एशियाई शेयर बाजार क्यों खुले कमजोर: बॉन्ड यील्ड, तेल और महंगाई ने बढ़ाई चिंता
21 अगस्त की शुरुआत में निक्केई 225 करीब 0.86%, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.99% और ऑस्ट्रेलिया का ASX 200 0.18% नीचे रहा। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड बढ़ने से टेक्नोलॉजी और अन्य ग्रोथ शेयरों का आकर्षण घटा, जबकि निवेशकों को लंबी अवधि के बॉन्ड बायबैक से स्थायी राहत मिलने पर संदेह रहा। जापान की हेडलाइन महंगाई 1.9% और कोर महंगाई...
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21 अगस्त की शुरुआत में निक्केई 225 करीब 0.86%, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.99% और ऑस्ट्रेलिया का ASX 200 0.18% नीचे रहा।
अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड बढ़ने से टेक्नोलॉजी और अन्य ग्रोथ शेयरों का आकर्षण घटा, जबकि निवेशकों को लंबी अवधि के बॉन्ड बायबैक से स्थायी राहत मिलने पर संदेह रहा।
जापान की हेडलाइन महंगाई 1.9% और कोर महंगाई 1.8% पहुंची, जिससे बैंक ऑफ जापान की संभावित दर बढ़ोतरी पर चर्चा तेज हुई।
अगले सप्ताह जैक्सन होल बैठक, Nvidia के नतीजे और अमेरिकी कोर PCE महंगाई आंकड़े बाजार की दिशा के लिए अहम रहेंगे।
What caused Asian stock markets to open broadly lower on Friday, August 21, with Japan’s Nikkei 225 down about 0.9%, South Korea’s Kospi losEditorial illustration of the market forces pressuring Asian equities.
AI संकेत
Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What caused Asian stock markets to open broadly lower on Friday, August 21, with Japan’s Nikkei 225 down about 0.9%, South Korea’s Kospi los. Article summary: Asian markets opened lower because investors were repricing a more persistent “higher yields, higher inflation” risk after Wall Street’s previous-session decline. The move was defensive rather than Asia-specific: pricier. Topic tags: general, news, general web, user generated, government. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermar
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शुक्रवार, 21 अगस्त को एशियाई शेयर बाजारों में शुरुआती कारोबार broadly कमजोर रहा। निवेशकों ने पिछले सत्र में वॉल स्ट्रीट की गिरावट और अमेरिकी ट्रेजरी की लंबी अवधि की यील्ड में फिर हुई बढ़ोतरी पर प्रतिक्रिया दी। यह किसी एक एशियाई देश से जुड़ा झटका नहीं था, बल्कि वैश्विक स्तर पर जोखिम का दोबारा आकलन था—महंगी फंडिंग, ऊंचे तेल भाव और लगातार बनी महंगाई की चिंता ने शेयरों, खासकर टेक्नोलॉजी से जुड़े बाजारों, पर दबाव डाला।
शुरुआती गिरावट हालांकि एकसमान नहीं थी। बाजार खुलते समय जापान का निक्केई 225 करीब 0.86%, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.99% और ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 0.18% नीचे था। बाद की रिपोर्टों में क्षेत्रीय बाजारों की तस्वीर मिली-जुली रही, जिससे संकेत मिलता है कि शुरुआती कमजोरी पूरे दिन की एक जैसी बिकवाली नहीं थी।
Studio Global AI
अपना शोध जारी रखें
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
"एशियाई शेयर बाजार क्यों खुले कमजोर: बॉन्ड यील्ड, तेल और महंगाई ने बढ़ाई चिंता" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
21 अगस्त की शुरुआत में निक्केई 225 करीब 0.86%, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.99% और ऑस्ट्रेलिया का ASX 200 0.18% नीचे रहा।
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
21 अगस्त की शुरुआत में निक्केई 225 करीब 0.86%, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.99% और ऑस्ट्रेलिया का ASX 200 0.18% नीचे रहा। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड बढ़ने से टेक्नोलॉजी और अन्य ग्रोथ शेयरों का आकर्षण घटा, जबकि निवेशकों को लंबी अवधि के बॉन्ड बायबैक से स्थायी राहत मिलने पर संदेह रहा।
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
जापान की हेडलाइन महंगाई 1.9% और कोर महंगाई 1.8% पहुंची, जिससे बैंक ऑफ जापान की संभावित दर बढ़ोतरी पर चर्चा तेज हुई।
एशियाई शेयर बाजार क्यों खुले कमजोर: बॉन्ड यील्ड, तेल और महंगाई ने बढ़ाई चिंता
21 अगस्त की शुरुआत में निक्केई 225 करीब 0.86%, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.99% और ऑस्ट्रेलिया का ASX 200 0.18% नीचे रहा। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड बढ़ने से टेक्नोलॉजी और अन्य ग्रोथ शेयरों का आकर्षण घटा, जबकि निवेशकों को लंबी अवधि के बॉन्ड बायबैक से स्थायी राहत मिलने पर संदेह रहा। जापान की हेडलाइन महंगाई 1.9% और कोर महंगाई...
