5.5 मिलियन डॉलर का विजेता पुरस्कार ग्रैंड स्लैम टेनिस में अब तक का सबसे बड़ा एकल पुरस्कार है। वहीं, मुख्य ड्रॉ में जगह बनाने वाले 128 खिलाड़ियों के लिए 140,000 डॉलर का पहले दौर का भुगतान भी टेनिस इतिहास में रिकॉर्ड है।
क्वालिफाइंग के पुरुष और महिला पहले दौर के खिलाड़ियों की राशि बढ़कर 32,000 डॉलर होगी, जो पिछले साल की तुलना में 16% अधिक है। पुरुष, महिला और मिश्रित डबल्स के विजेता दल को 1 मिलियन डॉलर मिलेंगे।
यूएस ओपन Player Support Program के तहत 2 मिलियन डॉलर रखे गए हैं—1 मिलियन डॉलर पुरुष टूर और 1 मिलियन डॉलर महिला टूर के लिए। इसका उद्देश्य खिलाड़ियों को मध्य-करियर की जरूरतों और पेशेवर टेनिस से संन्यास या बाहर निकलने के संक्रमण में सहायता देना है। यह योजना मौजूदा पेंशन और अन्य सहायता व्यवस्थाओं की पूरक होगी।
इसका महत्व इसलिए भी है क्योंकि टेनिस की आर्थिक असमानता केवल विजेता की पुरस्कार राशि से तय नहीं होती। शीर्ष खिलाड़ियों को बड़ी कमाई मिलती है, लेकिन निचली रैंकिंग वाले खिलाड़ियों को यात्रा, कोच, आवास और इलाज का खर्च खुद उठाना पड़ता है। इसलिए खिलाड़ी संगठन लंबे समय से पुरस्कार राशि के साथ कल्याण, स्वास्थ्य और भविष्य की सुरक्षा पर भी जोर दे रहे हैं।
रिकॉर्ड भुगतान के बावजूद मूल विवाद खत्म नहीं हुआ है। प्रमुख खिलाड़ी ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंटों से होने वाले राजस्व में अधिक पारदर्शी और बड़ी हिस्सेदारी की मांग कर रहे हैं। उनकी मांग है कि चारों ग्रैंड स्लैम 2030 तक अपनी आय का 22% पुरस्कार राशि के रूप में खिलाड़ियों को दें।
यह मांग इसलिए उठी क्योंकि खिलाड़ियों के अनुसार, ग्रैंड स्लैम आयोजनों में पुरस्कार राशि का हिस्सा ATP और WTA टूर आयोजनों की तुलना में कम है। विवाद केवल यह नहीं है कि चैंपियन को कितनी राशि मिलेगी; खिलाड़ी टूर्नामेंट के फैसलों, कार्यक्रम, स्वास्थ्य सुविधाओं, पेंशन और शासन-व्यवस्था में भी अधिक प्रभाव चाहते हैं।
फ्रेंच ओपन के दौरान कई प्रमुख खिलाड़ियों ने अपने मीडिया दायित्वों को सीमित करके असंतोष जताया। रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ खिलाड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस में केवल अनिवार्य 15 मिनट तक रुके और उसके बाद चले गए। इस प्रतीकात्मक विरोध का मकसद पुरस्कार राशि, राजस्व-वितरण और खिलाड़ियों की निर्णय प्रक्रिया में भूमिका को लेकर दबाव बनाना था।
कुछ शीर्ष खिलाड़ियों ने भविष्य में बहिष्कार की संभावना की भी बात कही। जैनिक सिनर ने कहा कि खिलाड़ियों को वह सम्मान नहीं मिल रहा जिसके वे हकदार हैं, जबकि आर्यना सबालेंका ने चेतावनी दी कि स्थिति आगे चलकर बहिष्कार तक पहुंच सकती है। इन प्रतिक्रियाओं से स्पष्ट है कि खिलाड़ियों की चिंता केवल 5.5 मिलियन डॉलर के विजेता पुरस्कार तक सीमित नहीं है।
चारों ग्रैंड स्लैम—ऑस्ट्रेलियन ओपन, फ्रेंच ओपन, विंबलडन और यूएस ओपन—ने संयुक्त रूप से Grand Slam Player Advisory Council बनाने की घोषणा की है। इसका उद्देश्य खिलाड़ियों को इन प्रमुख टूर्नामेंटों से जुड़े मामलों पर औपचारिक रूप से अपनी राय रखने का मंच देना है।
यह खिलाड़ियों के लिए शासन-व्यवस्था के स्तर पर महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन इसकी वास्तविक शक्ति अभी स्पष्ट नहीं है। शुरुआती तौर पर परिषद का मुख्य ध्यान उन खेल-संबंधी मामलों पर रहने की संभावना है जो चारों ग्रैंड स्लैम को सामूहिक रूप से प्रभावित करते हैं। खिलाड़ी प्रतिपूर्ति से जुड़े मुद्दे परिषद के जरिए उठा सकेंगे, लेकिन उनका समाधान प्रत्येक ग्रैंड स्लैम को अलग-अलग करना होगा।
इसलिए परिषद प्रतिनिधित्व की दिशा में बड़ी उपलब्धि जरूर है, पर यह अभी साबित नहीं हुआ है कि वह राजस्व-वितरण का कोई स्थायी फॉर्मूला तय कर पाएगी।
108 मिलियन डॉलर का पैकेज खिलाड़ियों की तत्काल आर्थिक स्थिति में सुधार करता है—खासकर पहले दौर और शुरुआती चरणों में खेलने वाले खिलाड़ियों के लिए। 2 मिलियन डॉलर का सहायता कार्यक्रम यह संकेत देता है कि आयोजक अब करियर की लंबी अवधि और संन्यास के बाद की चुनौतियों को भी चर्चा का हिस्सा मान रहे हैं। वहीं, सलाहकार परिषद खिलाड़ियों को पहली बार चारों ग्रैंड स्लैम के स्तर पर अधिक संगठित आवाज देती है।
फिर भी असली परीक्षा आगे होगी। सवाल यह है कि क्या ग्रैंड स्लैम आयोजक केवल हर साल पुरस्कार राशि बढ़ाते रहेंगे, या खिलाड़ियों के साथ राजस्व में स्थायी और बड़ी हिस्सेदारी पर औपचारिक समझौता भी करेंगे। 2026 यूएस ओपन ने बातचीत का दबाव कम किया है, लेकिन टेनिस के आर्थिक मॉडल पर बहस अभी खत्म नहीं हुई है।