कीव में यूक्रेन की 35वीं स्वतंत्रता वर्षगांठ पर करीब 100 मानवरहित प्रणालियां प्रदर्शित की गईं, जिनमें 30 ग्राउंड रोबोट और ड्नीप्रो नदी पर नौ नौसैनिक ड्रोन शामिल थे। [4][5][15] इन प्रणालियों का इस्तेमाल लड़ाई, टोही, रसद, बारूदी सुरंगों से जुड़े अभियानों और घायल सैनिकों को निकालने जैसे कार्यों में किया जा रहा है—हालां...
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शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What did Ukraine’s unprecedented drone-only military parade on its 35th Independence Day reveal about the transformation of its armed forces. Article summary: Ukraine’s parade showed that, since 2022, its military has shifted from relying chiefly on conventional formations and foreign-supplied weapons to operating an increasingly domestic, combat-tested uncrewed force across l. Topic tags: general, general web, user generated, government, news. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermar
24 अगस्त 2026 को यूक्रेन के 35वें स्वतंत्रता दिवस पर कीव में हुई सैन्य प्रदर्शनी ने पारंपरिक परेड की तस्वीर बदल दी। सैनिकों, टैंकों और बख्तरबंद वाहनों की जगह जमीन, पानी और हवा में काम करने वाली करीब 100 मानवरहित प्रणालियां केंद्र में थीं। इनमें ख्रेशचातिक सड़क पर चलते 30 मानवरहित ग्राउंड व्हीकल, ड्नीप्रो नदी पर आगे बढ़ती नौ मानवरहित नौकाएं और आसमान में दिखाए गए विभिन्न ड्रोन शामिल थे। 4
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इसका अर्थ यह नहीं है कि यूक्रेन की पारंपरिक सेना अप्रासंगिक हो गई है। असल संदेश यह था कि ड्रोन और रोबोट अब यूक्रेन की सैन्य क्षमता की परिधि पर मौजूद प्रयोगात्मक उपकरण नहीं रहे, बल्कि सैनिकों की सुरक्षा, अभियानों की गति और युद्धक क्षमता के केंद्रीय साधन बन गए हैं।
फरवरी 2022 में रूस के पूर्ण पैमाने के आक्रमण के बाद यूक्रेन ने ऐसी सैन्य तकनीक पर जोर दिया जिसे तेजी से बनाया, मैदान में परखा और जरूरत के मुताबिक बदला जा सके। इस प्रक्रिया में ड्रोन केवल पारंपरिक सैन्य इकाइयों से जुड़े सहायक उपकरण नहीं रहे; वे जमीन, समुद्र और हवा में काम करने वाली व्यापक व्यवस्था का हिस्सा बन गए।
यूक्रेन ने 2024 में स्वतंत्र मानवरहित प्रणालियां बल यानी Unmanned Systems Forces बनाया। यह कदम ड्रोन और रोबोटिक क्षमताओं को अलग-अलग इकाइयों में बिखरे संसाधनों के बजाय एक संगठित सैन्य ढांचे में लाने की कोशिश थी। 4
5
इस ढांचे का महत्व इसलिए है क्योंकि परेड में दिखाए गए उपकरण एक ही काम तक सीमित नहीं थे। वे टोही, हमला, रसद, निकासी, वायु रक्षा और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध जैसे अलग-अलग कार्यों में मानव ऑपरेटरों की पहुंच बढ़ाने वाली बहु-क्षेत्रीय क्षमता का संकेत देते हैं।
कीव की मुख्य सड़क ख्रेशचातिक पर दिखाए गए 30 मानवरहित ग्राउंड व्हीकल में TerMIT, Rys, Simba, Ardal, Zmiy और Ratel जैसे सिस्टम शामिल थे। इनके बताए गए कार्यों में टोही, बारूदी सुरंगें बिछाना और हटाना, गोला-बारूद व रसद पहुंचाना, घायल सैनिकों को निकालना, अग्नि सहायता देना और दुश्मन के ठिकानों पर हमले में मदद करना शामिल है। 5
