18 अगस्त की सुबह सीरिया के बड़े पैमाने पर निष्क्रिय अबू अल दुहूर एयरबेस पर आठ हवाई हमले हुए। रनवे और भंडारण सुविधाओं को नुकसान पहुंचा, लेकिन किसी के मारे जाने या घायल होने की खबर नहीं है। [1][9][19] हमलों के कुछ घंटे पहले एक तुर्की सैन्य प्रतिनिधिमंडल ने एयरबेस का दौरा किया था। बाद में इज़राइल ने कहा कि वह वहां संभा...
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What happened when Israel carried out eight airstrikes on Syria’s Abu al-Duhur military airbase in Idlib— including the timing, targets, cas. Article summary: Israel struck the largely disused Abu al-Duhur military airbase in eastern Idlib early on Tuesday, 18 August, with eight airstrikes. The attack damaged the runway, storage facilities and, according to other reporting, se. Topic tags: general, news, general web, user generated. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts w
18 अगस्त की सुबह सीरिया के उत्तर-पश्चिमी इदलिब प्रांत में स्थित अबू अल-दुहूर सैन्य एयरबेस पर आठ हवाई हमले हुए। सीरियाई सरकारी मीडिया के अनुसार, हमलों में रनवे और भंडारण सुविधाओं को नुकसान पहुंचा; कुछ अन्य रिपोर्टों में कई हैंगरों के क्षतिग्रस्त होने की बात भी कही गई। किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
शुरुआत में इज़राइल ने हमले की सार्वजनिक जिम्मेदारी नहीं ली। हालांकि, उसी रात इज़राइल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि यह कार्रवाई सीरिया में संभावित तुर्की सैन्य जमावड़े को रोकने के लिए की गई थी। कार्यालय के मुताबिक, दमिश्क को तुर्की सैनिकों की संभावित तैनाती के बारे में बार-बार चेतावनी दी गई थी, लेकिन सीरिया ने उन चेतावनियों को नजरअंदाज किया।
रिपोर्टों के अनुसार, हमलों का मुख्य निशाना एयरबेस का रनवे और भंडारण सुविधाएं थीं। कुछ रिपोर्टों में कई हैंगरों को हुए नुकसान का भी उल्लेख है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, नुकसान मुख्य रूप से बुनियादी ढांचे और सैन्य सामग्री से जुड़ा था; किसी की मौत या घायल होने की पुष्टि नहीं हुई।
अबू अल-दुहूर कभी सीरिया का सैन्य हवाई अड्डा था, लेकिन वर्षों से एक सक्रिय सैन्य एयरबेस के रूप में इस्तेमाल नहीं हो रहा था। यह तुर्की सीमा से लगभग 70 किलोमीटर दूर है और सीरिया के गृहयुद्ध के दौरान कई बार अलग-अलग पक्षों के नियंत्रण में रहा।
हमले के समय यह सुविधा औपचारिक रूप से निष्क्रिय बताई गई थी, हालांकि वहां सीरियाई रक्षा मंत्रालय के बल मौजूद थे। इसकी नई रणनीतिक अहमियत रनवे के पुनर्वास और एयरबेस को दोबारा सैन्य इस्तेमाल के लिए तैयार करने की कोशिशों से जुड़ी थी।
हमलों से कुछ समय पहले एक तुर्की सैन्य प्रतिनिधिमंडल ने एयरफील्ड का दौरा किया था। बताया गया कि प्रतिनिधिमंडल ने रनवे के पुनर्वास की तैयारियों और एयरबेस को फिर से सैन्य उपयोग में लाने की संभावनाओं का जायजा लिया।
समय का यह मेल तुर्की और दमिश्क के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग तथा इज़राइल के हमले के बीच एक स्पष्ट संबंध की ओर इशारा करता है। हालांकि, सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रिपोर्टें यह स्वतंत्र रूप से तय नहीं करतीं कि प्रस्तावित तुर्की तैनाती कितनी बड़ी होती, उसकी समयसीमा क्या थी या वह वास्तव में अंतिम रूप ले चुकी थी।
इज़राइल के बाद के बयान ने इस संबंध को उसके अपने नजरिए से स्पष्ट कर दिया। प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि सीरिया, अलेप्पो के पास एक एयरबेस पर तुर्की सैनिकों को तैनात करने की अनुमति देकर इज़राइल के साथ तय सुरक्षा यथास्थिति का उल्लंघन करने के करीब पहुंच गया था।
इज़राइली सेना ने शुरुआत में टिप्पणी करने से इनकार किया। बाद में प्रधानमंत्री कार्यालय ने हमले को किसी तत्काल हमले या अबू अल-दुहूर से हुई गोलीबारी की प्रतिक्रिया के बजाय संभावित तुर्की सैन्य मौजूदगी के खिलाफ एक एहतियाती कार्रवाई के रूप में पेश किया।
यह इज़राइल का आधिकारिक पक्ष है। सार्वजनिक रिकॉर्ड में उन सटीक तैनाती योजनाओं की स्वतंत्र पुष्टि नहीं है, जिन्हें रोकने की बात इज़राइल ने कही है। इसलिए तुर्की का संबंध इस घटना को समझने में अहम है, लेकिन उसकी पूरी तस्वीर अभी भी सार्वजनिक रूप से दस्तावेजीकृत नहीं है।
