महिलाओं ने बढ़ाया वैश्विक स्वास्थ्यकर्मी बल, लेकिन नेतृत्व में अब भी पीछे
वैश्विक स्वास्थ्यकर्मी बल 1990 के 40.9 मिलियन से बढ़कर 2023 में 122.1 मिलियन हो गया—करीब तीन गुना वृद्धि। [1] महिलाएं अब स्वास्थ्यकर्मियों का लगभग 68.9% हैं, लेकिन वेतन, प्रतिष्ठा और नेतृत्व के लिहाज से अपेक्षाकृत कम लाभ वाले कामों में अधिक केंद्रित हैं। [1][37] मध्यम स्तर की सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज हासिल करने के...
वैश्विक स्वास्थ्यकर्मी बल 1990 के 40.9 मिलियन से बढ़कर 2023 में 122.1 मिलियन हो गया—करीब तीन गुना वृद्धि। [1]
महिलाएं अब स्वास्थ्यकर्मियों का लगभग 68.9% हैं, लेकिन वेतन, प्रतिष्ठा और नेतृत्व के लिहाज से अपेक्षाकृत कम लाभ वाले कामों में अधिक केंद्रित हैं। [1][37]
मध्यम स्तर की सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज हासिल करने के लिए दुनिया को 34.4 मिलियन अतिरिक्त डॉक्टर, नर्स, दाई, दंत चिकित्सक और फार्मासिस्टों की जरूरत होगी। [1]
दक्षिण एशिया में संख्या के लिहाज से सबसे बड़ी कमी है, जबकि उप सहारा अफ्रीका में आबादी के अनुपात में स्वास्थ्यकर्मी घनत्व सबसे कम है। [1]
How has the global health workforce changed from 1990 to 2023—particularly through women’s contribution and their concentration in lower paiAI-generated editorial hero image for How has the global health workforce changed from 1990 to 2023—particularly through women’s contribution and their concentration in lower pai.
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1990 से 2023 के बीच दुनिया के स्वास्थ्यकर्मी बल में असाधारण विस्तार हुआ। 20 अलग-अलग स्वास्थ्यकर्मी श्रेणियों को शामिल करने वाला अनुमानित वैश्विक बल 40.9 मिलियन से बढ़कर 122.1 मिलियन हो गया—यानी 81.2 मिलियन की वृद्धि या लगभग 198.5% उछाल।
लेकिन यह वृद्धि अपने-आप में समानता या पर्याप्त स्वास्थ्य सेवाओं की गारंटी नहीं देती। महिलाओं ने इस विस्तार में बड़ी भूमिका निभाई, फिर भी स्वास्थ्य क्षेत्र के भीतर काम का बंटवारा अब भी लैंगिक है।
1990–2023 में क्या बदला?
2023 में वैश्विक स्वास्थ्यकर्मी बल में लगभग 15.1 मिलियन डॉक्टर, 33.2 मिलियन नर्स और 2.4 मिलियन दाइयां शामिल थीं। इस विस्तार का बड़ा हिस्सा महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से आया।
फिर भी संख्या में अधिक होना बराबर पेशेवर प्रभाव के समान नहीं है। महिलाएं नर्सिंग, दाई-सेवा और अन्य देखभाल-केंद्रित भूमिकाओं में बहुसंख्यक हैं, जबकि पुरुष अपेक्षाकृत अधिक वेतन, अधिकार और नेतृत्व से जुड़ी भूमिकाओं में अधिक दिखाई देते हैं। इसका परिणाम स्वास्थ्य क्षेत्र में काम का लैंगिक विभाजन और महिलाओं की विशेषज्ञता तथा नेतृत्व क्षमता का अधूरा इस्तेमाल है।
Studio Global AI
अपना शोध जारी रखें
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
"महिलाओं ने बढ़ाया वैश्विक स्वास्थ्यकर्मी बल, लेकिन नेतृत्व में अब भी पीछे" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
