चीनी रिफाइनरों ने कथित तौर पर सऊदी अरब के Arab Medium और Arab Heavy ग्रेड का करीब 1 करोड़ बैरल तथा इराक के Basrah ग्रेड का कम से कम 80 लाख बैरल तत्काल डिलीवरी के लिए खरीदा है। इराक के कुछ तेल निर्यात अब भी हॉर्मुज़ से गुजर रहे हैं, लेकिन संकरे जलमार्ग पर निर्भरता उसे सऊदी अरब की तुलना में अधिक जोखिम में रखती है। सऊद...
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How are Chinese refiners—including PetroChina, Sinochem Group, Unipec, Rongsheng Petrochemical, and other state-run processors—responding to. Article summary: Chinese refiners are responding pragmatically: securing prompt, refinery-compatible medium and heavy grades wherever physical cargoes can still be lifted, even as the shipping route, delivery risk, and price premium have. Topic tags: general, news, general web, user generated, education. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermark
चीनी रिफाइनर खाड़ी क्षेत्र में जारी आपूर्ति व्यवधान के बीच ऐसे कच्चे तेल की तलाश कर रहे हैं जो तुरंत उपलब्ध हो, उनकी जटिल रिफाइनरियों में इस्तेमाल किया जा सके और जिसे किसी व्यावहारिक लॉजिस्टिक्स चैनल से चीन तक पहुंचाया जा सके। PetroChina, Sinochem Group, Unipec और Rongsheng Petrochemical ने एक दुर्लभ निविदा में सऊदी Arab Medium और Arab Heavy ग्रेड का करीब 1 करोड़ बैरल खरीदा। अलग से, Rongsheng और सरकारी रिफाइनरों ने इराक के Basrah Heavy और Basrah Medium ग्रेड का कम-से-कम 80 लाख बैरल तत्काल लोडिंग के लिए खरीदा है।
यह केवल सस्ता तेल खरीदने की कोशिश नहीं है। इससे संकेत मिलता है कि चीनी खरीदार सामान्य आपूर्ति रणनीति—दीर्घकालिक अनुबंधों और अनुमानित खाड़ी मार्गों पर आधारित व्यवस्था—से हटकर तत्काल बाजार की रणनीति अपना रहे हैं। अब हर कार्गो की कीमत तय करते समय लोडिंग की सुविधा, टैंकर की उपलब्धता और डिलीवरी का जोखिम भी गिना जा रहा है।
सऊदी Arab Medium और Arab Heavy तथा इराक के Basrah ग्रेड मध्यम से भारी कच्चे तेल हैं। ये उन रिफाइनरों के लिए उपयोगी विकल्प हो सकते हैं जिन्हें खाड़ी या ईरानी आपूर्ति में आई रुकावट की भरपाई करनी है। इन खरीदों से चीनी प्रोसेसरों को निकट अवधि की भौतिक आपूर्ति मिलती है, बिना इस इंतजार के कि सामान्य मासिक आवंटन और लोडिंग व्यवस्था फिर से स्थिर हो।
चीन की स्वतंत्र रिफाइनरियां, जिन्हें बाजार में अक्सर “टीपॉट” कहा जाता है, भी इसी दिशा में आगे बढ़ रही हैं। Reuters के अनुसार, जुलाई में इन प्रोसेसरों ने कतर, इराक और संयुक्त अरब अमीरात से 1.6 करोड़ से 2.05 करोड़ बैरल तेल खरीदा। कारोबारियों के मुताबिक, संघर्ष शुरू होने के बाद गैर-प्रतिबंधित मध्य-पूर्वी तेल की यह उनकी सबसे बड़ी खरीद थी।
हालांकि, इन सौदों का अर्थ यह नहीं है कि आपूर्ति की स्थिति सामान्य हो गई है। कमजोर घरेलू मांग, अन्य उत्पादकों से प्रतिस्पर्धा और हॉर्मुज़ में जारी व्यवधान के बीच कुछ चीनी रिफाइनरों ने अगस्त के लिए सऊदी अरब से मिलने वाले नियमित अनुबंधित कार्गो का नामांकन घटाया या पूरी तरह छोड़ दिया।
इराक का कच्चा तेल अब भी हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से होकर खाड़ी से बाहर निकल रहा है। इससे एशियाई खरीदारों को कुछ राहत मिलती है, लेकिन यह मार्ग सुरक्षा खतरे, महंगे या सीमित बीमा और टैंकरों की कमी के प्रति संवेदनशील बना हुआ है। हॉर्मुज़ अनुपयोगी होने की स्थिति में इराक के दक्षिणी निर्यात के पास व्यावहारिक विकल्प बहुत कम हैं। CNBC द्वारा उद्धृत रिपोर्टिंग के अनुसार, इराक का उत्पादन फरवरी के 42 लाख बैरल प्रतिदिन से घटकर जून में करीब 19 लाख बैरल प्रतिदिन रह गया।
