रूस बड़े पैमाने पर भर्ती की जरूरत पड़ने पर आवास, भोजन, हथियार और प्रशिक्षण जैसी व्यवस्थाओं की क्षमता परखता दिख रहा है। सबसे स्पष्ट रिपोर्टेड संकेत जुलाई में कलिनिनग्राद में हुई तैयारी कवायद है; इसके अलावा रोस्तोव और मॉस्को के पास प्रशिक्षण मैदानों का निरीक्षण भी बताया गया है। सैन्य दबाव इस तैयारी की एक वजह हो सकता ह...
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What evidence suggests that Russia is preparing nationwide infrastructure for a possible new mass mobilization wave despite the Kremlin’s de. Article summary: The evidence points to contingency planning for a large call-up rather than proof that Vladimir Putin has ordered one. The strongest reporting says Russia is testing whether its military and regional systems can absorb m. Topic tags: general, news, general web, user generated, government. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermar
उपलब्ध साक्ष्य सबसे गंभीर आशंकाओं से कुछ संकरी तस्वीर पेश करते हैं: रूस यह परख रहा है कि उसकी सेना और क्षेत्रीय प्रशासन बड़ी संख्या में नए सैनिकों को संभाल पाएंगे या नहीं। लेकिन क्रेमलिन ने देशव्यापी नई लामबंदी का कोई अंतिम आदेश दिया है, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। 1
जुलाई में रूसी सैन्य अधिकारियों ने कथित तौर पर कलिनिनग्राद में लामबंदी-तैयारी से जुड़ी योजना और प्रक्रियाओं की निगरानी की। इसमें स्थानीय लोगों की भर्ती होने की स्थिति में उन्हें कहां ठहराया जाएगा, भोजन कैसे दिया जाएगा और हथियार कैसे उपलब्ध कराए जाएंगे—जैसी व्यावहारिक व्यवस्थाएं शामिल थीं। 1
यह सामान्य भर्ती प्रशासन से आगे की बात है। ऐसी कवायद यह जांचती है कि राजनीतिक नेतृत्व आदेश दे तो व्यवस्था एक बड़ी संख्या में लोगों को कितनी जल्दी अपने भीतर समाहित कर सकती है। द वॉल स्ट्रीट जर्नल के हवाले से आई रिपोर्ट के अनुसार, कलिनिनग्राद की कवायद रूस के अलग-अलग हिस्सों में चल रही कई तैयारी गतिविधियों में से एक है। 1
यूक्रेनी पार्टिज़न समूह ATESH ने रोस्तोव क्षेत्र के कदामोव्स्की प्रशिक्षण मैदान और मॉस्को के पास अलाबिनो प्रशिक्षण मैदान में विशेष आयोगों द्वारा निरीक्षण किए जाने की जानकारी दी है। कथित तौर पर इनका उद्देश्य यह देखना था कि ये केंद्र बड़ी संख्या में सैनिकों को ठहरा और लंबे समय तक संभाल सकते हैं या नहीं। 25
ये निरीक्षण प्रशिक्षण क्षमता बढ़ाने की तैयारी से मेल खाते हैं, लेकिन इनके प्रमाण का स्तर सीमित है। उपलब्ध रिपोर्टिंग में ये दावे ATESH से आए हैं और स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं। इसलिए इन्हें लामबंदी के आदेश का प्रमाण नहीं, बल्कि संभावित तैयारी के संकेत के रूप में देखना चाहिए।
ATESH ने यह भी आरोप लगाया है कि लामबंदी की उम्र वाले पुरुषों को मॉस्को, सेंट पीटर्सबर्ग और येकातेरिनबर्ग के हवाई अड्डों तथा सीमा चौकियों पर अतिरिक्त, अनौपचारिक जांच का सामना करना पड़ रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, सही दस्तावेज होने के बावजूद कुछ यात्रियों को इतनी देर तक रोका गया कि उनकी उड़ान छूट गई।
अगर इन दावों की पुष्टि होती है, तो ऐसी जांच का उद्देश्य 2022 की लामबंदी के बाद देश छोड़कर जाने वाले योग्य पुरुषों जैसी स्थिति दोबारा बनने का जोखिम घटाना हो सकता है। फिलहाल ये आरोप स्वतंत्र रूप से पुष्ट नहीं हैं। इसलिए इन्हें आधिकारिक यात्रा प्रतिबंध का सबूत नहीं माना जा सकता।