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इन कार्यों से यूक्रेन की एक व्यावहारिक प्राथमिकता स्पष्ट होती है: सैनिकों को सबसे अधिक जोखिम वाले कामों से दूर रखना, जबकि अग्रिम मोर्चे पर अभियान जारी रखना। कोई रोबोट सैन्य इकाई की जगह नहीं लेता, लेकिन वह उस इकाई तक आपूर्ति पहुंचाने या घायल सैनिक को सुरक्षित निकालने के दौरान जान का खतरा कम कर सकता है।
यूक्रेनी अधिकारियों और उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, 2026 में ग्राउंड रोबोटिक प्रणालियों ने 66,000 से अधिक मिशन किए। 1 यह आंकड़ा संकेत देता है कि ये केवल प्रदर्शनी के लिए बनाए गए प्रोटोटाइप नहीं हैं। हालांकि, किसी भी एक आंकड़े को स्वतंत्र रूप से सत्यापित करने और हर प्रणाली की वास्तविक युद्धक प्रभावशीलता का आकलन करने के लिए अधिक विस्तृत सार्वजनिक जानकारी जरूरी है।
फिर भी, परेड ने एक उभरते चक्र को सामने रखा: घरेलू स्तर पर सिस्टम तैयार करना, उन्हें युद्ध की परिस्थितियों में परखना और फिर नए कार्यों के लिए उनमें बदलाव करना।
ड्नीप्रो नदी पर Magura, Sea Baby और Sargan परिवारों की नौ मानवरहित सतही नौकाएं दिखाई गईं। 5
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इनकी मौजूदगी ने यूक्रेन की ड्रोन रणनीति का दायरा जमीन से समुद्र तक बढ़ता दिखाया। समुद्री ड्रोन अब केवल विस्फोटक लेकर लक्ष्य से टकराने वाली छोटी नौकाओं तक सीमित नहीं हैं। उपलब्ध रिपोर्टों में इन्हें निगरानी, हमला, वायु रक्षा, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और अन्य मानवरहित प्रणालियों को सहयोग देने वाले बहु-भूमिका प्लेटफॉर्म के रूप में बताया गया है।
उदाहरण के तौर पर, Magura V7 को Sea Dragon वायु रक्षा कॉन्फिगरेशन से जोड़ा गया है, जिसमें AIM-9M Sidewinder या AA-11 Archer मिसाइलों का इस्तेमाल किया जा सकता है। Magura के एक अन्य बताए गए संशोधन में इंटरसेप्टर ड्रोन ले जाने और उन्हें हवाई लक्ष्य के खिलाफ लॉन्च करने की क्षमता दिखाई गई है।
Sargan के कुछ कॉन्फिगरेशन में Sidewinder मिसाइलें, क्वाडकॉप्टर रखने के लिए हैंगर, Grad रॉकेट और इलेक्ट्रॉनिक-वॉरफेयर उपकरण बताए गए हैं। ये विवरण इस महत्वाकांक्षा की ओर इशारा करते हैं कि समुद्री ड्रोन एक ही उद्देश्य वाले उपकरण न रहकर मॉड्यूलर और बहु-भूमिका प्लेटफॉर्म बनें।
हालांकि, सार्वजनिक रिपोर्टों से हर कॉन्फिगरेशन की स्वतंत्र पुष्टि या उसकी वास्तविक युद्धक क्षमता साबित नहीं होती। इसलिए तकनीकी दावों को युद्धक्षेत्र में सिद्ध प्रदर्शन का प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए।
इस परेड की सबसे महत्वपूर्ण बात अलग-अलग प्रणालियों का एक साथ दिखना था। ख्रेशचातिक पर ग्राउंड रोबोट चले, ड्नीप्रो पर मानवरहित नौकाएं आगे बढ़ीं और कीव के ऊपर हवाई प्रणालियां प्रदर्शित की गईं। व्यापक प्रस्तुति में इंटरसेप्टर, बमवर्षक, टोही और लंबी दूरी तक हमला करने वाले ड्रोन भी शामिल थे। 2
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यह उस युद्धक्षेत्र की तस्वीर है जहां सूचना, आवाजाही और मारक क्षमता अपेक्षाकृत छोटे-छोटे प्लेटफॉर्म के नेटवर्क में बंटी हुई है। कमांड, लक्ष्य निर्धारण और बड़े सैन्य फैसले अब भी मनुष्य लेते हैं, लेकिन मशीनों को उन इलाकों में भेजा जा सकता है जहां सैनिकों का जाना बेहद जोखिमपूर्ण या महंगा हो।
