पराग अग्रवाल के अनुसार, इंसानी ध्यान और क्लिक पर आधारित वेब मॉडल AI एजेंटों के बड़े पैमाने पर उपयोग शुरू होने पर कमजोर पड़ सकता है। AI एजेंट विज्ञापन नहीं देखते, ब्रांड पसंद विकसित नहीं करते और अक्सर मूल वेबसाइट पर क्लिक किए बिना कई स्रोतों से जानकारी लेकर उत्तर तैयार कर देते हैं। [2][14] क्लिक की जगह एजेंट फीडबैक य...
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What is former Twitter CEO Parag Agrawal’s argument that the internet’s advertising and click based business model cannot survive if AI agen. Article summary: Agrawal’s central claim is that a web funded by human attention breaks when AI agents, rather than people, do most of the reading and searching.. Topic tags: general web, llm, agents, ai, workflow. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fake numbers, clickbait thumbnails, icons, and tiny thumbnail layouts. Make
पूर्व ट्विटर CEO पराग अग्रवाल का केंद्रीय तर्क है कि इंटरनेट का मौजूदा कारोबारी ढांचा इंसानी ध्यान पर निर्भर है। वेबसाइटें विज्ञापन दिखाती हैं, सर्च इंजन क्लिक को प्रासंगिकता का संकेत मानते हैं और प्रकाशकों को ट्रैफिक के बदले विज्ञापन आय, रेफरल या सब्सक्रिप्शन मिलते हैं।
लेकिन AI एजेंटों के लिए वेब का इस्तेमाल अलग तरीके से होता है। वे एक सवाल के जवाब में दर्जनों या सैकड़ों स्रोत पढ़ सकते हैं, जानकारी को आपस में मिला सकते हैं और इंसान के लिए अंतिम उत्तर तैयार कर सकते हैं—बिना मूल वेबसाइट पर किसी मानव विजिटर को भेजे। एजेंट न तो विज्ञापन देखते हैं, न ही पारंपरिक अर्थों में ब्रांड पसंद बनाते हैं और न ही हर उपयोगी स्रोत पर क्लिक करते हैं। इसके बावजूद वे इंसानों की तुलना में बहुत अधिक बार वेब पर सवाल भेज सकते हैं। यही स्थिति प्रकाशकों के ट्रैफिक और आय के मौजूदा प्रोत्साहन को कमजोर कर सकती है। 214
आज क्लिक दो भूमिकाएं निभाता है:
अग्रवाल के अनुसार, AI एजेंट कई स्रोतों को चुपचाप पढ़कर अपने उत्तर में उनका सार इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसे में क्लिक यह नहीं बताएगा कि किसी स्रोत ने उत्तर में कितना योगदान दिया। साथ ही, प्रकाशक को उस उपयोग के लिए भुगतान भी नहीं मिलेगा, क्योंकि कोई मानव पाठक उसकी वेबसाइट तक पहुंचा ही नहीं। 13
अग्रवाल का समाधान इंसानों के लिए बनी मौजूदा वेबसाइटों को पूरी तरह हटाना नहीं, बल्कि उनके समानांतर AI एजेंटों के लिए एक नया इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है। इस ‘पैरेलल वेब’ में सर्च, रैंकिंग, जानकारी निकालना और भुगतान जैसी प्रक्रियाएं इंसानी क्लिक के बजाय एजेंट के काम के नतीजे के हिसाब से डिजाइन की जाएंगी।
सवाल यह होगा कि किसी स्रोत ने एजेंट को:
Parallel अपने API उत्पादों को इसी एजेंट-केंद्रित उपयोग के लिए पेश करता है। इनमें सर्च, एक्सट्रैक्शन, डीप-रिसर्च कार्य, इकाई या कंपनी की खोज, चैट और वेब मॉनिटरिंग जैसी सुविधाएं शामिल हैं। 1011
इस प्रस्ताव में किसी स्रोत की उपयोगिता का अनुमान केवल लाखों इंसानी क्लिक से नहीं लगाया जाएगा। इसके बजाय AI एजेंट सीधे संकेत दे सकते हैं कि किसी खास कार्य में हासिल की गई सामग्री कितनी उपयोगी रही।
मसलन, यदि कोई एजेंट किसी कंपनी पर शोध कर रहा है, तो केवल यह गिनने के बजाय कि उस कंपनी की वेबसाइट पर कितने लोग क्लिक कर चुके हैं, सिस्टम यह देख सकता है कि वेबसाइट की जानकारी ने अंतिम शोध-रिपोर्ट को कितना बेहतर बनाया। इससे रैंकिंग का आधार ‘ध्यान खींचने’ के बजाय वास्तविक और तथ्यात्मक उपयोगिता हो सकता है। 313
हालांकि यह अभी Parallel का उत्पाद और बाजार-संबंधी दृष्टिकोण है, पूरे वेब पर लागू हो चुका साझा मानक नहीं।
किसी कंटेंट स्रोत को भुगतान देने के लिए Parallel जिस विचार की ओर इशारा करता है, वह Shapley value है। सरल भाषा में, यह मापने की कोशिश है कि कई स्रोत मिलकर तैयार किए गए सफल उत्तर में किसी एक स्रोत का अतिरिक्त या सीमांत योगदान कितना था।
यदि कोई स्रोत उत्तर के लिए अनिवार्य था या उसने महत्वपूर्ण नई जानकारी जोड़ी, तो उसे अधिक हिस्सा मिल सकता है। इसके विपरीत, केवल दोहराव वाला या मामूली योगदान देने वाले स्रोत को कम भुगतान मिल सकता है।
