इन संकेतों को साथ रखकर देखने पर ऐसा वातावरण सामने आता है, जहां प्रकाश किसी सामान्य तारकीय समूह से नहीं, बल्कि घने गैस-आवरण में बनकर और फिर बदलकर बाहर आ रहा है।
प्रस्तावित मॉडल के अनुसार, MoM-BH*-1 के केंद्र में लगभग 100,000 सूर्यों जितना द्रव्यमान वाला ब्लैक होल है। इसके चारों ओर लगभग सौर मंडल के आकार का, घना और भारी तत्वों से लगभग मुक्त हाइड्रोजन का आवरण है।
जब गैस ब्लैक होल की ओर गिरती है, तो उसकी गुरुत्वीय ऊर्जा विकिरण में बदल जाती है। यदि आसपास का गैस-आवरण पर्याप्त घना हो, तो यह विकिरण किसी खुले accretion disk से निकलने वाली कठोर, उच्च-ऊर्जा रोशनी की तरह तुरंत बाहर नहीं आएगा। गैस उसे अवशोषित, बिखेर और दोबारा संसाधित कर सकती है। इसके बाद ऊर्जा अधिक लंबी तरंगदैर्ध्य—दृश्य और अवरक्त प्रकाश—के रूप में बाहर निकल सकती है।
इस प्रक्रिया से एक pseudo-photosphere बन सकती है: बाहर से ठंडी, लाल और तारकीय दिखने वाली सतह, जिसके भीतर अत्यधिक ऊर्जावान ब्लैक होल मौजूद हो। यही संरचना पिंड के तारे जैसे रूप और उसकी असाधारण चमक, दोनों को समझा सकती है। घना हाइड्रोजन आवरण स्पेक्ट्रम में दिखाई देने वाले गहरे Balmer break को भी पैदा करने में मदद कर सकता है।
JWST ने शुरुआती ब्रह्मांड में कई छोटे, सघन और लाल स्रोत देखे हैं, जिन्हें little red dots कहा जाता है। उनका आकार और असामान्य स्पेक्ट्रम लंबे समय से वैज्ञानिकों के लिए पहेली बने हुए हैं।
‘ब्लैक होल स्टार’ की परिकल्पना इस पहेली की एक संभावित कड़ी पेश करती है। कुछ little red dots घने गैस-आवरण में छिपे ब्लैक होल के कम उम्र वाले, छोटे या कम चमकीले रूप हो सकते हैं। MoM-BH*-1 इस समूह का विशेष रूप से स्पष्ट उदाहरण हो सकता है, क्योंकि इसका गैस-आवरण में छिपा केंद्रीय ब्लैक होल आसपास की मेजबान आकाशगंगा से भी अधिक चमकीला दिखाई दे सकता है।
यह मॉडल कई little red dots से X-ray विकिरण न मिलने की संभावित वजह भी बताता है। खुले हुए सक्रिय ब्लैक होल आम तौर पर उच्च-ऊर्जा विकिरण पैदा करते हैं, लेकिन बहुत मोटा हाइड्रोजन आवरण उस विकिरण के बड़े हिस्से को रोक या फंसा सकता है और उसे दृश्य तथा अवरक्त प्रकाश में बदल सकता है। यह मॉडल की भविष्यवाणी है—MoM-BH*-1 से X-ray का प्रत्यक्ष मापन नहीं।
JWST ने MoM-BH*-1 से आने वाली रोशनी और उसका स्पेक्ट्रम देखा है, लेकिन ब्लैक होल, गैस-आवरण और पदार्थ के गिरने की प्रक्रिया को अलग-अलग सीधे नहीं देखा। ब्लैक होल का अनुमानित द्रव्यमान, गैस की संरचना और ऊर्जा का स्रोत—इन सबका निष्कर्ष देखे गए आंकड़ों पर भौतिक मॉडलों को आजमाकर निकाला गया है।
इसीलिए शोधकर्ता इस आवरण में छिपे ब्लैक होल को सबसे संभावित व्याख्या के रूप में पेश करते हैं, प्रत्यक्ष रूप से प्रमाणित नई श्रेणी के पिंड के रूप में नहीं। बेहद विशाल, भारी तत्वों से मुक्त तारा या घने गैस की कोई दूसरी असामान्य संरचना जैसी वैकल्पिक व्याख्याएं पूरी तरह खारिज नहीं हुई हैं।
आगे JWST स्पेक्ट्रोस्कोपी और शुरुआती ब्रह्मांड के समान स्रोतों के अवलोकन से इस मॉडल की विशिष्ट भविष्यवाणियों की जांच करनी होगी। तब पता चलेगा कि क्या ऐसे ‘ब्लैक होल स्टार’ एक व्यापक आबादी का हिस्सा हैं। फिलहाल MoM-BH*-1 को एक मजबूत उम्मीदवार कहना सबसे सही है—यह तारे जैसा दिखता है, लेकिन इसकी ऊर्जा किसी ब्लैक होल जैसी प्रक्रिया से संचालित हो सकती है और यह JWST के गहरे अवलोकनों में दिख रहे little red dots को समझने का नया रास्ता खोल सकता है।