फिर भी इसे सरकारी बॉन्ड बाजार के लिए AI की सीधी जगह लेने वाली चुनौती समझना सही नहीं होगा। सरकारी बॉन्ड की मांग पर महंगाई, राजकोषीय घाटा, सरकारी कर्ज़ की आपूर्ति, आर्थिक विकास, भू-राजनीतिक जोखिम और केंद्रीय बैंकों की नीतिगत अपेक्षाओं का भी बड़ा असर होता है।
अमेरिका में 30-वर्षीय Treasury यील्ड हाल में 5.3% से ऊपर चली गई, जो 2007 के बाद का लगभग 19-वर्षीय उच्च स्तर है। यह उछाल वैश्विक बॉन्ड बिकवाली, लगातार महंगाई की चिंता, मौद्रिक नीति को लेकर अनिश्चितता और अमेरिकी सरकारी कर्ज़ के करीब 40 ट्रिलियन डॉलर पहुंचने की आशंका के बीच आया।
AI कंपनियों की भारी उधारी इस दबाव को बढ़ा सकती है, क्योंकि निवेशकों के पास अब मजबूत क्रेडिट रेटिंग वाली टेक कंपनियों के लंबे बॉन्ड का विकल्प मौजूद है। लेकिन उपलब्ध जानकारी यह साबित नहीं करती कि AI कर्ज़ ही Treasury यील्ड बढ़ने का प्राथमिक या अकेला कारण है। बाजार की दिशा कई शक्तियों के संयुक्त प्रभाव से तय हो रही है।
हाइपरस्केलर्स अपनी फंडिंग को अलग-अलग देशों और मुद्राओं में फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। इसका उद्देश्य निवेशकों का बड़ा आधार हासिल करना और केवल अमेरिकी डॉलर बाजार पर अत्यधिक निर्भरता से बचना है।
Alphabet ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में अपनी पहली ‘कंगारू बॉन्ड’ बिक्री से 5.5 अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर जुटाए। तीन, पांच, 10 और 20 वर्ष की अवधि वाले इस इश्यू के लिए निवेशकों की बोलियां 18 अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर से अधिक रहीं। यह ऑस्ट्रेलियाई बाजार में किसी AI हाइपरस्केलर का पहला इश्यू था।
20-वर्षीय हिस्से की यील्ड करीब 6.9% रही। इससे पता चलता है कि मजबूत वित्तीय स्थिति वाली कंपनी को भी फंडिंग के स्रोत और मुद्रा का दायरा बढ़ाने के लिए लंबी अवधि में काफी ऊंची लागत स्वीकार करनी पड़ सकती है।
Alphabet पहले ही यूरो, पाउंड, स्विस फ्रैंक और येन कॉरपोरेट-बॉन्ड बाजारों में एक बड़ा उधारकर्ता बन चुका है। Amazon ने मार्च में 14.5 अरब यूरो का आठ-हिस्सों वाला इश्यू किया था, जो यूरो कॉरपोरेट-बॉन्ड बाजार का अब तक का सबसे बड़ा सौदा बताया गया।
ऑस्ट्रेलियाई बाजार से जुड़े 5.5 अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के इश्यू, करीब 6.9% की 20-वर्षीय यील्ड और 18 अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर से अधिक की मांग की पुष्टि रिपोर्टों से होती है। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया में विदेशी कंपनियों द्वारा करीब 60 अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के रिकॉर्ड इश्यू या 2028 तक 3.2 ट्रिलियन डॉलर की फंडिंग में 1.75 ट्रिलियन डॉलर के हिस्से जैसे विशिष्ट आंकड़ों को उपलब्ध उच्च-गुणवत्ता वाले स्रोतों से स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया जा सका। इन्हें मूल रिसर्च स्रोत के बिना निश्चित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।
