ब्लूम के अनुसार, Volkswagen की ओवरहेड लागत समान कंपनियों की तुलना में 30% से अधिक है। कंपनी को प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए इस संरचनात्मक लागत-अंतर को कम करना होगा।
लाभप्रदता भी संकट का अहम हिस्सा है। ब्लूम ने करीब 3.8% के ऑपरेटिंग रिटर्न को मौजूदा कठिन बाजार में सम्मानजनक बताया, लेकिन उनका कहना है कि लंबे समय में यह नई तकनीक, नए उत्पादों और कारखानों के लिए पर्याप्त निवेश पैदा नहीं करता।
इसी वजह से प्रबंधन पुनर्गठन को केवल कमजोर कमाई से निपटने की अल्पकालिक कोशिश के रूप में नहीं, बल्कि भविष्य में निवेश करने की कंपनी की क्षमता से जोड़ रहा है। Reuters के अनुसार, Volkswagen का 2025 का ऑपरेटिंग मुनाफा घटकर 8.9 अरब यूरो रह गया। कंपनी ने 2026 के लिए करीब 4% से 5% का ऑपरेटिंग मार्जिन अनुमानित किया है, जबकि 2025 में यह मार्जिन 2.8% था।
Volkswagen पर एक साथ कई दिशाओं से दबाव पड़ रहा है:
ब्लूम का मूल तर्क है कि बाजार में बदलाव और चीनी प्रतिद्वंद्वियों के बढ़ते दबाव के बीच Volkswagen को प्रतिस्पर्धा और निवेश की क्षमता बनाए रखने के लिए और गहरी लागत कटौती करनी होगी।
ब्लूम ने कहा है कि Volkswagen को 2030 के दशक में Emden, Hannover, Zwickau और Neckarsulm संयंत्रों में प्रतिस्पर्धी स्तर की क्षमता का इस्तेमाल होने की उम्मीद नहीं है।
इसका अर्थ यह नहीं है कि इन संयंत्रों को बंद करने का अंतिम फैसला हो चुका है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, किसी खास संयंत्र को बंद करने पर अभी निर्णय नहीं लिया गया है। हालांकि, पहले के पुनर्गठन प्रस्तावों में चार जर्मन साइटों को बंद करने की संभावना शामिल थी।
इसलिए मामला केवल नौकरियों की संख्या का नहीं है। अगर संयंत्र लंबे समय तक कम क्षमता पर चलते रहे, तो Volkswagen को यह तय करना पड़ सकता है कि कौन-से मॉडल कहां बनाए जाएं, कितनी उत्पादन क्षमता बरकरार रखी जाए और क्या किसी संयंत्र को नया काम दिया जा सकता है।
प्रस्तावित बदलाव केवल कर्मचारियों की संख्या घटाने तक सीमित नहीं हैं। चर्चा में या पहले रिपोर्ट किए गए उपायों में शामिल हैं:
Volkswagen को नियंत्रित करने वाले परिवारों ने भी सभी हितधारकों से अधिक व्यापक और निर्णायक पुनर्गठन का समर्थन करने को कहा है। इसलिए अंतिम योजना बनाते समय प्रबंधन, कर्मचारी, यूनियन, पर्यवेक्षी बोर्ड और जर्मनी के लोअर सैक्सोनी राज्य—सभी के हितों के बीच संतुलन बनाना होगा।
अगले चरण में कर्मचारियों के साथ सीधे संवाद और कंपनी के प्रशासनिक स्तर पर आगे के फैसले शामिल होने की उम्मीद है। ब्लूम को उन संयंत्रों का दौरा करना था जिन्हें बदलाव की योजना से सबसे अधिक प्रभावित माना जा रहा है। Volkswagen की वर्क्स काउंसिल ने अगस्त में विशेष कर्मचारी सभाओं का कार्यक्रम भी बनाया था, जहां कर्मचारी सीईओ से सीधे सवाल पूछ सकेंगे।
Wolfsburg मुख्यालय में बैठक 25 अगस्त और Emden तथा Zwickau में बैठकें 26 अगस्त को प्रस्तावित थीं।
Volkswagen ने 50,000 अतिरिक्त नौकरियों की अंतिम छंटनी योजना घोषित नहीं की है। ब्लूम इस आंकड़े का इस्तेमाल कंपनी के बड़े लागत-अंतर को पाटने के लिए जरूरी संभावित बचत का पैमाना बताने के लिए कर रहे हैं।
फिर भी इसके संभावित प्रभाव गंभीर हैं। पहले से स्वीकृत कटौतियों को जोड़ने पर चर्चा में कुल कमी करीब 100,000 पदों तक पहुंच सकती है। साथ ही, चार जर्मन संयंत्रों के 2030 के दशक में कम क्षमता पर चलने की आशंका बनी हुई है।
अंतिम रूप से कितनी नौकरियां जाएंगी, किन संयंत्रों का भविष्य बदलेगा और पुनर्गठन का पूरा स्वरूप क्या होगा—इन सभी सवालों के जवाब कर्मचारियों, यूनियनों, प्रबंधन और पर्यवेक्षी बोर्ड के बीच होने वाली बातचीत पर निर्भर हैं।