TeamT5 के मुताबिक, कुछ चीनी राज्य संबद्ध हैकर समूहों ने DeepSeek और अन्य ओपन सोर्स AI मॉडलों को नियमित काम सौंपने के बाद अपने हमलों की संख्या दोगुने से अधिक कर दी। DeepSeek को उसके प्रदर्शन, कम संचालन लागत, कस्टमाइज़ेशन की सुविधा और अपेक्षाकृत कमजोर साइबर सुरक्षा पाबंदियों के कारण पसंद किया गया। AI का इस्तेमाल लक्ष्...
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What did Taiwanese threat-intelligence firm TeamT5’s August 25, 2026 report reveal about Chinese state-linked hackers’ use of AI—including t. Article summary: TeamT5’s evidence suggests that AI is primarily a force multiplier for Chinese state-linked intrusion operations: delegating repetitive work to DeepSeek and other open-source models reportedly more than doubled some grou. Topic tags: general, general web, user generated, news. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts w
ताइवान की साइबर-खतरा खुफिया कंपनी TeamT5 का कहना है कि चीन से जुड़े कुछ राज्य-संबद्ध हैकर समूहों ने DeepSeek और अन्य ओपन-सोर्स AI मॉडलों को अपनी नियमित गतिविधियों में शामिल करने के बाद हमलों की संख्या दोगुने से अधिक बढ़ा दी। रिपोर्ट का मुख्य निष्कर्ष यह नहीं है कि AI हर घुसपैठ को अपने-आप अंजाम दे रहा है। इसके बजाय, AI ने दोहराव वाले काम का बोझ कम करके मौजूदा ऑपरेटरों को कम लागत में अधिक लक्ष्यों पर काम करने में मदद की। 457
TeamT5 ने घुसपैठ की कई अवस्थाओं में AI के इस्तेमाल के संकेत पाए—जिनमें शुरुआती टोही, कमजोरियों की स्कैनिंग, एक्सप्लॉइट विकसित करना, मैलवेयर से जुड़े काम और नेटवर्क में सेंध लगने के बाद की गतिविधियां शामिल हैं। कंपनी ने हालिया अभियानों से मिले स्क्रिप्ट और लॉग के आधार पर अपना आकलन तैयार किया, हालांकि उसने यह भी चेताया कि इन साक्ष्यों से हर मामले में इस्तेमाल किए गए सटीक AI मॉडल की पहचान नहीं हो पाती। 47
यह फर्क महत्वपूर्ण है। “दोगुने से अधिक” बढ़ोतरी TeamT5 द्वारा अध्ययन किए गए समूहों के हमले के वॉल्यूम का आकलन है—यह चीन से जुड़े हर साइबर हमले की अंतिम या व्यापक गिनती नहीं है। उपलब्ध साक्ष्य यह संकेत देते हैं कि AI ने मानव निर्देश और निगरानी को पूरी तरह हटाने के बजाय हमले के चक्र के कुछ हिस्सों को छोटा और अधिक स्केलेबल बनाया। 57
TeamT5 के रिपोर्ट किए गए विश्लेषण के अनुसार, साइबर ऑपरेशनों के लिए DeepSeek में कई व्यावहारिक फायदे दिखाई दिए:
