‘शुईलोंग’ ने 25 जुलाई से 7 अगस्त 2026 के बीच 12 अल्पकालिक आइस स्टेशन बनाए—चीन के आर्कटिक अभियानों में किसी एक जहाज द्वारा स्थापित सबसे बड़ी संख्या। अभियान लगभग 83°50′ उत्तर तक पहुंचा। [11][8] सभी स्टेशन 82° उत्तर के पार अपेक्षाकृत मोटी और लगातार समुद्री बर्फ पर बनाए गए, ताकि मानवरहित उपकरण गर्मियों में बर्फ पिघलने क...
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What did China’s research vessel Xuelong accomplish during the 16th Arctic expedition—including when and where it established a record 12 si. Article summary: During China’s 16th Arctic expedition, Xuelong completed a record 12 short term ice station operations—an unprecedented single vessel total for China—between July 25 and August 7, 2026, ending at about 83°50′N in the cen. Topic tags: general web, automation, workflow, design, finance. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks,
चीन के 16वें आर्कटिक अभियान में शोध पोत शुईलोंग ने 25 जुलाई से 7 अगस्त 2026 के बीच 12 अल्पकालिक आइस स्टेशन सर्वेक्षण पूरे किए। यह चीन के अब तक के आर्कटिक अभियानों में किसी एक जहाज द्वारा स्थापित आइस स्टेशनों की सबसे बड़ी संख्या है। अभियान का यह चरण मध्य आर्कटिक महासागर में लगभग 83°50′ उत्तर तक चला।
आम तौर पर एक जहाज के आर्कटिक अभियान में करीब छह आइस स्टेशन बनाए जाते हैं। इसके मुकाबले 12 स्टेशनों ने एक बहु-बिंदु अवलोकन नेटवर्क तैयार किया, जिससे वैज्ञानिकों को केवल एक स्थान का नहीं, बल्कि अलग-अलग बिंदुओं पर आर्कटिक पर्यावरण में हो रहे बदलावों का तुलनात्मक डेटा मिल सके।
सभी स्टेशन 82° उत्तर के पार स्थापित किए गए। इसकी मुख्य वजह उपकरणों को लंबे समय तक, खासकर आर्कटिक की सर्दियों तक, काम करते रखना थी। मोटी और अधिक निरंतर समुद्री बर्फ उपकरणों के लिए अपेक्षाकृत स्थिर तथा टिकाऊ आधार देती है। इससे बर्फ पर लगाए गए मानवरहित उपकरण गर्मियों में होने वाले पिघलाव के दौरान भी अधिक समय तक डेटा रिकॉर्ड कर सकते हैं।
इस क्षेत्र में बर्फ की स्थिति अपेक्षाकृत कठिन होने के कारण सर्वेक्षण का समय भी परिस्थितियों के अनुसार जुलाई के अंतिम हिस्से में तय किया गया।
शुईलोंग की टीम ने 30 से अधिक बर्फ-आधारित उपकरण तैनात किए। इनमें समुद्री-बर्फ के द्रव्यमान-संतुलन को मापने वाले उपकरण, बर्फ-आधारित प्रोफाइलिंग बुआ और समुद्री-बर्फ के बहाव को दर्ज करने वाली बुआ शामिल हैं।
इन उपकरणों से मिलने वाले आंकड़ों को कई विषयों के प्रत्यक्ष अवलोकनों के साथ जोड़ा जाएगा, जिनमें शामिल हैं:
इन संयुक्त अवलोकनों का उद्देश्य यह समझना है कि तेजी से बदलती आर्कटिक समुद्री-बर्फ की स्थिति में वायुमंडल, बर्फ और महासागर एक-दूसरे को कैसे प्रभावित करते हैं। लंबे समय तक मौके पर जुटाया गया डेटा जलवायु और आर्कटिक-परिवर्तन के मॉडल को बेहतर ढंग से जांचने तथा भविष्यवाणियों को अधिक सटीक बनाने में मदद कर सकता है।