साथ ही, इस बदलाव की सीमाएं भी हैं। मानवरहित प्रणालियां ऑपरेटरों, संचार नेटवर्क, रसद, खुफिया जानकारी और पारंपरिक सैन्य क्षमताओं पर निर्भर रहती हैं। परेड ने यह दिखाया कि ड्रोन और रोबोट यूक्रेन की सैन्य योजना में केंद्रीय हो चुके हैं; उसने यह साबित नहीं किया कि वे सैनिकों, बख्तरबंद वाहनों या पारंपरिक सैन्य संरचनाओं को स्वतंत्र रूप से पूरी तरह बदल सकते हैं।
यह प्रदर्शनी ऐसे समय हुई जब यूरोपीय नेता यूक्रेन के समर्थन में कीव पहुंचे थे। यूरोपीय संघ ने यूक्रेन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
ब्रिटेन और फ्रांस ने इस राजनीतिक समर्थन के साथ सैन्य सहयोग मजबूत करने, गोपनीय तकनीक तक पहुंच देने और वायु रक्षा मिसाइलों की तेज आपूर्ति के वादे भी किए।
इसका महत्व दोतरफा है। यूक्रेन अपने सहयोगियों से हथियार और वित्तीय सहायता मांग रहा है, लेकिन साथ ही वह युद्ध के दौरान विकसित तकनीक और वास्तविक मोर्चे से मिले अनुभव भी दिखा रहा है। ड्रोन टोही, हमले, जमीनी रसद, घायल सैनिकों की निकासी, समुद्री अभियानों, इंटरसेप्शन और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध में उसका अनुभव भविष्य के रक्षा सहयोग को प्रभावित कर सकता है।
यूक्रेन की खास क्षमता उस गति में है जिसके साथ उसने युद्ध के दबाव में प्रणालियां विकसित कीं, उन्हें मैदान में उतारा और उनकी भूमिका बदली। राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की की ओर से सहयोगी देशों के साथ रक्षा तकनीक साझा करने का प्रस्ताव इसी व्यापक संदेश का हिस्सा था: यूक्रेन केवल सहायता का लाभार्थी नहीं, बल्कि सुरक्षा तकनीक और युद्धक ज्ञान का संभावित साझेदार भी है।
यूक्रेन की ड्रोन-केंद्रित स्वतंत्रता दिवस परेड तीन बड़े बदलावों को एक साथ दिखाती है:
इसलिए यह परेड केवल सैन्य उपकरणों का प्रदर्शन नहीं थी। यह राष्ट्रीय दृढ़ता और भविष्य के युद्ध की दिशा पर एक सार्वजनिक वक्तव्य भी थी। 2022 के बाद ड्रोन और रोबोट यूक्रेन की सेना की एक अनिवार्य परत बन चुके हैं—लेकिन उनकी उपयोगिता अब भी उन मानव सैनिकों, कमांड संरचनाओं और पारंपरिक सैन्य प्रणालियों से जुड़ी है, जिनके साथ वे मिलकर काम करते हैं।
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इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
कीव में यूक्रेन की 35वीं स्वतंत्रता वर्षगांठ पर करीब 100 मानवरहित प्रणालियां प्रदर्शित की गईं, जिनमें 30 ग्राउंड रोबोट और ड्नीप्रो नदी पर नौ नौसैनिक ड्रोन शामिल थे। [4][5][15]
कीव में यूक्रेन की 35वीं स्वतंत्रता वर्षगांठ पर करीब 100 मानवरहित प्रणालियां प्रदर्शित की गईं, जिनमें 30 ग्राउंड रोबोट और ड्नीप्रो नदी पर नौ नौसैनिक ड्रोन शामिल थे। [4][5][15] इन प्रणालियों का इस्तेमाल लड़ाई, टोही, रसद, बारूदी सुरंगों से जुड़े अभियानों और घायल सैनिकों को निकालने जैसे कार्यों में किया जा रहा है—हालांकि वे पारंपरिक सैन्य बलों का पूरी तरह स्थान नहीं लेतीं। [1][5][7]
परेड ने सहयोगी देशों को यह संदेश भी दिया कि यूक्रेन केवल सैन्य सहायता पाने वाला देश नहीं, बल्कि युद्ध से विकसित रक्षा तकनीक और परिचालन अनुभव साझा करने वाला साझेदार भी है। [29][30][43]
कीव में यूक्रेन की 35वीं स्वतंत्रता वर्षगांठ पर करीब 100 मानवरहित प्रणालियां प्रदर्शित की गईं, जिनमें 30 ग्राउंड रोबोट और ड्नीप्रो नदी पर नौ नौसैनिक ड्रोन शामिल थे। [4][5][15] इन प्रणालियों का इस्तेमाल लड़ाई, टोही, रसद, बारूदी सुरंगों से जुड़े अभियानों और घायल सैनिकों को निकालने जैसे कार्यों में किया जा रहा है—हालां...