इसी वजह से सबसे शक्तिशाली मॉडल जरूरी नहीं कि हमलावरों के लिए सबसे उपयोगी मॉडल हो। TeamT5 के रिपोर्ट किए गए आकलन में Moonshot के Kimi K3 जैसे अधिक शक्तिशाली विकल्पों को ज्यादा महंगा और अपेक्षाकृत कड़े सुरक्षा उपायों वाला बताया गया, जिससे वे बड़े पैमाने के ऑपरेशनों के लिए कम आकर्षक हो सकते हैं। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टिंग यह साबित नहीं करती कि TeamT5 द्वारा देखे गए मामलों में Kimi K3 का इस्तेमाल हुआ था। 7
TeamT5 ने अलग-अलग समूहों द्वारा हमले की श्रृंखला के अलग-अलग चरणों में AI इस्तेमाल किए जाने के उदाहरण दिए।
रिपोर्ट के अनुसार, Grimfengxi ने कमजोरियों का फायदा उठाने वाला कोड तैयार करने के लिए DeepSeek का इस्तेमाल किया। यह केवल जानकारी जुटाने से आगे की गतिविधि है: मॉडल का उपयोग ऐसे कोड को बनाने में सहायता के लिए किया गया, जिसका उद्देश्य किसी लक्षित सिस्टम की कमजोरी का फायदा उठाना था। 7
Teleboyi ने कथित तौर पर इंटरनेट से करीब 1,000 IP पते इकट्ठे किए और किसी संगठन के डोमेन का नक्शा तैयार किया। यह टोही का हिस्सा है—यानी घुसपैठ से पहले संभावित लक्ष्य के डिजिटल ढांचे की तस्वीर बनाना। हालांकि, इंफ्रास्ट्रक्चर की मैपिंग अपने-आप में सफल सेंध या नुकसान का प्रमाण नहीं है। 7
Huapi ने कथित तौर पर एक ताइवानी कंपनी के ईमेल सिस्टम को निशाना बनाने के लिए चीनी AI मॉडल का इस्तेमाल किया। TeamT5 का मानना था कि यह मॉडल संभवतः DeepSeek था, लेकिन शोधकर्ता इसकी निर्णायक पुष्टि नहीं कर सके। यह उदाहरण दिखाता है कि किसी हमले के कोड या व्यवहार के आधार पर इस्तेमाल किए गए मॉडल की पहचान हमेशा विश्वसनीय ढंग से नहीं की जा सकती। 7
गतिविधियां केवल चीनी ओपन-सोर्स मॉडलों तक सीमित नहीं थीं। TeamT5 से जुड़े रिपोर्टिंग के अनुसार, Slime22 ने एक ताइवानी टेक्नोलॉजी कंपनी में सेंध लगाने के बाद Kali Linux—एक पेनेट्रेशन-टेस्टिंग प्लेटफॉर्म—इंस्टॉल किया और नेटवर्क के भीतर आगे बढ़ने के लिए Anthropic के Claude Code का इस्तेमाल किया। ऑपरेटरों ने कथित तौर पर सुरक्षा उपायों से बचने के लिए इस काम को अधिकृत इंजीनियरिंग टेस्ट के रूप में पेश किया। 7
इस मामले से एक व्यापक सबक भी सामने आता है: रक्षात्मक टीमों को केवल किसी एक मॉडल या किसी एक देश में बने टूल पर ध्यान केंद्रित नहीं करना चाहिए। हमलावर काम के अनुसार स्थानीय रूप से चलने वाले या ओपन-सोर्स मॉडल और व्यावसायिक पश्चिमी टूल को मिला-जुलाकर इस्तेमाल कर सकते हैं।
रिपोर्ट में AI-सहायता प्राप्त घुसपैठ के आसपास उभरते व्यापक बाजार का भी उल्लेख है। करीब 10 कर्मचारियों वाले एक चीनी स्टार्टअप के कम-से-कम चार हैकर समूहों को 300,000 से 500,000 युआन—लगभग 44,500 से 74,000 अमेरिकी डॉलर—में घुसपैठ संबंधी सॉफ्टवेयर बेचने की बात कही गई। एक हमले के दौरान ChatGPT के इस्तेमाल की भी रिपोर्ट दी गई। 7
