यही Samsung की रणनीति का मूल है: निवेशकों को असाधारण फ्री कैश फ्लो का हिस्सा देना, लेकिन हाई-बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) और अन्य AI चिप्स में अगली पीढ़ी के निवेश के लिए पर्याप्त पूंजी बचाए रखना।
SK Hynix के बोर्ड ने 40 ट्रिलियन वॉन—करीब 28.6 अरब डॉलर—के शेयर बायबैक को मंजूरी दी। कंपनी 20 अगस्त से 19 नवंबर के बीच खुले बाजार से लगभग 2.407 करोड़ शेयर खरीद सकती है और खरीदे गए सभी शेयरों को बाद में रद्द करेगी। यह कंपनी के कुल बकाया शेयरों का करीब 3.3% है।
शेयर रद्द करना महज औपचारिक कदम नहीं है। इससे कंपनी के कुल शेयरों की संख्या स्थायी रूप से घट जाती है। यदि कंपनी की कमाई समान रहती है, तो वही कमाई कम शेयरों में बंटेगी और प्रति शेयर आय बढ़ सकती है। बायबैक उन निवेशकों को सीधे नकद देता है जो इस कार्यक्रम में शेयर बेचते हैं, जबकि रद्दीकरण प्रति शेयर मूल्य के लिहाज से अधिक मजबूत संकेत देता है।
SK Hynix ने 2025 से 2027 के बीच पैदा होने वाले संचयी फ्री कैश फ्लो में से शेयरधारकों को लौटाने का लक्ष्य भी बढ़ाया। पहले लक्ष्य था “50% के भीतर”; अब कंपनी 50% से अधिक लौटाएगी। इसमें बायबैक, शेयर रद्दीकरण और लाभांश शामिल होंगे। कंपनी ने विशेष लाभांश और आगे के अतिरिक्त उपायों की संभावना भी खुली रखी है।
कंपनी ने कहा कि उसकी कारोबारी प्रतिस्पर्धा और नकदी पैदा करने की क्षमता से बनने वाला उसका वास्तविक या आंतरिक मूल्य मौजूदा शेयर कीमत में पूरी तरह प्रतिबिंबित नहीं हो रहा था। सरल शब्दों में, प्रबंधन का मानना था कि बिकवाली के बाद कंपनी का मूल्यांकन बहुत कम हो गया है—और उसने अपनी मजबूत बैलेंस शीट के जरिए इस धारणा पर दांव लगाया।
यह कदम ऐसे समय आया जब AI से जुड़े रिकॉर्ड मुनाफे और निवेशकों की बढ़ती चिंता आमने-सामने थीं। शेयरधारक मेमोरी चिप कारोबार से पैदा हो रही भारी नकदी में बड़ा हिस्सा चाहते थे। दूसरी ओर, बाजार में यह सवाल उठ रहा था कि AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च और मेमोरी की ऊंची कीमतें कितने समय तक टिकेंगी।
रिपोर्टों के अनुसार, बायबैक की घोषणा से पहले दो महीनों में SK Hynix का शेयर 50% से अधिक गिर चुका था। निवेशकों ने दोनों कंपनियों की संभावित बड़ी नकदी स्थिति और फ्री कैश फ्लो का लगभग आधा लौटाने वाली मौजूदा नीतियों पर भी ध्यान दिया। AI से कमाई में उछाल के बाद उनका तर्क था कि इससे अधिक नकदी शेयरधारकों को दी जा सकती है।
इन घोषणाओं के दो प्रमुख उद्देश्य थे:
हालांकि, इन कदमों से यह साबित नहीं होता कि मेमोरी की कीमतें लगातार बढ़ती रहेंगी। बायबैक शेयरों की संख्या घटाता है और प्रबंधन का भरोसा दिखाता है; वह भविष्य की आपूर्ति, कीमत या मांग तय नहीं करता। इनका फैसला AI पूंजीगत खर्च, मेमोरी आपूर्ति पर कंपनियों के अनुशासन और व्यापक वित्तीय परिस्थितियों से होगा।
निवेशकों ने SK Hynix द्वारा खरीदे गए शेयरों को पूरी तरह रद्द करने को कंपनी के निकट अवधि के कारोबार और AI सर्वर की मांग पर मजबूत भरोसे के संकेत के रूप में देखा। कार्यक्रम का आकार और उसे तेजी से लागू करने का फैसला यह दर्शाता था कि प्रबंधन को लगा कि बाजार की वैल्यूएशन चिंता कंपनी की वास्तविक कारोबारी संभावनाओं की तुलना में जरूरत से ज्यादा है।