अभियान के अगले चरण में शुईलोंग 2 ने लगभग 84° उत्तर के पास सात और आइस स्टेशनों—छह अल्पकालिक तथा एक दीर्घकालिक—पर काम करने की योजना बनाई थी। यहां 20 से अधिक कार्य शामिल थे, जैसे बुआ तैनात करना, बर्फ और बर्फ-कोर के नमूने लेना, बर्फ के नीचे के पानी का नमूना संग्रह, समुद्री-बर्फ की रिमोट सेंसिंग, वायुमंडलीय प्रोफाइलिंग और बर्फ के नीचे महासागरीय अवलोकन।
इन स्टेशनों को शुईलोंग द्वारा बनाए गए स्टेशनों के साथ मिलाकर एक व्यापक अवलोकन सरणी तैयार की जानी थी। इससे मध्य आर्कटिक महासागर में वायुमंडल, समुद्री-बर्फ, महासागर और पारिस्थितिकी के परस्पर संबंधों को अलग-अलग स्थानों पर समझना आसान होगा।
अभियान के दौरान वैज्ञानिकों ने करीब छह घंटे की मेहनत के बाद आइस-कोर ड्रिल और चेनसॉ की मदद से 1.3 मीटर मोटी तथा 1.2 मीटर × 1.2 मीटर आकार की समुद्री-बर्फ की ठोस शिला काटकर निकाली।
इस नमूने की यांत्रिक विशेषताओं का परीक्षण आर्कटिक परिस्थितियों में किया जाएगा। इससे समुद्री-बर्फ के नमूनों का वैज्ञानिक संग्रह समृद्ध होगा और भविष्य की ध्रुवीय जहाज-डिजाइन, खासकर जहाजों के ढांचे की मजबूती, से जुड़े प्रयोगों के लिए डेटा मिल सकेगा।
अभियान ने एक मानवरहित आर्कटिक अवलोकन नेटवर्क भी तैयार किया और चीन में विकसित समुद्री-अवलोकन प्रणालियों का परीक्षण तथा परिचालन उपयोग किया। इस यात्रा में सबसे अधिक इस्तेमाल किए गए बर्फ-आधारित उथले और गहरे पानी के प्रोफाइलिंग बुआ तथा समुद्री-बर्फ बहाव बुआ में स्वदेशी उपकरणों का औसत हिस्सा 90 प्रतिशत से अधिक था। इन उपकरणों और परिपक्व तकनीक के सहारे बड़े पैमाने पर बुआ तैनाती और नेटवर्क-आधारित स्वचालित निगरानी संभव हुई।
इस अभियान में पारिस्थितिक मानवरहित आइस स्टेशन का आर्कटिक में पहली बार प्रदर्शन किया गया। यह प्रणाली ध्वनिक, प्रकाशीय और विद्युत सेंसरों को एक साथ इस्तेमाल करती है और वायुमंडल, बर्फ, समुद्र तथा बर्फ के नीचे की पारिस्थितिकी पर लगातार नजर रखने के लिए बनाई गई है।
इससे वैज्ञानिक यह जानने की कोशिश करेंगे कि ध्रुवीय रात के दौरान बर्फ के नीचे के जीव कैसे टिके रहते हैं और ध्रुवीय दिन लौटने पर रोशनी बढ़ने के साथ उनकी जैविक गतिविधियों में क्या बदलाव आता है।
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‘शुईलोंग’ ने 25 जुलाई से 7 अगस्त 2026 के बीच 12 अल्पकालिक आइस स्टेशन बनाए—चीन के आर्कटिक अभियानों में किसी एक जहाज द्वारा स्थापित सबसे बड़ी संख्या। अभियान लगभग 83°50′ उत्तर तक पहुंचा। [11][8]
‘शुईलोंग’ ने 25 जुलाई से 7 अगस्त 2026 के बीच 12 अल्पकालिक आइस स्टेशन बनाए—चीन के आर्कटिक अभियानों में किसी एक जहाज द्वारा स्थापित सबसे बड़ी संख्या। अभियान लगभग 83°50′ उत्तर तक पहुंचा। [11][8] सभी स्टेशन 82° उत्तर के पार अपेक्षाकृत मोटी और लगातार समुद्री बर्फ पर बनाए गए, ताकि मानवरहित उपकरण गर्मियों में बर्फ पिघलने के दौर के बावजूद अधिक समय तक काम कर सकें। [11][14]
30 से अधिक बर्फ आधारित उपकरणों और वायुमंडल, समुद्री बर्फ, बर्फ के नीचे समुद्र तथा पारिस्थितिकी के संयुक्त अवलोकनों से आर्कटिक की बदलती जलवायु प्रणाली का दीर्घकालिक डेटा जुटाया जा रहा है। [11][14]