इसीलिए Basrah ग्रेड तत्काल उपलब्ध कार्गो के रूप में आकर्षक है, लेकिन उसे क्षेत्रीय आपूर्ति की पूरी तरह भरोसेमंद जगह लेने वाला विकल्प नहीं माना जा सकता। कुएं पर तेल उपलब्ध होना और उसका व्यावसायिक रूप से उपलब्ध होना दो अलग बातें हैं—यदि उसे समय पर लोड, बीमित या परिवहन नहीं किया जा सके, तो खरीदार के लिए वह कार्गो वास्तव में उपलब्ध नहीं है।
जून में करीब एक दशक के निचले स्तर पर पहुंचने के बाद चीन में कच्चे तेल की आवक जुलाई में सुधरी। Reuters के अनुसार, जुलाई में चीन के तेल आगमन की दर 84.1 लाख बैरल प्रतिदिन रही, जो जून के 71.2 लाख बैरल प्रतिदिन से अधिक थी, लेकिन पिछले वर्ष के जुलाई की तुलना में अब भी 24.3% कम थी।
एशिया का कुल कच्चा तेल और ईंधन आयात भी जुलाई में बढ़कर 2.282 करोड़ बैरल प्रतिदिन हो गया, जो संघर्ष शुरू होने के बाद का सबसे ऊंचा स्तर था। फिर भी यह संघर्ष से पहले के तीन महीनों के 2.689 करोड़ बैरल प्रतिदिन के औसत से करीब 15% कम रहा।
इसलिए जुलाई की तेजी का मतलब यह है कि कुछ प्रवाह फिर शुरू हुए और रिफाइनरों ने वैकल्पिक आपूर्तिकर्ता खोज लिए। इसका मतलब यह नहीं कि खाड़ी का पुराना व्यापारिक तंत्र बहाल हो गया है। जुलाई में खाड़ी देशों से कच्चे तेल और कंडेनसेट का निर्यात युद्ध-पूर्व स्तर से करीब 40% कम रहा।
जहाजरानी के आंकड़े समस्या का पैमाना दिखाते हैं। Reuters द्वारा उद्धृत सप्ताह में सोमवार से गुरुवार के बीच केवल 33 जहाज हॉर्मुज़ से गुजरे, जबकि उससे पिछले समान अवधि में 50 जहाज गुजरे थे। उस सप्ताह केवल छह कच्चे तेल टैंकर जलडमरूमध्य से बाहर निकल पाए।
लाल सागर ने जोखिम की दूसरी परत जोड़ दी। सऊदी तेल प्रतिष्ठानों पर हमले के बाद Bab el-Mandeb से गुजरने वाले मालवाहक जहाजों की संख्या एक रविवार को घटकर 11 रह गई—Reuters द्वारा Kpler के आंकड़ों के आधार पर इसे कई महीनों का सबसे निचला स्तर बताया गया।
रिफाइनरों के लिए इससे किसी कार्गो का पूरा अर्थशास्त्र बदल गया है। सवाल अब केवल यह नहीं है कि कच्चा तेल सस्ता है या रिफाइनरी के अनुकूल। खरीदारों को यह भी देखना है कि तेल लोडिंग क्षेत्र से निकल पाएगा या नहीं, कौन-सा मार्ग अपनाएगा, बीमाकर्ता और जहाज मालिक उस मार्ग को स्वीकार करेंगे या नहीं, और कीमत में कितनी देरी का जोखिम पहले से शामिल है।
इराक की तुलना में सऊदी अरब के पास अधिक विकल्प हैं। उसकी East-West पाइपलाइन खाड़ी से तेल को लाल सागर के Yanbu बंदरगाह तक पहुंचा सकती है। शुरुआती व्यवधान के दौरान Yanbu से निर्यात करीब 20 लाख बैरल प्रतिदिन तक पहुंच गया था, हालांकि यह हॉर्मुज़ से सामान्य रूप से भेजे जाने वाले पूरे सऊदी तेल की भरपाई के लिए पर्याप्त नहीं था।
लाल सागर से सऊदी कार्गो एशिया की ओर लाल सागर और Suez Canal के रास्ते जा सकते हैं। यह व्यवस्था तकनीकी रूप से जटिल है। पूरी तरह लदे सुपरटैंकर नहर से नहीं गुजर सकते, इसलिए कुछ कार्गो Ain Sokhna और Sidi Kerir के बीच Sumed पाइपलाइन का इस्तेमाल करते हैं और भूमध्य सागर में दोबारा जहाज पर लोड किए जाते हैं।
यह मार्ग भी जोखिम-मुक्त नहीं है। लाल सागर के आसपास हमलों और धमकियों के बाद सऊदी तेल ले जा रहे जहाजों का रास्ता बदलना पड़ा। इससे स्पष्ट है कि वैकल्पिक क्षमता होना अपने-आप सुरक्षित डिलीवरी की गारंटी नहीं देता।
