बायबैक का अर्थ है कि ट्रेजरी बाजार से पहले जारी किए गए कुछ बॉन्ड वापस खरीदता है। इस घोषणा ने लंबी अवधि के बॉन्ड में तरलता को लेकर चिंता कम की। बॉन्ड की कीमतें बढ़ीं, लंबी अवधि की यील्ड घटी और डॉलर कमजोर हुआ। आम तौर पर घटती बॉन्ड यील्ड और कमजोर डॉलर जोखिम वाली परिसंपत्तियों—जैसे शेयर, सोना और क्रिप्टो—के लिए बेहतर माहौल बना सकते हैं।
हालांकि, यह समझना जरूरी है कि बॉन्ड बायबैक अमेरिकी सरकार के कर्ज का बोझ कम नहीं करता। इसका मुख्य उद्देश्य बाजार की तरलता और ट्रेडिंग स्थितियों को बेहतर बनाना है। इसलिए इसका सकारात्मक असर कितने समय तक रहेगा, यह अलग सवाल है।
ट्रेजरी की घोषणा के बाद बिटकॉइन में तेजी आई, लेकिन असली रफ्तार उस समय बनी जब गिरती कीमतों पर दांव लगाने वाले शॉर्ट ट्रेडर अपनी पोज़िशन बचा नहीं सके। लीवरेज के साथ लिए गए शॉर्ट perpetual futures में कीमत विपरीत दिशा में जाने पर एक्सचेंज पोज़िशन को जबरन बंद कर देते हैं। इस प्रक्रिया में शॉर्ट पोज़िशन खरीदकर बंद होती हैं, जिससे कीमत और ऊपर जाती है—और अगली पोज़िशन भी लिक्विडेट हो सकती है। यही शॉर्ट स्क्वीज़ का फीडबैक लूप है।
ब्लूमबर्ग के अनुसार, करीब एक घंटे में बिटकॉइन के 1 अरब डॉलर से अधिक शॉर्ट्स लिक्विडेट हुए। उपलब्ध आंकड़ों में यह 2021 के बाद की सबसे बड़ी शॉर्ट-लिक्विडेशन लहर बताई गई।
बाद के CoinGlass-आधारित आंकड़ों में 24 घंटे का कुल क्रिप्टो लिक्विडेशन लगभग 2.99 अरब डॉलर बताया गया, जिसमें करीब 2.74 अरब डॉलर शॉर्ट पोज़िशन थीं। कुछ अन्य रिपोर्टों ने इसी अवधि के लिए लगभग 1.9 अरब डॉलर का आंकड़ा दिया। यह अंतर रिपोर्टिंग के समय, एक्सचेंजों की कवरेज और डेटा पद्धति के कारण हो सकता है।
173,000 से अधिक ट्रेडरों के लिक्विडेट होने, Hyperliquid पर एक अकेली 48.8 मिलियन डॉलर की BTC-USD लिक्विडेशन और दो दिनों में 3.1 अरब डॉलर से अधिक शॉर्ट लिक्विडेशन जैसे दावों की उपलब्ध उच्च-प्राधिकरण प्राथमिक डेटा से स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। ये एक्सचेंज-डेटा के संभावित स्नैपशॉट हो सकते हैं, लेकिन संबंधित CoinGlass या Hyperliquid टाइमस्टैम्प और गणना-पद्धति के बिना इन्हें अंतिम और निर्णायक आंकड़ा नहीं माना जाना चाहिए।
तेजी सिर्फ बिटकॉइन तक सीमित नहीं रही। ईथर शुरुआती दौर में लगभग 9%–10% ऊपर गया और अन्य उच्च-बीटा क्रिप्टो परिसंपत्तियों में भी खरीदारी आई।
Hyperliquid का मूल टोकन HYPE 19–20 अगस्त के दौरान करीब 23% चढ़ने की रिपोर्टों के बाद चर्चा में आया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमिशन यानी CFTC, Hyperliquid को अमेरिका में “पूरी तरह अनुपालन और कानूनी तरीके” से लाने पर काम कर रहा है।
यह टिप्पणी नियामकीय मंजूरी, पंजीकरण या अमेरिका में लॉन्च की औपचारिक अनुमति नहीं थी। फिर भी बाजार ने इसे इस संकेत के रूप में लिया कि ऑन-चेन perpetual-futures प्लेटफॉर्म के लिए भविष्य में अमेरिकी अनुपालन ढांचा बन सकता है।
इस तेजी से ऑल्टकॉइन बाजार के कुल मूल्यांकन में भी व्यापक बढ़ोतरी का माहौल बना, लेकिन उपलब्ध साक्ष्यों में कुल ऑल्टकॉइन मार्केट कैप का सत्यापित आंकड़ा नहीं है।