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24 अगस्त 2026 को यूक्रेन के 35वें स्वतंत्रता दिवस पर कीव में हुई सैन्य प्रदर्शनी ने पारंपरिक परेड की तस्वीर बदल दी। सैनिकों, टैंकों और बख्तरबंद वाहनों की जगह जमीन, पानी और हवा में काम करने वाली करीब 100 मानवरहित प्रणालियां केंद्र में थीं। इनमें ख्रेशचातिक सड़क पर चलते 30 मानवरहित ग्राउंड व्हीकल, ड्नीप्रो नदी पर आगे बढ़ती नौ मानवरहित नौकाएं और आसमान में दिखाए गए विभिन्न ड्रोन शामिल थे। 4
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इसका अर्थ यह नहीं है कि यूक्रेन की पारंपरिक सेना अप्रासंगिक हो गई है। असल संदेश यह था कि ड्रोन और रोबोट अब यूक्रेन की सैन्य क्षमता की परिधि पर मौजूद प्रयोगात्मक उपकरण नहीं रहे, बल्कि सैनिकों की सुरक्षा, अभियानों की गति और युद्धक क्षमता के केंद्रीय साधन बन गए हैं।
फरवरी 2022 में रूस के पूर्ण पैमाने के आक्रमण के बाद यूक्रेन ने ऐसी सैन्य तकनीक पर जोर दिया जिसे तेजी से बनाया, मैदान में परखा और जरूरत के मुताबिक बदला जा सके। इस प्रक्रिया में ड्रोन केवल पारंपरिक सैन्य इकाइयों से जुड़े सहायक उपकरण नहीं रहे; वे जमीन, समुद्र और हवा में काम करने वाली व्यापक व्यवस्था का हिस्सा बन गए।
यूक्रेन ने 2024 में स्वतंत्र मानवरहित प्रणालियां बल यानी Unmanned Systems Forces बनाया। यह कदम ड्रोन और रोबोटिक क्षमताओं को अलग-अलग इकाइयों में बिखरे संसाधनों के बजाय एक संगठित सैन्य ढांचे में लाने की कोशिश थी। 4
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इस ढांचे का महत्व इसलिए है क्योंकि परेड में दिखाए गए उपकरण एक ही काम तक सीमित नहीं थे। वे टोही, हमला, रसद, निकासी, वायु रक्षा और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध जैसे अलग-अलग कार्यों में मानव ऑपरेटरों की पहुंच बढ़ाने वाली बहु-क्षेत्रीय क्षमता का संकेत देते हैं।
कीव की मुख्य सड़क ख्रेशचातिक पर दिखाए गए 30 मानवरहित ग्राउंड व्हीकल में TerMIT, Rys, Simba, Ardal, Zmiy और Ratel जैसे सिस्टम शामिल थे। इनके बताए गए कार्यों में टोही, बारूदी सुरंगें बिछाना और हटाना, गोला-बारूद व रसद पहुंचाना, घायल सैनिकों को निकालना, अग्नि सहायता देना और दुश्मन के ठिकानों पर हमले में मदद करना शामिल है। 5
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इन कार्यों से यूक्रेन की एक व्यावहारिक प्राथमिकता स्पष्ट होती है: सैनिकों को सबसे अधिक जोखिम वाले कामों से दूर रखना, जबकि अग्रिम मोर्चे पर अभियान जारी रखना। कोई रोबोट सैन्य इकाई की जगह नहीं लेता, लेकिन वह उस इकाई तक आपूर्ति पहुंचाने या घायल सैनिक को सुरक्षित निकालने के दौरान जान का खतरा कम कर सकता है।
