इसी वजह से गिरावट केवल एक कंपनी तक सीमित नहीं रही, बल्कि चिप उद्योग की कई श्रेणियों में फैल गई। मेमोरी चिप की प्रमुख आपूर्तिकर्ता Micron अमेरिकी बाजार में सबसे ज्यादा प्रभावित शेयरों में रही। Nvidia और Broadcom भी नीचे आए, क्योंकि निवेशकों ने AI इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े शेयरों में अपना जोखिम घटाया।
AI और सेमीकंडक्टर शेयरों की बिकवाली ने अमेरिकी प्रमुख सूचकांकों को हालिया रिकॉर्ड स्तरों से और दूर कर दिया।
सेमीकंडक्टर शेयरों में गिरावट और तेज रही। Micron 7%, Nvidia 2.3% और Broadcom 3.2% नीचे रहे। PHLX Semiconductor Index में 5% से अधिक की गिरावट आई।
नैस्डैक पर अपेक्षाकृत ज्यादा दबाव इसलिए दिखा क्योंकि इसमें ऊंची विकास दर वाली टेक कंपनियों का भार अधिक है। इसके मुकाबले डॉव में ऐसी कंपनियों का संकेंद्रण कम है, इसलिए उसकी गिरावट सीमित रही।
अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड बढ़ने का AI शेयरों पर दोहरा असर पड़ता है।
पहला, इससे भविष्य के मुनाफे का वर्तमान मूल्य घटता है। निवेशक कई साल बाद मिलने वाली कमाई को एक डिस्काउंट रेट से आज के मूल्य में बदलते हैं। जब अपेक्षाकृत सुरक्षित सरकारी बॉन्ड ज्यादा रिटर्न देने लगते हैं, तो भविष्य में मिलने वाले नकदी प्रवाह की कीमत कम हो जाती है। इसका सबसे ज्यादा असर उन कंपनियों पर पड़ता है जिनका मूल्यांकन दूर भविष्य की तेज वृद्धि पर निर्भर करता है।
दूसरा, ऊंची यील्ड कर्ज लेने की लागत बढ़ाती है। AI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए शुरुआती निवेश बहुत बड़ा होता है। डेटा सेंटर बनाने या कंप्यूटिंग क्षमता बढ़ाने वाली कंपनियों को लगातार कर्ज और पूंजी बाजारों तक पहुंच की जरूरत पड़ सकती है। महंगा वित्तपोषण इन परियोजनाओं से मिलने वाला अपेक्षित रिटर्न घटा सकता है और निवेशकों को ऊंचे प्रीमियम पर ऐसे शेयर खरीदने से रोक सकता है।
इसका असर व्यापक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ता है। ऊंची यील्ड के कारण अमेरिका में लंबी अवधि की औसत मॉर्गेज दर साल के अपने उच्च स्तर के करीब पहुंच गई, जिससे यह चिंता बढ़ी कि महंगा कर्ज आर्थिक गतिविधियों को सीमित कर सकता है।
भू-राजनीतिक तनाव ने ब्याज दरों से जुड़ी चिंता को और गहरा किया। ईरान संघर्ष के जल्द खत्म होने की उम्मीद कमजोर पड़ने से तेल की कीमतों में तेजी आई। महंगा तेल महंगाई की उम्मीदों को बढ़ा सकता है, जिससे ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रह सकती हैं और कंपनियों की वित्तपोषण लागत बढ़ सकती है।
ऊंचे मूल्यांकन वाली टेक कंपनियों के लिए यह मुश्किल माहौल है। एक ओर भविष्य के मुनाफे पर निवेशकों की अपेक्षित दर बढ़ रही है, दूसरी ओर उन मुनाफों को पैदा करने वाले AI इंफ्रास्ट्रक्चर की लागत को लेकर अनिश्चितता बढ़ रही है।
बिकवाली वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन के रास्ते एशियाई बाजारों तक पहुंची। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 5.2% गिरा। वहां Samsung Electronics 6.9% और SK Hynix 7.9% नीचे रहे। जापान का Nikkei 225 2.6%, हांगकांग का Hang Seng 0.4% और शंघाई का Composite 1.5% गिरा।
दक्षिण कोरिया पर खास दबाव इसलिए पड़ा क्योंकि उसके शेयर बाजार में मेमोरी चिप कंपनियों का महत्वपूर्ण प्रभाव है। ये कंपनियां AI की बढ़ती मांग की उम्मीदों से काफी लाभान्वित हुई थीं। जब निवेशकों ने AI मांग की स्थिरता और इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च पर मिलने वाले रिटर्न को लेकर सवाल उठाए, तो मेमोरी चिप कंपनियां बिकवाली का स्वाभाविक केंद्र बन गईं।
अभी की गिरावट अपने-आप में यह साबित नहीं करती कि AI की मांग ढह गई है या AI में लंबे समय से चल रहा निवेश चक्र समाप्त हो गया है। उपलब्ध रिपोर्टें इसे AI तकनीक या मांग की निर्णायक विफलता के बजाय मूल्यांकन, खर्च और वित्तपोषण जोखिमों के दोबारा आकलन के रूप में पेश करती हैं।
फिलहाल बाजार का संदेश इतना है कि निवेशक AI पर हो रहे भारी खर्च को टिकाऊ और लाभदायक आय में बदलने के ठोस प्रमाण चाहते हैं। जब तक यह भरोसा मजबूत नहीं होता, AI इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनियों के शेयर ट्रेजरी यील्ड, तेल की कीमतों, पूंजीगत खर्च की योजनाओं और इस संकेत के प्रति संवेदनशील रह सकते हैं कि 2026 की तेजी बहुत कम समय में बहुत दूर तक पहुंच गई थी।