चार्ल्स हॉस्किन्सन और माइकल वैन डी पोप्पे से जुड़े बाजार विश्लेषणों में आशावादी तर्क यह था कि तीन चीजें एक साथ बाजार का रुख बदल सकती हैं:
इस नजरिए के अनुसार, ट्रेजरी का कदम जोखिम लेने की भूख को फिर मजबूत कर सकता है। शॉर्ट पोज़िशनों की जबरन सफाई के बाद बाजार में नई पूंजी आने पर बिटकॉइन के साथ ऑल्टकॉइन में भी रोटेशन शुरू हो सकता है। ट्रेजरी की घोषणा, संभावित नियामकीय स्पष्टता और मंदी वाली लीवरेज पोज़िशनों के हटने ने इस उम्मीद को समर्थन दिया।
दूसरी ओर, Rekt Capital का जोर प्रतिरोध और सपोर्ट पर था। किसी स्तर को इंट्राडे में दोबारा हासिल कर लेना और फिर उसे टिकाऊ सपोर्ट में बदल देना एक ही बात नहीं है। बिटकॉइन को यह साबित करना होगा कि वह 68,500–70,000 डॉलर के आसपास बने स्तरों के ऊपर टिक सकता है।
Glassnode के व्यापक ऑन-चेन संकेत भी पूरी तरह आशावादी नहीं थे। रिपोर्टों के अनुसार बिटकॉइन लगभग 68,500 डॉलर के short-term-holder cost basis और 75,800 डॉलर के True Market Mean से नीचे था। 90-दिन का realized profit/loss ratio करीब 0.75 बताया गया, जो 2.0 के रिकवरी थ्रेशहोल्ड से नीचे है। इसका मतलब है कि बाजार में मुनाफे की तुलना में घाटे में होने वाली बिक्री का दबाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ था।
Coinbase Premium Index भी लंबे समय तक नकारात्मक रहा। यह सूचकांक Coinbase पर बिटकॉइन की कीमत की तुलना वैश्विक बहु-एक्सचेंज कीमत से करता है। नकारात्मक प्रीमियम का अर्थ है कि Coinbase पर BTC वैश्विक कंपोजिट कीमत से नीचे कारोबार कर रहा है—इसे अमेरिकी स्पॉट खरीदारों की मजबूत मांग की अनुपस्थिति का संकेत माना जा सकता है।
इसलिए 19 अगस्त की तेजी में डेरिवेटिव बाजार की मजबूरी दिखाई दी, लेकिन अमेरिकी स्पॉट बाजार की मांग ने अभी तक इसे स्पष्ट रूप से पुष्ट नहीं किया था।
उस दिन जारी फेडरल रिजर्व की जुलाई बैठक की मिनट्स भी पूरी तरह क्रिप्टो के लिए सकारात्मक नहीं थीं। कई अधिकारियों ने ब्याज दर बढ़ाने का समर्थन किया था और कई ने कहा कि यदि महंगाई कम नहीं होती, तो आगे और सख्ती जरूरी हो सकती है। इसका अर्थ है कि लंबी अवधि में ऊंची दरों का जोखिम अभी खत्म नहीं हुआ था।
दूसरी ओर, ट्रंप का CLARITY Act के समर्थन में रुख अमेरिकी डिजिटल-एसेट बाजार के लिए अधिक स्पष्ट नियामकीय ढांचे की उम्मीद बढ़ाता है। लेकिन विधेयक को सीनेट में अब भी राजनीतिक और प्रक्रियात्मक बाधाओं का सामना करना था। इसलिए इसे तत्काल कानून या औपचारिक नियामकीय बदलाव नहीं माना जा सकता।
19 अगस्त की चाल एक शक्तिशाली मैक्रो और पोज़िशनिंग शॉक थी। ट्रेजरी के बड़े बॉन्ड बायबैक ने यील्ड और डॉलर पर दबाव डाला, जिससे जोखिम वाली परिसंपत्तियों के लिए माहौल सुधरा। इसके बाद भारी शॉर्ट पोज़िशन के जबरन बंद होने ने बिटकॉइन, ईथर और कई ऑल्टकॉइन में तेजी को कई गुना बढ़ा दिया।
फिर भी इसे टिकाऊ बुल-साइकिल की शुरुआत कहने के लिए बिटकॉइन को हासिल किए गए स्तरों के ऊपर टिकना होगा, अमेरिकी स्पॉट मांग में सुधार दिखना होगा और मैक्रो तथा नियामकीय खबरों से लगातार समर्थन मिलना होगा। जब तक ऐसा नहीं होता, उपलब्ध साक्ष्य इस घटना को ट्रेजरी-यील्ड से प्रेरित और शॉर्ट-कवरिंग से तेज़ हुई राहत रैली के रूप में भी समझे जा सकते हैं।