प्रकाशितकर्ताGPT-5.6 Luna से संपादितGPT Image 1.5 से चित्र बनाए गए
21 अगस्त की शुरुआत में निक्केई 225 करीब 0.86%, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.99% और ऑस्ट्रेलिया का ASX 200 0.18% नीचे रहा।
अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड बढ़ने से टेक्नोलॉजी और अन्य ग्रोथ शेयरों का आकर्षण घटा, जबकि निवेशकों को लंबी अवधि के बॉन्ड बायबैक से स्थायी राहत मिलने पर संदेह रहा।
जापान की हेडलाइन महंगाई 1.9% और कोर महंगाई 1.8% पहुंची, जिससे बैंक ऑफ जापान की संभावित दर बढ़ोतरी पर चर्चा तेज हुई।
अगले सप्ताह जैक्सन होल बैठक, Nvidia के नतीजे और अमेरिकी कोर PCE महंगाई आंकड़े बाजार की दिशा के लिए अहम रहेंगे।
What caused Asian stock markets to open broadly lower on Friday, August 21, with Japan’s Nikkei 225 down about 0.9%, South Korea’s Kospi losEditorial illustration of the market forces pressuring Asian equities.
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शुक्रवार, 21 अगस्त को एशियाई शेयर बाजारों में शुरुआती कारोबार broadly कमजोर रहा। निवेशकों ने पिछले सत्र में वॉल स्ट्रीट की गिरावट और अमेरिकी ट्रेजरी की लंबी अवधि की यील्ड में फिर हुई बढ़ोतरी पर प्रतिक्रिया दी। यह किसी एक एशियाई देश से जुड़ा झटका नहीं था, बल्कि वैश्विक स्तर पर जोखिम का दोबारा आकलन था—महंगी फंडिंग, ऊंचे तेल भाव और लगातार बनी महंगाई की चिंता ने शेयरों, खासकर टेक्नोलॉजी से जुड़े बाजारों, पर दबाव डाला।
शुरुआती गिरावट हालांकि एकसमान नहीं थी। बाजार खुलते समय जापान का निक्केई 225 करीब 0.86%, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.99% और ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 0.18% नीचे था। बाद की रिपोर्टों में क्षेत्रीय बाजारों की तस्वीर मिली-जुली रही, जिससे संकेत मिलता है कि शुरुआती कमजोरी पूरे दिन की एक जैसी बिकवाली नहीं थी।
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अपना शोध जारी रखें
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
"एशियाई शेयर बाजार क्यों खुले कमजोर: बॉन्ड यील्ड, तेल और महंगाई ने बढ़ाई चिंता" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
21 अगस्त की शुरुआत में निक्केई 225 करीब 0.86%, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.99% और ऑस्ट्रेलिया का ASX 200 0.18% नीचे रहा।
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
21 अगस्त की शुरुआत में निक्केई 225 करीब 0.86%, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.99% और ऑस्ट्रेलिया का ASX 200 0.18% नीचे रहा। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड बढ़ने से टेक्नोलॉजी और अन्य ग्रोथ शेयरों का आकर्षण घटा, जबकि निवेशकों को लंबी अवधि के बॉन्ड बायबैक से स्थायी राहत मिलने पर संदेह रहा।
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
जापान की हेडलाइन महंगाई 1.9% और कोर महंगाई 1.8% पहुंची, जिससे बैंक ऑफ जापान की संभावित दर बढ़ोतरी पर चर्चा तेज हुई।
तत्काल दबाव का मुख्य कारण अमेरिकी शेयरों में गिरावट और बॉन्ड यील्ड में उछाल था। जब ट्रेजरी यील्ड बढ़ती है, तो कंपनियों की भविष्य की कमाई का वर्तमान मूल्यांकन कम आकर्षक हो जाता है। इसका असर उन ग्रोथ और टेक्नोलॉजी कंपनियों पर अधिक पड़ता है, जिनके मुनाफे का बड़ा हिस्सा भविष्य में आने की उम्मीद होती है।
