18 अगस्त 2026 को तड़के करीब 3 बजे पूर्वी इदलिब स्थित निष्क्रिय अबू अल दुहूर एयरबेस पर आठ इजरायली हवाई हमलों की सबसे मजबूत रिपोर्ट सामने आई। हमलों में रनवे और भंडारण सुविधाओं को नुकसान पहुंचा, लेकिन किसी के मारे जाने या घायल होने की सूचना नहीं है। हमला तुर्की के एक सैन्य प्रतिनिधिमंडल के एयरबेस का निरीक्षण करने के कु...
शोध उत्तर

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18 अगस्त 2026, मंगलवार को तड़के सीरिया के पूर्वी इदलिब में स्थित निष्क्रिय अबू अल-दुहूर सैन्य हवाई अड्डे पर इजरायल के हमले की खबरें सामने आईं। बाद की और अधिक मजबूत रिपोर्टों के अनुसार, स्थानीय समयानुसार करीब सुबह 3 बजे आठ हमले किए गए। रनवे और भंडारण सुविधाओं को भौतिक नुकसान पहुंचा, लेकिन किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली।
सीरियाई सरकारी मीडिया ने एक सैन्य सूत्र के हवाले से बताया कि इजरायली विमानों ने एयरबेस के रनवे और स्टोरेज सुविधाओं को निशाना बनाया। बेस के पास रहने वाले एक स्थानीय निवासी और एक अलग सैन्य सूत्र ने भी कहा कि हमले में कोई हताहत नहीं हुआ।
शुरुआती खबरों में हमलों की संख्या चार बताई गई थी। हालांकि, बाद की सीरियाई सरकारी मीडिया रिपोर्टों और रॉयटर्स की रिपोर्टिंग में आठ हमलों का उल्लेख किया गया। इसलिए उपलब्ध जानकारी के आधार पर आठ हमलों का आंकड़ा अधिक पुष्ट माना जाता है, लेकिन चार और आठ के बीच की यह विसंगति ध्यान में रखनी चाहिए।
हमले की पहली खबरों के समय सीरियाई सरकार की ओर से तत्काल कोई औपचारिक बयान नहीं आया था। बाद में दमिश्क ने इसे सीरिया की संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए निंदा की। इजरायल ने शुरुआत में टिप्पणी नहीं की, लेकिन बाद में उसकी सरकार ने हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य एयरबेस पर तुर्की की संभावित सैन्य तैनाती को रोकना था।
अबू अल-दुहूर उत्तर-पश्चिमी सीरिया के इदलिब प्रांत के पूर्वी ग्रामीण क्षेत्र में स्थित एक पूर्व सैन्य हवाई अड्डा है। यह इलाका व्यापक रूप से अलेप्पो और तुर्की सीमा के आसपास के क्षेत्र से जुड़ा है। रिपोर्टों के अनुसार, एयरबेस तुर्की सीमा से करीब 40–45 मील यानी लगभग 70 किलोमीटर दूर है।
सीरियाई गृहयुद्ध के दौर से यह सुविधा एक समर्पित सैन्य एयरबेस के रूप में सेवा से बाहर रही है। रिपोर्टों में इसे परित्यक्त, निष्क्रिय या बंद एयरफील्ड बताया गया है।
हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टें एयरबेस का कुल क्षेत्रफल, रनवे की सटीक संख्या या उनकी लंबाई-चौड़ाई विश्वसनीय रूप से स्थापित नहीं करतीं। इसलिए इन विवरणों को पुष्ट तथ्य के रूप में पेश नहीं किया जाना चाहिए।
रिपोर्टों के अनुसार, दिसंबर 2024 में बशर अल-असद की सरकार के पतन के बाद इस एयरबेस पर यह पहला इजरायली हमला था। रॉयटर्स आधारित रिपोर्टिंग ने इसे मार्च के बाद सीरियाई सरकारी ठिकानों पर इजरायल का पहला बताया।
हमले का समय भी महत्वपूर्ण था। खबरों के मुताबिक, तुर्की का एक सैन्य प्रतिनिधिमंडल इससे कुछ समय पहले एयरबेस का दौरा कर चुका था और वहां के रनवे को फिर से इस्तेमाल लायक बनाने की संभावनाओं का आकलन कर रहा था। इजरायल ने अमेरिका को बताया कि उसका लक्ष्य एयरबेस पर तुर्की की संभावित सैन्य मौजूदगी या सैन्य निर्माण को रोकना था।
