डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिका-दक्षिण कोरिया सैन्य अभ्यास घटाने के फैसले के पीछे एक साथ कई लक्ष्य दिखाई देते हैं—अमेरिका पर पड़ने वाले खर्च को कम करना, उत्तर कोरिया को आक्रामक संकेत से बचना और किम जोंग उन के साथ व्यक्तिगत कूटनीति के लिए जगह बनाना। इसका तत्काल असर 2026 के उल्ची फ्रीडम शील्ड अभ्यास पर पड़ा, जिसकी अवधि घटा दी गई। लेकिन प्योंगयांग ने कहा कि इससे सैन्य अभ्यासों को लेकर उसका रुख नहीं बदला।
2
10
17
ट्रंप ने क्या आदेश दिया?
ट्रंप ने पेंटागन को दक्षिण कोरिया के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यासों को “काफी हद तक घटाने” का निर्देश दिया। उनका कहना था कि इन अभ्यासों पर भारी खर्च होता है, जिसका बड़ा हिस्सा अमेरिका उठाता है। उन्होंने यह भी कहा कि ये अभ्यास उत्तर कोरिया को “अनुचित और शत्रुतापूर्ण” संदेश देते हैं। इसके अलावा ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में शामिल न होने के लिए सियोल की आलोचना की।
1
2
यह फैसला ट्रंप के पहले कार्यकाल की बहस को फिर सामने ले आया है। उस समय भी उन्होंने अमेरिका-दक्षिण कोरिया सैन्य अभ्यासों को महंगा और उकसावे वाला बताया था। अमेरिका और दक्षिण कोरिया इन अभ्यासों को रक्षात्मक तैयारी कहते हैं, जबकि उत्तर कोरिया इन्हें अपने खिलाफ संभावित हमले की तैयारी के तौर पर पेश करता है।
4
उल्ची फ्रीडम शील्ड में क्या बदला?
2026 का उल्ची फ्रीडम शील्ड अभ्यास 17 अगस्त को शुरू हुआ था। वॉशिंगटन के अनुरोध पर इसकी तय अवधि 11 दिनों से घटाकर पांच दिन कर दी गई। अब यह अभ्यास 27 अगस्त के बजाय 21 अगस्त को समाप्त हुआ। संयुक्त मैदानी सैन्य प्रशिक्षण का कुछ हिस्सा भी कम किया गया।
5
7
14
अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि संशोधित अभ्यास में सैनिकों की सामरिक तैयारी बढ़ाने वाला प्रशिक्षण जारी रहेगा। इसका मतलब यह था कि अभ्यास पूरी तरह रद्द नहीं किया गया, बल्कि उसका दायरा और अवधि घटाई गई। फिर भी, फैसला अभ्यास शुरू होने के बाद लिया गया और खबरों के अनुसार इससे सियोल को पहले से पूरी तरह अवगत नहीं कराया गया था।
6
12
उत्तर कोरिया ने इशारा क्यों ठुकराया?
सैन्य अभ्यास घटाने से तत्काल कूटनीतिक सफलता नहीं मिली। उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन की बहन और वरिष्ठ अधिकारी किम यो जोंग ने कहा कि यह सद्भावना का प्रयास प्योंगयांग के लिए “कोई दिलचस्पी” नहीं रखता। उन्होंने बचे हुए अभ्यासों को भी उकसावे वाला और आक्रामक बताया।
17
किम यो जोंग ने चेतावनी दी कि केवल अभ्यासों की अवधि कम कर देने से उत्तर कोरिया वह प्रतिक्रिया नहीं देगा जिसकी वॉशिंगटन को उम्मीद है। इससे संकेत मिला कि यह कदम प्योंगयांग की व्यापक मांगों को पूरा करने या उसे बातचीत की मेज पर वापस लाने के लिए पर्याप्त नहीं है।
8
17
वॉशिंगटन ने सैन्य तैयारी से जुड़ी एक रियायत तो दी, लेकिन उसके बदले उत्तर कोरिया की ओर से किसी ठोस और सार्वजनिक रूप से पुष्ट कदम की जानकारी सामने नहीं आई।
क्या ट्रंप और किम की फिर मुलाकात होगी?
