Vortexa के अनुसार ईरान, रूस, सऊदी अरब और अमेरिका से कच्चे तेल का संयुक्त निर्यात लगभग 50 लाख बैरल प्रतिदिन घटकर रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया।
इस गिरावट के पीछे कई अलग-अलग व्यवधान थे:
इसका महत्व इसलिए बढ़ जाता है क्योंकि ये चारों देश वैश्विक तेल आपूर्ति के बड़े स्रोत हैं। किसी एक देश की अस्थायी कमी को दूसरे उत्पादक पूरा कर सकते हैं, लेकिन कई बड़े निर्यातकों की एक साथ कमजोरी बाजार को कहीं अधिक संवेदनशील बना देती है।
Vortexa के आंकड़ों में कच्चे तेल की भौतिक उपलब्धता का दूसरा बड़ा संकेत दिखा। टैंकरों में मौजूद तेल—जिसे आम तौर पर “ऑन द वॉटर” कहा जाता है—चार हफ्तों में करीब 17.5 करोड़ बैरल घट गया। यह औसतन लगभग 62.5 लाख बैरल प्रतिदिन की कमी के बराबर है। तटवर्ती फ्लोटिंग-रूफ टैंकों में मौजूद भंडार भी लगभग 8.1 करोड़ बैरल घटा।
यह आंकड़ा उस दावे से कुछ अलग है जिसमें प्रतिदिन 70 लाख बैरल से अधिक की गिरावट बताई गई थी। उपलब्ध Vortexa पोस्ट में 17.5 करोड़ बैरल की चार-सप्ताह की कमी का समर्थन मिलता है, इसलिए अधिक सावधानी से 62.5 लाख बैरल प्रतिदिन का औसत इस्तेमाल करना उचित है।
कच्चे तेल का समुद्र में और जमीन पर मौजूद भंडार दोनों घटना इस बात का संकेत है कि बाजार केवल भविष्य की आपूर्ति को लेकर चिंतित नहीं था—वर्तमान में उपलब्ध बैरल भी तेजी से खप रहे थे।
जुलाई के मध्य में टैंकरों की आवाजाही में थोड़ी तेजी आई थी, लेकिन वह स्थायी सामान्य स्थिति साबित नहीं हुई। IEA ने कहा कि होर्मुज को फिर से खोलने और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य से बिना बाधा आवागमन की अनुमति देने वाला समझौता अब भी दूर था। नए संघर्ष और समुद्री व्यवधानों ने आपूर्ति बहाली की कोशिशों को कमजोर किया, जिसके बाद एजेंसी ने अपना अनुमान घटाया।
इससे Vortexa की चिंता मजबूत हुई: यदि मार्ग कुछ दिनों के लिए खुल भी जाए, तो इससे निर्यात, जहाजों की उपलब्धता और भंडार की स्थिति तुरंत पहले जैसी नहीं हो जाती।
Vortexa की रिपोर्ट में ईरान का निर्यात 2.94 लाख बैरल प्रतिदिन बताया गया, जबकि 2025 का औसत करीब 17 लाख बैरल प्रतिदिन था। यह तुलना बताती है कि होर्मुज में थोड़े समय के लिए आवाजाही सुधरने से भी ईरान की व्यापक आपूर्ति समस्या तुरंत दूर नहीं हो सकती थी।
हालांकि, उपलब्ध सामग्री में जून के अमेरिका-ईरान समझौता-ज्ञापन से जुड़े विशिष्ट दावे या ईरानी निर्यात की इस सटीक तुलना की किसी प्राथमिक आधिकारिक स्रोत से स्वतंत्र पुष्टि नहीं मिली। इसलिए इसे आधिकारिक उत्पादन आंकड़े के बजाय उद्योग-आधारित ट्रैकिंग संकेतक के रूप में देखना चाहिए।
IEA के अनुसार जुलाई में वैश्विक तेल आपूर्ति 24 लाख बैरल प्रतिदिन बढ़कर 101.5 मिलियन बैरल प्रतिदिन हुई, लेकिन यह एक साल पहले की तुलना में अब भी 63 लाख बैरल प्रतिदिन कम थी। खाड़ी क्षेत्र का 83 लाख बैरल प्रतिदिन उत्पादन भी बंद बताया गया।
