Roman को फ्लोरिडा स्थित NASA के Kennedy Space Center से SpaceX Falcon Heavy रॉकेट के जरिए लॉन्च करने की योजना है।
लॉन्च के बाद Roman सूर्य-पृथ्वी L2 बिंदु के पास जाएगा। यह पृथ्वी से लगभग 15 लाख किलोमीटर दूर, सूर्य के विपरीत दिशा में स्थित क्षेत्र है। यह स्थान टेलीस्कोप के इन्फ्रारेड अवलोकनों के लिए अनुकूल होगा और उसे आकाश के बड़े हिस्सों का लगातार सर्वेक्षण करने में मदद करेगा।
Roman का मुख्य उद्देश्य आधुनिक खगोल-विज्ञान के कुछ सबसे बड़े अनसुलझे सवालों की जांच करना है:
Roman किसी एक बेहद धुंधली वस्तु पर लंबे समय तक ध्यान केंद्रित करने के बजाय आकाश के विशाल क्षेत्रों का तेज़ और व्यवस्थित सर्वेक्षण करेगा। बड़े नमूने मिलने से दुर्लभ वस्तुओं, अस्थायी घटनाओं और ब्रह्मांडीय संरचना में मौजूद बेहद सूक्ष्म पैटर्न को खोजना और उनका सांख्यिकीय विश्लेषण करना आसान होगा।
Roman का मुख्य वैज्ञानिक उपकरण Wide Field Instrument (WFI) एक 300-मेगापिक्सल इन्फ्रारेड कैमरा है। इसका दृश्य क्षेत्र Hubble से कम-से-कम 100 गुना बड़ा होगा। प्रत्येक तस्वीर में पूर्णिमा के दिखाई देने वाले आकार से भी बड़ा आकाशीय क्षेत्र दर्ज किया जा सकेगा, जबकि इमेजिंग क्षमता एक arcsecond से भी बेहतर बनी रहेगी।
इसका मतलब है कि Roman:
NASA के अनुसार, Roman अपने मिशन के दौरान लगभग एक अरब आकाशगंगाओं से आने वाले प्रकाश को माप सकता है। मिशन के शुरुआती पांच वर्षों में प्रतिदिन लगभग 11 टेराबिट डेटा और कुल मिलाकर 20 पेटाबाइट से अधिक डेटा तैयार होने का अनुमान है।
Roman के नियोजित कार्यक्रम में तीन मुख्य सामुदायिक सर्वेक्षण और सामान्य खगोल-विज्ञान के अतिरिक्त कार्यक्रम शामिल हैं। ये तीन core surveys हैं:
Wide-area survey में हजारों वर्ग डिग्री क्षेत्र की इमेजिंग और spectroscopy की जाएगी। इसका प्रमुख उद्देश्य आकाशगंगाओं के वितरण, दूरस्थ आकाशगंगाओं के आकार और ब्रह्मांड के फैलाव का अध्ययन करना है। यही डेटा सौरमंडल की वस्तुओं, Milky Way की संरचना, पड़ोसी आकाशगंगाओं, quasars और reionization के युग तक आकाशगंगाओं के विकास पर भी शोध में काम आएगा।
Roman के अवलोकनों से जुड़े डेटा को किसी सीमित अवधि तक केवल चुनिंदा शोधकर्ताओं के लिए सुरक्षित नहीं रखा जाएगा। संसाधित डेटा सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होगा, जिससे दुनिया भर की कई शोध टीमें मिशन के मुख्य उद्देश्यों से आगे के सवालों पर भी काम कर सकेंगी।
Roman डार्क एनर्जी को समझने के लिए दो चीजों को साथ-साथ मापेगा—ब्रह्मांड का फैलाव किस तरह बदलता है और ब्रह्मांडीय संरचना समय के साथ कैसे विकसित होती है। इसके लिए supernovae से दूरी मापना, आकाशगंगाओं के redshift और baryon acoustic oscillations का अध्ययन तथा weak gravitational lensing जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा।
डार्क मैटर के अध्ययन में weak lensing खास तौर पर उपयोगी है। बीच में मौजूद पदार्थ का गुरुत्वाकर्षण दूर स्थित पृष्ठभूमि आकाशगंगाओं से आने वाले प्रकाश को थोड़ा मोड़ देता है। इससे उन आकाशगंगाओं के आकार में बहुत हल्के, लेकिन एक-दूसरे से जुड़े बदलाव दिखाई देते हैं। विशाल क्षेत्र में इन बदलावों को मापकर वैज्ञानिक कुल पदार्थ—जिसमें प्रकाश न छोड़ने वाला डार्क मैटर भी शामिल है—का नक्शा बना सकते हैं।
ब्रह्मांड के फैलाव के इतिहास की तुलना पदार्थ और संरचना के बढ़ने की दर से करने पर वैज्ञानिक यह जांच सकेंगे कि ब्रह्मांड के तेज़ी से फैलने की मौजूदा व्याख्या सही है या नहीं। नतीजे डार्क एनर्जी की प्रकृति स्पष्ट कर सकते हैं और यह भी संकेत दे सकते हैं कि गुरुत्वाकर्षण या ब्रह्मांड-विज्ञान की हमारी मौजूदा समझ में बदलाव की जरूरत है।