सीरिया के विदेश मंत्रालय ने हमले की निंदा करते हुए इसे देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का “घोर उल्लंघन” बताया। दमिश्क ने इसे एक खतरनाक तनाव बढ़ाने वाली कार्रवाई कहा, जो सीरिया को स्थिर करने की कोशिशों को नुकसान पहुंचाती है। मंत्रालय ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से कार्रवाई की मांग करने की बात भी कही।
सीरिया और इराक के लिए अमेरिकी विशेष राष्ट्रपति दूत तथा तुर्की में अमेरिकी राजदूत टॉम बराक ने इज़राइली हमलों को “अनावश्यक तनाव बढ़ाने वाली कार्रवाई” बताया। उनके अनुसार, यह कदम क्षेत्रीय स्थिरता को आगे नहीं बढ़ाता।
बराक ने अहमद अल-शारा के नेतृत्व वाली सीरिया की अंतरिम सरकार का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि इस सरकार ने आक्रामक रुख नहीं अपनाया है और न ही प्रॉक्सी बलों को बनाए रखा है; इसके बजाय वह युद्ध के बाद की गंभीर चुनौतियों से जूझते हुए तनाव कम करने की कोशिश कर रही है।
बराक ने कहा कि इस घटना से इज़राइल, तुर्की और सीरिया के बीच सीधे संपर्क माध्यम की जरूरत सामने आती है। वॉशिंगटन ऐसी “डी-कन्फ्लिक्शन” व्यवस्था बनाने पर काम कर रहा है—यानी ऐसा सैन्य संपर्क तंत्र, जिससे गलतफहमियों और आकस्मिक टकराव को रोका जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि तुर्की को हमले की पहले से सूचना नहीं दी गई थी और उसने उत्तर की ओर, अपने क्षेत्र की दिशा में बढ़ते विमानों को देखा था।
तुर्की ने हमले की निंदा की। जॉर्डन, मिस्र, सऊदी अरब, कतर और कुवैत ने भी इसे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए जोखिम बताते हुए विरोध किया। इन देशों ने चेतावनी दी कि सीरियाई क्षेत्र पर हमले से पहले से अस्थिर क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है।
अबू अल-दुहूर पर हमला युद्धोत्तर सीरिया से जुड़े कई अनसुलझे सवालों को एक ही घटना में सामने ले आया। दमिश्क और अंकारा के बीच सैन्य तथा संस्थागत सहयोग बढ़ रहा है, जिसमें पूर्व सीरियाई एयरबेस को फिर से तैयार करने की संभावित योजना भी शामिल है। दूसरी ओर, इज़राइल अपनी सुरक्षा सीमा के पास उन सैन्य क्षमताओं को उभरने से रोकना चाहता है जिन्हें वह खतरा मानता है।
यह टकराव इसलिए संवेदनशील है क्योंकि सीरिया में तुर्की और इज़राइल दोनों का प्रभाव है, जबकि अमेरिका एक स्थिर और एकीकृत सीरिया का समर्थन करने तथा इज़राइल-सीरिया तनाव कम कराने की कोशिश कर रहा है। बराक की तीनों देशों के बीच डी-कन्फ्लिक्शन तंत्र बनाने की अपील दिखाती है कि एक निष्क्रिय सैन्य सुविधा पर हमला भी कई देशों के बीच सीधे टकराव का जोखिम पैदा कर सकता है।
इस घटना के सबसे स्पष्ट तथ्य सीमित, लेकिन महत्वपूर्ण हैं: 18 अगस्त को अबू अल-दुहूर पर आठ हमले हुए; रनवे और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा; किसी के हताहत होने की खबर नहीं है; और बाद में इज़राइल ने कहा कि उसने तुर्की की संभावित सैन्य तैनाती को रोकने के लिए कार्रवाई की। अब भी मुख्य सवाल यही है कि रनवे के पुनर्वास की योजना क्या किसी आसन्न तुर्की तैनाती की तैयारी थी या केवल शुरुआती स्तर का आकलन। यही अनिश्चितता इस घटना को राजनीतिक रूप से विवादित बनाए हुए है।
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18 अगस्त की सुबह सीरिया के बड़े पैमाने पर निष्क्रिय अबू अल दुहूर एयरबेस पर आठ हवाई हमले हुए। रनवे और भंडारण सुविधाओं को नुकसान पहुंचा, लेकिन किसी के मारे जाने या घायल होने की खबर नहीं है। [1][9][19]
18 अगस्त की सुबह सीरिया के बड़े पैमाने पर निष्क्रिय अबू अल दुहूर एयरबेस पर आठ हवाई हमले हुए। रनवे और भंडारण सुविधाओं को नुकसान पहुंचा, लेकिन किसी के मारे जाने या घायल होने की खबर नहीं है। [1][9][19] हमलों के कुछ घंटे पहले एक तुर्की सैन्य प्रतिनिधिमंडल ने एयरबेस का दौरा किया था। बाद में इज़राइल ने कहा कि वह वहां संभावित तुर्की सैन्य तैनाती को रोकना चाहता था। [5][17]
अमेरिकी दूत टॉम बराक ने हमलों को “अनावश्यक तनाव बढ़ाने वाली कार्रवाई” बताया। अमेरिका इज़राइल, तुर्की और सीरिया के बीच सैन्य गलतफहमियां रोकने के लिए एक संपर्क व्यवस्था बनाने पर काम कर रहा है। [1][43][48]