रूस ने बताया कि 18 अगस्त की रात मॉस्को क्षेत्र की ओर 620 से अधिक ड्रोन आए, जबकि 19 अगस्त की सुबह तक रूसी क्षेत्रों और काला सागर के ऊपर 453 यूक्रेनी ड्रोन रोकने का दावा किया गया। हमले यूक्रेन की उस व्यापक लंबी दूरी की रणनीति का हिस्सा दिखते हैं, जिसमें रूस की तेल रिफाइनरी, रक्षा उत्पादन और दोहरे उपयोग वाले लॉजिस्टिक्...
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What happened in Ukraine’s August 18–19, 2026 drone campaign against Russia—including the scale and locations of the attacks, damage to Mosc. Article summary: Ukraine’s August 18–19 drone offensive was a large, geographically dispersed escalation aimed at bringing disruption to Russia’s military-industrial base, oil sector, and dual-use logistics network—not simply at Moscow. . Topic tags: general, general web, news. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fake numbers
18–19 अगस्त 2026 का यूक्रेनी ड्रोन अभियान किसी एक हमले से अधिक अपनी भौगोलिक पहुंच के कारण महत्वपूर्ण रहा। रिपोर्टों में मॉस्को क्षेत्र के अलावा उफा और डज़रज़िन्स्क के औद्योगिक ठिकानों में गतिविधि का उल्लेख है। इससे संकेत मिलता है कि कीव की लंबी दूरी की ड्रोन रणनीति मोर्चे से बहुत पीछे तक पहुंचकर रूस के युद्ध प्रयास को सहारा देने वाले बुनियादी ढांचे पर दबाव बना रही है। हालांकि, अभियान से जुड़ी परिचालन जानकारी, जिम्मेदारी और नुकसान का आकलन अभी विवादित है।
रूसी अधिकारियों के अनुसार, 18 अगस्त की रात से 19 अगस्त की सुबह तक मॉस्को क्षेत्र को 620 से अधिक ड्रोन ने निशाना बनाया। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोब्यानिन ने कहा कि 18 अगस्त की शाम से 19 अगस्त के शुरुआती घंटों के बीच राजधानी क्षेत्र के ऊपर 180 ड्रोन नष्ट किए गए और मॉस्को की ओर बढ़ते 17 अन्य ड्रोन को भी रोका गया।
इसी अवधि के लिए रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि 18 अगस्त को मॉस्को समयानुसार रात 8 बजे से 19 अगस्त सुबह 8 बजे तक रूसी क्षेत्रों और काला सागर के ऊपर 453 यूक्रेनी फिक्स्ड-विंग ड्रोन रोके गए। यह रूस का आधिकारिक दावा है; लॉन्च किए गए या नष्ट किए गए ड्रोन की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
इन आंकड़ों को सीधे जोड़ना सही नहीं होगा। दोनों दावे अलग-अलग भौगोलिक और रिपोर्टिंग श्रेणियों से जुड़े हैं, और उपलब्ध रिपोर्ट यह स्पष्ट नहीं करतीं कि इनमें कितना ओवरलैप था।
मॉस्को क्षेत्र से आग, बिजली आपूर्ति में व्यवधान और ऑनलाइन रिटेल कंपनी वाइल्डबेरीज़ के एक गोदाम या वितरण केंद्र को नुकसान की खबरें आईं। वाइल्डबेरीज़ रूस की बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों में से एक है, इसलिए यह स्थल प्रत्यक्ष रूप से व्यावसायिक और नागरिक प्रकृति का है। फिर भी यूक्रेनी अधिकारियों और बाहरी विश्लेषकों ने बड़े लॉजिस्टिक्स केंद्रों को ऐसे दोहरे उपयोग वाले नेटवर्क का हिस्सा बताया है, जो रूस की युद्ध अर्थव्यवस्था को भी मदद कर सकता है।
