TeamT5 ने 24 अगस्त 2026 को बताया कि चीनी राज्य संबद्ध समूहों ने नियमित आक्रामक काम और मैलवेयर विकास के लिए DeepSeek तथा अन्य AI मॉडल अपनाने के बाद अपने हमलों की मात्रा दोगुने से अधिक कर दी। शोधकर्ताओं के अनुसार, DeepSeek की लोकप्रियता के पीछे उसकी क्षमता, अनुकूलन की सुविधा, कम लागत और पश्चिमी AI सेवाओं की तुलना में...
प्रकाशितकर्ताGPT-5.6 Luna से संपादितGPT Image 1.5 से चित्र बनाए गए
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What did TeamT5 and other cybersecurity researchers report about Chinese state-affiliated hackers’ use of DeepSeek and other AI models—inclu. Article summary: TeamT5’s central finding was that Chinese state-affiliated actors are using DeepSeek and other AI models to automate routine offensive work and malware development, and that their attack volume has more than doubled sinc. Topic tags: general, news, general web. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fake numbers
चीनी राज्य-संबद्ध साइबर समूहों ने DeepSeek और अन्य ओपन-सोर्स AI मॉडल को अपने अभियानों में शामिल करने के बाद हमलों की मात्रा दोगुने से अधिक बढ़ा दी है। ताइवान की साइबर-सुरक्षा शोध संस्था TeamT5 के अनुसार, AI का इस्तेमाल नियमित कामों को स्वचालित करने और अधिक उन्नत मैलवेयर विकसित करने में किया जा रहा है। इससे पहले से चल रहे अभियानों को तेज करना और बड़े पैमाने पर दोहराना आसान हो गया है। 1
3
हालांकि, उपलब्ध निष्कर्ष यह नहीं दिखाते कि AI ने अनुभवी हैकरों की जगह पूरी तरह ले ली है। तस्वीर यह है कि कम लागत वाले मॉडल और एजेंट फ्रेमवर्क हमले की प्रक्रिया के कुछ हिस्सों—खासकर लक्ष्य की टोह लेने, कमजोरियों पर शोध करने और बार-बार हमले आजमाने—को स्वचालित कर रहे हैं। लक्ष्य चुनने और दिशा देने की भूमिका अब भी मानव ऑपरेटरों की रहती है। 1
15
शोधकर्ताओं ने DeepSeek की लोकप्रियता के पीछे मुख्य रूप से चार कारण बताए हैं:
इसका असर व्यावहारिक स्तर पर दिखता है। किसी मॉडल को उपयोगी बनने के लिए कोई बिल्कुल नई कमजोरी खोजने की जरूरत नहीं है। वह खुले इंटरनेट पर दिख रहे सिस्टम खोज सकता है, सार्वजनिक exploit कोड में बदलाव कर सकता है, तकनीकी परिणामों को समझ सकता है और हमले की अगली नियमित कोशिश चुन सकता है।
रिपोर्टों में चीन से जुड़े समूहों द्वारा DeepSeek, ChatGPT और Claude Code का इस्तेमाल लक्ष्य की पहचान, exploit तैयार करने या उसमें बदलाव करने, स्वचालन और मैलवेयर विकसित करने के लिए किए जाने का उल्लेख है। कुछ अभियानों में विदेशी कंपनियों और संस्थानों के नेटवर्क के भीतर आगे बढ़ने यानी lateral movement का भी जिक्र है। 3
उपलब्ध जानकारी आम तौर पर इस गतिविधि को राज्य-संबद्ध या चीन से जुड़े समूहों की सामूहिक गतिविधि के रूप में प्रस्तुत करती है। हर AI-आधारित घटना के पीछे किसी एक नामित एडवांस्ड पर्सिस्टेंट थ्रेट समूह की विश्वसनीय पहचान सार्वजनिक नहीं हुई है। इसलिए इन उदाहरणों से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए कि चीन से जुड़े सभी साइबर समूह एक ही मॉडल या एक ही कार्यप्रणाली का इस्तेमाल करते हैं। 1