वैश्विक स्वास्थ्यकर्मी बल 1990 के 40.9 मिलियन से बढ़कर 2023 में 122.1 मिलियन हो गया—करीब तीन गुना वृद्धि। [1]
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
वैश्विक स्वास्थ्यकर्मी बल 1990 के 40.9 मिलियन से बढ़कर 2023 में 122.1 मिलियन हो गया—करीब तीन गुना वृद्धि। [1] महिलाएं अब स्वास्थ्यकर्मियों का लगभग 68.9% हैं, लेकिन वेतन, प्रतिष्ठा और नेतृत्व के लिहाज से अपेक्षाकृत कम लाभ वाले कामों में अधिक केंद्रित हैं। [1][37]
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
मध्यम स्तर की सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज हासिल करने के लिए दुनिया को 34.4 मिलियन अतिरिक्त डॉक्टर, नर्स, दाई, दंत चिकित्सक और फार्मासिस्टों की जरूरत होगी। [1]
महिलाओं ने बढ़ाया वैश्विक स्वास्थ्यकर्मी बल, लेकिन नेतृत्व में अब भी पीछे
वैश्विक स्वास्थ्यकर्मी बल 1990 के 40.9 मिलियन से बढ़कर 2023 में 122.1 मिलियन हो गया—करीब तीन गुना वृद्धि। [1] महिलाएं अब स्वास्थ्यकर्मियों का लगभग 68.9% हैं, लेकिन वेतन, प्रतिष्ठा और नेतृत्व के लिहाज से अपेक्षाकृत कम लाभ वाले कामों में अधिक केंद्रित हैं। [1][37] मध्यम स्तर की सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज हासिल करने के...
वैश्विक स्वास्थ्यकर्मी बल 1990 के 40.9 मिलियन से बढ़कर 2023 में 122.1 मिलियन हो गया—करीब तीन गुना वृद्धि। [1]
महिलाएं अब स्वास्थ्यकर्मियों का लगभग 68.9% हैं, लेकिन वेतन, प्रतिष्ठा और नेतृत्व के लिहाज से अपेक्षाकृत कम लाभ वाले कामों में अधिक केंद्रित हैं। [1][37]
मध्यम स्तर की सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज हासिल करने के लिए दुनिया को 34.4 मिलियन अतिरिक्त डॉक्टर, नर्स, दाई, दंत चिकित्सक और फार्मासिस्टों की जरूरत होगी। [1]
दक्षिण एशिया में संख्या के लिहाज से सबसे बड़ी कमी है, जबकि उप सहारा अफ्रीका में आबादी के अनुपात में स्वास्थ्यकर्मी घनत्व सबसे कम है। [1]
How has the global health workforce changed from 1990 to 2023—particularly through women’s contribution and their concentration in lower paiAI-generated editorial hero image for How has the global health workforce changed from 1990 to 2023—particularly through women’s contribution and their concentration in lower pai.
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1990 से 2023 के बीच दुनिया के स्वास्थ्यकर्मी बल में असाधारण विस्तार हुआ। 20 अलग-अलग स्वास्थ्यकर्मी श्रेणियों को शामिल करने वाला अनुमानित वैश्विक बल 40.9 मिलियन से बढ़कर 122.1 मिलियन हो गया—यानी 81.2 मिलियन की वृद्धि या लगभग 198.5% उछाल।
लेकिन यह वृद्धि अपने-आप में समानता या पर्याप्त स्वास्थ्य सेवाओं की गारंटी नहीं देती। महिलाओं ने इस विस्तार में बड़ी भूमिका निभाई, फिर भी स्वास्थ्य क्षेत्र के भीतर काम का बंटवारा अब भी लैंगिक है।
1990–2023 में क्या बदला?
