मिशेल बाचेले, मारिया फर्नांडा एस्पिनोसा, मैकी साल और ओलारा ओटुनू पहली पोल में शीर्ष तीन उम्मीदवारों से पीछे रहे। यह मतदान केवल समर्थन का प्रारंभिक आकलन था, किसी उम्मीदवार के चयन का फैसला नहीं।
मौजूदा मैदान में आठ उम्मीदवार शामिल हैं:
इवोन बकी को पहली स्ट्रॉ पोल में शामिल नहीं किया गया था। प्रशांत द्वीपीय देश टोंगा ने उन्हें इसी सप्ताह नामित किया, जिससे वह दौड़ में शामिल होने वाली आठवीं उम्मीदवार और इक्वाडोर से आने वाली दूसरी उम्मीदवार बनीं।
75 वर्षीय बकी ने संघर्षों की रोकथाम और संयुक्त राष्ट्र में सुधार को अपनी उम्मीदवारी का केंद्रीय विषय बनाया है। उन्होंने लेबनान के गृहयुद्ध के अपने अनुभव का हवाला देते हुए संघर्ष शुरू होने से पहले उसे रोकने पर जोर दिया।
कुछ रिपोर्टों में यह दावा किया गया है कि बकी को अमेरिका का समर्थन मिल सकता है या डोनाल्ड ट्रंप और बिल क्लिंटन के साथ उनके संबंध अमेरिकी समर्थन में बदल सकते हैं। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टिंग में अमेरिका की ओर से किसी आधिकारिक समर्थन या मतदान-प्रतिबद्धता की पुष्टि नहीं है। इसलिए इन दावों को पुष्ट राजनीतिक अटकलों के बजाय अप्रमाणित दावों के रूप में देखना चाहिए।
संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 97 के तहत महासचिव की नियुक्ति के लिए सुरक्षा परिषद को महासभा के सामने एक उम्मीदवार की सिफारिश करनी होती है। उम्मीदवार को 15 सदस्यीय परिषद में कम-से-कम 9 वोट चाहिए। साथ ही, पांच स्थायी सदस्य—चीन, फ्रांस, रूस, ब्रिटेन और अमेरिका—में से किसी को भी वीटो नहीं करना चाहिए।
बाद की स्ट्रॉ पोल में आम तौर पर स्थायी सदस्यों की राय को अलग तरीके से सामने लाने की व्यवस्था की जाती है। इससे यह पता चलने लगता है कि कौन-सा उम्मीदवार व्यापक समर्थन तो रखता है, लेकिन किसी बड़े देश के वीटो का जोखिम भी झेल रहा है।
महासभा की अध्यक्ष अन्नालेना बाएर्बॉक ने समय पर नामांकन, उम्मीदवारों के सार्वजनिक संवाद और 193 सदस्यीय महासभा के व्यापक भागीदारी वाले चयन की वकालत की है। उन्होंने उम्मीदवारों से सार्वजनिक बातचीत और अधिक पारदर्शी प्रक्रिया की मांग की है।
अमेरिका और रूस का कहना है कि ऐसी पहल सुरक्षा परिषद के उस अधिकार में दखल डालती है, जिसके तहत वह महासचिव पद के लिए उम्मीदवार की सिफारिश करती है। रिपोर्टों के अनुसार, वॉशिंगटन ने बाएर्बॉक पर प्रक्रिया को कमजोर करने की कोशिश का आरोप लगाया है, जबकि मॉस्को ने उनकी भूमिका को लेकर चिंता जताई है।
हालांकि, बाएर्बॉक की पहल का राजनीतिक असर हो सकता है, लेकिन स्ट्रॉ पोल स्वयं कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है।
रूस ने संकेत दिया है कि आगे और उम्मीदवार सामने आ सकते हैं। उसने मौजूदा महासचिव अंतोनियो गुटेरेस के रिकॉर्ड, खासकर संयुक्त राष्ट्र की प्रभावशीलता और संघर्ष प्रबंधन के व्यापक संदर्भ में, आलोचना भी की है।
नए नामों के लिए दरवाजा खुला रखना मॉस्को को बातचीत में प्रभाव बनाए रखने का अवसर देता है और मौजूदा अग्रणी उम्मीदवारों पर जल्द सहमति बनने को रोक सकता है। लेकिन उपलब्ध प्रमाणों से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि रूस ने किसी विशेष उम्मीदवार का समर्थन करने या उसे वीटो करने का फैसला कर लिया है।
गुटेरेस का दूसरा कार्यकाल 31 दिसंबर को समाप्त होगा। इस बार लैटिन अमेरिका और कैरेबियन क्षेत्र से महासचिव चुने जाने की अनौपचारिक क्षेत्रीय-रोटेशन परंपरा राजनीतिक रूप से मददगार मानी जा रही है। यह कोई बाध्यकारी नियम नहीं है, लेकिन इससे इस क्षेत्र के उम्मीदवारों की संख्या अधिक होने की वजह समझ में आती है।
यदि स्थायी सदस्य आपसी सहमति पर नहीं पहुंचते, तो स्ट्रॉ पोल अक्टूबर या उसके बाद तक जारी रह सकती हैं। उम्मीदवारों के लिए अभी भी दौड़ में शामिल होने की गुंजाइश बनी हुई है।
इस दूसरी पोल के बाद सबसे महत्वपूर्ण सवाल केवल यह नहीं होगा कि किसे सबसे अधिक ‘प्रोत्साहित’ वोट मिले। असली कसौटी यह होगी कि क्या कोई उम्मीदवार नौ वोट जुटा सकता है और साथ ही पांचों स्थायी सदस्यों के लिए स्वीकार्य भी रह सकता है।