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ChatGPT और Claude Code जैसे व्यावसायिक AI टूल हमले की प्रक्रिया के कुछ हिस्सों में मदद कर सकते हैं, लेकिन इनके प्रदाता आक्रामक साइबर गतिविधियों से जुड़े स्पष्ट अनुरोधों को रोक सकते हैं। Unit 42 द्वारा दर्ज मामले में ऑपरेटर ने पश्चिमी टूल आजमाए, मगर उनकी सुरक्षा व्यवस्थाओं ने स्वचालित हमले का कार्य रोक दिया। इसके बाद DeepSeek को मुख्य reasoning model के रूप में चुना गया। 14
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यह अंतर केवल इस बात का नहीं है कि कौन-सा मॉडल हर स्थिति में अधिक सक्षम है। असल फर्क इस बात से पड़ा कि मॉडल को किस तरह तैनात किया गया था। DeepSeek को एक ओपन-सोर्स फ्रेमवर्क से जोड़ा गया, जिसमें वही client-side प्रतिबंध नहीं थे जो व्यावसायिक सेवाओं में मौजूद रहते हैं। इससे मॉडल हमलावर के नियंत्रण वाले टूलचेन के भीतर काम कर सका। 15
Palo Alto Networks की Unit 42 ने अलग से एक ऐसे चीनी-भाषी ऑपरेटर की गतिविधि का दस्तावेजीकरण किया, जिसने “knaithe” और “KnYuan” नामों का इस्तेमाल किया। ऑपरेटर ने DeepSeek को Hermes Agent नाम के ओपन-सोर्स, टर्मिनल-क्षमता वाले एजेंट फ्रेमवर्क का reasoning engine बनाया। यह व्यवस्था कमजोरियों की सूची तैयार कर सकती थी, सार्वजनिक exploit कोड हासिल कर सकती थी और सीमित मानवीय निगरानी में उनका इस्तेमाल करने की कोशिश कर सकती थी। 15
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एजेंट ने 460 से अधिक इंटरनेट-सामने वाले सिस्टमों को निशाना बनाया। व्यापक अभियान से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार, Citrix NetScaler की एक कमजोरी का फायदा उठाकर कम-से-कम तीन संगठनों में सेंध लगाई गई। यहां 460 का आंकड़ा निशानों या हमले की कोशिशों को दर्शाता है—460 सफल सेंधों को नहीं। अभियान में स्वचालित और पारंपरिक, दोनों तरह की गतिविधियां शामिल थीं। 4
यह अंतर महत्वपूर्ण है। मामला यह नहीं दिखाता कि DeepSeek ने अपने दम पर सैकड़ों सिस्टमों में सेंध लगा दी। इससे यह पता चलता है कि एक ऑपरेटर ने हमले के उस दोहराव वाले हिस्से को स्वचालित किया, जिसमें खुले लक्ष्य ढूंढना, उन्हें ज्ञात कमजोरियों से मिलाना, सार्वजनिक exploit सामग्री हासिल करना और अगला संभावित लक्ष्य आजमाना शामिल होता है।
सबसे स्पष्ट जोखिम पैमाने का है। जब कम लागत वाला मॉडल ऐसे एजेंट फ्रेमवर्क से जुड़ जाता है जिसे टर्मिनल तक पहुंच हासिल हो, तो पहले लंबे समय तक मैन्युअल मेहनत मांगने वाले काम कई इंटरनेट-सामने वाले सिस्टमों पर दोहराए जा सकते हैं। इस तरह AI बड़े पैमाने पर reconnaissance और exploitation की संचालनात्मक बाधा को कम कर सकता है। 1
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फिर भी, यही मामला तकनीक की सीमाएं भी दिखाता है। सफल सेंध के लिए खुले इंटरनेट पर मौजूद सेवाएं, ज्ञात कमजोरियां और काम करने वाला सार्वजनिक exploit कोड अब भी जरूरी थे। AI ने कोशिशों की गति और संख्या बढ़ाई; हर सेंध का कारण वह अकेले नहीं था। 5
