Google तीन पर्सनलाइजेशन फीचर्स ला रहा है: Discover के लिए प्राकृतिक भाषा वाले कंट्रोल, वेबसाइटों पर लगाया जा सकने वाला Preferred Sources बटन और Android पर Google News के टॉपिक आधारित ऑडियो ब्रीफिंग। Discover यूज़र्स साधारण भाषा में बता सकेंगे कि वे क्या ज्यादा या कम देखना चाहते हैं। Google फॉलो अप सवाल पूछ सकता है,...
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What personalization features did Google announce for Search, Discover, and Google News—including the chatbot-style Discover controls that l. Article summary: Google announced three related personalization tools: conversational controls for Discover, an embeddable Preferred Sources button for publishers, and more configurable Android Google News audio briefings. They may deepe. Topic tags: general, general web, documentation, user generated, government. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text,
Google Search, Discover और Google News में पर्सनलाइजेशन को एक साथ विस्तार दे रहा है। इसके तहत तीन जुड़े हुए फीचर्स पेश किए जा रहे हैं: Discover फीड को बातचीत के जरिए नियंत्रित करने का विकल्प, पब्लिशर्स के लिए अपनी वेबसाइट पर लगाया जा सकने वाला इंटरैक्टिव Preferred Sources बटन और Android पर Google News की ज्यादा कस्टमाइज़ेबल ऑडियो ब्रीफिंग।
रणनीति सीधी है: यूज़र Google को बताए कि उसे क्या देखना है, और Google पसंदीदा स्रोतों को आगे दिखाना आसान बनाए। पब्लिशर्स के लिए इसका फायदा कुछ हद तक सीमित है। ये टूल उन पाठकों की वापसी और एंगेजमेंट बढ़ा सकते हैं जिनकी पहले से स्पष्ट पसंद है, लेकिन उपलब्ध सबूत यह नहीं दिखाते कि AI-जनरेटेड जवाबों के कारण घटे सामान्य Search रेफरल्स की भरपाई इनसे हो जाएगी।
Google ऐप में यूज़र किसी Discover कार्ड के तीन डॉट वाले मेन्यू—या समर्पित कंट्रोल—पर जाकर अपनी भाषा में बता सकेंगे कि वे किन विषयों, स्रोतों या कंटेंट के प्रकार को ज्यादा या कम देखना चाहते हैं। यह अनुभव बातचीत जैसा होगा: Google जरूरत पड़ने पर फॉलो-अप सवाल पूछ सकता है और यूज़र के जवाब के आधार पर फीड को बदल सकता है। ये अनुरोध बाद की सिफारिशों को प्रभावित करने के लिए याद भी रखे जाएंगे।
Google के अनुसार, यह फीचर आने वाले दिनों में रोल आउट होगा। इसलिए शुरुआत में इसकी उपलब्धता यूज़र और क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
इससे पर्सनलाइजेशन का तरीका बदलता है। अब यूज़र को केवल किसी खबर को छिपाने या किसी विषय में रुचि न होने का संकेत देने तक सीमित नहीं रहना पड़ेगा। वह सीधे प्राकृतिक भाषा में निर्देश दे सकेगा। यानी सिस्टम को पसंद का अनुमान लगाने देने के बजाय यूज़र अपनी प्राथमिकता खुद स्पष्ट कर सकता है।
Google एक नया इंटरैक्टिव Preferred Sources बटन भी ला रहा है, जिसे पब्लिशर्स अपनी वेबसाइट के पेजों पर लगा सकेंगे। पाठक इस बटन को चुनने पर उस प्रकाशन को Google में Preferred Source के रूप में जोड़ सकेगा और तुरंत उसी पेज पर लौट आएगा, जहां वह पढ़ रहा था।
Google Search Central की गाइडलाइन इंटरैक्टिव बटन के लिए JavaScript इम्प्लीमेंटेशन की सिफारिश करती है। जिन पब्लिशर्स के लिए यह संभव नहीं है, वे deeplink का इस्तेमाल कर पाठकों को Google के source-preferences इंटरफेस तक भेज सकते हैं।
