हालांकि, इस घोषणा का मतलब यह नहीं है कि अमेरिका और कनाडा के बीच अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर हो चुके हैं। ट्रंप ने कहा कि डील दस्तावेजों को अंतिम रूप दिए जाने पर निर्भर है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने बातचीत में “महत्वपूर्ण प्रगति” की बात कही, लेकिन यह भी स्पष्ट किया कि अहम काम अभी बाकी है।
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने टैरिफ इसलिए रोके क्योंकि अमेरिका और कनाडा के बीच “डील” हो गई है। प्रस्तावित शुल्क कनाडा के कई उत्पादों पर लागू होते—इनमें सीमेंट, हॉकी स्टिक, वाइन और शराब, फर्नीचर, कुछ कपड़े, डेयरी उत्पाद और अन्य निर्माण सामग्री शामिल हैं। प्रभावित आयात का अनुमान करीब 20 अरब डॉलर लगाया गया था।
इन शुल्कों का आधार 1930 के Tariff Act की Section 338 थी। व्हाइट हाउस के अनुसार, यह कदम कनाडा द्वारा अमेरिकी वस्तुओं के साथ कथित भेदभावपूर्ण व्यवहार के जवाब में उठाया गया था, खासकर ऑटोमोबाइल, शराब और डेयरी क्षेत्रों में।
ट्रंप ने प्रस्तावित समझौते की विस्तृत शर्तें सार्वजनिक नहीं कीं। हालांकि, उन्होंने लंबे समय से रद्द Keystone XL Pipeline के बारे में कहा कि यह परियोजना “कब्र से फिर जाग सकती है।” इससे संकेत मिला कि पाइपलाइन को किसी रूप में उभरते समझौते से जोड़ा जा सकता है। लेकिन टैरिफ में राहत और पाइपलाइन को फिर शुरू करने के बीच कोई अंतिम, आधिकारिक संबंध घोषित नहीं किया गया।
टैरिफ रोकने का फैसला एक सप्ताह से अधिक समय तक चली तेज बातचीत के बाद आया। कार्नी ने सोमवार को ट्रंप से बात की और समयसीमा नजदीक आने पर मंगलवार देर रात फिर बातचीत की। कनाडा के व्यापार मंत्री डोमिनिक लेब्लांक और मुख्य वार्ताकार जेनिस चैरेट ने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमिसन ग्रीयर के साथ कई बैठकें कीं। समयसीमा से कुछ ही पहले लेब्लांक और चैरेट ने ग्रीयर तथा वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक से भी मुलाकात की।
बातचीत की रफ्तार इस बात को दिखाती है कि स्थिति कितनी अनिश्चित थी। अगस्त के पहले हिस्से में कनाडाई अधिकारियों ने कहा था कि मसौदा समझौते के कुछ हिस्सों पर दोनों देश अब भी काफी दूर हैं, हालांकि 19 अगस्त से पहले मतभेद कम करने की कोशिश जारी थी।
कारों पर शुल्क बातचीत का सबसे अहम अनसुलझा मुद्दा बना हुआ है। वार्ताकारों ने कनाडाई वाहनों पर मौजूदा 25% अमेरिकी टैरिफ को कुछ सामग्री-आधारित कटौतियों के बाद 15% तक घटाने पर चर्चा की थी। लेकिन दोनों देश इस बात पर सहमत नहीं हो सके कि इन कटौतियों की गणना कैसे की जाए।
अमेरिका अमेरिकी सामग्री से जुड़े हिस्से को क्रेडिट देना चाहता था, जबकि कनाडा पूरे उत्तरी अमेरिका से आने वाली योग्य सामग्री को मान्यता देने की मांग कर रहा था।
इसलिए 15% की दर बातचीत में सामने आया एक संभावित विकल्प था, घोषित समझौता नहीं। किसी अंतिम डील में ऑटोमोबाइल की गणना-पद्धति के साथ-साथ बाजार पहुंच और अन्य टैरिफ से जुड़े सवालों का समाधान भी जरूरी होगा।
प्रस्तावित शुल्क इसलिए भी असाधारण थे क्योंकि इनके लिए 1930 के Tariff Act की कम इस्तेमाल होने वाली Section 338 का सहारा लिया गया। व्हाइट हाउस ने कहा कि यह प्रावधान राष्ट्रपति को अमेरिकी वाणिज्य के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार के जवाब में अतिरिक्त टैरिफ लगाने की अनुमति देता है। रिपोर्टों के अनुसार, किसी विदेशी देश के खिलाफ टैरिफ लगाने के लिए इस अधिकार के इस्तेमाल का यह पहला ज्ञात मामला था।