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रक्षकों के लिए व्यावहारिक प्राथमिकताएं इसलिए बहुत परिचित हैं: इंटरनेट-सामने वाले उत्पादों को समय पर पैच करना, अनावश्यक सार्वजनिक एक्सपोजर हटाना और असामान्य स्वचालित reconnaissance या exploitation पैटर्न पर निगरानी रखना। TeamT5 और Unit 42 की रिपोर्टों से व्यापक सबक यह है कि AI-सहायित साइबर हमले अब अधिक किफायती और दोहराने योग्य बन रहे हैं—भले ही उनके पीछे इस्तेमाल होने वाली तकनीकें पुरानी और जानी-पहचानी क्यों न हों।
Studio Global AI
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
TeamT5 ने 24 अगस्त 2026 को बताया कि चीनी राज्य संबद्ध समूहों ने नियमित आक्रामक काम और मैलवेयर विकास के लिए DeepSeek तथा अन्य AI मॉडल अपनाने के बाद अपने हमलों की मात्रा दोगुने से अधिक कर दी।
TeamT5 ने 24 अगस्त 2026 को बताया कि चीनी राज्य संबद्ध समूहों ने नियमित आक्रामक काम और मैलवेयर विकास के लिए DeepSeek तथा अन्य AI मॉडल अपनाने के बाद अपने हमलों की मात्रा दोगुने से अधिक कर दी। शोधकर्ताओं के अनुसार, DeepSeek की लोकप्रियता के पीछे उसकी क्षमता, अनुकूलन की सुविधा, कम लागत और पश्चिमी AI सेवाओं की तुलना में अपेक्षाकृत कमजोर साइबर सुरक्षा पाबंदियां हैं।
एक अलग Unit 42 मामले में, “knaithe” और “KnYuan” नामों से काम करने वाले चीनी भाषी ऑपरेटर ने DeepSeek को ओपन सोर्स Hermes Agent से जोड़कर 460 से अधिक इंटरनेट सामने वाले सिस्टमों को निशाना बनाया; व्यापक अभियान में Citrix...
TeamT5 ने 24 अगस्त 2026 को बताया कि चीनी राज्य संबद्ध समूहों ने नियमित आक्रामक काम और मैलवेयर विकास के लिए DeepSeek तथा अन्य AI मॉडल अपनाने के बाद अपने हमलों की मात्रा दोगुने से अधिक कर दी। शोधकर्ताओं के अनुसार, DeepSeek की लोकप्रियता के पीछे उसकी क्षमता, अनुकूलन की सुविधा, कम लागत और पश्चिमी AI सेवाओं की तुलना में...
प्रकाशितकर्ताGPT-5.6 Luna से संपादितGPT Image 1.5 से चित्र बनाए गए
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What did TeamT5 and other cybersecurity researchers report about Chinese state-affiliated hackers’ use of DeepSeek and other AI models—inclu. Article summary: TeamT5’s central finding was that Chinese state-affiliated actors are using DeepSeek and other AI models to automate routine offensive work and malware development, and that their attack volume has more than doubled sinc. Topic tags: general, news, general web. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fake numbers
चीनी राज्य-संबद्ध साइबर समूहों ने DeepSeek और अन्य ओपन-सोर्स AI मॉडल को अपने अभियानों में शामिल करने के बाद हमलों की मात्रा दोगुने से अधिक बढ़ा दी है। ताइवान की साइबर-सुरक्षा शोध संस्था TeamT5 के अनुसार, AI का इस्तेमाल नियमित कामों को स्वचालित करने और अधिक उन्नत मैलवेयर विकसित करने में किया जा रहा है। इससे पहले से चल रहे अभियानों को तेज करना और बड़े पैमाने पर दोहराना आसान हो गया है। 1
