OP 313 (रेडशिफ्ट z = 0.997) बहुत उच्च ऊर्जा यानी 100 GeV से अधिक के गामा किरणों में देखा गया अब तक का सबसे दूरस्थ ब्लेज़र है। [3] दिसंबर 2023 की इसकी चमक के दौरान LST 1 और MAGIC की दो दूरबीनों ने 100 GeV से ऊपर लगभग 0.3 Crab यूनिट का उत्सर्जन दर्ज किया। [35] इन गामा किरणों की करीब 8 अरब वर्षों की यात्रा ने वैज्ञानिक...
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What did the CTAO LST Collaboration and MAGIC Collaboration’s observations, published in Astronomy & Astrophysics on August 15, 2026, reveal. Article summary: The observations established OP 313 (z = 0.997) as the most distant blazar yet detected in very high energy (VHE, 100 GeV) gamma rays.. Topic tags: general web, workflow, image generation, manufacturing, education. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fake numbers, clickbait thumbnails, icons, and tiny thumbna
CTAO LST Collaboration और MAGIC Collaboration के अध्ययन ने OP 313 को बहुत उच्च-ऊर्जा (VHE, यानी 100 GeV से अधिक) गामा-किरणों में देखा गया अब तक का सबसे दूरस्थ ब्लेज़र स्थापित किया है। OP 313 एक फ्लैट-स्पेक्ट्रम रेडियो क्वासर है, जिसकी रेडशिफ्ट z = 0.997 है। दिसंबर 2023 में इसकी चमक बढ़ने के दौरान इससे निकले गामा-किरणों को पृथ्वी तक पहुंचने में लगभग 8 अरब वर्ष लगे। 3
इस स्रोत का महत्व केवल दूरी का रिकॉर्ड होने तक सीमित नहीं है। इतनी लंबी यात्रा के दौरान गामा-किरणों ने ब्रह्मांड में फैले तारों और आकाशगंगाओं के संचित प्रकाश—जिसे एक्स्ट्रागैलेक्टिक बैकग्राउंड लाइट (EBL) कहा जाता है—के साथ संपर्क किया। इस प्रक्रिया ने वैज्ञानिकों को उस diffuse cosmic light की मात्रा का अनुमान लगाने का अवसर दिया।
Fermi-LAT अंतरिक्ष दूरबीन ने OP 313 में बढ़ी हुई गतिविधि का संकेत दिया, जिसके बाद La Palma स्थित LST-1 ने इसका अनुवर्ती अवलोकन किया। LST-1 का कम ऊर्जा सीमा तक काम करना और इसका बड़ा collecting area ऐसे दूरस्थ स्रोत से आने वाले कमजोर VHE संकेत को पकड़ने में निर्णायक रहा। इसके बाद MAGIC की दो जुड़ी हुई दूरबीनों ने स्वतंत्र रूप से इस उत्सर्जन का समर्थन किया और मापन को आगे बढ़ाया। 73
ये दूरबीनें गामा-किरणों को सीधे कैमरे में तस्वीर की तरह दर्ज नहीं करतीं। जब कोई उच्च-ऊर्जा गामा-किरण पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करती है, तो वह कणों की क्षणिक shower पैदा कर सकती है। इस shower से निकलने वाली बेहद हल्की Cherenkov चमक को दर्ज करके दूरबीनें मूल गामा-किरण की ऊर्जा और दिशा का अनुमान लगाती हैं।
दिसंबर 2023 के flare के दौरान संयुक्त अवलोकनों में 100 GeV से ऊपर करीब 0.3 Crab यूनिट का महत्वपूर्ण VHE उत्सर्जन मापा गया। Crab यूनिट खगोल-विज्ञान में गामा-किरण स्रोतों की चमक की तुलना के लिए इस्तेमाल होने वाली मानक इकाई है।
रेडशिफ्ट z = 0.997 का अर्थ है कि हम OP 313 को उस समय देख रहे हैं जब ब्रह्मांड आज की तुलना में बहुत युवा था। इसका प्रकाश तारों के निर्माण के चरम काल, जिसे अक्सर “कॉस्मिक नून” कहा जाता है, के कुछ समय बाद निकला और अरबों वर्षों तक अंतरिक्ष में चलता रहा। 31