Roman का Galactic Bulge Time-Domain Survey Milky Way के केंद्र की दिशा में स्थित तारों से भरे क्षेत्र को बार-बार देखेगा। इसमें gravitational microlensing तकनीक का उपयोग होगा। जब कोई अग्रभूमि तारा किसी दूरस्थ पृष्ठभूमि तारे के सामने से गुजरता है, तो उसका गुरुत्वाकर्षण पृष्ठभूमि तारे के प्रकाश को कुछ समय के लिए बढ़ा देता है।
अगर अग्रभूमि तारे के पास कोई ग्रह है, तो वह इस चमकने के पैटर्न में थोड़े समय के लिए अतिरिक्त संकेत पैदा कर सकता है। Microlensing ठंडे ग्रहों, कम-द्रव्यमान वाले ग्रहों और free-floating planets को खोजने में खास उपयोगी है—ऐसे संसार जिन्हें transit या radial-velocity तकनीकों से पकड़ना कठिन हो सकता है।
Roman में Coronagraph Instrument भी होगा। यह मिशन का मुख्य survey camera नहीं, बल्कि तकनीकी प्रदर्शन उपकरण है। इसका उद्देश्य किसी तारे की तेज़ रोशनी को दबाकर उसके पास मौजूद अपेक्षाकृत धुंधले, बृहस्पति-आकार के ग्रहों की प्रत्यक्ष इमेजिंग का परीक्षण करना है। इससे भविष्य की उन अंतरिक्ष वेधशालाओं के लिए तकनीक विकसित करने में मदद मिल सकती है, जो छोटे और संभावित रूप से पृथ्वी जैसे ग्रहों की तस्वीर लेने का प्रयास करेंगी।
WFI Roman का मुख्य वैज्ञानिक उपकरण है। यह अलग-अलग filters, grism और low-resolution prism की मदद से बड़े क्षेत्रों की इन्फ्रारेड imaging और spectroscopy करेगा। यही क्षमता मिशन के cosmology, galaxy evolution, time-domain और microlensing कार्यक्रमों का आधार बनेगी।
Coronagraph Instrument high-contrast direct imaging तकनीक पर केंद्रित है। इसका काम तारों की रोशनी को रोकने या दबाने के तरीके का प्रदर्शन करना है, ताकि उनके पास मौजूद बहुत कम चमक वाले ग्रहों का पता लगाया जा सके। यह भविष्य की तकनीक के लिए महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन Roman की असली वैज्ञानिक पहचान WFI की panoramic survey क्षमता ही रहेगी।
Roman को Hubble या James Webb Space Telescope का स्थान लेने के लिए नहीं बनाया गया है। तीनों वेधशालाएं अलग-अलग तरह के अवलोकनों के लिए अनुकूलित हैं:
NASA इस अंतर को सरल शब्दों में बताता है: Roman आकाश के व्यापक क्षेत्रों का सर्वेक्षण करेगा, जबकि Hubble और Webb खास वस्तुओं या छोटे क्षेत्रों पर ध्यान देंगे। इसलिए Roman से मिले बड़े नक्शे खोज और संदर्भ का आधार बनेंगे, और अन्य वेधशालाएं सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्यों का गहराई से follow-up अध्ययन कर सकेंगी।
Roman से नए ग्रहों की खोज, डार्क एनर्जी की बेहतर माप और ब्रह्मांडीय संरचना के विस्तृत नक्शे जैसी बड़ी उपलब्धियों की उम्मीद है। लेकिन इसका व्यापक प्रभाव sharp इन्फ्रारेड imaging, spectroscopy, बार-बार किए गए अवलोकनों और विशाल खुले datasets को एक साथ इस्तेमाल करने से आएगा।
यह तरीका वैज्ञानिकों को एक ही मिशन से कई स्तरों पर सवाल पूछने देगा—ब्रह्मांड के फैलाव और संरचना जैसे सबसे बड़े सवालों से लेकर Milky Way के घने केंद्र, दूरस्थ आकाशगंगाओं और अब तक अज्ञात planetary systems तक। Roman का मुख्य नवाचार केवल दूर तक देखना नहीं है; यह एक बार में आकाश के बहुत बड़े हिस्से को देखना है। इससे ब्रह्मांड को अलग-अलग वस्तुओं के संग्रह के बजाय एक विशाल, मापे जा सकने वाले population survey की तरह समझना संभव होगा।