यूक्रेनी अधिकारियों और उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, 2026 में ग्राउंड रोबोटिक प्रणालियों ने 66,000 से अधिक मिशन किए। 1 यह आंकड़ा संकेत देता है कि ये केवल प्रदर्शनी के लिए बनाए गए प्रोटोटाइप नहीं हैं। हालांकि, किसी भी एक आंकड़े को स्वतंत्र रूप से सत्यापित करने और हर प्रणाली की वास्तविक युद्धक प्रभावशीलता का आकलन करने के लिए अधिक विस्तृत सार्वजनिक जानकारी जरूरी है।
फिर भी, परेड ने एक उभरते चक्र को सामने रखा: घरेलू स्तर पर सिस्टम तैयार करना, उन्हें युद्ध की परिस्थितियों में परखना और फिर नए कार्यों के लिए उनमें बदलाव करना।
ड्नीप्रो नदी पर Magura, Sea Baby और Sargan परिवारों की नौ मानवरहित सतही नौकाएं दिखाई गईं। 5
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इनकी मौजूदगी ने यूक्रेन की ड्रोन रणनीति का दायरा जमीन से समुद्र तक बढ़ता दिखाया। समुद्री ड्रोन अब केवल विस्फोटक लेकर लक्ष्य से टकराने वाली छोटी नौकाओं तक सीमित नहीं हैं। उपलब्ध रिपोर्टों में इन्हें निगरानी, हमला, वायु रक्षा, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और अन्य मानवरहित प्रणालियों को सहयोग देने वाले बहु-भूमिका प्लेटफॉर्म के रूप में बताया गया है।
उदाहरण के तौर पर, Magura V7 को Sea Dragon वायु रक्षा कॉन्फिगरेशन से जोड़ा गया है, जिसमें AIM-9M Sidewinder या AA-11 Archer मिसाइलों का इस्तेमाल किया जा सकता है। Magura के एक अन्य बताए गए संशोधन में इंटरसेप्टर ड्रोन ले जाने और उन्हें हवाई लक्ष्य के खिलाफ लॉन्च करने की क्षमता दिखाई गई है।
Sargan के कुछ कॉन्फिगरेशन में Sidewinder मिसाइलें, क्वाडकॉप्टर रखने के लिए हैंगर, Grad रॉकेट और इलेक्ट्रॉनिक-वॉरफेयर उपकरण बताए गए हैं। ये विवरण इस महत्वाकांक्षा की ओर इशारा करते हैं कि समुद्री ड्रोन एक ही उद्देश्य वाले उपकरण न रहकर मॉड्यूलर और बहु-भूमिका प्लेटफॉर्म बनें।
हालांकि, सार्वजनिक रिपोर्टों से हर कॉन्फिगरेशन की स्वतंत्र पुष्टि या उसकी वास्तविक युद्धक क्षमता साबित नहीं होती। इसलिए तकनीकी दावों को युद्धक्षेत्र में सिद्ध प्रदर्शन का प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए।
इस परेड की सबसे महत्वपूर्ण बात अलग-अलग प्रणालियों का एक साथ दिखना था। ख्रेशचातिक पर ग्राउंड रोबोट चले, ड्नीप्रो पर मानवरहित नौकाएं आगे बढ़ीं और कीव के ऊपर हवाई प्रणालियां प्रदर्शित की गईं। व्यापक प्रस्तुति में इंटरसेप्टर, बमवर्षक, टोही और लंबी दूरी तक हमला करने वाले ड्रोन भी शामिल थे। 2
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यह उस युद्धक्षेत्र की तस्वीर है जहां सूचना, आवाजाही और मारक क्षमता अपेक्षाकृत छोटे-छोटे प्लेटफॉर्म के नेटवर्क में बंटी हुई है। कमांड, लक्ष्य निर्धारण और बड़े सैन्य फैसले अब भी मनुष्य लेते हैं, लेकिन मशीनों को उन इलाकों में भेजा जा सकता है जहां सैनिकों का जाना बेहद जोखिमपूर्ण या महंगा हो।
साथ ही, इस बदलाव की सीमाएं भी हैं। मानवरहित प्रणालियां ऑपरेटरों, संचार नेटवर्क, रसद, खुफिया जानकारी और पारंपरिक सैन्य क्षमताओं पर निर्भर रहती हैं। परेड ने यह दिखाया कि ड्रोन और रोबोट यूक्रेन की सैन्य योजना में केंद्रीय हो चुके हैं; उसने यह साबित नहीं किया कि वे सैनिकों, बख्तरबंद वाहनों या पारंपरिक सैन्य संरचनाओं को स्वतंत्र रूप से पूरी तरह बदल सकते हैं।