ट्रंप ने कहा कि वह 2026 में बाद में किम जोंग उन से मुलाकात करना चाहते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि किम ने उनके संपर्क प्रयासों का जवाब दिया है। हालांकि, उस जवाब की प्रकृति पर कोई सार्वजनिक विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया और किसी बैठक की तारीख या व्यवस्था की घोषणा नहीं हुई। किम यो जोंग ने कहा कि उन्हें हालिया शीर्ष-स्तरीय संपर्क की जानकारी नहीं है।
19
20
इस घटनाक्रम में सैन्य फैसला और ट्रंप की व्यक्तिगत कूटनीति सीधे जुड़ते दिखाई दिए। ट्रंप ने किम के साथ अपने संबंधों को अभ्यास घटाने की वजहों में शामिल किया। इससे लगता है कि सैन्य अभ्यासों को केवल तैयारियों का विषय नहीं, बल्कि संभावित भविष्य की शिखर वार्ता में इस्तेमाल होने वाले कूटनीतिक संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है।
10
19
अमेरिका-दक्षिण कोरिया गठबंधन को लेकर चिंता
विश्लेषकों की मुख्य चिंता यह है कि संयुक्त अभ्यासों में कटौती से अमेरिका और दक्षिण कोरिया की सेनाओं की साथ मिलकर काम करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है, भले ही कुछ प्रशिक्षण जारी रहे। एकतरफा कटौती से सियोल और एशिया के अन्य साझेदारों को अमेरिकी सुरक्षा प्रतिबद्धताओं की विश्वसनीयता पर भी संदेह हो सकता है।
8
12
21
यह चिंता ऐसे समय में सामने आई है जब उत्तर कोरिया का रणनीतिक माहौल पहले से अधिक जटिल हो गया है। रिपोर्टों में कहा गया है कि किम की सेना यूक्रेन युद्ध से नई युद्धक रणनीतियां सीख रही है। साथ ही, प्योंगयांग ने रूस और ईरान के साथ अपने संबंध मजबूत किए हैं। ऐसे माहौल में कुछ विशेषज्ञ उन सैन्य अभ्यासों को कम करने के प्रति सावधान कर रहे हैं, जो प्रतिरोधक क्षमता और दोनों सहयोगी सेनाओं के बीच समन्वय बनाए रखने के लिए किए जाते हैं।
5
9
सात दशक पुराने गठबंधन के लिए इसका क्या अर्थ है?
यह पूरा घटनाक्रम अमेरिका और दक्षिण कोरिया के उस गठबंधन पर दबाव डालता है, जिसे सात दशक से अधिक समय हो चुका है। ट्रंप ने सैन्य अभ्यासों को लागत-साझेदारी, ईरान को लेकर दक्षिण कोरिया की नीति और किम जोंग उन के साथ संभावित बातचीत से जोड़ दिया है। सहयोगी देश इसे केवल सुरक्षा-आधारित नीति के बजाय लेन-देन वाली रणनीति के रूप में देख सकते हैं।
13
तत्काल स्थिति स्पष्ट है: उल्ची फ्रीडम शील्ड अभ्यास छोटा किया गया, कुछ मैदानी प्रशिक्षण घटाया गया, उत्तर कोरिया ने इस कदम को खारिज कर दिया और ट्रंप-किम मुलाकात अभी निश्चित नहीं है। बड़ा सवाल यह है कि आगे की कूटनीति सत्यापन योग्य, पारस्परिक कदमों पर आधारित होगी या सहयोगी देशों की सैन्य गतिविधियों में एकतरफा बदलावों पर। जब तक प्योंगयांग की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं आता, यह कदम कूटनीतिक संकेत तो है—लेकिन स्पष्ट सफलता नहीं।
17
19
21