन क्षमता बनाने और ऐसे प्रयोग करने का अवसर मिलता है जिनका तत्काल निजी बाजार नहीं है।
नतीजा यह है कि चीन सस्ते और अपेक्षाकृत अधिक संख्या में भौतिक रोबोट उपलब्ध करा सकता है, भले ही उनकी पकड़, संतुलन, सहनशक्ति, त्रुटि-सुधार और नए हालात में निर्णय लेने की क्षमता अभी सीमित हो।
चीन में रोबोट ट्रेनिंग सेंटर इस रणनीति की अहम कड़ी हैं। उदाहरण के लिए, गुआंग्शी की एक सरकारी निविदा में UBTech को ह्यूमनॉइड रोबोट और संबंधित हार्डवेयर उपलब्ध कराने के लिए 1.8 करोड़ डॉलर का ठेका मिला। इस केंद्र का उद्देश्य एम्बॉडीड AI के लिए प्रशिक्षण डेटा तैयार करना है। 2
ऐसे केंद्र रोबोटों को सामान उठाने, छांटने, पैक करने या किसी औद्योगिक प्रक्रिया को दोहराने जैसी गतिविधियों से डेटा दे सकते हैं। इससे हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर को साथ-साथ सुधारने में मदद मिल सकती है।
लेकिन यहां एक आर्थिक पेच है। डेटा केंद्र को रोबोट, ऑपरेटर, बड़ी जगह, रखरखाव, डेटा लेबलिंग और बार-बार हार्डवेयर बदलने पर खर्च करना पड़ता है। यदि तैयार डेटा को खरीदने वाले ग्राहक कम हों या उसकी कीमत कम हो, तो यह परियोजना सब्सिडी के बिना लाभदायक नहीं रह सकती। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, लियूझोउ स्थित केंद्र के कर्मचारियों ने भी इसकी लाभप्रदता का स्पष्ट रास्ता नहीं बताया।
इसलिए ट्रेनिंग सेंटर बाजार का प्रमाण कम और भविष्य की तकनीक में निवेश अधिक हैं। इनका असली मूल्य तभी साबित होगा जब इनके जरिए प्रशिक्षित रोबोट ग्राहक के लिए इतना लगातार और उपयोगी काम कर सकें कि पूरी व्यवस्था की लागत निकल आए।
Unitree के संस्थापक और CEO वांग शिंगशिंग ने कहा है कि रोबोटों की ‘एम्बॉडीड इंटेलिजेंस’ एक ‘ChatGPT मोमेंट’ की ओर बढ़ रही है। इसका मतलब होगा कि रोबोट अचानक कई तरह के काम सामान्य निर्देशों के आधार पर सीख और कर सकें, बजाय इसके कि हर काम के लिए उन्हें अलग-अलग प्रोग्राम किया जाए। 3
यह उम्मीद मूलतः रोबोट के शरीर से ज्यादा उसके ‘दिमाग’ पर टिकी है। दौड़ना, नाचना या बैकफ्लिप करना प्रभावशाली प्रदर्शन हो सकता है, लेकिन गोदाम में अलग आकार की वस्तुएं सुरक्षित रूप से उठाना, गलती पहचानना और बदलती परिस्थिति में सही निर्णय लेना कहीं कठिन है।
भाषा मॉडल को इंटरनेट पर उपलब्ध विशाल डिजिटल सामग्री और तेज कंप्यूटिंग से लाभ मिला। रोबोटों के मामले में प्रशिक्षण डेटा जुटाना महंगा, धीमा और सुरक्षा नियमों से बंधा है। अधिक रोबोट अधिक डेटा जरूर बना सकते हैं, लेकिन केवल संख्या बढ़ने से डेटा विविध, उच्च-गुणवत्ता वाला और दूसरे कामों में स्थानांतरित किए जाने योग्य बन जाए—यह जरूरी नहीं।
Unitree के CEO ने यह भी संकेत दिया है कि ऐसी सफलता में एक दशक तक लग सकता है। इससे पता चलता है कि उद्योग की मौजूदा चुनौती मशीनें बनाना नहीं, बल्कि उन्हें सामान्य परिस्थितियों में समझदारी से काम करने लायक बनाना है।
Unitree के शंघाई STAR Market में पदार्पण ने उद्योग के प्रति निवेशकों का उत्साह उजागर कर दिया। कंपनी के शेयर शुरुआती कीमत से पांच गुना से अधिक चढ़े और दिन के अंत में लगभग 460% ऊपर बंद हुए। 6
यह उछाल कंपनी और पूरे क्षेत्र के भविष्य पर निवेशकों के भरोसे को दिखाता है, लेकिन इसे आज की तैनाती की अर्थव्यवस्था का प्रमाण नहीं माना जा सकता। रॉयटर्स के अनुसार, Unitree मुनाफे में थी, फिर भी उसके बहुत कम रोबोट व्यावसायिक वातावरणों में इस्तेमाल हो रहे थे। किसी एक कंपनी का लाभदायक होना पूरे ह्यूमनॉइड क्षेत्र या सामान्य-purpose रोबोट बाजार की लाभप्रदता साबित नहीं करता।