OP 313 का रिकॉर्ड विशेष रूप से VHE ब्लेज़र या सक्रिय गैलेक्टिक न्यूक्लियस (AGN) के लिए है। इसका अर्थ यह नहीं है कि यह हर प्रकार के बहुत उच्च-ऊर्जा transient स्रोतों में सबसे दूरस्थ है। 3
OP 313 से निकले VHE गामा-किरणों को रास्ते में तारों और आकाशगंगाओं से निकले optical तथा infrared फोटॉनों का सामना करना पड़ा। पर्याप्त ऊर्जा होने पर यह संपर्क एक इलेक्ट्रॉन और एक पॉज़िट्रॉन—यानी electron–positron pair—का निर्माण कर सकता है। इससे मूल गामा-किरण beam से कुछ फोटॉन हट जाते हैं और पृथ्वी तक पहुंचने वाला संकेत कमजोर पड़ता है।
यह attenuation ऊर्जा पर निर्भर होती है। इसलिए वैज्ञानिकों ने Fermi, LST-1 और MAGIC के आंकड़ों को मिलाकर OP 313 के मूल spectrum का मॉडल बनाया और रास्ते में हुए क्षय की मात्रा का अध्ययन किया। LST-1 के fit से 0.6 माइक्रोमीटर पर EBL intensity की ऊपरी सीमा λIλ < 8.74 nW m⁻² sr⁻¹ मिली, जबकि MAGIC के आंकड़ों से systematic uncertainties सहित λIλ < 14.7 nW m⁻² sr⁻¹ की सीमा प्राप्त हुई।
इस तरह OP 313 केवल दूरस्थ ब्लेज़र का रिकॉर्ड नहीं है; यह पूरे ब्रह्मांड में फैले तारों के संचित प्रकाश को मापने का एक प्राकृतिक परीक्षण-स्रोत भी बन गया।
बहु-तरंगदैर्ध्य आंकड़े इस व्याख्या के अनुरूप हैं कि OP 313 के जेट में मौजूद अत्यधिक relativistic इलेक्ट्रॉन कम-ऊर्जा वाले फोटॉनों को inverse-Compton scattering के जरिए बहुत अधिक ऊर्जा वाले गामा-किरणों में बदलते हैं। इस ब्लेज़र का जेट हमारी दृष्टि-रेखा के काफी करीब है। relativistic beaming के कारण उसका उत्सर्जन हमें असाधारण रूप से चमकीला दिखाई देता है। 3
यह LST-1 की कमीशनिंग अवधि में की गई पहली वैज्ञानिक खोज थी। परिणाम ने दिखाया कि यह prototype दूरस्थ और EBL से मजबूत रूप से प्रभावित स्रोतों के लिए जरूरी कम-ऊर्जा VHE क्षेत्र तक पहुंच सकता है।
La Palma में CTAO-North साइट पर चार Large-Sized Telescopes वाला सब-एरे 15 अक्टूबर 2026 को उद्घाटित होने वाला है। इसका लक्ष्य लगभग 20 GeV तक की संवेदनशीलता हासिल करना है। इससे वैज्ञानिकों को ऐसे और भी दूरस्थ गामा-किरण स्रोतों का अध्ययन करने में मदद मिल सकती है, जिनकी उच्च-ऊर्जा रोशनी EBL के कारण पृथ्वी तक पहुंचते-पहुंचते काफी कमजोर हो जाती है।
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OP 313 (रेडशिफ्ट z = 0.997) बहुत उच्च ऊर्जा यानी 100 GeV से अधिक के गामा किरणों में देखा गया अब तक का सबसे दूरस्थ ब्लेज़र है। [3]
OP 313 (रेडशिफ्ट z = 0.997) बहुत उच्च ऊर्जा यानी 100 GeV से अधिक के गामा किरणों में देखा गया अब तक का सबसे दूरस्थ ब्लेज़र है। [3] दिसंबर 2023 की इसकी चमक के दौरान LST 1 और MAGIC की दो दूरबीनों ने 100 GeV से ऊपर लगभग 0.3 Crab यूनिट का उत्सर्जन दर्ज किया। [35]
इन गामा किरणों की करीब 8 अरब वर्षों की यात्रा ने वैज्ञानिकों को एक्स्ट्रागैलेक्टिक बैकग्राउंड लाइट यानी EBL की घनत्व पर ऊपरी सीमाएं तय करने में मदद की। [35]