उत्तर कोरिया से जुड़े Kimsuky समूह द्वारा स्थानीय रूप से होस्ट किए गए AI मॉडलों का परीक्षण किए जाने की भी खबर है। मॉडल को स्थानीय स्तर पर चलाने से ऑपरेटरों को उसके डेटा और व्यवहार पर अधिक नियंत्रण मिल सकता है तथा बाहरी सेवाओं और उनकी दुरुपयोग-पहचान प्रणालियों पर निर्भरता घट सकती है। उपलब्ध रिपोर्टिंग परीक्षण की बात का समर्थन करती है, लेकिन यह नहीं बताती कि वास्तविक अभियानों में इन मॉडलों का प्रदर्शन कितना प्रभावी रहा। 7
Anthropic ने अलग से कहा है कि AI उन्नत साइबर अपराध के लिए जरूरी तकनीकी क्षमता की बाधा कम कर सकता है। उसके अनुसार, सीमित तकनीकी कौशल वाले लोग भी ऐसे ऑपरेशन कर सकते हैं जिनके लिए पहले काफी अधिक विशेषज्ञता जरूरी होती थी। यह TeamT5 के निष्कर्ष से मेल खाता है: तात्कालिक खतरा किसी एक “सुपरह्यूमन” सिस्टम से कम और मौजूदा हमलावरों को कोडिंग, टोही और वर्कफ़्लो ऑटोमेशन तक तेज पहुंच मिलने से अधिक पैदा हो सकता है।
OpenAI ने कहा है कि वह अपने मॉडलों के दुरुपयोग के प्रयासों की पहचान करने, उन्हें रोकने और बाधित करने के लिए काम करता है। 7
TeamT5 के निष्कर्ष एक स्पष्ट ऑपरेशनल प्रभाव की ओर इशारा करते हैं: AI-सहायता प्राप्त वर्कफ़्लो दोहराव वाले काम अपने हाथ में लेकर किसी समूह द्वारा किए जाने वाले हमलों की संख्या बढ़ा सकते हैं। लेकिन इसे इस बात का प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए कि DeepSeek ने रिपोर्ट किए गए हर हमले को स्वायत्त रूप से अंजाम दिया।
तीन सीमाएं खास तौर पर महत्वपूर्ण हैं:
सबसे ठोस निष्कर्ष इसलिए पूरी तरह स्वायत्त हैकिंग की सनसनीखेज तस्वीर से थोड़ा अलग है: सस्ता और कस्टमाइज़ किए जा सकने वाला AI स्थापित खतरा पैदा करने वाले समूहों को हमले की प्रक्रिया के कुछ हिस्सों को औद्योगिक पैमाने पर दोहराने में मदद कर रहा है। साइबर सुरक्षा टीमों को मानकर चलना चाहिए कि टोही, कोड निर्माण और सेंध के बाद नेटवर्क के भीतर की गतिविधियां DeepSeek ही नहीं, बल्कि कई तरह के AI मॉडलों से तेज हो सकती हैं।
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TeamT5 के मुताबिक, कुछ चीनी राज्य संबद्ध हैकर समूहों ने DeepSeek और अन्य ओपन सोर्स AI मॉडलों को नियमित काम सौंपने के बाद अपने हमलों की संख्या दोगुने से अधिक कर दी।
TeamT5 के मुताबिक, कुछ चीनी राज्य संबद्ध हैकर समूहों ने DeepSeek और अन्य ओपन सोर्स AI मॉडलों को नियमित काम सौंपने के बाद अपने हमलों की संख्या दोगुने से अधिक कर दी। DeepSeek को उसके प्रदर्शन, कम संचालन लागत, कस्टमाइज़ेशन की सुविधा और अपेक्षाकृत कमजोर साइबर सुरक्षा पाबंदियों के कारण पसंद किया गया।
AI का इस्तेमाल लक्ष्य की जासूसी और नेटवर्क मैपिंग से लेकर एक्सप्लॉइट कोड, ईमेल हमलों और नेटवर्क में आगे बढ़ने तक किया गया; Claude Code और ChatGPT जैसे पश्चिमी टूल भी व्यापक इकोसिस्टम में दिखाई दिए।