यह प्रदर्शनी ऐसे समय हुई जब यूरोपीय नेता यूक्रेन के समर्थन में कीव पहुंचे थे। यूरोपीय संघ ने यूक्रेन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
ब्रिटेन और फ्रांस ने इस राजनीतिक समर्थन के साथ सैन्य सहयोग मजबूत करने, गोपनीय तकनीक तक पहुंच देने और वायु रक्षा मिसाइलों की तेज आपूर्ति के वादे भी किए।
इसका महत्व दोतरफा है। यूक्रेन अपने सहयोगियों से हथियार और वित्तीय सहायता मांग रहा है, लेकिन साथ ही वह युद्ध के दौरान विकसित तकनीक और वास्तविक मोर्चे से मिले अनुभव भी दिखा रहा है। ड्रोन टोही, हमले, जमीनी रसद, घायल सैनिकों की निकासी, समुद्री अभियानों, इंटरसेप्शन और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध में उसका अनुभव भविष्य के रक्षा सहयोग को प्रभावित कर सकता है।
यूक्रेन की खास क्षमता उस गति में है जिसके साथ उसने युद्ध के दबाव में प्रणालियां विकसित कीं, उन्हें मैदान में उतारा और उनकी भूमिका बदली। राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की की ओर से सहयोगी देशों के साथ रक्षा तकनीक साझा करने का प्रस्ताव इसी व्यापक संदेश का हिस्सा था: यूक्रेन केवल सहायता का लाभार्थी नहीं, बल्कि सुरक्षा तकनीक और युद्धक ज्ञान का संभावित साझेदार भी है।
यूक्रेन की ड्रोन-केंद्रित स्वतंत्रता दिवस परेड तीन बड़े बदलावों को एक साथ दिखाती है:
इसलिए यह परेड केवल सैन्य उपकरणों का प्रदर्शन नहीं थी। यह राष्ट्रीय दृढ़ता और भविष्य के युद्ध की दिशा पर एक सार्वजनिक वक्तव्य भी थी। 2022 के बाद ड्रोन और रोबोट यूक्रेन की सेना की एक अनिवार्य परत बन चुके हैं—लेकिन उनकी उपयोगिता अब भी उन मानव सैनिकों, कमांड संरचनाओं और पारंपरिक सैन्य प्रणालियों से जुड़ी है, जिनके साथ वे मिलकर काम करते हैं।
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इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
कीव में यूक्रेन की 35वीं स्वतंत्रता वर्षगांठ पर करीब 100 मानवरहित प्रणालियां प्रदर्शित की गईं, जिनमें 30 ग्राउंड रोबोट और ड्नीप्रो नदी पर नौ नौसैनिक ड्रोन शामिल थे। [4][5][15]
कीव में यूक्रेन की 35वीं स्वतंत्रता वर्षगांठ पर करीब 100 मानवरहित प्रणालियां प्रदर्शित की गईं, जिनमें 30 ग्राउंड रोबोट और ड्नीप्रो नदी पर नौ नौसैनिक ड्रोन शामिल थे। [4][5][15] इन प्रणालियों का इस्तेमाल लड़ाई, टोही, रसद, बारूदी सुरंगों से जुड़े अभियानों और घायल सैनिकों को निकालने जैसे कार्यों में किया जा रहा है—हालांकि वे पारंपरिक सैन्य बलों का पूरी तरह स्थान नहीं लेतीं। [1][5][7]
परेड ने सहयोगी देशों को यह संदेश भी दिया कि यूक्रेन केवल सैन्य सहायता पाने वाला देश नहीं, बल्कि युद्ध से विकसित रक्षा तकनीक और परिचालन अनुभव साझा करने वाला साझेदार भी है। [29][30][43]