लेबनान की सरकारी मीडिया ने 22–23 अगस्त की रात मंसूरी, बैत अल सय्याद और मजदल ज़ून के आसपास इज़राइली तोपखाने की गोलाबारी, हवाई हमलों और ध्वंस अभियानों की सूचना दी। बैत अल सय्याद में भारी नुकसान की खबरें हैं। ये हमले जून में हुए नाजुक युद्धविराम के बीच हुए। अगस्त की शुरुआत में दक्षिणी लेबनान में दो इज़राइली सैनिकों की...
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What happened during Israel’s overnight military operations in southern Lebanon, including the reported use of phosphorus shells, artillery. Article summary: Israel’s overnight operations amounted to a broad escalation across southern Lebanon: Lebanese state media reported artillery fire, airstrikes, demolitions and ground raids, including alleged phosphorus-shell use. The re. Topic tags: general, news, general web, government. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with f
दक्षिणी लेबनान में 22–23 अगस्त की रात हुई घटनाओं को उपलब्ध रिपोर्टें किसी एक हमले के बजाय व्यापक सैन्य escalation के रूप में पेश करती हैं। लेबनान की National News Agency (NNA) ने दक्षिण के कई हिस्सों में तोपखाने की गोलाबारी, हवाई हमलों, बड़े विस्फोटों और ध्वंस अभियानों की सूचना दी। कुछ रिपोर्टों में फॉस्फोरस गोलों के इस्तेमाल का आरोप भी लगाया गया, लेकिन उपलब्ध स्रोतों में इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। 68
सबसे भारी तोपखाने की गोलाबारी मंसूरी, बैत अल-सय्याद के आसपास और मजदल ज़ून के बाहरी इलाकों में होने की बात कही गई। लेबनानी सरकारी मीडिया ने अली अल-ताहेर की पहाड़ियों के पास हवाई हमलों और दक्षिण के पश्चिमी तथा मध्य हिस्सों में ड्रोन की लगातार गतिविधि की भी खबर दी। 6910
मंसूरी, बैत अल-सय्याद और मजदल ज़ून में बड़े विस्फोटों और व्यापक ध्वंस की रिपोर्टें सामने आईं। हदाथा, बेत याहून और ऐता अल-जबल में भी इसी तरह की ध्वंस गतिविधि तथा आसपास की घाटियों की ओर मशीनगन से गोलीबारी की सूचना दी गई। 1012
बैत अल-सय्याद को विशेष रूप से गंभीर नुकसान पहुंचने वाला इलाका बताया गया। लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी का हवाला देते हुए कई रिपोर्टों में कहा गया कि शहर के घरों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा या वे नष्ट हो गए। एक विवरण में दावा किया गया कि कोई भी घर बिना नुकसान के नहीं बचा। ये दावे लेबनानी रिपोर्टिंग पर आधारित हैं और यहां इनका स्वतंत्र आकलन नहीं किया गया है। 81213
लेबनानी सरकारी मीडिया ने कहा कि कुछ हमलों में फॉस्फोरस गोलों का इस्तेमाल किया गया। कई आउटलेट्स ने इस दावे को दोहराया और कफर रुम्मान के पास, अली अल-ताहेर की पहाड़ियों तथा दक्षिणी लेबनान के अन्य इलाकों का उल्लेख किया। 6816
हालांकि, उपलब्ध स्रोत स्वतंत्र रूप से यह पुष्टि नहीं करते कि किस तरह का गोला-बारूद इस्तेमाल हुआ, वह वास्तव में किन स्थानों पर इस्तेमाल किया गया या किसी खास हमले ने अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन किया या नहीं। इसका कानूनी आकलन लक्ष्य, हमले की प्रकृति, बरती गई सावधानियों और नागरिकों पर पड़े प्रभाव जैसे तथ्यों पर निर्भर करेगा।
लेबनानी अधिकारियों ने हमलों, घुसपैठ और ध्वंस की व्यापक श्रृंखला को अंतरराष्ट्रीय कानून तथा अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन बताया है। यह एक राजनीतिक और कानूनी आरोप है, अदालत का अंतिम फैसला नहीं।
रातभर के हमले ऐसे युद्धविराम ढांचे के बीच हुए जो शुरू से ही बेहद अस्थिर रहा है। जून में अमेरिका की मध्यस्थता से बने समझौते में युद्धविराम को हिज़्बुल्लाह की ओर से पूरी तरह गोलीबारी रोकने और लितानी नदी के दक्षिण के इलाके से उसके सदस्यों को हटाने की शर्त से जोड़ा गया था। इस क्षेत्र में लेबनानी सशस्त्र बलों का विशेष नियंत्रण होना था। 19
समझौते को शुरुआत से ही चुनौती मिली। रॉयटर्स के अनुसार, हिज़्बुल्लाह ने योजना को खारिज कर दिया, जबकि इज़राइल ने हमले जारी रखे और कहा कि वह दक्षिणी लेबनान से तुरंत पीछे नहीं हटेगा। बाद में संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्टों में कहा गया कि युद्धविराम की घोषणाओं के बावजूद उल्लंघन जारी रहे और लेबनान में इज़राइली सैन्य गतिविधि तेज हुई।