इसी वजह से वॉल स्ट्रीट की कमजोरी ने एशियाई कारोबार की शुरुआत में रक्षात्मक माहौल बना दिया। ऊंची ब्याज दरों से उपभोक्ता मांग और कंपनियों के निवेश पर असर पड़ने की आशंका भी बढ़ी। Walmart की बिक्री वृद्धि के कमजोर आंकड़ों ने अमेरिकी उपभोक्ता की मजबूती को लेकर सवाल और गहरे कर दिए।
ट्रेजरी के बॉन्ड बायबैक से निवेशक क्यों आश्वस्त नहीं हुए
अमेरिकी ट्रेजरी ने लंबी अवधि के सरकारी बॉन्ड में लिक्विडिटी सपोर्ट देने के लिए बायबैक का आकार कम-से-कम दोगुना करने की घोषणा की थी। 10 से 20 वर्ष और 20 से 30 वर्ष की अवधि वाले बॉन्ड के लिए प्रति ऑपरेशन अधिकतम सीमा 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम-से-कम 4 अरब डॉलर की जानी थी। यह कार्यक्रम 9 सितंबर से शुरू होना था।
घोषणा के बाद शुरुआत में लंबी अवधि की यील्ड नीचे आई और अगले दिन एशियाई शेयरों में तेजी भी दिखी। लेकिन यह राहत टिक नहीं सकी। निवेशकों ने सवाल उठाया कि क्या बायबैक का आकार महंगाई, बढ़ते सरकारी कर्ज और निजी निवेशकों को सरकारी बॉन्ड की बड़ी सप्लाई सोखने की चुनौती जैसे मूल दबावों से निपटने के लिए पर्याप्त है।
इसके बाद यील्ड फिर बढ़ गई। गुरुवार को 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड 4.70% के ऊपर चली गई, जबकि 30-वर्षीय यील्ड में भी बढ़ोतरी हुई। इससे बाजार ने ट्रेजरी की घोषणा को बॉन्ड बाजार के लिए सीमित लिक्विडिटी सपोर्ट माना, न कि राजकोषीय और महंगाई संबंधी समस्याओं का स्थायी समाधान।
महंगे तेल और ईरान तनाव ने महंगाई की चिंता बढ़ाई
तेल की कीमतों ने बाजार पर एक और दबाव डाला। ईरान से जुड़े तनाव बने रहने और कूटनीतिक प्रयासों से तत्काल समाधान न निकलने के कारण ऊर्जा कीमतें ऊंची रहीं। सप्ताह की शुरुआत में संघर्षविराम खत्म होने और तेज कूटनीतिक समाधान की उम्मीद कमजोर पड़ने के बीच ब्रेंट क्रूड 91 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर चला गया था।
महंगा तेल सीधे तौर पर उपभोक्ता महंगाई बढ़ा सकता है और परिवारों की क्रय शक्ति पर दबाव डाल सकता है। कंपनियों की लागत भी बढ़ती है, जबकि केंद्रीय बैंकों के लिए ब्याज दरों में कटौती करना कठिन हो जाता है। शेयर बाजार के लिए यह मुश्किल स्थिति है: आर्थिक विकास की उम्मीद कमजोर होती है और कंपनियों के मूल्यांकन पर इस्तेमाल होने वाली डिस्काउंट रेट बढ़ती है।
जापान में घरेलू महंगाई ने अलग चिंता जोड़ी
जापान के महंगाई आंकड़ों ने बॉन्ड बाजार से जुड़ी चिंता को और बढ़ाया। जुलाई में हेडलाइन उपभोक्ता महंगाई जून के 1.6% से बढ़कर 1.9% हो गई। ताजा खाद्य पदार्थों को छोड़कर, लेकिन ऊर्जा को शामिल करने वाली कोर महंगाई 1.8% रही।
अलग wholesale-price आंकड़ों में जुलाई की सालाना उत्पादक महंगाई 7.2% रही। इससे सितंबर में बैंक ऑफ जापान की संभावित ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीदें बनी रहीं। अगर BOJ का रुख कम नरम होता है, तो जापान में घरेलू यील्ड बढ़ने और जापानी शेयरों के मूल्यांकन पर दबाव आने की संभावना बढ़ सकती है—खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक बॉन्ड बिकवाली पहले से जारी है।
हालांकि, इन आंकड़ों से दर बढ़ोतरी पक्की नहीं होती। कोर महंगाई अभी भी BOJ के 2% लक्ष्य से नीचे है और किसी भी नीति बदलाव का समय तथा आकार आगे आने वाले आंकड़ों और केंद्रीय बैंक के आकलन पर निर्भर करेगा।
अब बाजार किन संकेतों पर नजर रखेगा