किसी स्रोत को चुनने के बाद वह यूज़र के लिए Google के कई अनुभवों में ज्यादा प्रमुखता से दिखाई दे सकता है। इनमें Top Stories, AI Overviews और AI Mode शामिल हैं। इसलिए यह सामान्य “Follow” बटन से अलग है। वेबसाइट पर किया गया पाठक का एक चुनाव Google के पर्सनलाइज्ड और AI-आधारित Search अनुभवों में भविष्य की विजिबिलिटी से जुड़ जाता है।
Android पर Google News की दैनिक ऑडियो ब्रीफिंग को विषयों के आधार पर अधिक आसानी से कस्टमाइज़ किया जा सकेगा। यूज़र व्यापक कैटेगरी के साथ-साथ ज्यादा विशिष्ट सबटॉपिक भी चुन सकेंगे। Google का कहना है कि इन ब्रीफिंग में स्रोत का स्पष्ट उल्लेख और मूल पूरी खबरों के लिंक होंगे, ताकि सुनने वाला चाहे तो संबंधित प्रकाशन की पूरी रिपोर्ट पढ़ सके।
Google News में पहले से ही यूज़र विषयों, स्थानों और स्रोतों को फॉलो कर सकते हैं और अपनी फीड में दिखाई देने वाली सामग्री को नियंत्रित कर सकते हैं। नया अपडेट इसी पर्सनलाइजेशन को सुनने के अनुभव तक ले जाता है। इससे उन लोगों को सुविधा मिल सकती है जो पारंपरिक न्यूज़ फीड ब्राउज़ करने के बजाय जल्दी से खबरों का अपडेट सुनना पसंद करते हैं।
Google का कहना है कि यूज़र्स अब छह लाख से ज्यादा अलग-अलग स्रोत चुन चुके हैं। इससे पहले, फीचर के शुरुआती लॉन्च के आसपास यह संख्या 3,45,000 से ज्यादा बताई गई थी।
यह अपनाए जाने का महत्वपूर्ण संकेत है, लेकिन इस आंकड़े को सावधानी से समझना जरूरी है। इसमें चुने गए अलग-अलग स्रोतों की गिनती है—जरूरी नहीं कि यह अलग-अलग यूज़र्स, पब्लिशर वेबसाइट पर लगाए गए बटन, पूरी हुई विज़िट या पब्लिशर्स के लिए पैदा हुए अतिरिक्त ट्रैफिक की संख्या हो।
इसलिए Google का सार्वजनिक आंकड़ा बताता है कि फीचर का इस्तेमाल हो रहा है, लेकिन यह नहीं बताता कि किसी एक प्रकाशन को इससे कितना ट्रैफिक मिल रहा है।
Google के अनुसार, किसी यूज़र के Preferred Sources से आने वाले लिंक को उसी AI जवाब में मौजूद अन्य उद्धृत लिंक की तुलना में लगभग दोगुने क्लिक मिलते हैं।
पब्लिशर्स के लिए यह उत्साहजनक संकेत है, लेकिन इसे स्वतंत्र कारणात्मक अध्ययन नहीं माना जा सकता। जो लोग किसी प्रकाशन को जानबूझकर Preferred Source चुनते हैं, उनकी उस स्रोत में सामान्य Search यूज़र की तुलना में पहले से ज्यादा रुचि हो सकती है। वे Preferred Sources लेबल के बिना भी उस लिंक पर क्लिक करने की अधिक संभावना रखते होंगे।
इसलिए Google का आंकड़ा एक संबंध दिखाता है, हर पब्लिशर के लिए निश्चित ट्रैफिक बढ़ोतरी की गारंटी नहीं।
इसके अलावा, पब्लिशर्स को इस फीचर के प्रदर्शन की पूरी जानकारी नहीं मिलती। रिपोर्टिंग के अनुसार, उन्हें ऐसा पूरा डैशबोर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया है जिसमें यह दिखे कि कितने यूज़र्स ने उनकी साइट चुनी या संबंधित Search सतहों से कितना ट्रैफिक आया।
Preferred Sources मूल रूप से लॉयल्टी बढ़ाने वाला फीचर है। पाठक को पहले किसी प्रकाशन से सामना होना चाहिए, फिर उसे पसंदीदा स्रोत के रूप में चुनना होगा। इसलिए इसका फायदा स्थापित ब्रांडों और पहले से जुड़े पाठकों को ज्यादा मिल सकता है। यह उन लोगों से मिलने वाले व्यापक डिस्कवरी ट्रैफिक की जगह लेना कठिन है, जिन्होंने अभी किसी पब्लिशर को चुना ही नहीं है।