2023 में वैश्विक स्वास्थ्यकर्मी बल में लगभग 15.1 मिलियन डॉक्टर, 33.2 मिलियन नर्स और 2.4 मिलियन दाइयां शामिल थीं। इस विस्तार का बड़ा हिस्सा महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से आया।
फिर भी संख्या में अधिक होना बराबर पेशेवर प्रभाव के समान नहीं है। महिलाएं नर्सिंग, दाई-सेवा और अन्य देखभाल-केंद्रित भूमिकाओं में बहुसंख्यक हैं, जबकि पुरुष अपेक्षाकृत अधिक वेतन, अधिकार और नेतृत्व से जुड़ी भूमिकाओं में अधिक दिखाई देते हैं। इसका परिणाम स्वास्थ्य क्षेत्र में काम का लैंगिक विभाजन और महिलाओं की विशेषज्ञता तथा नेतृत्व क्षमता का अधूरा इस्तेमाल है।
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इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
"महिलाओं ने बढ़ाया वैश्विक स्वास्थ्यकर्मी बल, लेकिन नेतृत्व में अब भी पीछे" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
वैश्विक स्वास्थ्यकर्मी बल 1990 के 40.9 मिलियन से बढ़कर 2023 में 122.1 मिलियन हो गया—करीब तीन गुना वृद्धि। [1]
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
वैश्विक स्वास्थ्यकर्मी बल 1990 के 40.9 मिलियन से बढ़कर 2023 में 122.1 मिलियन हो गया—करीब तीन गुना वृद्धि। [1] महिलाएं अब स्वास्थ्यकर्मियों का लगभग 68.9% हैं, लेकिन वेतन, प्रतिष्ठा और नेतृत्व के लिहाज से अपेक्षाकृत कम लाभ वाले कामों में अधिक केंद्रित हैं। [1][37]
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
मध्यम स्तर की सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज हासिल करने के लिए दुनिया को 34.4 मिलियन अतिरिक्त डॉक्टर, नर्स, दाई, दंत चिकित्सक और फार्मासिस्टों की जरूरत होगी। [1]
3.44 करोड़ अतिरिक्त स्वास्थ्यकर्मियों की जरूरत क्यों?
द लैंसेट पब्लिक हेल्थ में प्रकाशित GBD 2023 आधारित विश्लेषण के अनुसार, 100 में 80 के UHC प्रभावी-कवरेज सूचकांक तक पहुंचने के लिए दुनिया को 34.4 मिलियन यानी करीब 3.44 करोड़ अतिरिक्त डॉक्टर, नर्स, दाई, दंत चिकित्सक और फार्मासिस्ट चाहिए होंगे। यह सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (Universal Health Coverage—UHC) का मध्यम स्तर माना जा सकता है, न कि अधिकतम या आदर्श लक्ष्य।
यह अनुमान केवल यह नहीं गिनता कि कितनी नौकरियां खाली हैं। इसमें उन देशों में देखे गए स्वास्थ्यकर्मी घनत्व को आधार बनाया गया है, जो UHC सूचकांक में 80 का स्तर हासिल कर चुके हैं। इसलिए यह एक मॉडल-आधारित बेंचमार्क है—हर देश के लिए भर्ती का सटीक और समान लक्ष्य नहीं।
पहले के GBD विश्लेषण में 10,000 आबादी पर 80/100 UHC स्तर के लिए कम-से-कम 20.7 डॉक्टर, 70.6 नर्स और दाइयां, 8.2 दंत-स्वास्थ्यकर्मी तथा 9.4 फार्मास्यूटिकल स्वास्थ्यकर्मी जरूरी बताए गए थे। नए विश्लेषण में अद्यतन आंकड़ों और देशों में वास्तव में देखे गए घनत्व के आधार पर अलग, अपेक्षाकृत कम सीमाएं सामने आती हैं।
स्रोत सारांश के अनुसार, इस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए डॉक्टरों की ही अतिरिक्त जरूरत करीब 7.1 मिलियन है। उपलब्ध सामग्री में नर्सों और दाइयों, दंत चिकित्सकों तथा फार्मासिस्टों के लिए अलग-अलग कुल आंकड़ों को स्वतंत्र रूप से पुनर्निर्मित करने के लिए पर्याप्त आधार नहीं है।
कमी किन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा है?