फिर भी इसका अर्थ यह नहीं है कि बायबैक से मेमोरी कीमतों में तेजी की गारंटी मिल गई। बायबैक कम शेयरों के कारण प्रति शेयर आंकड़ों को सहारा दे सकता है और भरोसा बढ़ा सकता है, लेकिन मेमोरी उद्योग चक्रीय है। AI खर्च धीमा पड़ने या आपूर्ति मांग से तेज बढ़ने पर मुनाफे पर दबाव आ सकता है।
Samsung का संदेश इसी दिशा में था, हालांकि उसका पैकेज लाभांश पर अधिक केंद्रित था। नकद लाभांश निवेशकों को सीधा भुगतान देता है, जबकि निवेश के लिए पूंजी बचाए रखना इस बात पर जोर देता है कि कंपनी HBM और डेटा सेंटर चिप्स की संभावित दीर्घकालिक मांग का कितना लाभ उठा पाएगी।
घोषणाओं के बाद दक्षिण कोरियाई शेयर बाजार में तेज उछाल आया। 20 अगस्त को SK Hynix का शेयर 12.73% बढ़कर 16.91 लाख वॉन और Samsung Electronics का शेयर 9.49% बढ़कर 2.71 लाख वॉन पर बंद हुआ। Kospi सूचकांक 5.9% चढ़कर 6,800 के ऊपर पहुंच गया।
इस तेजी की वजह केवल शेयरधारक रिटर्न की खबर नहीं थी। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में नरमी से जोखिम लेने की बाजार की इच्छा भी बढ़ी। इससे पहले अमेरिकी बॉन्ड की ऊंची दीर्घकालिक यील्ड ने ग्रोथ कंपनियों और सेमीकंडक्टर शेयरों के मूल्यांकन पर दबाव डाला था।
घोषणाओं ने व्यापक सेमीकंडक्टर बाजार में भी सुधार को सहारा दिया। लेकिन विश्लेषक दो बड़े जोखिमों पर नजर बनाए रहे: क्या अमेरिकी बॉन्ड यील्ड फिर से टेक्नोलॉजी शेयरों के मूल्यांकन पर दबाव डालेगी, और क्या AI इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च में भविष्य की मंदी मेमोरी की मांग को कमजोर करेगी।
Samsung और SK Hynix की योजनाओं का आधार मजबूत नकदी प्रवाह है। Reuters के मुताबिक, दोनों कंपनियों के पास साल के अंत तक संयुक्त रूप से 263 अरब डॉलर की नेट कैश होने की उम्मीद थी।
इस संदर्भ में अमेरिकी मेमोरी चिप कंपनी Micron का भी जिक्र हुआ। रिपोर्टों के अनुसार, Micron ने लंबे समय में “अतिरिक्त नकदी” का 100% शेयरधारकों को लौटाने का सिद्धांत रखा है। लेकिन इसकी तुलना सीधे Samsung के फ्री कैश फ्लो के 50% ढांचे या SK Hynix के 50% से अधिक के संचयी लक्ष्य से नहीं की जा सकती। “अतिरिक्त नकदी” और फ्री कैश फ्लो पूंजी आवंटन की अलग अवधारणाएं हैं और उपलब्ध रिपोर्टिंग से यह साबित नहीं होता कि उनकी परिभाषाएं या समयसीमा समान हैं।
अगस्त की घोषणाओं ने बहस का केंद्र बदल दिया है। अब सवाल यह कम है कि कोरिया की बड़ी मेमोरी कंपनियां AI से हुई कमाई साझा करेंगी या नहीं; असली सवाल यह है कि अगली मेमोरी चक्र के लिए जरूरी निवेश जारी रखते हुए वे कितना पैसा लौटाने में सक्षम होंगी।
Samsung ने बड़े, लाभांश-केंद्रित रिटर्न के साथ निवेश जारी रखने का रास्ता चुना। SK Hynix ने 40 ट्रिलियन वॉन के तत्काल बायबैक और पूर्ण रद्दीकरण के जरिए अधिक सीधा वैल्यूएशन संकेत दिया और संचयी फ्री कैश फ्लो का 50% से अधिक लौटाने का लक्ष्य बढ़ाया। दोनों योजनाओं ने अल्पावधि में शेयरों को सहारा दिया, लेकिन मूल परीक्षा अभी बाकी है: क्या AI इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग और उन्नत मेमोरी की कीमतें उन कमाई उम्मीदों को सही ठहरा पाएंगी, जो इन कंपनियों के मौजूदा मूल्यांकन में शामिल हैं?