एजेंसी ने 2026 में औसत वैश्विक आपूर्ति 43 लाख बैरल प्रतिदिन घटकर करीब 102 मिलियन बैरल प्रतिदिन रहने का अनुमान लगाया। तीसरी तिमाही के लिए उसने वैश्विक तेल बाजार में 18 लाख बैरल प्रतिदिन का घाटा बताया।
यह स्वतंत्र अनुमान Vortexa के भौतिक बाजार संकेतों से मेल खाता था। एक ओर टैंकरों और टैंकों में स्टॉक घट रहा था, दूसरी ओर प्रमुख आपूर्ति क्षेत्रों से उत्पादन और निर्यात बाधित थे।
18 अगस्त को Brent कच्चा तेल करीब 91.02 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ, जबकि अमेरिकी WTI 84.94 डॉलर पर रहा। कीमतें साल की शुरुआत के मुकाबले लगभग 50% ऊपर थीं, लेकिन Reuters के अनुसार बाजार अभी केवल लंबे समय तक चलने वाले व्यवधान की संभावना को स्वीकार करना शुरू कर रहा था; शुरुआती घबराहट से जुड़ा कुछ प्रीमियम पहले ही घट चुका था।
Vortexa का निहित तर्क था कि एक साथ निर्यात और भौतिक भंडार में इतनी तेज कमी, साथ ही IEA का अनुमानित घाटा, बाजार में अधिक बड़ा और लंबे समय तक बना रहने वाला भू-राजनीतिक जोखिम प्रीमियम पैदा करना चाहिए था। उस दृष्टिकोण से करीब 90–92 डॉलर प्रति बैरल की कीमत संभावित संकट को कम आंक रही थी।
Windward के 17 अगस्त के आकलन में होर्मुज के पास कोह-ए-मुबारक एंकरिज पर करीब 20 जहाजों की पहचान की गई, जिन पर संभावित प्रतिबंध-परिहार और जहाज-से-जहाज ट्रांसफर में शामिल होने का संदेह था। इनमें से आठ जहाज OFAC की सूची में नामित थे। OFAC अमेरिकी वित्त मंत्रालय का वह कार्यालय है जो आर्थिक प्रतिबंधों को लागू करता है।
यह संकेत देता है कि ईरानी तेल का कुछ हिस्सा खुले बाजार में आसानी से उपलब्ध होने के बजाय रुका हुआ, छिपाया गया या अधिक जोखिम और लागत वाले रास्तों से भेजा जा रहा था।
Vortexa की तेजी वाले निष्कर्ष के सामने कुछ प्रतिकूल कारक भी मौजूद थे। अमेरिका में बढ़ता कच्चे तेल का भंडार आम तौर पर कीमतों पर दबाव डाल सकता है, जबकि डिस्टिलेट ईंधन का घटता स्टॉक तंगी की ओर इशारा करता है। चीन की तेल मांग में संभावित कमजोरी—खासकर इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते इस्तेमाल के बीच—घाटे का आकार कम कर सकती है।
IEA ने 2026 में वैश्विक तेल मांग में 16 लाख बैरल प्रतिदिन की कमी का अनुमान लगाया था। इसका अर्थ है कि सप्लाई-क्रंच का मामला इस बात पर निर्भर था कि आपूर्ति व्यवधान, ऊंची कीमतों से पैदा होने वाली मांग में कमी से अधिक समय तक जारी रहते हैं या नहीं।
संक्षेप में, Vortexa की चेतावनी तीन परस्पर जुड़े संकेतों पर टिकी थी: बड़े निर्यातकों से कम होते बैरल, तेजी से घटते भौतिक भंडार और IEA का अनुमानित तीसरी तिमाही घाटा। होर्मुज और बाब-अल-मंदेब में स्थायी सामान्य स्थिति, खाड़ी के बाहर से अधिक आपूर्ति या चीन की कमजोर मांग इस दृष्टिकोण को कमजोर कर सकती थी। इसके विपरीत, खाड़ी या काला सागर में नए व्यवधान Vortexa के सप्लाई-क्रंच वाले आकलन को और मजबूत करते।