Saudi Aramco ने संयुक्त अरब अमीरात के Fujairah के पास ship-to-ship यानी एक जहाज से दूसरे जहाज में तेल स्थानांतरण के जरिए Arab Medium और Arab Heavy कार्गो देने की संभावना भी तलाश की है। यह कदम दिखाता है कि उत्पादक और खरीदार किसी एक सामान्य निर्यात मार्ग पर निर्भर रहने के बजाय कार्गो-दर-कार्गो लचीले समाधान बना रहे हैं।
Abu Dhabi National Oil Company (ADNOC) ने Upper Zakum, Umm Lulu और Das ग्रेड को बार-बार स्पॉट निविदाओं के जरिए पेश किया है। ये ग्रेड खाड़ी क्षेत्र से आते हैं। ऐसे में निविदाएं एशियाई रिफाइनरों को भौतिक आपूर्ति तक पहुंच देती हैं और यह भी परखती हैं कि खरीदार लोडिंग तथा परिवहन से जुड़े जोखिम स्वीकार करने के लिए कितनी कीमत देंगे।
Reuters की रिपोर्टिंग के अनुसार, ADNOC ने जून में एशियाई रिफाइनरों और ट्रेडिंग कंपनियों को कम-से-कम 3 करोड़ बैरल स्पॉट कच्चा तेल बेचा। जुलाई के अंत की एक निविदा में उसने कम-से-कम 1.2 करोड़ बैरल और बेचे।
निविदा व्यवस्था खरीदारों को समय और डिलीवरी की शर्तों में लचीलापन देती है, जबकि ADNOC को जलमार्ग की अनिश्चितता के बावजूद कार्गो आगे बढ़ाने का रास्ता मिलता है। बाद की निविदाओं में UAE के स्थानों से free-on-board लोडिंग या ship-to-ship ट्रांसफर जैसे विकल्प भी दिए गए।
कुछ ADNOC कार्गो के लिए प्रीमियम की खबरें आईं, जबकि अन्य निविदाओं में उत्पादकों के बीच आपूर्ति निकालने की प्रतिस्पर्धा के कारण बड़ी छूट दी गई। ये विरोधाभासी संकेत महत्वपूर्ण हैं: “हॉर्मुज़ प्रीमियम” एक समान दर नहीं है। किसी कार्गो का मूल्य उसके ग्रेड, लोडिंग स्थान, डिलीवरी आधार, मार्ग, समय और सुरक्षा की धारणा पर निर्भर करता है।
तीन निष्कर्ष प्रमुख हैं:
चीनी रिफाइनर तत्काल सऊदी और इराकी खरीद, गैर-प्रतिबंधित मध्य-पूर्वी विकल्पों और अवसरवादी स्पॉट निविदाओं के मिश्रण से अपनी इकाइयों को चलाने की कोशिश कर रहे हैं। जुलाई में चीन के आयात में सुधार से पुष्टि होती है कि कुछ आपूर्ति वापस आई है, लेकिन चीन और पूरे एशियाई बाजार का आयात अब भी संघर्ष-पूर्व स्तर से काफी नीचे है।
खाड़ी का तेल एशिया तक पहुंच रहा है, लेकिन कम कुशल और अधिक बिखरी हुई व्यवस्था के जरिए—हॉर्मुज़ से चुनिंदा आवाजाही, सऊदी पाइपलाइन और लाल सागर के रास्ते मोड़, ship-to-ship ट्रांसफर और UAE की बार-बार होने वाली निविदाएं। जब तक जहाजों की आवाजाही, बीमा उपलब्धता और निर्यात मार्ग सामान्य नहीं होते, तब तक यह तय करने में कच्चे तेल की गुणवत्ता से अधिक महत्वपूर्ण उसकी भरोसेमंद लॉजिस्टिक्स होगी।
Studio Global AI
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चीनी रिफाइनरों ने कथित तौर पर सऊदी अरब के Arab Medium और Arab Heavy ग्रेड का करीब 1 करोड़ बैरल तथा इराक के Basrah ग्रेड का कम से कम 80 लाख बैरल तत्काल डिलीवरी के लिए खरीदा है।
चीनी रिफाइनरों ने कथित तौर पर सऊदी अरब के Arab Medium और Arab Heavy ग्रेड का करीब 1 करोड़ बैरल तथा इराक के Basrah ग्रेड का कम से कम 80 लाख बैरल तत्काल डिलीवरी के लिए खरीदा है। इराक के कुछ तेल निर्यात अब भी हॉर्मुज़ से गुजर रहे हैं, लेकिन संकरे जलमार्ग पर निर्भरता उसे सऊदी अरब की तुलना में अधिक जोखिम में रखती है।
सऊदी अरब की पाइपलाइन लाल सागर रणनीति और ADNOC की स्पॉट निविदाएं एशिया तक कुछ खाड़ी तेल पहुंचा रही हैं—लेकिन टैंकर, बीमा, मार्ग और समय से जुड़े जोखिम अब कीमत का अहम हिस्सा हैं।