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हालांकि, उपलब्ध निष्कर्ष यह नहीं दिखाते कि AI ने अनुभवी हैकरों की जगह पूरी तरह ले ली है। तस्वीर यह है कि कम लागत वाले मॉडल और एजेंट फ्रेमवर्क हमले की प्रक्रिया के कुछ हिस्सों—खासकर लक्ष्य की टोह लेने, कमजोरियों पर शोध करने और बार-बार हमले आजमाने—को स्वचालित कर रहे हैं। लक्ष्य चुनने और दिशा देने की भूमिका अब भी मानव ऑपरेटरों की रहती है। 1
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शोधकर्ताओं ने DeepSeek की लोकप्रियता के पीछे मुख्य रूप से चार कारण बताए हैं:
इसका असर व्यावहारिक स्तर पर दिखता है। किसी मॉडल को उपयोगी बनने के लिए कोई बिल्कुल नई कमजोरी खोजने की जरूरत नहीं है। वह खुले इंटरनेट पर दिख रहे सिस्टम खोज सकता है, सार्वजनिक exploit कोड में बदलाव कर सकता है, तकनीकी परिणामों को समझ सकता है और हमले की अगली नियमित कोशिश चुन सकता है।
रिपोर्टों में चीन से जुड़े समूहों द्वारा DeepSeek, ChatGPT और Claude Code का इस्तेमाल लक्ष्य की पहचान, exploit तैयार करने या उसमें बदलाव करने, स्वचालन और मैलवेयर विकसित करने के लिए किए जाने का उल्लेख है। कुछ अभियानों में विदेशी कंपनियों और संस्थानों के नेटवर्क के भीतर आगे बढ़ने यानी lateral movement का भी जिक्र है। 3
उपलब्ध जानकारी आम तौर पर इस गतिविधि को राज्य-संबद्ध या चीन से जुड़े समूहों की सामूहिक गतिविधि के रूप में प्रस्तुत करती है। हर AI-आधारित घटना के पीछे किसी एक नामित एडवांस्ड पर्सिस्टेंट थ्रेट समूह की विश्वसनीय पहचान सार्वजनिक नहीं हुई है। इसलिए इन उदाहरणों से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए कि चीन से जुड़े सभी साइबर समूह एक ही मॉडल या एक ही कार्यप्रणाली का इस्तेमाल करते हैं। 1
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ChatGPT और Claude Code जैसे व्यावसायिक AI टूल हमले की प्रक्रिया के कुछ हिस्सों में मदद कर सकते हैं, लेकिन इनके प्रदाता आक्रामक साइबर गतिविधियों से जुड़े स्पष्ट अनुरोधों को रोक सकते हैं। Unit 42 द्वारा दर्ज मामले में ऑपरेटर ने पश्चिमी टूल आजमाए, मगर उनकी सुरक्षा व्यवस्थाओं ने स्वचालित हमले का कार्य रोक दिया। इसके बाद DeepSeek को मुख्य reasoning model के रूप में चुना गया। 14
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यह अंतर केवल इस बात का नहीं है कि कौन-सा मॉडल हर स्थिति में अधिक सक्षम है। असल फर्क इस बात से पड़ा कि मॉडल को किस तरह तैनात किया गया था। DeepSeek को एक ओपन-सोर्स फ्रेमवर्क से जोड़ा गया, जिसमें वही client-side प्रतिबंध नहीं थे जो व्यावसायिक सेवाओं में मौजूद रहते हैं। इससे मॉडल हमलावर के नियंत्रण वाले टूलचेन के भीतर काम कर सका। 15
Palo Alto Networks की Unit 42 ने अलग से एक ऐसे चीनी-भाषी ऑपरेटर की गतिविधि का दस्तावेजीकरण किया, जिसने “knaithe” और “KnYuan” नामों का इस्तेमाल किया। ऑपरेटर ने DeepSeek को Hermes Agent नाम के ओपन-सोर्स, टर्मिनल-क्षमता वाले एजेंट फ्रेमवर्क का reasoning engine बनाया। यह व्यवस्था कमजोरियों की सूची तैयार कर सकती थी, सार्वजनिक exploit कोड हासिल कर सकती थी और सीमित मानवीय निगरानी में उनका इस्तेमाल करने की कोशिश कर सकती थी। 15