दक्षिण एशिया में कुल संख्या के लिहाज से सबसे बड़ी कमी है। यहां UHC लक्ष्य तक पहुंचने के लिए लगभग 13.6 मिलियन अतिरिक्त स्वास्थ्यकर्मियों की जरूरत का अनुमान है।
उप-सहारा अफ्रीका में लगभग सभी स्वास्थ्यकर्मी श्रेणियों का 2023 घनत्व सबसे कम था। इसका प्रमुख अपवाद सामुदायिक स्वास्थ्यकर्मी हैं।
उच्च-आय वाले देशों में स्वास्थ्यकर्मी घनत्व सबसे अधिक है।
इन दोनों क्षेत्रों की चुनौती अलग है: दक्षिण एशिया में बड़ी आबादी के कारण कुल कमी बहुत बड़ी है, जबकि उप-सहारा अफ्रीका में आबादी और जरूरत की तुलना में उपलब्धता बेहद कम है। केवल वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्यकर्मियों की संख्या बढ़ाने से यह क्षेत्रीय असमानता दूर नहीं होगी।
WHO और GBD के आंकड़े अलग क्यों हैं?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और लैंसेट/GBD विश्लेषण एक ही सवाल का जवाब नहीं देते। दोनों में कमी की परिभाषा, अध्ययन वर्ष, शामिल पेशे और गणना-पद्धति अलग है।
WHO ने पहले जरूरत-आधारित अनुमान में वैश्विक स्वास्थ्यकर्मी कमी को 2013 में 20 मिलियन से घटकर 2020 में 15 मिलियन बताया था और 2030 तक इसके 10 मिलियन रहने का अनुमान लगाया था।
इसके विपरीत, GBD का 34.4 मिलियन वाला अनुमान 100 में 80 के UHC प्रभावी-कवरेज स्तर से जुड़ा है। इसमें तय पेशेवर समूहों को शामिल कर उन देशों के स्वास्थ्यकर्मी घनत्व को बेंचमार्क बनाया गया है, जिन्होंने यह कवरेज हासिल की है।
इसलिए WHO का कम आंकड़ा और GBD का अधिक आंकड़ा जरूरी नहीं कि एक-दूसरे का खंडन करते हों। वे अलग सेवा-मानक, अलग पेशागत दायरा या अलग समय-सीमा माप सकते हैं। लक्ष्यों और शामिल स्वास्थ्यकर्मी समूहों को समान किए बिना दोनों की सीधी तुलना भ्रामक होगी।
समाधान सिर्फ ज्यादा भर्ती नहीं
प्रशिक्षण और नियुक्तियां बढ़ाना जरूरी है, लेकिन अकेली भर्ती समस्या का समाधान नहीं करेगी। यदि वेतन कम, काम असुरक्षित, रोजगार अस्थिर और करियर के अवसर सीमित रहें, तो नए स्वास्थ्यकर्मियों का टिकाव कमजोर हो सकता है। इससे कर्मचारियों का बार-बार बदलना, देश के भीतर असमानता और अंतरराष्ट्रीय ‘ब्रेन ड्रेन’ बढ़ सकता है।
नीतिगत प्राथमिकताओं में शामिल होना चाहिए:
चिकित्सा और स्वास्थ्य शिक्षा, शिक्षकों, क्लिनिकल प्रशिक्षण तथा ग्रामीण क्षेत्रों में नियुक्तियों में लगातार निवेश;
उचित वेतन, सुरक्षित कार्यस्थल, संतुलित कार्यभार, सामाजिक सुरक्षा और स्पष्ट करियर प्रगति;
ग्रामीण और कम-सेवा वाले इलाकों में स्वास्थ्यकर्मियों को बनाए रखने के लिए प्रभावी नीतियां;
समान मूल्य के काम के लिए समान वेतन, भेदभाव और उत्पीड़न से सुरक्षा, बच्चों की देखभाल की सुविधा और लचीले करियर विकल्प;
महिलाओं की प्रबंधन, नीति-निर्माण और नेतृत्व में वास्तविक भागीदारी;
केवल डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने के बजाय प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा, नर्सिंग, दाई-सेवा, फार्मेसी, दंत-स्वास्थ्य, सामुदायिक स्वास्थ्यकर्मियों, निगरानी और रेफरल व्यवस्था में संतुलित निवेश।
मुख्य विरोधाभास यही है: 1990 के बाद दुनिया ने 80 मिलियन से अधिक स्वास्थ्यकर्मी जोड़े, जिनमें महिलाओं का योगदान निर्णायक रहा। फिर भी असमान वितरण, कम निवेश, कमजोर कर्मचारी-प्रतिधारण और लैंगिक पेशागत पदानुक्रम के कारण कई देश उस स्वास्थ्यकर्मी क्षमता से बहुत नीचे हैं, जो मध्यम स्तर की सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के लिए भी जरूरी मानी जाती है।
Global burden of enteric infectious diseases, diarrhoeal ...