इन शुल्कों की एक और खासियत यह थी कि वे कुछ विशेष कनाडाई वस्तुओं पर लागू होते, भले ही वे सामान्य परिस्थितियों में United States-Mexico-Canada Agreement (USMCA) के तहत रियायती या शुल्क-मुक्त दर्जे के योग्य क्यों न हों।
U.S. Chamber of Commerce ने चेतावनी दी कि ऊंचे टैरिफ दोनों अर्थव्यवस्थाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं, अमेरिकी परिवारों की लागत बढ़ा सकते हैं और उत्तर अमेरिकी सप्लाई चेन में रुकावट पैदा कर सकते हैं। संगठन का कहना था कि स्टील, एल्युमिनियम, लकड़ी और ऑटो पार्ट्स से जुड़ी व्यापार बाधाएं कम करने वाला समझौता अमेरिकी उपभोक्ताओं, उत्पादकों, किसानों और कामगारों के लिए फायदेमंद होगा।
चैंबर ने व्यापक USMCA व्यापार संबंधों की स्थिरता को कनाडा और मेक्सिको के साथ व्यापार से जुड़े 1.3 करोड़ अमेरिकी रोजगारों से भी जोड़ा है। इसका अर्थ यह नहीं है कि टैरिफ लागू होते ही ये सभी 1.3 करोड़ नौकरियां खत्म हो जाएंगी; यह आंकड़ा क्षेत्रीय व्यापार से जुड़े रोजगारों को दर्शाता है।
शुक्रवार की समयसीमा को व्यापार विवाद के पूरी तरह खत्म होने का प्रमाण नहीं, बल्कि दस्तावेज तैयार करने और बचे हुए मतभेद सुलझाने की मोहलत समझना चाहिए। अधिकारियों को कथित समझौते की रूपरेखा को अंतिम दस्तावेजों में बदलना होगा और खासकर ऑटो टैरिफ से जुड़े मुद्दों पर सहमति बनानी होगी।
व्यावहारिक रूप से, तत्काल 50% टैरिफ का झटका टल गया है, लेकिन मूल बातचीत अभी पूरी नहीं हुई। जब तक दोनों सरकारें अंतिम शर्तें प्रकाशित कर उन्हें स्वीकार नहीं करतीं, अमेरिका-कनाडा व्यापार समझौते की स्थिति अस्थायी ही मानी जाएगी।
हालांकि, इस घोषणा का मतलब यह नहीं है कि अमेरिका और कनाडा के बीच अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर हो चुके हैं। ट्रंप ने कहा कि डील दस्तावेजों को अंतिम रूप दिए जाने पर निर्भर है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने बातचीत में “महत्वपूर्ण प्रगति” की बात कही, लेकिन यह भी स्पष्ट किया कि अहम काम अभी बाकी है।
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने टैरिफ इसलिए रोके क्योंकि अमेरिका और कनाडा के बीच “डील” हो गई है। प्रस्तावित शुल्क कनाडा के कई उत्पादों पर लागू होते—इनमें सीमेंट, हॉकी स्टिक, वाइन और शराब, फर्नीचर, कुछ कपड़े, डेयरी उत्पाद और अन्य निर्माण सामग्री शामिल हैं। प्रभावित आयात का अनुमान करीब 20 अरब डॉलर लगाया गया था।
इन शुल्कों का आधार 1930 के Tariff Act की Section 338 थी। व्हाइट हाउस के अनुसार, यह कदम कनाडा द्वारा अमेरिकी वस्तुओं के साथ कथित भेदभावपूर्ण व्यवहार के जवाब में उठाया गया था, खासकर ऑटोमोबाइल, शराब और डेयरी क्षेत्रों में।
ट्रंप ने प्रस्तावित समझौते की विस्तृत शर्तें सार्वजनिक नहीं कीं। हालांकि, उन्होंने लंबे समय से रद्द Keystone XL Pipeline के बारे में कहा कि यह परियोजना “कब्र से फिर जाग सकती है।” इससे संकेत मिला कि पाइपलाइन को किसी रूप में उभरते समझौते से जोड़ा जा सकता है। लेकिन टैरिफ में राहत और पाइपलाइन को फिर शुरू करने के बीच कोई अंतिम, आधिकारिक संबंध घोषित नहीं किया गया।