Vortexa के अनुसार ईरान, रूस, सऊदी अरब और अमेरिका से कच्चे तेल का संयुक्त निर्यात लगभग 50 लाख बैरल प्रतिदिन घटकर रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया।
इस गिरावट के पीछे कई अलग-अलग व्यवधान थे:
इसका महत्व इसलिए बढ़ जाता है क्योंकि ये चारों देश वैश्विक तेल आपूर्ति के बड़े स्रोत हैं। किसी एक देश की अस्थायी कमी को दूसरे उत्पादक पूरा कर सकते हैं, लेकिन कई बड़े निर्यातकों की एक साथ कमजोरी बाजार को कहीं अधिक संवेदनशील बना देती है।
Vortexa के आंकड़ों में कच्चे तेल की भौतिक उपलब्धता का दूसरा बड़ा संकेत दिखा। टैंकरों में मौजूद तेल—जिसे आम तौर पर “ऑन द वॉटर” कहा जाता है—चार हफ्तों में करीब 17.5 करोड़ बैरल घट गया। यह औसतन लगभग 62.5 लाख बैरल प्रतिदिन की कमी के बराबर है। तटवर्ती फ्लोटिंग-रूफ टैंकों में मौजूद भंडार भी लगभग 8.1 करोड़ बैरल घटा।
यह आंकड़ा उस दावे से कुछ अलग है जिसमें प्रतिदिन 70 लाख बैरल से अधिक की गिरावट बताई गई थी। उपलब्ध Vortexa पोस्ट में 17.5 करोड़ बैरल की चार-सप्ताह की कमी का समर्थन मिलता है, इसलिए अधिक सावधानी से 62.5 लाख बैरल प्रतिदिन का औसत इस्तेमाल करना उचित है।
कच्चे तेल का समुद्र में और जमीन पर मौजूद भंडार दोनों घटना इस बात का संकेत है कि बाजार केवल भविष्य की आपूर्ति को लेकर चिंतित नहीं था—वर्तमान में उपलब्ध बैरल भी तेजी से खप रहे थे।
जुलाई के मध्य में टैंकरों की आवाजाही में थोड़ी तेजी आई थी, लेकिन वह स्थायी सामान्य स्थिति साबित नहीं हुई। IEA ने कहा कि होर्मुज को फिर से खोलने और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य से बिना बाधा आवागमन की अनुमति देने वाला समझौता अब भी दूर था। नए संघर्ष और समुद्री व्यवधानों ने आपूर्ति बहाली की कोशिशों को कमजोर किया, जिसके बाद एजेंसी ने अपना अनुमान घटाया।
इससे Vortexa की चिंता मजबूत हुई: यदि मार्ग कुछ दिनों के लिए खुल भी जाए, तो इससे निर्यात, जहाजों की उपलब्धता और भंडार की स्थिति तुरंत पहले जैसी नहीं हो जाती।
Vortexa की रिपोर्ट में ईरान का निर्यात 2.94 लाख बैरल प्रतिदिन बताया गया, जबकि 2025 का औसत करीब 17 लाख बैरल प्रतिदिन था। यह तुलना बताती है कि होर्मुज में थोड़े समय के लिए आवाजाही सुधरने से भी ईरान की व्यापक आपूर्ति समस्या तुरंत दूर नहीं हो सकती थी।
हालांकि, उपलब्ध सामग्री में जून के अमेरिका-ईरान समझौता-ज्ञापन से जुड़े विशिष्ट दावे या ईरानी निर्यात की इस सटीक तुलना की किसी प्राथमिक आधिकारिक स्रोत से स्वतंत्र पुष्टि नहीं मिली। इसलिए इसे आधिकारिक उत्पादन आंकड़े के बजाय उद्योग-आधारित ट्रैकिंग संकेतक के रूप में देखना चाहिए।
IEA के अनुसार जुलाई में वैश्विक तेल आपूर्ति 24 लाख बैरल प्रतिदिन बढ़कर 101.5 मिलियन बैरल प्रतिदिन हुई, लेकिन यह एक साल पहले की तुलना में अब भी 63 लाख बैरल प्रतिदिन कम थी। खाड़ी क्षेत्र का 83 लाख बैरल प्रतिदिन उत्पादन भी बंद बताया गया।
