NASA 30 अगस्त 2026, रविवार को सुबह 7:26 बजे EDT पर रोमन टेलीस्कोप लॉन्च करने का लक्ष्य रख रहा है। भारतीय समयानुसार यह शाम 4:56 बजे होगा। [2][16] लॉन्च SpaceX के Falcon Heavy रॉकेट से Kennedy Space Center के Launch Complex 39A से होगा। टेलीस्कोप पृथ्वी से लगभग 15 लाख किलोमीटर दूर Sun–Earth L2 क्षेत्र तक जाएगा और वहां...
शोध उत्तर

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NASA नैन्सी ग्रेस रोमन स्पेस टेलीस्कोप को रविवार, 30 अगस्त 2026 को सुबह 7:26 बजे EDT पर लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। भारतीय समयानुसार लॉन्च का समय शाम 4:56 बजे होगा। यह प्रक्षेपण Florida स्थित Kennedy Space Center के Launch Complex 39A से SpaceX के Falcon Heavy रॉकेट द्वारा किया जाएगा। 216
लॉन्च के बाद रोमन लगभग 15 लाख किलोमीटर (करीब 10 लाख मील) की यात्रा कर Sun–Earth L2 क्षेत्र में पहुंचेगा। L2, सूर्य और पृथ्वी के संबंध में एक ऐसा गुरुत्वीय रूप से स्थिर क्षेत्र है जहां अंतरिक्ष वेधशालाएं लंबे समय तक अपेक्षाकृत स्थिर स्थिति से ब्रह्मांड का अध्ययन कर सकती हैं। NASA के James Webb Space Telescope और ESA के Euclid मिशन का संचालन भी इसी सामान्य क्षेत्र से होता है। 810
वहां पहुंचने के बाद टेलीस्कोप तुरंत वैज्ञानिक तस्वीरें लेना शुरू नहीं करेगा। NASA और मिशन टीम करीब तीन महीने तक उसके उपकरणों, संचार प्रणालियों और संचालन क्षमता की जांच-कमीशनिंग करेगी। इसके बाद रोमन का नियमित वैज्ञानिक मिशन शुरू होगा। 216
रोमन का मुख्य दर्पण 2.4 मीटर का है—आकार में Hubble के दर्पण जितना। इससे उसे Hubble जैसी संवेदनशीलता और लगभग 0.1 आर्कसेकंड का उच्च रिजॉल्यूशन मिलेगा। लेकिन रोमन का Wide Field Instrument एक बार में Hubble के दृश्यक्षेत्र से कम-से-कम 100 गुना अधिक आकाश देख सकेगा। 124
यही इसकी सबसे बड़ी खासियत है। Hubble या Webb अक्सर किसी खास आकाशगंगा, तारे या अंतरिक्षीय क्षेत्र पर बारीकी से ध्यान केंद्रित करते हैं, जबकि रोमन बड़े पैमाने पर आकाश का सर्वेक्षण करेगा। NASA के अनुसार, अपने शुरुआती पांच वर्षों में यह Hubble के तीन दशकों में देखे गए आकाश से 50 गुना अधिक क्षेत्र की तस्वीर ले सकता है। 4
इस व्यापक सर्वेक्षण से वैज्ञानिक ऐसे दुर्लभ पिंडों, अस्थायी घटनाओं और बड़े पैटर्न की पहचान कर सकेंगे जिन्हें केवल चुनिंदा क्षेत्रों को देखने वाले मिशन आसानी से चूक सकते हैं। बाद में Webb, Hubble, Rubin Observatory और पृथ्वी-आधारित वेधशालाएं इन लक्ष्यों का अधिक विस्तृत अध्ययन कर सकती हैं।
रोमन का प्राथमिक मिशन पांच साल का है, लेकिन इसे 10 साल तक संचालित करने का लक्ष्य रखा गया है। यह अवरक्त आकाश का सर्वेक्षण करते हुए कई बड़े सवालों पर काम करेगा: 14