हाइपरस्केलर बॉन्ड, जारीकर्ता और अवधि के आधार पर, लगभग 4.75% से 8% तक की नाममात्र आय दे सकते हैं। मजबूत बैलेंस शीट वाली इन्वेस्टमेंट-ग्रेड कंपनियों के लिए यह कुछ सरकारी बॉन्ड की तुलना में आकर्षक लग सकता है—खासकर उन निवेशकों के लिए जो अवधि और क्रेडिट-स्प्रेड जोखिम उठा सकते हैं।
Alphabet के ऑस्ट्रेलियाई इश्यू जैसे मजबूत ऑर्डर-बुक यह भी दिखाते हैं कि संस्थागत निवेशकों की बड़ी और पहचानी हुई टेक कंपनियों के कर्ज़ में रुचि अभी बनी हुई है।
Alphabet, Amazon और Meta जैसी मूल कंपनियों के वरिष्ठ असुरक्षित बॉन्ड और डेटा सेंटर डेवलपर, उपकरण आपूर्तिकर्ता, छोटी AI कंपनियों या विशेष प्रयोजन वाली परियोजना-वित्त इकाइयों का कर्ज़ एक जैसा नहीं होता।
निवेशकों को यह देखना चाहिए कि बॉन्ड वरिष्ठ असुरक्षित दावा है, सुरक्षित कर्ज़ है, होल्डिंग कंपनी का संरचनात्मक रूप से अधीनस्थ कर्ज़ है, लीज़ से जुड़ा दायित्व है या बैलेंस शीट से बाहर का वित्तपोषण। केवल अधिक यील्ड देखकर जोखिम का सही आकलन नहीं किया जा सकता।
अधिक यील्ड का बड़ा हिस्सा लंबी अवधि वाले बॉन्ड से आता है। अगर बाजार यील्ड और बढ़ती है, तो ऐसे बॉन्ड की कीमत में उल्लेखनीय गिरावट आ सकती है। इसके उलट, यील्ड घटने पर लॉक की गई कूपन आय मूल्यवान हो सकती है, लेकिन भविष्य में मिलने वाली नई निवेश आय कम हो सकती है।
कंपनियां AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर कर्ज़ अभी ले रही हैं, जबकि इस निवेश से मिलने वाला अंतिम राजस्व और रिटर्न पूरी तरह सिद्ध नहीं हुआ है। यदि AI का व्यावसायीकरण उम्मीद से धीमा रहा, पूंजीगत खर्च लंबे समय तक ऊंचा बना रहा या प्रतिस्पर्धा ने क्लाउड और AI मार्जिन घटा दिए, तो आज के मजबूत जारीकर्ताओं के लीवरेज अनुपात और क्रेडिट स्प्रेड भी खराब हो सकते हैं।
निवेशक मांग अभी मजबूत है, लेकिन इश्यू बढ़ने और यील्ड ऊपर जाने के साथ चयनात्मकता भी बढ़ रही है। विश्लेषकों ने चेताया है कि इन्वेस्टमेंट-ग्रेड बाजार हाइपरस्केलर्स की पूरी अनुमानित फंडिंग जरूरत को समायोजित नहीं कर पाएगा। इससे आगे चलकर स्प्रेड बढ़ने, कूपन ऊंचे होने, निजी क्रेडिट या इक्विटी फंडिंग के इस्तेमाल और अधिक जटिल वित्तपोषण ढांचों का दबाव बन सकता है।
AI कर्ज़ बाजार की दीर्घकालिक पूंजी के लिए एक महत्वपूर्ण अतिरिक्त मांग पैदा कर रहा है। इससे कॉरपोरेट बॉन्ड यील्ड बढ़ सकती है और सरकारी बॉन्ड बाजार पर आपूर्ति तथा मांग का दबाव कुछ हद तक बदल सकता है। लेकिन इसे Treasury यील्ड में पूरी तेजी का कारण बताना अतिशयोक्ति होगी।
आय-केंद्रित पोर्टफोलियो के लिए बेहतर तरीका इन बॉन्ड को Treasury के विकल्प के बजाय विविधीकृत क्रेडिट आवंटन के रूप में देखना है। जारीकर्ता की बैलेंस शीट, बॉन्ड की वरिष्ठता, अवधि, तरलता, मुद्रा और परियोजना-संबंधी जोखिमों की जांच करना जरूरी है। केवल 8% के करीब दिखने वाली ऊंची यील्ड के पीछे छिपे अतिरिक्त जोखिम को समझे बिना रिटर्न का पीछा करना सावधानी भरा कदम नहीं होगा।