एजेंसी ने 2026 में औसत वैश्विक आपूर्ति 43 लाख बैरल प्रतिदिन घटकर करीब 102 मिलियन बैरल प्रतिदिन रहने का अनुमान लगाया। तीसरी तिमाही के लिए उसने वैश्विक तेल बाजार में 18 लाख बैरल प्रतिदिन का घाटा बताया।
यह स्वतंत्र अनुमान Vortexa के भौतिक बाजार संकेतों से मेल खाता था। एक ओर टैंकरों और टैंकों में स्टॉक घट रहा था, दूसरी ओर प्रमुख आपूर्ति क्षेत्रों से उत्पादन और निर्यात बाधित थे।
18 अगस्त को Brent कच्चा तेल करीब 91.02 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ, जबकि अमेरिकी WTI 84.94 डॉलर पर रहा। कीमतें साल की शुरुआत के मुकाबले लगभग 50% ऊपर थीं, लेकिन Reuters के अनुसार बाजार अभी केवल लंबे समय तक चलने वाले व्यवधान की संभावना को स्वीकार करना शुरू कर रहा था; शुरुआती घबराहट से जुड़ा कुछ प्रीमियम पहले ही घट चुका था।
Vortexa का निहित तर्क था कि एक साथ निर्यात और भौतिक भंडार में इतनी तेज कमी, साथ ही IEA का अनुमानित घाटा, बाजार में अधिक बड़ा और लंबे समय तक बना रहने वाला भू-राजनीतिक जोखिम प्रीमियम पैदा करना चाहिए था। उस दृष्टिकोण से करीब 90–92 डॉलर प्रति बैरल की कीमत संभावित संकट को कम आंक रही थी।
Windward के 17 अगस्त के आकलन में होर्मुज के पास कोह-ए-मुबारक एंकरिज पर करीब 20 जहाजों की पहचान की गई, जिन पर संभावित प्रतिबंध-परिहार और जहाज-से-जहाज ट्रांसफर में शामिल होने का संदेह था। इनमें से आठ जहाज OFAC की सूची में नामित थे। OFAC अमेरिकी वित्त मंत्रालय का वह कार्यालय है जो आर्थिक प्रतिबंधों को लागू करता है।
यह संकेत देता है कि ईरानी तेल का कुछ हिस्सा खुले बाजार में आसानी से उपलब्ध होने के बजाय रुका हुआ, छिपाया गया या अधिक जोखिम और लागत वाले रास्तों से भेजा जा रहा था।
Vortexa की तेजी वाले निष्कर्ष के सामने कुछ प्रतिकूल कारक भी मौजूद थे। अमेरिका में बढ़ता कच्चे तेल का भंडार आम तौर पर कीमतों पर दबाव डाल सकता है, जबकि डिस्टिलेट ईंधन का घटता स्टॉक तंगी की ओर इशारा करता है। चीन की तेल मांग में संभावित कमजोरी—खासकर इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते इस्तेमाल के बीच—घाटे का आकार कम कर सकती है।
IEA ने 2026 में वैश्विक तेल मांग में 16 लाख बैरल प्रतिदिन की कमी का अनुमान लगाया था। इसका अर्थ है कि सप्लाई-क्रंच का मामला इस बात पर निर्भर था कि आपूर्ति व्यवधान, ऊंची कीमतों से पैदा होने वाली मांग में कमी से अधिक समय तक जारी रहते हैं या नहीं।
संक्षेप में, Vortexa की चेतावनी तीन परस्पर जुड़े संकेतों पर टिकी थी: बड़े निर्यातकों से कम होते बैरल, तेजी से घटते भौतिक भंडार और IEA का अनुमानित तीसरी तिमाही घाटा। होर्मुज और बाब-अल-मंदेब में स्थायी सामान्य स्थिति, खाड़ी के बाहर से अधिक आपूर्ति या चीन की कमजोर मांग इस दृष्टिकोण को कमजोर कर सकती थी। इसके विपरीत, खाड़ी या काला सागर में नए व्यवधान Vortexa के सप्लाई-क्रंच वाले आकलन को और मजबूत करते।