Roman को फ्लोरिडा स्थित NASA के Kennedy Space Center से SpaceX Falcon Heavy रॉकेट के जरिए लॉन्च करने की योजना है।
लॉन्च के बाद Roman सूर्य-पृथ्वी L2 बिंदु के पास जाएगा। यह पृथ्वी से लगभग 15 लाख किलोमीटर दूर, सूर्य के विपरीत दिशा में स्थित क्षेत्र है। यह स्थान टेलीस्कोप के इन्फ्रारेड अवलोकनों के लिए अनुकूल होगा और उसे आकाश के बड़े हिस्सों का लगातार सर्वेक्षण करने में मदद करेगा।
Roman का मुख्य उद्देश्य आधुनिक खगोल-विज्ञान के कुछ सबसे बड़े अनसुलझे सवालों की जांच करना है:
Roman किसी एक बेहद धुंधली वस्तु पर लंबे समय तक ध्यान केंद्रित करने के बजाय आकाश के विशाल क्षेत्रों का तेज़ और व्यवस्थित सर्वेक्षण करेगा। बड़े नमूने मिलने से दुर्लभ वस्तुओं, अस्थायी घटनाओं और ब्रह्मांडीय संरचना में मौजूद बेहद सूक्ष्म पैटर्न को खोजना और उनका सांख्यिकीय विश्लेषण करना आसान होगा।
Roman का मुख्य वैज्ञानिक उपकरण Wide Field Instrument (WFI) एक 300-मेगापिक्सल इन्फ्रारेड कैमरा है। इसका दृश्य क्षेत्र Hubble से कम-से-कम 100 गुना बड़ा होगा। प्रत्येक तस्वीर में पूर्णिमा के दिखाई देने वाले आकार से भी बड़ा आकाशीय क्षेत्र दर्ज किया जा सकेगा, जबकि इमेजिंग क्षमता एक arcsecond से भी बेहतर बनी रहेगी।
इसका मतलब है कि Roman:
NASA के अनुसार, Roman अपने मिशन के दौरान लगभग एक अरब आकाशगंगाओं से आने वाले प्रकाश को माप सकता है। मिशन के शुरुआती पांच वर्षों में प्रतिदिन लगभग 11 टेराबिट डेटा और कुल मिलाकर 20 पेटाबाइट से अधिक डेटा तैयार होने का अनुमान है।
Roman के नियोजित कार्यक्रम में तीन मुख्य सामुदायिक सर्वेक्षण और सामान्य खगोल-विज्ञान के अतिरिक्त कार्यक्रम शामिल हैं। ये तीन core surveys हैं:
Wide-area survey में हजारों वर्ग डिग्री क्षेत्र की इमेजिंग और spectroscopy की जाएगी। इसका प्रमुख उद्देश्य आकाशगंगाओं के वितरण, दूरस्थ आकाशगंगाओं के आकार और ब्रह्मांड के फैलाव का अध्ययन करना है। यही डेटा सौरमंडल की वस्तुओं, Milky Way की संरचना, पड़ोसी आकाशगंगाओं, quasars और reionization के युग तक आकाशगंगाओं के विकास पर भी शोध में काम आएगा।
Roman के अवलोकनों से जुड़े डेटा को किसी सीमित अवधि तक केवल चुनिंदा शोधकर्ताओं के लिए सुरक्षित नहीं रखा जाएगा। संसाधित डेटा सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होगा, जिससे दुनिया भर की कई शोध टीमें मिशन के मुख्य उद्देश्यों से आगे के सवालों पर भी काम कर सकेंगी।
Roman डार्क एनर्जी को समझने के लिए दो चीजों को साथ-साथ मापेगा—ब्रह्मांड का फैलाव किस तरह बदलता है और ब्रह्मांडीय संरचना समय के साथ कैसे विकसित होती है। इसके लिए supernovae से दूरी मापना, आकाशगंगाओं के redshift और baryon acoustic oscillations का अध्ययन तथा weak gravitational lensing जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा।
डार्क मैटर के अध्ययन में weak lensing खास तौर पर उपयोगी है। बीच में मौजूद पदार्थ का गुरुत्वाकर्षण दूर स्थित पृष्ठभूमि आकाशगंगाओं से आने वाले प्रकाश को थोड़ा मोड़ देता है। इससे उन आकाशगंगाओं के आकार में बहुत हल्के, लेकिन एक-दूसरे से जुड़े बदलाव दिखाई देते हैं। विशाल क्षेत्र में इन बदलावों को मापकर वैज्ञानिक कुल पदार्थ—जिसमें प्रकाश न छोड़ने वाला डार्क मैटर भी शामिल है—का नक्शा बना सकते हैं।
ब्रह्मांड के फैलाव के इतिहास की तुलना पदार्थ और संरचना के बढ़ने की दर से करने पर वैज्ञानिक यह जांच सकेंगे कि ब्रह्मांड के तेज़ी से फैलने की मौजूदा व्याख्या सही है या नहीं। नतीजे डार्क एनर्जी की प्रकृति स्पष्ट कर सकते हैं और यह भी संकेत दे सकते हैं कि गुरुत्वाकर्षण या ब्रह्मांड-विज्ञान की हमारी मौजूदा समझ में बदलाव की जरूरत है।