कई रिपोर्टों और आकलनों में सितंबर 2026 में होने वाले स्टेट ड्यूमा चुनावों—रूस की संसद के निचले सदन के चुनाव—के बाद का समय, संभवतः अक्टूबर, किसी फैसले के लिए राजनीतिक रूप से अधिक अनुकूल बताया गया है। तर्क सीधा है: मतदान से पहले अनिवार्य और अलोकप्रिय भर्ती की घोषणा जनता की चिंता बढ़ा सकती है तथा विरोध या देश छोड़ने की कोशिशों को तेज कर सकती है। 6812
हालांकि, यह समयसीमा पूर्वानुमान नहीं है। कुछ विश्लेषणों के अनुसार मॉस्को खुली देशव्यापी लामबंदी की घोषणा करने के बजाय अनुबंध आधारित भर्ती, वित्तीय प्रोत्साहन, लक्षित अनिवार्य उपायों और प्रशासनिक दबाव का मिश्रण जारी रख सकता है।
रूस के पास बड़ी संख्या में सैनिक जुटाने पर विचार करने का सैन्य कारण मौजूद है। यूक्रेन में उसकी बढ़त धीमी हुई है और यूक्रेनी हमलों ने रूसी अभियानों को प्रभावित किया है। इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर (ISW) ने आकलन किया कि अगस्त की शुरुआत तक रूस के वसंत-ग्रीष्म अभियान से कोई महत्वपूर्ण परिचालनात्मक बढ़त हासिल नहीं हुई थी।
इसी बीच, द गार्जियन द्वारा उद्धृत पश्चिमी अनुमानों में रूसी सैन्य नुकसान हर महीने 30,000 से अधिक मारे गए और घायल सैनिकों का बताया गया है। स्वैच्छिक भर्ती को बनाए रखना भी कठिन हो रहा है। 13 यदि मौजूदा भर्ती व्यवस्था आक्रामक अभियानों के लिए पर्याप्त सैनिक उपलब्ध नहीं करा पाती, तो ये दबाव मॉस्को के लिए बड़े पैमाने पर भर्ती को आकर्षक बना सकते हैं।
अगर अक्टूबर में लामबंदी की घोषणा होती भी है, तो इसका अर्थ यह नहीं होगा कि उसी समय लाखों प्रशिक्षित सैनिक मोर्चे पर पहुंच जाएंगे। नए सैनिकों की प्रशासनिक प्रक्रिया, बुनियादी ट्रेनिंग, हथियार-साजोसामान और इकाइयों में समावेश में समय लगेगा। उपलब्ध स्रोत इस सामान्य सीमा का समर्थन करते हैं, लेकिन वे यह स्वतंत्र रूप से साबित नहीं करते कि नई सैन्य ताकत दिसंबर के अंत या फरवरी की शुरुआत तक “पूरी क्षमता” पर पहुंच जाएगी।
इसी तरह, 1 अक्टूबर से शुरू होने वाली भर्ती दिसंबर में युद्ध को निश्चित रूप से तेज कर देगी—यह भी प्रमाणित समयरेखा नहीं है। यह एक संभावित परिचालन परिदृश्य है, पुष्ट तथ्य नहीं।
कलिनिनग्राद की रिपोर्टेड कवायद, प्रशिक्षण मैदानों के निरीक्षण और कथित यात्रा जांचों को साथ रखकर देखें तो संकेत मिलता है कि रूसी प्रशासन या सैन्य संस्थान बड़े पैमाने की लामबंदी का विकल्प तैयार कर रहे हैं। युद्धक्षेत्र में भारी नुकसान और धीमी होती बढ़त इसके रणनीतिक कारण हो सकते हैं, जबकि चुनावों के बाद की समयसीमा क्रेमलिन की राजनीतिक दुविधा से मेल खाती है। 121213
लेकिन सबसे अहम सावधानी यही है: रिपोर्टों के मुताबिक अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है और क्रेमलिन ने रूस में लामबंदी की तैयारी से इनकार किया है। 1 इसलिए उपलब्ध साक्ष्य आकस्मिक योजना और क्षमता-परीक्षण की ओर इशारा करते हैं—न कि इस बात का प्रमाण देते हैं कि देशव्यापी नई लामबंदी जल्द होने वाली है या उसे पहले ही मंजूरी मिल चुकी है।
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रूस बड़े पैमाने पर भर्ती की जरूरत पड़ने पर आवास, भोजन, हथियार और प्रशिक्षण जैसी व्यवस्थाओं की क्षमता परखता दिख रहा है।
रूस बड़े पैमाने पर भर्ती की जरूरत पड़ने पर आवास, भोजन, हथियार और प्रशिक्षण जैसी व्यवस्थाओं की क्षमता परखता दिख रहा है। सबसे स्पष्ट रिपोर्टेड संकेत जुलाई में कलिनिनग्राद में हुई तैयारी कवायद है; इसके अलावा रोस्तोव और मॉस्को के पास प्रशिक्षण मैदानों का निरीक्षण भी बताया गया है।
सैन्य दबाव इस तैयारी की एक वजह हो सकता है: स्वैच्छिक भर्ती मुश्किल हो रही है, रूसी नुकसान ऊंचे बने हुए हैं और यूक्रेन में बढ़त की रफ्तार धीमी पड़ी है।