लाल सागर, स्वेज नहर और SUMED पाइपलाइन से जुड़े वैकल्पिक मार्ग इस कमी का केवल एक हिस्सा पूरा कर सकते हैं। ये रास्ते लंबे और महंगे हैं तथा उनकी क्षमता भी सीमित है। इसलिए बाजार के लिए केवल यह मायने नहीं रखता कि कितना तेल निकाला जा रहा है, बल्कि यह भी महत्वपूर्ण है कि वह सुरक्षित रूप से खरीदारों तक पहुंच पा रहा है या नहीं।
हॉर्मुज़ से कम तेल पहुंचने के कारण आने वाले महीनों में वैश्विक भंडार से और निकासी होने की संभावना है। EIA का अनुमान है कि 2026 के अंत तक अमेरिका के वाणिज्यिक कच्चे तेल भंडार 2021–25 की पांच वर्षीय न्यूनतम सीमा से नीचे रहेंगे। घरेलू रिफाइनरियों की मांग, बढ़ता अमेरिकी कच्चा तेल निर्यात और घटते आयात इस दबाव को बढ़ा रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के अगस्त आकलन में वैश्विक भंडार की कमजोरी और साफ दिखाई देती है। मापे जा सकने वाले वैश्विक तेल भंडार जुलाई में 69 मिलियन बैरल घटे और संघर्ष शुरू होने के समय की तुलना में करीब 410 मिलियन बैरल नीचे आ गए।
भंडार घटने का अर्थ यह नहीं है कि दुनिया तुरंत तेल से खाली हो जाएगी। रणनीतिक भंडार, वैकल्पिक आपूर्तिकर्ता, कम खपत और बदले हुए शिपिंग मार्ग संकट को कुछ हद तक संभाल सकते हैं। लेकिन कम भंडार का मतलब है कि अगली शिपिंग रुकावट, उत्पादन बाधा या किसी प्रमुख निर्यात मार्ग पर तनाव की स्थिति में बाजार के पास कम सुरक्षा-कुशन होगा।
EIA को उम्मीद है कि क्षेत्र का अधिकांश कच्चा तेल उत्पादन 2027 की शुरुआत में संघर्ष-पूर्व औसत के करीब लौट आएगा। फिर भी एजेंसी का अनुमान है कि मध्य-पूर्व का करीब 600,000 बैरल प्रतिदिन उत्पादन 2027 के अंत तक बाधित रहेगा।
यह अंतर महत्वपूर्ण है। प्रमुख शिपिंग मार्ग खुलने पर बाजार में खोई हुई मात्रा का बड़ा हिस्सा लौट सकता है, लेकिन हर तेल क्षेत्र या निर्यात प्रणाली को तुरंत फिर से शुरू करना संभव नहीं होगा। सुरक्षा जोखिम, क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचा, बाधित लॉजिस्टिक्स और उत्पादन बहाली के जटिल समन्वय के कारण व्यापार सामान्य होने के बाद भी आपूर्ति में स्थायी कमी रह सकती है।
EIA का पूर्वानुमान यह मानता है कि हॉर्मुज़ से तेल प्रवाह अचानक सामान्य नहीं होगा, बल्कि सितंबर से धीरे-धीरे सुधरेगा। इसी कारण 2027 में कीमतें घट सकती हैं, जबकि क्षेत्रीय आपूर्ति में मापी जा सकने वाली बाधा बनी रहेगी।
IEA की अगस्त ऑयल मार्केट रिपोर्ट 2026 के वार्षिक आपूर्ति संतुलन की अधिक कठिन तस्वीर पेश करती है। एजेंसी के अनुसार वैश्विक तेल आपूर्ति 2026 में 4.3 मिलियन बैरल प्रतिदिन घटकर 102 मिलियन बैरल प्रतिदिन रह सकती है। अमेरिका महाद्वीप से 1.4 मिलियन बैरल प्रतिदिन की बढ़ोतरी मध्य-पूर्व और रूस में हुई कमी की केवल आंशिक भरपाई करेगी।
IEA को 2026 में वैश्विक तेल मांग में भी करीब 1.56 मिलियन बैरल प्रतिदिन की गिरावट की उम्मीद है, जिससे मांग 103.29 मिलियन बैरल प्रतिदिन रह सकती है। ऊंची कीमतें और सीमित उपलब्धता खपत को कमजोर कर रही हैं।