यह बड़ी escalation अगस्त की शुरुआत में दक्षिणी लेबनान में दो इज़राइली सैनिकों की मौत के बाद हुई। इज़राइली सेना ने कहा कि जिस इलाके में उसके सैनिक अभियान चला रहे थे, वहां एक विस्फोटक उपकरण फट गया। इज़राइली अधिकारियों ने इसके बाद के हमलों को युद्धविराम के हिज़्बुल्लाह द्वारा किए गए कथित उल्लंघन की प्रतिक्रिया बताया। 117
इस क्रम से स्पष्ट है कि रातभर की कार्रवाई केवल एक रात की गोलीबारी तक सीमित नहीं थी। यह हवाई शक्ति, तोपखाने, जमीनी गतिविधियों, घरों के ध्वंस और लोगों को विस्थापित करने वाले आदेशों वाले व्यापक अभियान का हिस्सा थी।
तत्काल रिपोर्टों में सबसे अधिक जोर घरों के नष्ट या क्षतिग्रस्त होने और लोगों के वापस लौट न पाने के खतरे पर रहा। मानवीय संगठनों ने चेतावनी दी है कि लगातार गोलाबारी, ड्रोन हमलों और ध्वंस अभियानों के कारण बड़ी संख्या में लोग युद्धविराम व्यवस्था के बावजूद अपने घर नहीं लौट पा रहे हैं।
रॉयटर्स ने बताया कि लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 15 अगस्त तक 2 मार्च से देश में मरने वालों की संख्या 4,300 से अधिक हो चुकी थी। 18 संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार अपडेट में इससे पहले कहा गया था कि मार्च में हुई बड़ी escalation के शुरुआती तीन हफ्तों के दौरान 10 लाख से अधिक लोग विस्थापित हुए।
ये आंकड़े पूरे व्यापक संघर्ष से संबंधित हैं; इन्हें केवल 22–23 अगस्त की रात के अभियान में हुई मौतों या विस्थापन के रूप में नहीं पढ़ा जाना चाहिए। ताजा ध्वंस अभियानों का महत्व इस वजह से भी है कि वे घरों और नागरिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाकर पहले से गंभीर विस्थापन संकट को और गहरा कर सकते हैं।
तोपखाने की गोलाबारी, हवाई हमलों, विस्फोटों और ध्वंस की व्यापक तस्वीर को उपलब्ध कवरेज में लगातार लेबनान की National News Agency से जोड़ा गया है और कई क्षेत्रीय आउटलेट्स ने इसे दोहराया है। लेकिन नुकसान का सटीक पैमाना, हर हमले का लक्ष्य और फॉस्फोरस गोलों के इस्तेमाल का आरोप अभी कम ठोस रूप से स्थापित है।
युद्धविराम के अर्थ को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच गहरा मतभेद है। इज़राइल ने अपनी कार्रवाइयों को हिज़्बुल्लाह की गतिविधियों की प्रतिक्रिया और लितानी नदी के दक्षिण से समूह को हटाने की कोशिश बताया है। इसके विपरीत, लेबनानी अधिकारियों और निवासियों ने इज़राइल पर युद्धविराम की प्रतिबद्धताओं की बार-बार अनदेखी करने और नागरिक ढांचे को जानबूझकर नष्ट करने का आरोप लगाया है। 119
उपलब्ध साक्ष्यों से सबसे स्पष्ट निष्कर्ष यही निकलता है: दक्षिणी लेबनान में एक और व्यापक escalation हुई, जिसमें कई तरह की सैन्य कार्रवाइयां, आवासीय इलाकों को भारी नुकसान और नागरिकों पर गंभीर असर की रिपोर्टें सामने आईं। हालांकि, इस्तेमाल किए गए खास हथियारों और संभावित कानूनी उल्लंघनों से जुड़े महत्वपूर्ण दावों की स्वतंत्र जांच अभी बाकी है।
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लेबनान की सरकारी मीडिया ने 22–23 अगस्त की रात मंसूरी, बैत अल सय्याद और मजदल ज़ून के आसपास इज़राइली तोपखाने की गोलाबारी, हवाई हमलों और ध्वंस अभियानों की सूचना दी। बैत अल सय्याद में भारी नुकसान की खबरें हैं।
लेबनान की सरकारी मीडिया ने 22–23 अगस्त की रात मंसूरी, बैत अल सय्याद और मजदल ज़ून के आसपास इज़राइली तोपखाने की गोलाबारी, हवाई हमलों और ध्वंस अभियानों की सूचना दी। बैत अल सय्याद में भारी नुकसान की खबरें हैं। ये हमले जून में हुए नाजुक युद्धविराम के बीच हुए। अगस्त की शुरुआत में दक्षिणी लेबनान में दो इज़राइली सैनिकों की मौत के बाद बड़े पैमाने पर हमले फिर तेज हुए थे।
रॉयटर्स के अनुसार, 15 अगस्त तक लेबनान में 2 मार्च से 4,300 से अधिक लोगों की मौत की सूचना थी। संयुक्त राष्ट्र की एक पूर्व रिपोर्ट में मार्च की बड़ी सैन्य escalation के दौरान 10 लाख से अधिक लोगों के विस्थापित होने की बा...