इस मॉडल का आकर्षण यह है कि भुगतान एक क्लिक या सभी के लिए समान लाइसेंस शुल्क के बजाय वास्तविक कार्य-मूल्य से जोड़ा जाएगा। लेकिन इसे बड़े पैमाने पर सही ढंग से मापना और एजेंटों या कंटेंट मालिकों द्वारा इसमें हेरफेर रोकना बड़ी तकनीकी और कारोबारी चुनौतियां होंगी। 16
Parallel का Index प्रकाशकों, डेटा प्रदाताओं और स्वतंत्र क्रिएटर्स के लिए बनाया गया हिस्सा है। कंपनी के अनुसार, यह कंटेंट मालिकों को यह देखने में मदद करता है कि AI एजेंट उनके कंटेंट को कैसे खोजते हैं, उद्धृत करते हैं और अपने काम में इस्तेमाल करते हैं। साथ ही, प्रस्तावित मॉडल कंटेंट के योगदान से जुड़े मुआवजे की दिशा में काम करता है। 6714
कंपनी इसे कंटेंट मालिकों और AI सिस्टम के बीच प्रोत्साहनों को बेहतर ढंग से जोड़ने वाली व्यवस्था के रूप में पेश करती है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि अलग-अलग AI प्लेटफॉर्म और प्रकाशक भविष्य में एक ही attribution यानी योगदान-मापन प्रणाली अपनाएंगे या नहीं।
Parallel Web Systems ने 2024 में 3 करोड़ डॉलर का seed round जुटाया। इसके बाद नवंबर 2025 में कंपनी ने 10 करोड़ डॉलर का Series A round उठाया, जिसमें उसका रिपोर्टेड valuation 74 करोड़ डॉलर रहा। 12
अप्रैल 2026 में कंपनी ने Sequoia की अगुवाई में 10 करोड़ डॉलर का Series B round जुटाया और उसका रिपोर्टेड valuation 2 अरब डॉलर तक पहुंच गया। रिपोर्टों के अनुसार, Kleiner Perkins, Index Ventures, Khosla Ventures, First Round, Spark, Terrain और Abstract जैसे पहले के निवेशकों ने भी भाग लिया। 11015
Google Cloud के enterprise-agent प्लेटफॉर्म पर Parallel एक सर्च और grounding विकल्प के रूप में उपलब्ध हुआ है। Google Cloud के एजेंट टूल्स का इस्तेमाल करने वाले डेवलपर वेब grounding के लिए Google Search के साथ Parallel Search को भी चुन सकते हैं। इससे Parallel को बड़े एंटरप्राइज एजेंट इकोसिस्टम तक पहुंच मिलती है, हालांकि Google उसके लिए एक महत्वपूर्ण साझेदार होने के साथ संभावित प्रतिस्पर्धी भी है। 2512
कंपनी APIs को एजेंट और डेवलपर उपयोग के लिए बेचती है। उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी में ग्राहकों की पूरी और विश्वसनीय सूची या डेवलपरों की सत्यापित संख्या नहीं दी गई है। Index के शुरुआती साझेदारों में प्रकाशक और कंटेंट वितरक शामिल हैं, जिनमें The Atlantic का नाम सामने आया है। 610
अग्रवाल का 12 से 24 महीने का अनुमान कोई मापा हुआ उद्योग-सहमति आंकड़ा नहीं, बल्कि उनका पूर्वानुमान है। इसके पीछे उनका तर्क है कि:
यदि एजेंटों की उपयोगिता और लागत का संतुलन पर्याप्त बेहतर हो जाता है, तो इंसानों की ऑनलाइन आदतें पूरी तरह बदलने से पहले ही वेब पर होने वाली क्वेरी की संख्या एजेंटों के नियंत्रण में जा सकती है। Parallel का सार्वजनिक दृष्टिकोण यह है कि भविष्य में एजेंट इंसानों की तुलना में वेब का उपयोग ‘1000 गुना अधिक’ कर सकते हैं। 214
Index और Shapley value एक संभावित नई बाजार-व्यवस्था का खाका पेश करते हैं, लेकिन यह अभी विज्ञापन-आधारित इंटरनेट का सिद्ध सार्वभौमिक विकल्प नहीं है। इसके लिए प्रकाशकों, AI एजेंट प्लेटफॉर्म, सर्च कंपनियों और कंटेंट मालिकों को योगदान मापने, भुगतान तय करने और डेटा के इस्तेमाल पर साझा नियम बनाने होंगे।
इसलिए अग्रवाल का विचार एक महत्वपूर्ण चेतावनी और कारोबारी दांव दोनों है: यदि AI एजेंट वेब के मुख्य उपयोगकर्ता बन जाते हैं, तो इंटरनेट को इंसानी क्लिक के बजाय मशीनों द्वारा पैदा किए गए वास्तविक मूल्य के आधार पर कमाई का नया तरीका खोजना पड़ सकता है।
Studio Global AI
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पराग अग्रवाल के अनुसार, इंसानी ध्यान और क्लिक पर आधारित वेब मॉडल AI एजेंटों के बड़े पैमाने पर उपयोग शुरू होने पर कमजोर पड़ सकता है।
पराग अग्रवाल के अनुसार, इंसानी ध्यान और क्लिक पर आधारित वेब मॉडल AI एजेंटों के बड़े पैमाने पर उपयोग शुरू होने पर कमजोर पड़ सकता है। AI एजेंट विज्ञापन नहीं देखते, ब्रांड पसंद विकसित नहीं करते और अक्सर मूल वेबसाइट पर क्लिक किए बिना कई स्रोतों से जानकारी लेकर उत्तर तैयार कर देते हैं। [2][14]
क्लिक की जगह एजेंट फीडबैक यह संकेत दे सकता है कि किसी स्रोत ने किसी खास कार्य या उत्तर में कितना वास्तविक योगदान दिया। [1][3]