बड़ी चुनौती AI-आधारित Search फीचर्स हैं, जो यूज़र के सवाल का जवाब सीधे Search रिजल्ट पेज पर दे सकते हैं। यूरोपीय संसद की एक रिसर्च ब्रीफिंग के अनुसार, उपलब्ध सबूत इस दिशा की ओर इशारा करते हैं कि AI-जनरेटेड सारांश आने पर पब्लिशर वेबसाइटों पर विज़िट घटती हैं।
ऐसे माहौल में, पहले से किसी स्रोत को चुन चुके यूज़र्स से मिलने वाले क्लिक बढ़ाने वाला टूल कुछ बचे हुए रेफरल्स की गुणवत्ता सुधार सकता है। लेकिन इससे पारंपरिक Search ट्रैफिक की कुल मात्रा वापस आएगी, यह जरूरी नहीं।
Google की अपनी व्याख्या भी इस समझौते को उजागर करती है। Preferred Sources पाठकों को Top Stories, AI Overviews और AI Mode में पसंदीदा प्रकाशन खोजने में मदद करता है, लेकिन इन्हीं AI सतहों पर Google यूज़र के स्रोत वेबसाइट पर जाने से पहले जानकारी का सारांश भी दे सकता है।
Google के AI Search कंट्रोल इस फैसले को और जटिल बनाते हैं। पब्लिशर्स AI Overviews और AI Mode में दिखाई देने या उनके लिए इस्तेमाल होने से ऑप्ट आउट कर सकते हैं, जबकि सामान्य Search रिजल्ट और Discover फीड में उनकी मौजूदगी जारी रह सकती है।
इससे एक कठिन चुनाव सामने आता है। AI फीचर्स में शामिल रहने पर पब्लिशर को AI रिजल्ट में उद्धृत होने और Preferred Sources से फायदा मिलने का मौका बना रहता है, लेकिन वह zero-click अनुभव के जोखिम में भी रहता है—जहां यूज़र जवाब पढ़कर वेबसाइट पर जाता ही नहीं।
दूसरी ओर, ऑप्ट आउट करने से पब्लिशर इन AI सतहों में शामिल नहीं होगा और वहां से मिलने वाले ट्रैफिक या इम्प्रेशन छोड़ने पड़ सकते हैं, भले ही सामान्य Search में उसकी विजिबिलिटी बनी रहे।
सही फैसला हर पब्लिशर की प्राथमिकताओं, ऑडियंस के व्यवहार और Search क्लिक से आगे कन्वर्ज़न मापने की क्षमता पर निर्भर करेगा। उपलब्ध सबूत Preferred Sources को खोए हुए रेफरल्स का सिद्ध विकल्प मानने के लिए पर्याप्त नहीं हैं।
Google के ये तीन अपडेट ज्यादा पर्सनलाइज्ड कंटेंट इकोसिस्टम की दिशा दिखाते हैं:
साथ मिलकर ये फीचर्स उन पाठकों और प्रकाशनों के बीच संबंध मजबूत कर सकते हैं जिनके पास पहले से भरोसा या पहचान है। लेकिन जब Search बिना वेबसाइट पर भेजे ज्यादा सवालों के जवाब देने लगे, तब पैदा हुई व्यापक संरचनात्मक समस्या का समाधान ये नहीं करते।
फिलहाल सबसे संतुलित निष्कर्ष यही है: Google पब्लिशर्स को रिटेंशन और विजिबिलिटी के नए साधन दे रहा है, लेकिन इससे ट्रैफिक कितनी मात्रा में वापस आएगा, यह अभी साबित नहीं हुआ है।
Studio Global AI
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Google तीन पर्सनलाइजेशन फीचर्स ला रहा है: Discover के लिए प्राकृतिक भाषा वाले कंट्रोल, वेबसाइटों पर लगाया जा सकने वाला Preferred Sources बटन और Android पर Google News के टॉपिक आधारित ऑडियो ब्रीफिंग।
Google तीन पर्सनलाइजेशन फीचर्स ला रहा है: Discover के लिए प्राकृतिक भाषा वाले कंट्रोल, वेबसाइटों पर लगाया जा सकने वाला Preferred Sources बटन और Android पर Google News के टॉपिक आधारित ऑडियो ब्रीफिंग। Discover यूज़र्स साधारण भाषा में बता सकेंगे कि वे क्या ज्यादा या कम देखना चाहते हैं। Google फॉलो अप सवाल पूछ सकता है, फीड को तुरंत बदल सकता है और इन निर्देशों को याद रखेगा।
पब्लिशर्स पाठकों को अपनी साइट को Preferred Source के रूप में जोड़ने के लिए आमंत्रित कर सकेंगे। Google News ऑडियो ब्रीफिंग में ज्यादा विशिष्ट विषय, स्रोत का स्पष्ट उल्लेख और पूरी खबरों के लिंक शामिल होंगे।