मिशन के व्यापक सर्वेक्षण में करोड़ों आकाशगंगाओं का अध्ययन होगा। NASA के अनुसार, इसके आंकड़ों से वैज्ञानिक एक अरब के आसपास आकाशगंगाओं से आने वाले प्रकाश का विश्लेषण कर सकते हैं, जबकि डार्क एनर्जी सर्वेक्षण में सैकड़ों करोड़ आकाशगंगाओं तक पहुंचने की योजना है। 8311
रोमन से बहुत बड़ी मात्रा में सार्वजनिक वैज्ञानिक डेटा मिलने की उम्मीद है। मिशन के अनुमानों के अनुसार, यह रोजाना करीब 1.4 टेराबाइट डेटा और सालाना लगभग 4 पेटाबाइट डेटा तैयार कर सकता है। ये मिशन प्रक्षेपण हैं, निश्चित गारंटी नहीं। 516
इतने बड़े डेटा सेट को संसाधित करने और संग्रहित करने के लिए NASA के ग्राउंड सिस्टम दुनिया भर में स्थित बड़े रेडियो एंटेना का इस्तेमाल करेंगे। इनमें NASA के White Sands स्टेशन, ESA का New Norcia स्टेशन, Deep Space Network और जापान की JAXA का GREAT नेटवर्क शामिल हैं। NASA की सूची में JAXA से जुड़ा संबंधित स्टेशन Nagano में है। 314
रोमन का Coronagraph Instrument मुख्य रूप से एक तकनीकी प्रदर्शन है। इसका लक्ष्य किसी तारे की तेज चमक को इस हद तक रोकना है कि उसके आसपास मौजूद बेहद धुंधले ग्रहों का प्रत्यक्ष अध्ययन किया जा सके। तकनीकी लक्ष्यों के अनुसार, यह अपने तारे से करोड़ों गुना—लगभग 10 करोड़ गुना तक—कम चमकीले ग्रहों का पता लगाने की दिशा में काम करेगा। पोस्ट-प्रोसेसिंग के बाद इसका कंट्रास्ट लक्ष्य 10⁻⁸ से 10⁻⁹ के स्तर तक बताया गया है। 25
यह उपकरण भविष्य की अंतरिक्ष वेधशालाओं के लिए महत्वपूर्ण तकनीक आजमाएगा। हालांकि, रोमन का मुख्य वैज्ञानिक कार्यक्रम बड़े पैमाने के अवरक्त सर्वेक्षण पर केंद्रित रहेगा।
रोमन मिशन की अक्सर बताई जाने वाली कुल लागत करीब 3 अरब डॉलर है। हालांकि, लागत का सटीक आंकड़ा इस बात पर निर्भर कर सकता है कि इसमें लॉन्च, पूर्ण संचालन और अन्य मदों को शामिल किया गया है या नहीं। उपलब्ध आधिकारिक NASA सामग्री में मिशन की सभी मदों को मिलाकर एक ही मौजूदा ‘ऑल-इन’ लागत का आंकड़ा नहीं दिया गया है। 11
रोमन की सबसे बड़ी उपलब्धियां शायद वे होंगी जिनकी वैज्ञानिकों ने अभी कल्पना भी नहीं की है। विशाल क्षेत्र में गहराई और उच्च रिजॉल्यूशन के साथ किया जाने वाला इसका अवरक्त सर्वेक्षण ब्रह्मांड में छिपी दुर्लभ वस्तुओं, अचानक होने वाली घटनाओं और अप्रत्याशित पैटर्न को सामने ला सकता है।
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NASA 30 अगस्त 2026, रविवार को सुबह 7:26 बजे EDT पर रोमन टेलीस्कोप लॉन्च करने का लक्ष्य रख रहा है। भारतीय समयानुसार यह शाम 4:56 बजे होगा। [2][16]
NASA 30 अगस्त 2026, रविवार को सुबह 7:26 बजे EDT पर रोमन टेलीस्कोप लॉन्च करने का लक्ष्य रख रहा है। भारतीय समयानुसार यह शाम 4:56 बजे होगा। [2][16] लॉन्च SpaceX के Falcon Heavy रॉकेट से Kennedy Space Center के Launch Complex 39A से होगा।
टेलीस्कोप पृथ्वी से लगभग 15 लाख किलोमीटर दूर Sun–Earth L2 क्षेत्र तक जाएगा और वहां करीब तीन महीने की कमीशनिंग के बाद वैज्ञानिक अवलोकन शुरू करेगा। [2][16]