3.44 करोड़ अतिरिक्त स्वास्थ्यकर्मियों की जरूरत क्यों?
द लैंसेट पब्लिक हेल्थ में प्रकाशित GBD 2023 आधारित विश्लेषण के अनुसार, 100 में 80 के UHC प्रभावी-कवरेज सूचकांक तक पहुंचने के लिए दुनिया को 34.4 मिलियन यानी करीब 3.44 करोड़ अतिरिक्त डॉक्टर, नर्स, दाई, दंत चिकित्सक और फार्मासिस्ट चाहिए होंगे। यह सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (Universal Health Coverage—UHC) का मध्यम स्तर माना जा सकता है, न कि अधिकतम या आदर्श लक्ष्य।
यह अनुमान केवल यह नहीं गिनता कि कितनी नौकरियां खाली हैं। इसमें उन देशों में देखे गए स्वास्थ्यकर्मी घनत्व को आधार बनाया गया है, जो UHC सूचकांक में 80 का स्तर हासिल कर चुके हैं। इसलिए यह एक मॉडल-आधारित बेंचमार्क है—हर देश के लिए भर्ती का सटीक और समान लक्ष्य नहीं।
पहले के GBD विश्लेषण में 10,000 आबादी पर 80/100 UHC स्तर के लिए कम-से-कम 20.7 डॉक्टर, 70.6 नर्स और दाइयां, 8.2 दंत-स्वास्थ्यकर्मी तथा 9.4 फार्मास्यूटिकल स्वास्थ्यकर्मी जरूरी बताए गए थे। नए विश्लेषण में अद्यतन आंकड़ों और देशों में वास्तव में देखे गए घनत्व के आधार पर अलग, अपेक्षाकृत कम सीमाएं सामने आती हैं।
स्रोत सारांश के अनुसार, इस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए डॉक्टरों की ही अतिरिक्त जरूरत करीब 7.1 मिलियन है। उपलब्ध सामग्री में नर्सों और दाइयों, दंत चिकित्सकों तथा फार्मासिस्टों के लिए अलग-अलग कुल आंकड़ों को स्वतंत्र रूप से पुनर्निर्मित करने के लिए पर्याप्त आधार नहीं है।
कमी किन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा है?