अभियान में वाइल्डबेरीज़ की सुविधाएं बार-बार निशाने पर रही हैं। इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर के अनुसार, यूक्रेनी रक्षा मंत्रालय की रिपोर्टों का हवाला देते हुए, जुलाई से अब तक कंपनी के 10 सबसे बड़े लॉजिस्टिक्स केंद्रों में से सात पर हमला हुआ है। यह पैटर्न बताता है कि लक्ष्य केवल पारंपरिक सैन्य अड्डे नहीं, बल्कि वितरण क्षमता को बाधित करना भी है।
बश्कोर्तोस्तान गणराज्य के उफा शहर में क्षेत्रीय अधिकारियों ने कहा कि ड्रोन औद्योगिक सुविधाओं तक पहुंचे। एक ड्रोन औद्योगिक क्षेत्र में गिरा और आग लग गई, जबकि दूसरे ने एक आवासीय इमारत को नुकसान पहुंचाया और एक व्यक्ति घायल हुआ—यह जानकारी मेडुज़ा की रिपोर्ट में अधिकारियों के हवाले से दी गई है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि पहले से मरम्मत के अधीन तेल रिफाइनरी की एक इकाई में आग लग गई।
रूस की सरकारी समाचार एजेंसी तास ने रिफाइनरी में आग की खबर दी और बताया कि रक्षा मंत्रालय ने रात के दौरान 453 ड्रोन रोके जाने का दावा किया था। उपलब्ध रिपोर्टों से आग लगने की बात सामने आती है, लेकिन रिफाइनरी के कुल उत्पादन पर असर या व्यवधान की अवधि स्वतंत्र रूप से निर्धारित नहीं की जा सकती।
निज़्नी नोवगोरोद क्षेत्र के डज़रज़िन्स्क में धुएं और ड्रोन गतिविधि की खबरें सामने आईं। खुले स्रोतों से मिली रिपोर्टों और वीडियो विश्लेषण के आधार पर स्वेर्दलोव विस्फोटक संयंत्र को संभावित निशाना बताया गया।
यह संयंत्र रूस के सैन्य-औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ा है, लेकिन 19 अगस्त की घटना में हुए सटीक नुकसान की उपलब्ध रिपोर्टों से स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई। पास की एक आवासीय इमारत को भी नुकसान पहुंचने की खबर है।
18–19 अगस्त की ड्रोन लहर में मारे गए या घायल हुए लोगों की कोई विश्वसनीय और समेकित संख्या उपलब्ध नहीं है। अगस्त के मध्य में इसी बढ़ते अभियान की पहले की घटनाओं में रूस में कम से कम छह लोगों के मारे जाने की खबर थी, लेकिन उन मौतों को विशेष रूप से 18–19 अगस्त के हमलों की जनहानि के रूप में पेश नहीं किया जाना चाहिए।
इसी बीच, अल जज़ीरा द्वारा उद्धृत अधिकारियों के अनुसार, 18 अगस्त को यूक्रेन के खार्किव क्षेत्र में रूसी हमलों में 10 लोग मारे गए। दोनों ओर हुए समानांतर हमले दिखाते हैं कि यह तनाव लंबी दूरी के हमलों के आदान-प्रदान में बदल गया है, जिसमें दोनों देशों के नागरिक खतरे में हैं।
मॉस्को के आसपास ड्रोन चेतावनियों के कारण अभियान की अन्य लहरों में विमान सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। हालांकि, उपलब्ध स्रोत 18–19 अगस्त के हमलों से सीधे जुड़े रद्दीकरण या देरी की सटीक संख्या नहीं बताते। इसलिए इस घटना के बारे में हवाई अड्डों पर असर का उल्लेख सावधानी के साथ किया जाना चाहिए।
यूक्रेन की लंबी दूरी की ड्रोन रणनीति रूस की युद्ध प्रणाली के कई हिस्सों पर लगातार लागत डालने की कोशिश करती दिखती है:
इस अभियान की एक प्रमुख विशेषता इसकी पहुंच भी है। पहले की रिपोर्टों में रूस के भीतर यूक्रेनी ड्रोन द्वारा रिफाइनरी, सैन्य कारखाने, लॉजिस्टिक्स केंद्र और अन्य ठिकानों को सैकड़ों मील दूर तक निशाना बनाने का उल्लेख किया गया था। एपी के अनुसार, उफा रिफाइनरी यूक्रेन से 1,000 किलोमीटर से अधिक दूर है और लुब्रिकेंट्स की प्रमुख रूसी उत्पादक है।
