इथेरियम 2,000 डॉलर के ऊपर लौट आया और तेजी के दौरान 2,100 डॉलर के आसपास या उससे ऊपर कारोबार करता बताया गया। सोलाना, XRP और Zcash में भी अलग-अलग बाजार स्नैपशॉट में 6% से अधिक की बढ़त दर्ज की गई। इससे संकेत मिला कि यह केवल बिटकॉइन पर केंद्रित ट्रेड नहीं था।
इस व्यापक भागीदारी ने जोखिम लेने की धारणा को मजबूत किया। हालांकि, अलग-अलग एक्सचेंजों, रिपोर्टिंग समय और डेटा प्रदाताओं के कारण कीमत और प्रतिशत के आंकड़ों में अंतर था। इसलिए इन्हें एक ही समय पर लिए गए बिल्कुल समान आंकड़ों के बजाय समय-विशेष के बाजार स्नैपशॉट के रूप में देखना चाहिए।
शुरुआती उछाल ऐसे बाजार में आया जहां कई ट्रेडर आगे भी गिरावट की उम्मीद कर रहे थे। कीमत उन स्तरों से ऊपर गई जहां लीवरेज वाली शॉर्ट पोजीशन मार्जिन की शर्तें पूरी नहीं कर पा रही थीं। इसके बाद एक्सचेंजों ने उन ट्रेडों को जबरन बंद किया। इन पोजीशन को बंद करने के लिए हुई खरीदारी ने कीमत पर ऊपर की ओर दबाव और बढ़ा दिया।
CoinGlass का हवाला देने वाली रिपोर्टों ने 24 घंटे में कुल क्रिप्टो लिक्विडेशन करीब 3 अरब डॉलर बताया। इसमें लगभग 2.74 अरब डॉलर शॉर्ट पोजीशन से जुड़े थे और 1,70,000 से अधिक ट्रेडर प्रभावित हुए। अलग-अलग स्नैपशॉट में कुल आंकड़े कुछ भिन्न रहे, क्योंकि लिक्विडेशन का अनुमान चुनी गई समय-सीमा और शामिल प्लेटफॉर्म पर निर्भर करता है।
सबसे बड़ा व्यक्तिगत लिक्विडेशन Hyperliquid पर करीब 48.8 मिलियन डॉलर की BTC-USD पोजीशन बताया गया। यह घटना रैली की यांत्रिकी को समझाती है: जब बहुत सारे ट्रेडर एक ही दिशा में शॉर्ट हों और उनकी पोजीशन एक साथ खुलने लगे, तो नई स्पॉट मांग उतनी बड़ी न होने पर भी जबरन खरीदारी कीमत को तेजी से ऊपर ले जा सकती है।
बाद की रिपोर्टों में दो दिनों के दौरान शॉर्ट लिक्विडेशन का कुल आंकड़ा 3.1 अरब डॉलर से अधिक बताया गया। इसे शुरुआती 24 घंटे के लिक्विडेशन अनुमान से अलग समझना चाहिए, क्योंकि दोनों की समय-सीमा अलग है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उन टिप्पणियों के बाद Hyperliquid के टोकन HYPE में लगभग 19% की तेजी आई और इसकी कीमत 72 डॉलर के ऊपर बताई गई। ट्रंप ने अमेरिका में इस प्लेटफॉर्म को अनुपालन और कानूनी ढांचे के भीतर लाने की संभावना पर समर्थन जताया था।
अमेरिकी राजनीति और नियमन से जुड़ी ये खबरें ट्रेजरी के ऐलान के साथ बाजार में चर्चा का हिस्सा बनीं। इनमें क्रिप्टो कानून पर नए सिरे से ध्यान और अमेरिकी नियामकों के संकेत भी शामिल थे।
हालांकि, केवल इन टिप्पणियों को HYPE की तेजी का कारण मानना जल्दबाजी होगी। टोकन व्यापक बाजार रैली और डेरिवेटिव्स शॉर्ट स्क्वीज से भी लाभ उठा रहा था। सबसे संतुलित निष्कर्ष यही है कि राजनीतिक और नियामकीय सुर्खियों ने पहले से शुरू हो चुकी मैक्रो-आधारित तेजी को और मजबूती दी।
एक दिन की तेज बढ़त मंदी वाली लीवरेज पोजीशन को खत्म कर सकती है, लेकिन इससे स्पॉट खरीदारों की टिकाऊ मांग पैदा होना जरूरी नहीं है। बाजार के अधिक सतर्क विश्लेषण का मुख्य बिंदु यही था।
Glassnode से जुड़े विश्लेषणों के अनुसार बिटकॉइन दो महत्वपूर्ण कॉस्ट-बेसिस स्तरों से नीचे था: शॉर्ट-टर्म होल्डर कॉस्ट बेसिस करीब 68,500 डॉलर और ट्रू मार्केट मीन करीब 75,800 डॉलर। इस ढांचे में बिटकॉइन के इन स्तरों को दोबारा हासिल कर टिके रहने तक बाजार को कैपिटुलेशन या “सरेंडर” चरण में माना गया।
इसी विश्लेषण में 90-दिन का रियलाइज्ड प्रॉफिट-एंड-लॉस रेशियो 0.75 बताया गया। यह ऐतिहासिक रूप से विक्रेता-थकान से जुड़े 0.5 से नीचे वाले क्षेत्र से ऊपर है। इस नजरिये से विक्रेताओं में अभी वह स्तर की थकान नहीं दिखी थी, जो टिकाऊ ट्रेंड रिवर्सल पर भरोसा करने के लिए आमतौर पर जरूरी मानी जाती है।
कुछ रिपोर्टों ने नेगेटिव Coinbase Premium को अमेरिकी स्पॉट मांग के कमजोर होने का संकेत बताया। यह मीट्रिक संदर्भ देने में उपयोगी है, लेकिन उपलब्ध प्राथमिक स्रोतों में इसका सटीक आंकड़ा स्वतंत्र रूप से पुष्ट नहीं हुआ। इसलिए इसे मांग पर अंतिम फैसला नहीं, बल्कि सावधानी से देखने योग्य संकेत माना जाना चाहिए।
19 अगस्त की तेजी ने दिखाया कि क्रिप्टो बाजार बॉन्ड बाजार की लिक्विडिटी, नीतिगत सुर्खियों और लीवरेज वाली पोजीशन के प्रति अब भी बेहद संवेदनशील है। लेकिन अकेले इस घटना से यह साबित नहीं हुआ कि बाजार टिकाऊ अपट्रेंड में प्रवेश कर चुका है।
अगली महत्वपूर्ण कसौटियां ये होंगी:
सबसे स्पष्ट निष्कर्ष इसलिए सीमित है, सबसे तेजड़िया अनुमान जितना बड़ा नहीं: ट्रेजरी के बायबैक ऐलान ने जोखिम वाली परिसंपत्तियों की कीमतों में दोबारा आकलन शुरू कराया और भारी शॉर्ट पोजीशन ने इस कदम को कई गुना बढ़ा दिया। बिटकॉइन का 70,000 डॉलर के करीब पहुंचना तकनीकी और सेंटीमेंट की दृष्टि से महत्वपूर्ण घटना थी, लेकिन टिकाऊ बाजार बदलाव की पुष्टि के लिए शुरुआती शॉर्ट स्क्वीज के बाद भी मजबूती, प्रमुख स्तरों के ऊपर टिकाव और वास्तविक स्पॉट मांग जरूरी होगी।