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एजेंट ने 460 से अधिक इंटरनेट-सामने वाले सिस्टमों को निशाना बनाया। व्यापक अभियान से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार, Citrix NetScaler की एक कमजोरी का फायदा उठाकर कम-से-कम तीन संगठनों में सेंध लगाई गई। यहां 460 का आंकड़ा निशानों या हमले की कोशिशों को दर्शाता है—460 सफल सेंधों को नहीं। अभियान में स्वचालित और पारंपरिक, दोनों तरह की गतिविधियां शामिल थीं। 4
यह अंतर महत्वपूर्ण है। मामला यह नहीं दिखाता कि DeepSeek ने अपने दम पर सैकड़ों सिस्टमों में सेंध लगा दी। इससे यह पता चलता है कि एक ऑपरेटर ने हमले के उस दोहराव वाले हिस्से को स्वचालित किया, जिसमें खुले लक्ष्य ढूंढना, उन्हें ज्ञात कमजोरियों से मिलाना, सार्वजनिक exploit सामग्री हासिल करना और अगला संभावित लक्ष्य आजमाना शामिल होता है।
सबसे स्पष्ट जोखिम पैमाने का है। जब कम लागत वाला मॉडल ऐसे एजेंट फ्रेमवर्क से जुड़ जाता है जिसे टर्मिनल तक पहुंच हासिल हो, तो पहले लंबे समय तक मैन्युअल मेहनत मांगने वाले काम कई इंटरनेट-सामने वाले सिस्टमों पर दोहराए जा सकते हैं। इस तरह AI बड़े पैमाने पर reconnaissance और exploitation की संचालनात्मक बाधा को कम कर सकता है। 1
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फिर भी, यही मामला तकनीक की सीमाएं भी दिखाता है। सफल सेंध के लिए खुले इंटरनेट पर मौजूद सेवाएं, ज्ञात कमजोरियां और काम करने वाला सार्वजनिक exploit कोड अब भी जरूरी थे। AI ने कोशिशों की गति और संख्या बढ़ाई; हर सेंध का कारण वह अकेले नहीं था। 5
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रक्षकों के लिए व्यावहारिक प्राथमिकताएं इसलिए बहुत परिचित हैं: इंटरनेट-सामने वाले उत्पादों को समय पर पैच करना, अनावश्यक सार्वजनिक एक्सपोजर हटाना और असामान्य स्वचालित reconnaissance या exploitation पैटर्न पर निगरानी रखना। TeamT5 और Unit 42 की रिपोर्टों से व्यापक सबक यह है कि AI-सहायित साइबर हमले अब अधिक किफायती और दोहराने योग्य बन रहे हैं—भले ही उनके पीछे इस्तेमाल होने वाली तकनीकें पुरानी और जानी-पहचानी क्यों न हों।
Studio Global AI
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
TeamT5 ने 24 अगस्त 2026 को बताया कि चीनी राज्य संबद्ध समूहों ने नियमित आक्रामक काम और मैलवेयर विकास के लिए DeepSeek तथा अन्य AI मॉडल अपनाने के बाद अपने हमलों की मात्रा दोगुने से अधिक कर दी।
TeamT5 ने 24 अगस्त 2026 को बताया कि चीनी राज्य संबद्ध समूहों ने नियमित आक्रामक काम और मैलवेयर विकास के लिए DeepSeek तथा अन्य AI मॉडल अपनाने के बाद अपने हमलों की मात्रा दोगुने से अधिक कर दी। शोधकर्ताओं के अनुसार, DeepSeek की लोकप्रियता के पीछे उसकी क्षमता, अनुकूलन की सुविधा, कम लागत और पश्चिमी AI सेवाओं की तुलना में अपेक्षाकृत कमजोर साइबर सुरक्षा पाबंदियां हैं।
एक अलग Unit 42 मामले में, “knaithe” और “KnYuan” नामों से काम करने वाले चीनी भाषी ऑपरेटर ने DeepSeek को ओपन सोर्स Hermes Agent से जोड़कर 460 से अधिक इंटरनेट सामने वाले सिस्टमों को निशाना बनाया; व्यापक अभियान में Citrix...