राज्यों ने इस रणनीति को चिंता, अवसाद, शरीर की छवि से जुड़ी समस्याओं और आत्महत्या के विचारों जैसे रिपोर्ट किए गए जोखिमों से जोड़ा है। हालांकि, ये मुकदमे में राज्यों द्वारा लगाए गए आरोप हैं; अदालत ने अभी यह निष्कर्ष नहीं दिया है कि Meta इन परिणामों के लिए कानूनी रूप से जिम्मेदार है।
गठबंधन का आरोप है कि Meta ने अभिभावकों और आम जनता को यह भरोसा दिलाया कि उसके प्लेटफॉर्म बच्चों के लिए सुरक्षित हैं, जबकि संभावित नुकसान से जुड़ी जानकारी को छिपाया या कम करके प्रस्तुत किया गया। राज्य इसे उपभोक्ता-संरक्षण कानूनों का उल्लंघन मानते हैं।
Meta इन आरोपों को खारिज करता है। कंपनी का कहना है कि उसने युवाओं की सुरक्षा के लिए कई उपकरण और उपाय पेश किए हैं और वह इस बात से असहमत है कि उसने बच्चों को जानबूझकर लत लगाने या जनता को गुमराह करने के उद्देश्य से अपने उत्पाद बनाए।
राज्यों का आरोप है कि Meta ने बच्चों की निजी जानकारी एकत्र और इस्तेमाल करके संघीय Children’s Online Privacy Protection Act (COPPA) तथा संबंधित राज्य कानूनों का उल्लंघन किया। विवाद का केंद्र खास तौर पर 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का डेटा और यह सवाल है कि क्या उसे जुटाने से पहले अभिभावकों की जरूरी सहमति ली गई थी।
मुकदमे में केवल आर्थिक हर्जाने की मांग नहीं की गई है। राज्य देशभर में लागू होने वाला अदालत का आदेश चाहते हैं, जिसके तहत कम उम्र के यूजर्स के लिए Facebook और Instagram के संचालन में बदलाव किए जा सकें। इनमें शामिल हैं:
किसी भी आदेश का वास्तविक दायरा अदालत के निष्कर्षों और न्यायाधीश द्वारा उचित माने जाने वाले उपायों पर निर्भर करेगा। गठबंधन के बाकी 25 राज्य इस मुकदमे के बाद अलग चरण में अपनी दलीलें पेश करने की उम्मीद कर रहे हैं।
Meta ने कहा है कि सैद्धांतिक रूप से संभावित अधिकतम दंड लगभग 1.4 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। राज्यों ने संकेत दिया है कि लगभग 200 अरब डॉलर का आंकड़ा अधिक वास्तविक हो सकता है। अभी तक कोई अंतिम राशि तय या प्रदान नहीं की गई है। यदि आर्थिक दंड लगाया जाता है, तो उसका निर्धारण न्यायाधीश करेंगे।
दोनों आंकड़ों के बीच का अंतर महत्वपूर्ण है। 1.4 ट्रिलियन डॉलर Meta द्वारा बताए गए संभावित अधिकतम जोखिम को दर्शाता है, जबकि 200 अरब डॉलर वह राशि है जिसे राज्य अधिक व्यावहारिक दावे के रूप में देख रहे हैं। इसलिए मुकदमे का नतीजा इससे काफी कम आर्थिक दंड, बिना किसी मौद्रिक दंड या किसी समझौते के रूप में भी सामने आ सकता है। उपलब्ध रिपोर्टिंग से अंतिम परिणाम तय नहीं होता।
आर्थिक दंड Meta के लिए बड़ा वित्तीय झटका होगा, लेकिन उपयोगकर्ताओं को सबसे प्रत्यक्ष असर देशभर में लागू होने वाले किसी निषेधाज्ञा आदेश से पड़ सकता है। उम्र की जांच, अभिभावकीय सहमति या कंटेंट की सिफारिश और स्क्रॉलिंग सुविधाओं से जुड़े निर्देश कंपनी को केवल जुर्माना भरने के बजाय Facebook और Instagram के कुछ हिस्सों को दोबारा डिजाइन करने के लिए मजबूर कर सकते हैं।
यह मुकदमा अमेरिका में सोशल मीडिया से युवाओं को होने वाले कथित नुकसान पर चल रही व्यापक कानूनी लड़ाई के बीच हो रहा है। अलग से चल रहे न्यू मैक्सिको मामले में एक राज्य अदालत ने Meta को 567 मिलियन डॉलर का भुगतान करने और युवाओं की सुरक्षा के उपाय लागू करने का आदेश दिया था। हालांकि, वह फैसला ओकलैंड में चल रहे संघीय मुकदमे का नतीजा तय नहीं करता।
जूरी एक सलाहकारी फैसला देगी। इसके बाद संघीय न्यायाधीश यह तय करेंगे कि जिन आरोपों पर सुनवाई हो रही है, उनके तहत Meta कानूनी रूप से जिम्मेदार है या नहीं। न्यायाधीश ही संभावित नागरिक दंड और प्लेटफॉर्म में बदलाव का आदेश देने पर अंतिम निर्णय करेंगे।
जब तक ये फैसले नहीं आ जाते, आरोपों को स्थापित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए। इस मुकदमे का मूल सवाल यह है कि क्या Meta के उत्पाद डिजाइन, सार्वजनिक बयान और डेटा से जुड़ी प्रक्रियाओं ने राज्यों द्वारा उद्धृत कानूनों का उल्लंघन किया—और यदि अदालत ऐसा मानती है, तो उसके लिए कौन-सा उपाय उचित होगा।