इस तरह यह घटना तीन पक्षों के बीच उभरते विवाद को सामने लाती है: तुर्की को सीरियाई सैन्य सुविधा को फिर से विकसित करने की योजनाओं से जोड़ा गया, इजरायल ने संभावित तुर्की मौजूदगी को सुरक्षा खतरे के रूप में देखा, जबकि अमेरिका अपने क्षेत्रीय साझेदारों के बीच व्यापक टकराव रोकने की कोशिश कर रहा था।
सीरिया के लिए अमेरिकी दूत टॉम बराक ने इजरायली हमलों को सार्वजनिक रूप से “अनावश्यक उकसावा” बताया और कहा कि इससे क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा नहीं मिलता।
यह आलोचना इसलिए असामान्य रूप से सीधी थी क्योंकि इसमें तुर्की की संभावित तैनाती से जुड़े ठिकाने पर इजरायल द्वारा सैन्य कार्रवाई के फैसले पर सवाल उठाया गया। उपलब्ध रिपोर्टिंग से संकेत मिलता है कि असद के बाद सीरिया की सुरक्षा व्यवस्था को संभालने के तरीके को लेकर वॉशिंगटन और इजरायल के बीच रणनीतिक नहीं तो कम-से-कम सामरिक मतभेद जरूर था।
हालांकि, उपलब्ध स्रोत स्वतंत्र रूप से इस अधिक विशिष्ट दावे की पुष्टि नहीं करते कि अमेरिका ने इजरायल के दूसरे अज्ञात सीरियाई ठिकानों पर हमले की मांग ठुकरा दी थी। इसी तरह, इस घटना के संदर्भ में दक्षिणी सीरिया में कथित इजरायली जमीनी कार्रवाइयों—जैसे चौकियां, हिरासत और घुसपैठ—की पूरी सीमा भी स्थापित नहीं होती।
यह हमला ऐसे समय हुआ जब अमेरिका और उसके साझेदार गाजा के लिए एक रोडमैप पर भी काम कर रहे थे। इसमें हमास के हथियारों को चरणबद्ध तरीके से हटाना, हथियारों की सूची बनाना और उन्हें सुरक्षित रखना, भविष्य में फिलिस्तीनी प्रशासन की स्थापना तथा अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा भूमिका जैसे प्रस्ताव शामिल हैं।
कुछ रिपोर्टों में अमेरिका और इजरायल के बीच ऐसी उभरती समझ का जिक्र है जिसके तहत अमेरिकी अधिकारी हमास के हथियारों के हस्तांतरण या उन्हें निष्क्रिय करने की निगरानी करेंगे। लेकिन उपलब्ध स्रोत यह पक्के तौर पर साबित नहीं करते कि इन हथियारों को खास तौर पर नष्ट करने के लिए किसी अंतरराष्ट्रीय बल को सौंपने की अंतिम योजना बन चुकी है। न ही वे गाजा प्रस्ताव और अबू अल-दुहूर हमले के बीच कोई सीधा परिचालन संबंध स्थापित करते हैं।
इस घटना का व्यापक महत्व सैन्य से अधिक राजनीतिक है। जब वॉशिंगटन सीरिया में तनाव घटाने और गाजा में हथियार छोड़ने की कठिन प्रक्रिया को संभालने की कोशिश कर रहा था, तब इस हमले ने सीरिया-तुर्की-इजरायल के बीच एक नया तनाव-बिंदु खोल दिया।
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18 अगस्त 2026 को तड़के करीब 3 बजे पूर्वी इदलिब स्थित निष्क्रिय अबू अल दुहूर एयरबेस पर आठ इजरायली हवाई हमलों की सबसे मजबूत रिपोर्ट सामने आई।
18 अगस्त 2026 को तड़के करीब 3 बजे पूर्वी इदलिब स्थित निष्क्रिय अबू अल दुहूर एयरबेस पर आठ इजरायली हवाई हमलों की सबसे मजबूत रिपोर्ट सामने आई। हमलों में रनवे और भंडारण सुविधाओं को नुकसान पहुंचा, लेकिन किसी के मारे जाने या घायल होने की सूचना नहीं है।
हमला तुर्की के एक सैन्य प्रतिनिधिमंडल के एयरबेस का निरीक्षण करने के कुछ समय बाद हुआ और इससे इजरायल, सीरिया, तुर्की तथा अमेरिका के बीच तनाव बढ़ा।