आने वाले दिनों में यह महत्वपूर्ण होगा कि अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और तेल की कीमतें स्थिर होती हैं या नहीं। तीन घटनाएं खास तौर पर बाजार की दिशा तय कर सकती हैं:
जैक्सन होल बैठक: केंद्रीय बैंक के अधिकारियों की टिप्पणियों से यह संकेत मिल सकता है कि वे टिकाऊ महंगाई, ऊंची लंबी अवधि की यील्ड और ब्याज दरों के अगले कदम को किस तरह देखते हैं।
Nvidia के तिमाही नतीजे: नतीजे यह परखेंगे कि बढ़ती बॉन्ड यील्ड के बावजूद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी मजबूत कमाई टेक्नोलॉजी शेयरों के ऊंचे मूल्यांकन को सहारा दे सकती है या नहीं।
अमेरिकी कोर PCE महंगाई: यह फेडरल रिजर्व का पसंदीदा महंगाई संकेतक है। अपेक्षा से नरम आंकड़ा यील्ड को नीचे ला सकता है, जबकि मजबूत आंकड़ा जोखिम वाली परिसंपत्तियों पर दबाव लंबा खींच सकता है।
व्यावहारिक रूप से एशियाई बाजार एक साथ कई परिसंपत्ति वर्गों से मिल रहे संकेतों पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। बॉन्ड बाजार लंबी अवधि की ऊंची उधारी लागत का संकेत दे रहा था, तेल महंगाई का जोखिम बनाए हुए था और शेयरों से महंगे मूल्यांकन को सही साबित करने की उम्मीद थी। ट्रेजरी यील्ड में स्थिरता, ईरान से जुड़े ऊर्जा जोखिमों में कमी या उम्मीद से बेहतर महंगाई आंकड़े बाजार में राहत ला सकते हैं। इसके उलट, ऐसी राहत न मिलने पर जापान, दक्षिण कोरिया और अन्य टेक्नोलॉजी-प्रधान बाजारों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
home.treasury.govTreasury Announces Increased Sizes of Nominal Long- ...
तत्काल दबाव का मुख्य कारण अमेरिकी शेयरों में गिरावट और बॉन्ड यील्ड में उछाल था। जब ट्रेजरी यील्ड बढ़ती है, तो कंपनियों की भविष्य की कमाई का वर्तमान मूल्यांकन कम आकर्षक हो जाता है। इसका असर उन ग्रोथ और टेक्नोलॉजी कंपनियों पर अधिक पड़ता है, जिनके मुनाफे का बड़ा हिस्सा भविष्य में आने की उम्मीद होती है।
इसी वजह से वॉल स्ट्रीट की कमजोरी ने एशियाई कारोबार की शुरुआत में रक्षात्मक माहौल बना दिया। ऊंची ब्याज दरों से उपभोक्ता मांग और कंपनियों के निवेश पर असर पड़ने की आशंका भी बढ़ी। Walmart की बिक्री वृद्धि के कमजोर आंकड़ों ने अमेरिकी उपभोक्ता की मजबूती को लेकर सवाल और गहरे कर दिए।
ट्रेजरी के बॉन्ड बायबैक से निवेशक क्यों आश्वस्त नहीं हुए
अमेरिकी ट्रेजरी ने लंबी अवधि के सरकारी बॉन्ड में लिक्विडिटी सपोर्ट देने के लिए बायबैक का आकार कम-से-कम दोगुना करने की घोषणा की थी। 10 से 20 वर्ष और 20 से 30 वर्ष की अवधि वाले बॉन्ड के लिए प्रति ऑपरेशन अधिकतम सीमा 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम-से-कम 4 अरब डॉलर की जानी थी। यह कार्यक्रम 9 सितंबर से शुरू होना था।
घोषणा के बाद शुरुआत में लंबी अवधि की यील्ड नीचे आई और अगले दिन एशियाई शेयरों में तेजी भी दिखी। लेकिन यह राहत टिक नहीं सकी। निवेशकों ने सवाल उठाया कि क्या बायबैक का आकार महंगाई, बढ़ते सरकारी कर्ज और निजी निवेशकों को सरकारी बॉन्ड की बड़ी सप्लाई सोखने की चुनौती जैसे मूल दबावों से निपटने के लिए पर्याप्त है।
इसके बाद यील्ड फिर बढ़ गई। गुरुवार को 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड 4.70% के ऊपर चली गई, जबकि 30-वर्षीय यील्ड में भी बढ़ोतरी हुई। इससे बाजार ने ट्रेजरी की घोषणा को बॉन्ड बाजार के लिए सीमित लिक्विडिटी सपोर्ट माना, न कि राजकोषीय और महंगाई संबंधी समस्याओं का स्थायी समाधान।
महंगे तेल और ईरान तनाव ने महंगाई की चिंता बढ़ाई