Roman का Galactic Bulge Time-Domain Survey Milky Way के केंद्र की दिशा में स्थित तारों से भरे क्षेत्र को बार-बार देखेगा। इसमें gravitational microlensing तकनीक का उपयोग होगा। जब कोई अग्रभूमि तारा किसी दूरस्थ पृष्ठभूमि तारे के सामने से गुजरता है, तो उसका गुरुत्वाकर्षण पृष्ठभूमि तारे के प्रकाश को कुछ समय के लिए बढ़ा देता है।
अगर अग्रभूमि तारे के पास कोई ग्रह है, तो वह इस चमकने के पैटर्न में थोड़े समय के लिए अतिरिक्त संकेत पैदा कर सकता है। Microlensing ठंडे ग्रहों, कम-द्रव्यमान वाले ग्रहों और free-floating planets को खोजने में खास उपयोगी है—ऐसे संसार जिन्हें transit या radial-velocity तकनीकों से पकड़ना कठिन हो सकता है।
Roman में Coronagraph Instrument भी होगा। यह मिशन का मुख्य survey camera नहीं, बल्कि तकनीकी प्रदर्शन उपकरण है। इसका उद्देश्य किसी तारे की तेज़ रोशनी को दबाकर उसके पास मौजूद अपेक्षाकृत धुंधले, बृहस्पति-आकार के ग्रहों की प्रत्यक्ष इमेजिंग का परीक्षण करना है। इससे भविष्य की उन अंतरिक्ष वेधशालाओं के लिए तकनीक विकसित करने में मदद मिल सकती है, जो छोटे और संभावित रूप से पृथ्वी जैसे ग्रहों की तस्वीर लेने का प्रयास करेंगी।
WFI Roman का मुख्य वैज्ञानिक उपकरण है। यह अलग-अलग filters, grism और low-resolution prism की मदद से बड़े क्षेत्रों की इन्फ्रारेड imaging और spectroscopy करेगा। यही क्षमता मिशन के cosmology, galaxy evolution, time-domain और microlensing कार्यक्रमों का आधार बनेगी।
Coronagraph Instrument high-contrast direct imaging तकनीक पर केंद्रित है। इसका काम तारों की रोशनी को रोकने या दबाने के तरीके का प्रदर्शन करना है, ताकि उनके पास मौजूद बहुत कम चमक वाले ग्रहों का पता लगाया जा सके। यह भविष्य की तकनीक के लिए महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन Roman की असली वैज्ञानिक पहचान WFI की panoramic survey क्षमता ही रहेगी।
Roman को Hubble या James Webb Space Telescope का स्थान लेने के लिए नहीं बनाया गया है। तीनों वेधशालाएं अलग-अलग तरह के अवलोकनों के लिए अनुकूलित हैं:
NASA इस अंतर को सरल शब्दों में बताता है: Roman आकाश के व्यापक क्षेत्रों का सर्वेक्षण करेगा, जबकि Hubble और Webb खास वस्तुओं या छोटे क्षेत्रों पर ध्यान देंगे। इसलिए Roman से मिले बड़े नक्शे खोज और संदर्भ का आधार बनेंगे, और अन्य वेधशालाएं सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्यों का गहराई से follow-up अध्ययन कर सकेंगी।
Roman से नए ग्रहों की खोज, डार्क एनर्जी की बेहतर माप और ब्रह्मांडीय संरचना के विस्तृत नक्शे जैसी बड़ी उपलब्धियों की उम्मीद है। लेकिन इसका व्यापक प्रभाव sharp इन्फ्रारेड imaging, spectroscopy, बार-बार किए गए अवलोकनों और विशाल खुले datasets को एक साथ इस्तेमाल करने से आएगा।
यह तरीका वैज्ञानिकों को एक ही मिशन से कई स्तरों पर सवाल पूछने देगा—ब्रह्मांड के फैलाव और संरचना जैसे सबसे बड़े सवालों से लेकर Milky Way के घने केंद्र, दूरस्थ आकाशगंगाओं और अब तक अज्ञात planetary systems तक। Roman का मुख्य नवाचार केवल दूर तक देखना नहीं है; यह एक बार में आकाश के बहुत बड़े हिस्से को देखना है। इससे ब्रह्मांड को अलग-अलग वस्तुओं के संग्रह के बजाय एक विशाल, मापे जा सकने वाले population survey की तरह समझना संभव होगा।