दक्षिण एशिया में कुल संख्या के लिहाज से सबसे बड़ी कमी है। यहां UHC लक्ष्य तक पहुंचने के लिए लगभग 13.6 मिलियन अतिरिक्त स्वास्थ्यकर्मियों की जरूरत का अनुमान है।
उप-सहारा अफ्रीका में लगभग सभी स्वास्थ्यकर्मी श्रेणियों का 2023 घनत्व सबसे कम था। इसका प्रमुख अपवाद सामुदायिक स्वास्थ्यकर्मी हैं।
उच्च-आय वाले देशों में स्वास्थ्यकर्मी घनत्व सबसे अधिक है।
इन दोनों क्षेत्रों की चुनौती अलग है: दक्षिण एशिया में बड़ी आबादी के कारण कुल कमी बहुत बड़ी है, जबकि उप-सहारा अफ्रीका में आबादी और जरूरत की तुलना में उपलब्धता बेहद कम है। केवल वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्यकर्मियों की संख्या बढ़ाने से यह क्षेत्रीय असमानता दूर नहीं होगी।
WHO और GBD के आंकड़े अलग क्यों हैं?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और लैंसेट/GBD विश्लेषण एक ही सवाल का जवाब नहीं देते। दोनों में कमी की परिभाषा, अध्ययन वर्ष, शामिल पेशे और गणना-पद्धति अलग है।
WHO ने पहले जरूरत-आधारित अनुमान में वैश्विक स्वास्थ्यकर्मी कमी को 2013 में 20 मिलियन से घटकर 2020 में 15 मिलियन बताया था और 2030 तक इसके 10 मिलियन रहने का अनुमान लगाया था।
इसके विपरीत, GBD का 34.4 मिलियन वाला अनुमान 100 में 80 के UHC प्रभावी-कवरेज स्तर से जुड़ा है। इसमें तय पेशेवर समूहों को शामिल कर उन देशों के स्वास्थ्यकर्मी घनत्व को बेंचमार्क बनाया गया है, जिन्होंने यह कवरेज हासिल की है।
इसलिए WHO का कम आंकड़ा और GBD का अधिक आंकड़ा जरूरी नहीं कि एक-दूसरे का खंडन करते हों। वे अलग सेवा-मानक, अलग पेशागत दायरा या अलग समय-सीमा माप सकते हैं। लक्ष्यों और शामिल स्वास्थ्यकर्मी समूहों को समान किए बिना दोनों की सीधी तुलना भ्रामक होगी।
समाधान सिर्फ ज्यादा भर्ती नहीं
प्रशिक्षण और नियुक्तियां बढ़ाना जरूरी है, लेकिन अकेली भर्ती समस्या का समाधान नहीं करेगी। यदि वेतन कम, काम असुरक्षित, रोजगार अस्थिर और करियर के अवसर सीमित रहें, तो नए स्वास्थ्यकर्मियों का टिकाव कमजोर हो सकता है। इससे कर्मचारियों का बार-बार बदलना, देश के भीतर असमानता और अंतरराष्ट्रीय ‘ब्रेन ड्रेन’ बढ़ सकता है।
नीतिगत प्राथमिकताओं में शामिल होना चाहिए:
चिकित्सा और स्वास्थ्य शिक्षा, शिक्षकों, क्लिनिकल प्रशिक्षण तथा ग्रामीण क्षेत्रों में नियुक्तियों में लगातार निवेश;
उचित वेतन, सुरक्षित कार्यस्थल, संतुलित कार्यभार, सामाजिक सुरक्षा और स्पष्ट करियर प्रगति;
ग्रामीण और कम-सेवा वाले इलाकों में स्वास्थ्यकर्मियों को बनाए रखने के लिए प्रभावी नीतियां;
समान मूल्य के काम के लिए समान वेतन, भेदभाव और उत्पीड़न से सुरक्षा, बच्चों की देखभाल की सुविधा और लचीले करियर विकल्प;
महिलाओं की प्रबंधन, नीति-निर्माण और नेतृत्व में वास्तविक भागीदारी;
केवल डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने के बजाय प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा, नर्सिंग, दाई-सेवा, फार्मेसी, दंत-स्वास्थ्य, सामुदायिक स्वास्थ्यकर्मियों, निगरानी और रेफरल व्यवस्था में संतुलित निवेश।
मुख्य विरोधाभास यही है: 1990 के बाद दुनिया ने 80 मिलियन से अधिक स्वास्थ्यकर्मी जोड़े, जिनमें महिलाओं का योगदान निर्णायक रहा। फिर भी असमान वितरण, कम निवेश, कमजोर कर्मचारी-प्रतिधारण और लैंगिक पेशागत पदानुक्रम के कारण कई देश उस स्वास्थ्यकर्मी क्षमता से बहुत नीचे हैं, जो मध्यम स्तर की सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के लिए भी जरूरी मानी जाती है।
Global burden of enteric infectious diseases, diarrhoeal ...