तेल की कीमतों ने बाजार पर एक और दबाव डाला। ईरान से जुड़े तनाव बने रहने और कूटनीतिक प्रयासों से तत्काल समाधान न निकलने के कारण ऊर्जा कीमतें ऊंची रहीं। सप्ताह की शुरुआत में संघर्षविराम खत्म होने और तेज कूटनीतिक समाधान की उम्मीद कमजोर पड़ने के बीच ब्रेंट क्रूड 91 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर चला गया था।
महंगा तेल सीधे तौर पर उपभोक्ता महंगाई बढ़ा सकता है और परिवारों की क्रय शक्ति पर दबाव डाल सकता है। कंपनियों की लागत भी बढ़ती है, जबकि केंद्रीय बैंकों के लिए ब्याज दरों में कटौती करना कठिन हो जाता है। शेयर बाजार के लिए यह मुश्किल स्थिति है: आर्थिक विकास की उम्मीद कमजोर होती है और कंपनियों के मूल्यांकन पर इस्तेमाल होने वाली डिस्काउंट रेट बढ़ती है।
जापान में घरेलू महंगाई ने अलग चिंता जोड़ी
जापान के महंगाई आंकड़ों ने बॉन्ड बाजार से जुड़ी चिंता को और बढ़ाया। जुलाई में हेडलाइन उपभोक्ता महंगाई जून के 1.6% से बढ़कर 1.9% हो गई। ताजा खाद्य पदार्थों को छोड़कर, लेकिन ऊर्जा को शामिल करने वाली कोर महंगाई 1.8% रही।
अलग wholesale-price आंकड़ों में जुलाई की सालाना उत्पादक महंगाई 7.2% रही। इससे सितंबर में बैंक ऑफ जापान की संभावित ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीदें बनी रहीं। अगर BOJ का रुख कम नरम होता है, तो जापान में घरेलू यील्ड बढ़ने और जापानी शेयरों के मूल्यांकन पर दबाव आने की संभावना बढ़ सकती है—खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक बॉन्ड बिकवाली पहले से जारी है।
हालांकि, इन आंकड़ों से दर बढ़ोतरी पक्की नहीं होती। कोर महंगाई अभी भी BOJ के 2% लक्ष्य से नीचे है और किसी भी नीति बदलाव का समय तथा आकार आगे आने वाले आंकड़ों और केंद्रीय बैंक के आकलन पर निर्भर करेगा।
अब बाजार किन संकेतों पर नजर रखेगा
आने वाले दिनों में यह महत्वपूर्ण होगा कि अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और तेल की कीमतें स्थिर होती हैं या नहीं। तीन घटनाएं खास तौर पर बाजार की दिशा तय कर सकती हैं:
जैक्सन होल बैठक: केंद्रीय बैंक के अधिकारियों की टिप्पणियों से यह संकेत मिल सकता है कि वे टिकाऊ महंगाई, ऊंची लंबी अवधि की यील्ड और ब्याज दरों के अगले कदम को किस तरह देखते हैं।
Nvidia के तिमाही नतीजे: नतीजे यह परखेंगे कि बढ़ती बॉन्ड यील्ड के बावजूद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी मजबूत कमाई टेक्नोलॉजी शेयरों के ऊंचे मूल्यांकन को सहारा दे सकती है या नहीं।
अमेरिकी कोर PCE महंगाई: यह फेडरल रिजर्व का पसंदीदा महंगाई संकेतक है। अपेक्षा से नरम आंकड़ा यील्ड को नीचे ला सकता है, जबकि मजबूत आंकड़ा जोखिम वाली परिसंपत्तियों पर दबाव लंबा खींच सकता है।
व्यावहारिक रूप से एशियाई बाजार एक साथ कई परिसंपत्ति वर्गों से मिल रहे संकेतों पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। बॉन्ड बाजार लंबी अवधि की ऊंची उधारी लागत का संकेत दे रहा था, तेल महंगाई का जोखिम बनाए हुए था और शेयरों से महंगे मूल्यांकन को सही साबित करने की उम्मीद थी। ट्रेजरी यील्ड में स्थिरता, ईरान से जुड़े ऊर्जा जोखिमों में कमी या उम्मीद से बेहतर महंगाई आंकड़े बाजार में राहत ला सकते हैं। इसके उलट, ऐसी राहत न मिलने पर जापान, दक्षिण कोरिया और अन्य टेक्नोलॉजी-प्रधान बाजारों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
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