इस झटके ने सरकारी आय पर भारी असर डाला। इराक की अनुमानित तेल आय करीब 6 अरब डॉलर प्रति माह से घटकर 2 अरब डॉलर से कम रह गई, जिससे तेल पर निर्भर सरकार के सामने गंभीर वित्तीय दबाव पैदा हुआ। रॉयटर्स के विश्लेषण में भी इराक और कुवैत को सीमित वैकल्पिक निर्यात ढांचे के कारण सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में बताया गया था।
इराक और तुर्की ने इराक-तुर्की कच्चा तेल पाइपलाइन के इस्तेमाल को बनाए रखने के लिए एक साल का समझौता किया है। यह पाइपलाइन इराकी तेल को भूमध्यसागर स्थित तुर्की के जयहान बंदरगाह तक ले जाती है। समझौते में कम से कम 7.5 लाख बैरल प्रतिदिन के निर्यात का प्रावधान है।
यह मार्ग होर्मुज से होकर जाने वाले समुद्री रास्ते से अलग है। इसलिए इससे इराक को खाड़ी के लोडिंग टर्मिनलों पर निर्भरता कम करने और निर्यात प्रवाह को कुछ हद तक बहाल करने में मदद मिल सकती है।
बगदाद दक्षिणी इराक के बसरा क्षेत्र को तुर्की सीमा के पास फिशखाबुर से जोड़ने वाली पाइपलाइन पर भी काम कर रहा है। संभावित रूप से यह कच्चे तेल को आगे जयहान प्रणाली तक पहुंचा सकती है। इसके अलावा, हदीथा से सीरिया के भूमध्यसागरीय तट पर स्थित बनियास तक पाइपलाइन बनाने की योजना भी आगे बढ़ाई जा रही है।
हालांकि, सीरिया के साथ हुआ समझौता अभी प्रारंभिक कदम है। इससे यह साबित नहीं होता कि पश्चिमी मार्ग तुरंत उपलब्ध हो जाएगा। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, नई सीरिया पाइपलाइन के निर्माण में वर्षों और बड़े निवेश की जरूरत पड़ सकती है।
मुख्य रूप से नहीं। तीन महीने का तंत्र पहले से अनुमत तेल को नए परिवहन मार्गों, खरीदारों, लोडिंग बिंदुओं और मार्केटिंग व्यवस्थाओं के जरिए निर्यात करने से जुड़ा है—राष्ट्रीय उत्पादन सीमा बढ़ाने से नहीं।
अगस्त में इराक का औसत निर्यात करीब 20 लाख बैरल प्रतिदिन बताया गया था। लेकिन बगदाद ने ओपेक+ की सीमाओं का पालन जारी रखने की बात कही है। इसलिए निर्यात में सुधार का मतलब अधिक तेल पंप करना नहीं, बल्कि अपने कोटे के भीतर मौजूदा मात्रा को फिर से व्यवस्थित या दूसरे मार्गों पर भेजना होगा।
इस झटके ने सरकारी आय पर भारी असर डाला। इराक की अनुमानित तेल आय करीब 6 अरब डॉलर प्रति माह से घटकर 2 अरब डॉलर से कम रह गई, जिससे तेल पर निर्भर सरकार के सामने गंभीर वित्तीय दबाव पैदा हुआ। रॉयटर्स के विश्लेषण में भी इराक और कुवैत को सीमित वैकल्पिक निर्यात ढांचे के कारण सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में बताया गया था।
इराक और तुर्की ने इराक-तुर्की कच्चा तेल पाइपलाइन के इस्तेमाल को बनाए रखने के लिए एक साल का समझौता किया है। यह पाइपलाइन इराकी तेल को भूमध्यसागर स्थित तुर्की के जयहान बंदरगाह तक ले जाती है। समझौते में कम से कम 7.5 लाख बैरल प्रतिदिन के निर्यात का प्रावधान है।
यह मार्ग होर्मुज से होकर जाने वाले समुद्री रास्ते से अलग है। इसलिए इससे इराक को खाड़ी के लोडिंग टर्मिनलों पर निर्भरता कम करने और निर्यात प्रवाह को कुछ हद तक बहाल करने में मदद मिल सकती है।
बगदाद दक्षिणी इराक के बसरा क्षेत्र को तुर्की सीमा के पास फिशखाबुर से जोड़ने वाली पाइपलाइन पर भी काम कर रहा है। संभावित रूप से यह कच्चे तेल को आगे जयहान प्रणाली तक पहुंचा सकती है। इसके अलावा, हदीथा से सीरिया के भूमध्यसागरीय तट पर स्थित बनियास तक पाइपलाइन बनाने की योजना भी आगे बढ़ाई जा रही है।
हालांकि, सीरिया के साथ हुआ समझौता अभी प्रारंभिक कदम है। इससे यह साबित नहीं होता कि पश्चिमी मार्ग तुरंत उपलब्ध हो जाएगा। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, नई सीरिया पाइपलाइन के निर्माण में वर्षों और बड़े निवेश की जरूरत पड़ सकती है।
मुख्य रूप से नहीं। तीन महीने का तंत्र पहले से अनुमत तेल को नए परिवहन मार्गों, खरीदारों, लोडिंग बिंदुओं और मार्केटिंग व्यवस्थाओं के जरिए निर्यात करने से जुड़ा है—राष्ट्रीय उत्पादन सीमा बढ़ाने से नहीं।
अगस्त में इराक का औसत निर्यात करीब 20 लाख बैरल प्रतिदिन बताया गया था। लेकिन बगदाद ने ओपेक+ की सीमाओं का पालन जारी रखने की बात कही है। इसलिए निर्यात में सुधार का मतलब अधिक तेल पंप करना नहीं, बल्कि अपने कोटे के भीतर मौजूदा मात्रा को फिर से व्यवस्थित या दूसरे मार्गों पर भेजना होगा।