टैरिफ रोकने का फैसला एक सप्ताह से अधिक समय तक चली तेज बातचीत के बाद आया। कार्नी ने सोमवार को ट्रंप से बात की और समयसीमा नजदीक आने पर मंगलवार देर रात फिर बातचीत की। कनाडा के व्यापार मंत्री डोमिनिक लेब्लांक और मुख्य वार्ताकार जेनिस चैरेट ने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमिसन ग्रीयर के साथ कई बैठकें कीं। समयसीमा से कुछ ही पहले लेब्लांक और चैरेट ने ग्रीयर तथा वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक से भी मुलाकात की।
बातचीत की रफ्तार इस बात को दिखाती है कि स्थिति कितनी अनिश्चित थी। अगस्त के पहले हिस्से में कनाडाई अधिकारियों ने कहा था कि मसौदा समझौते के कुछ हिस्सों पर दोनों देश अब भी काफी दूर हैं, हालांकि 19 अगस्त से पहले मतभेद कम करने की कोशिश जारी थी।
कारों पर शुल्क बातचीत का सबसे अहम अनसुलझा मुद्दा बना हुआ है। वार्ताकारों ने कनाडाई वाहनों पर मौजूदा 25% अमेरिकी टैरिफ को कुछ सामग्री-आधारित कटौतियों के बाद 15% तक घटाने पर चर्चा की थी। लेकिन दोनों देश इस बात पर सहमत नहीं हो सके कि इन कटौतियों की गणना कैसे की जाए।
अमेरिका अमेरिकी सामग्री से जुड़े हिस्से को क्रेडिट देना चाहता था, जबकि कनाडा पूरे उत्तरी अमेरिका से आने वाली योग्य सामग्री को मान्यता देने की मांग कर रहा था।
इसलिए 15% की दर बातचीत में सामने आया एक संभावित विकल्प था, घोषित समझौता नहीं। किसी अंतिम डील में ऑटोमोबाइल की गणना-पद्धति के साथ-साथ बाजार पहुंच और अन्य टैरिफ से जुड़े सवालों का समाधान भी जरूरी होगा।
प्रस्तावित शुल्क इसलिए भी असाधारण थे क्योंकि इनके लिए 1930 के Tariff Act की कम इस्तेमाल होने वाली Section 338 का सहारा लिया गया। व्हाइट हाउस ने कहा कि यह प्रावधान राष्ट्रपति को अमेरिकी वाणिज्य के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार के जवाब में अतिरिक्त टैरिफ लगाने की अनुमति देता है। रिपोर्टों के अनुसार, किसी विदेशी देश के खिलाफ टैरिफ लगाने के लिए इस अधिकार के इस्तेमाल का यह पहला ज्ञात मामला था।
इन शुल्कों की एक और खासियत यह थी कि वे कुछ विशेष कनाडाई वस्तुओं पर लागू होते, भले ही वे सामान्य परिस्थितियों में United States-Mexico-Canada Agreement (USMCA) के तहत रियायती या शुल्क-मुक्त दर्जे के योग्य क्यों न हों।
U.S. Chamber of Commerce ने चेतावनी दी कि ऊंचे टैरिफ दोनों अर्थव्यवस्थाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं, अमेरिकी परिवारों की लागत बढ़ा सकते हैं और उत्तर अमेरिकी सप्लाई चेन में रुकावट पैदा कर सकते हैं। संगठन का कहना था कि स्टील, एल्युमिनियम, लकड़ी और ऑटो पार्ट्स से जुड़ी व्यापार बाधाएं कम करने वाला समझौता अमेरिकी उपभोक्ताओं, उत्पादकों, किसानों और कामगारों के लिए फायदेमंद होगा।
चैंबर ने व्यापक USMCA व्यापार संबंधों की स्थिरता को कनाडा और मेक्सिको के साथ व्यापार से जुड़े 1.3 करोड़ अमेरिकी रोजगारों से भी जोड़ा है। इसका अर्थ यह नहीं है कि टैरिफ लागू होते ही ये सभी 1.3 करोड़ नौकरियां खत्म हो जाएंगी; यह आंकड़ा क्षेत्रीय व्यापार से जुड़े रोजगारों को दर्शाता है।
शुक्रवार की समयसीमा को व्यापार विवाद के पूरी तरह खत्म होने का प्रमाण नहीं, बल्कि दस्तावेज तैयार करने और बचे हुए मतभेद सुलझाने की मोहलत समझना चाहिए। अधिकारियों को कथित समझौते की रूपरेखा को अंतिम दस्तावेजों में बदलना होगा और खासकर ऑटो टैरिफ से जुड़े मुद्दों पर सहमति बनानी होगी।
व्यावहारिक रूप से, तत्काल 50% टैरिफ का झटका टल गया है, लेकिन मूल बातचीत अभी पूरी नहीं हुई। जब तक दोनों सरकारें अंतिम शर्तें प्रकाशित कर उन्हें स्वीकार नहीं करतीं, अमेरिका-कनाडा व्यापार समझौते की स्थिति अस्थायी ही मानी जाएगी।