यहां बुलबुले का जोखिम भी है। यदि कई कंपनियां लगभग समान मशीनें बनाकर कीमत घटाने की होड़ में उतरती हैं और सरकारी पायलट निजी क्षेत्र की नियमित मांग में नहीं बदलते, तो कमजोर कंपनियों का बंद होना या बड़ी कंपनियों में विलय होना संभव है। बाजार फिलहाल वास्तविक बिक्री और उत्पादकता से ज्यादा भविष्य की सफलता की संभावना को कीमत दे रहा है।
चीन की औद्योगिक नीति शुरुआती मांग पैदा करने और तकनीकी जोखिम को साझा करने का काम करती है। पिछले वर्ष में ह्यूमनॉइड रोबोट कंपनियों के लिए 20 अरब डॉलर से अधिक आवंटित किए जाने और AI व रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों के स्टार्टअप के लिए 1 ट्रिलियन युआन यानी करीब 137 अरब डॉलर के फंड की घोषणा की गई है। 12
सरकारी निविदाएं, स्थानीय ट्रेनिंग सेंटर और राज्य-समर्थित परीक्षण स्थल उस ‘पहले ग्राहक कौन होगा?’ वाली समस्या को हल कर सकते हैं जिसका सामना नई रोबोटिक्स कंपनियां करती हैं। मशीनें तैनात होंगी तो डेटा मिलेगा; डेटा मिलेगा तो सॉफ्टवेयर बेहतर होने की संभावना बढ़ेगी।
लेकिन सरकारी खरीद यह भी छिपा सकती है कि कोई उपयोग वास्तव में सब्सिडी के बिना टिकाऊ है या नहीं। इसलिए घोषित तैनाती और स्वतंत्र रूप से मापी गई उत्पादकता में फर्क करना जरूरी है।
जुलाई में अमेरिकी Federal Communications Commission यानी FCC ने नए चीनी ह्यूमनॉइड और चार-पैर वाले रोबोटों के आयात पर रोक लगाई। अमेरिकी अधिकारियों ने राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक उद्योगों को देश में वापस लाने की जरूरत का हवाला दिया। 11
निकट भविष्य में इस प्रतिबंध का असर सीमित रह सकता है, क्योंकि अमेरिका में ह्यूमनॉइड रोबोटों का वास्तविक व्यावसायिक इस्तेमाल अभी बहुत कम है। 5 लेकिन लंबे समय में चीन को एक बड़े बाजार, ग्राहकों की प्रतिक्रिया और अंतरराष्ट्रीय मानकों पर प्रभाव के अवसर से वंचित होना पड़ सकता है।
फिर भी यह प्रतिबंध चीन की घरेलू रणनीति को तुरंत विफल नहीं करता। चीन का घरेलू बाजार, सरकारी संस्थान और औद्योगिक आधार कंपनियों को अपने देश में मशीनें बनाने और उनका परीक्षण जारी रखने का पर्याप्त अवसर देते हैं।
चीन की उत्पादन क्षमता उसे एम्बॉडीड AI में किसी बड़ी सफलता का लाभ उठाने वाले पहले देशों में शामिल कर सकती है। लेकिन अभी तक के आंकड़े मुख्यतः एक शक्तिशाली क्षमता-निर्माण कार्यक्रम दिखाते हैं—सामान्य-purpose रोबोटिक्स की समस्या का समाधान नहीं।
आने वाले वर्षों में इन सवालों के जवाब ज्यादा महत्वपूर्ण होंगे:
अगर चीन इन कसौटियों पर लगातार सुधार दिखा पाता है, तो उसका हार्डवेयर पैमाना बड़ा रणनीतिक लाभ बन सकता है। फिलहाल निष्कर्ष इतना ही है: चीन ने रोबोटों का उत्पादन तेज कर दिया है, लेकिन उन्हें सचमुच बहुउपयोगी और भरोसेमंद कामगार बनाने की चुनौती अभी बाकी है।
Studio Global AI
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
चीन ने ह्यूमनॉइड रोबोट बनाने और भेजने में शुरुआती बढ़त हासिल कर ली है, लेकिन यह बढ़त अभी व्यापक रूप से सक्षम रोबोट कर्मचारियों की क्षमता का प्रमाण नहीं है।
चीन ने ह्यूमनॉइड रोबोट बनाने और भेजने में शुरुआती बढ़त हासिल कर ली है, लेकिन यह बढ़त अभी व्यापक रूप से सक्षम रोबोट कर्मचारियों की क्षमता का प्रमाण नहीं है। शिपमेंट के आंकड़ों में चीनी कंपनियों की हिस्सेदारी 95% से 97% से अधिक बताई जाती है, पर इन आंकड़ों में विश्वविद्यालयों, प्रयोगशालाओं, प्रदर्शनियों और सरकारी पायलटों को भेजी गई मशीनें भी शामिल हो सकती हैं।
ट्रेनिंग सेंटर रोबोटों से वास्तविक दुनिया का डेटा जुटाकर ‘एम्बॉडीड AI’ विकसित करना चाहते हैं, लेकिन डेटा बेचकर मुनाफा कमाने का मॉडल अभी स्पष्ट नहीं है।