मांग घटने के बावजूद एजेंसी मौजूदा तिमाही में करीब 1.8 मिलियन बैरल प्रतिदिन की कमी देखती है। IEA ने यह भी कहा है कि मध्य-पूर्व से संचयी आपूर्ति नुकसान 1.3 बिलियन बैरल से अधिक हो चुका है। मार्च से मई के बीच हॉर्मुज़ से औसत प्रवाह केवल 2.7 मिलियन बैरल प्रतिदिन रहा, जबकि संघर्ष से पहले यह लगभग 20 मिलियन बैरल प्रतिदिन था।
EIA और IEA के आंकड़े जरूरी नहीं कि एक-दूसरे के विरोधी हों। EIA ने अपनी धारणाओं के आधार पर कीमतों, उत्पादन बहाली और भंडार के संभावित रास्ते पर अधिक जोर दिया है। IEA ने मौजूदा आपूर्ति घाटे और सालाना आपूर्ति में तेज गिरावट को प्रमुखता दी है। दोनों के मॉडल, रिपोर्ट प्रकाशित होने का समय और शिपिंग तथा उत्पादन बहाली की गति को लेकर धारणाएं अलग हैं।
IEA के अनुसार हॉर्मुज़ को बायपास करने वाले मार्गों से भेजे गए माल सहित क्षेत्रीय निर्यात जुलाई में 2.1 मिलियन बैरल प्रतिदिन घटकर औसतन 15 मिलियन बैरल प्रतिदिन रह गया।
उपलब्ध स्रोत IEA के रिफाइनरी-थ्रूपुट पूर्वानुमान या अमेरिका में डीजल भंडार के किसी सटीक आंकड़े की पर्याप्त पुष्टि नहीं करते। इसलिए इन अगस्त आकलनों के आधार पर उन आंकड़ों को स्थापित निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए।
संकट केवल इस बात तक सीमित नहीं है कि क्षेत्र से कितना तेल कानूनी और सुरक्षित तरीके से बाहर जा सकता है। Windward ने कोह-ए-मुबारक एंकरिज को प्रतिबंधों से बचने और जहाज-से-जहाज स्थानांतरण की सक्रिय जगह बताया है। उसके आकलन में करीब 20 जहाज ऐसी गतिविधियों में शामिल थे और OFAC द्वारा नामित 8 जहाज वहां मौजूद पाए गए।
यह निष्कर्ष रणनीतिक जलडमरूमध्य के आसपास अधिक अपारदर्शी शिपिंग वातावरण की ओर इशारा करता है। अनौपचारिक या अधिक जोखिम वाले रास्तों से कुछ माल चलता रह सकता है, लेकिन ऐसे अभियानों में प्रवर्तन, बीमा, सुरक्षा, पहचान और तनाव बढ़ने से जुड़े अतिरिक्त जोखिम होते हैं। इसलिए जहाजों की गतिविधि बढ़ना अपने-आप में सामान्य तेल व्यापार की पूरी बहाली का प्रमाण नहीं है।
EIA का अगस्त पूर्वानुमान निकट अवधि की कमी और अधूरी बहाली की कहानी है। 2026 में ब्रेंट का औसत करीब 87 डॉलर प्रति बैरल और 2027 में करीब 69 डॉलर रहने का अनुमान है, क्योंकि उत्पादन और भंडार में सुधार होगा। इसके बावजूद एजेंसी को उम्मीद है कि मध्य-पूर्व का करीब 600,000 बैरल प्रतिदिन उत्पादन 2027 के अंत तक बाधित रहेगा।
IEA के आंकड़े तत्काल जोखिम को रेखांकित करते हैं: मांग कमजोर होने के बाद भी आपूर्ति नुकसान इतना बड़ा है कि बाजार में उल्लेखनीय घाटा बना हुआ है, जबकि भंडार पहले ही तेजी से घट चुके हैं। अब बाजार की सबसे अहम कसौटी केवल यह नहीं होगी कि उत्पादन फिर शुरू होता है या नहीं, बल्कि यह होगी कि क्षेत्र से विश्वसनीय, बीमित और पारदर्शी शिपिंग कब बहाल होती है।