यूक्रेन रूस की तेल अवसंरचना को बार-बार निशाना बनाकर उसकी युद्ध आय घटाने, ईंधन आपूर्ति बाधित करने और आक्रमण को जारी रखने की लागत बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। रिपोर्टों ने इन हमलों को रिफाइनरी में रुकावट और कुछ ईंधन स्टेशनों पर कमी से जोड़ा है। वहीं, रूस की कुल रिफाइनिंग क्षमता में कमी के व्यापक अनुमान लगातार बदलते रहे हैं, क्योंकि कुछ संयंत्रों में काम फिर शुरू हुआ या दोबारा रुका।
इसलिए केवल 18–19 अगस्त की रिपोर्टों के आधार पर देशव्यापी रिफाइनिंग क्षमता में कमी का कोई एक निश्चित प्रतिशत नहीं दिया जा सकता। यूक्रेनी और अन्य द्वितीयक रिपोर्टों में बहुत बड़ी कटौती के दावे हैं, लेकिन उन्हें स्थापित तथ्य के बजाय अनुमान के रूप में देखना चाहिए।
मॉस्को ने आरोप लगाया कि रूस में गहरे हमलों के लिए ब्रिटेन ने यूक्रेन को समर्थन या सक्षम बनाया, क्योंकि ऐसी रिपोर्टें सामने आई थीं कि ब्रिटेन में बने ड्रोन रूस के ठिकानों के खिलाफ इस्तेमाल किए गए। रूसी अधिकारियों ने अस्पष्ट “नतीजों” की धमकी दी। ब्रिटिश अधिकारियों ने दबाव खारिज करते हुए कहा कि यूनाइटेड किंगडम यूक्रेन का समर्थन जारी रखेगा।
उपलब्ध रिपोर्ट यह साबित नहीं करतीं कि 18–19 अगस्त के हर हमले में ब्रिटेन से मिले ड्रोन इस्तेमाल हुए थे। वे यह भी नहीं दिखातीं कि अभियान पर ब्रिटेन का सीधा परिचालन नियंत्रण था। यह विवाद व्यापक रूसी दावे को दर्शाता है, जिसमें पश्चिमी सैन्य सहायता को युद्ध बढ़ाने वाली भूमिका के रूप में पेश किया जाता है।
कीव की संभावित रणनीतिक सोच यह है कि तेल आय, हथियार उत्पादन, परिवहन और घरेलू सुरक्षा पर हमले मॉस्को की गुंजाइश घटा सकते हैं और रूस के भीतर युद्ध जारी रखने की कीमत को अधिक दिखाई देने वाला बना सकते हैं। यह एक संभावित रणनीतिक उद्देश्य है, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि अगस्त के हमलों ने रूस की बातचीत संबंधी स्थिति बदल दी है।
तत्काल परिणाम लंबी दूरी के हमलों का और व्यापक आदान-प्रदान रहा: यूक्रेनी ड्रोन रूस के भीतर दूर तक पहुंचे, जबकि रूसी हमले यूक्रेन में नागरिकों की जान लेते और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाते रहे। इसलिए 18–19 अगस्त का अभियान हमलों की पहुंच और दबाव में बढ़ोतरी दिखाता है। इसका राजनीतिक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि आर्थिक, सैन्य और घरेलू सुरक्षा की संचयी लागत क्रेमलिन के फैसलों को बदलने लायक बनती है या नहीं।
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रूस ने बताया कि 18 अगस्त की रात मॉस्को क्षेत्र की ओर 620 से अधिक ड्रोन आए, जबकि 19 अगस्त की सुबह तक रूसी क्षेत्रों और काला सागर के ऊपर 453 यूक्रेनी ड्रोन रोकने का दावा किया गया।
रूस ने बताया कि 18 अगस्त की रात मॉस्को क्षेत्र की ओर 620 से अधिक ड्रोन आए, जबकि 19 अगस्त की सुबह तक रूसी क्षेत्रों और काला सागर के ऊपर 453 यूक्रेनी ड्रोन रोकने का दावा किया गया। हमले यूक्रेन की उस व्यापक लंबी दूरी की रणनीति का हिस्सा दिखते हैं, जिसमें रूस की तेल रिफाइनरी, रक्षा उत्पादन और दोहरे उपयोग वाले लॉजिस्टिक्स नेटवर्क पर दबाव डालकर उसकी वायु रक्षा क्षमता को फैलाने की कोशिश की जा रही है।