हालांकि, अपील अदालत ने निचली अदालत के फैसले के कुछ अन्य हिस्सों को बरकरार रखा। इसलिए आगे की न्यायिक समीक्षा पूरी होने तक DJI का Section 1260H वर्गीकरण प्रभावी रहेगा।
इस सूची में शामिल होना केवल नाम सार्वजनिक होने तक सीमित नहीं है। सूचीबद्ध कंपनी अमेरिकी रक्षा विभाग या होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के साथ अनुबंध नहीं कर सकती। इसके अलावा, ऊर्जा विभाग के कुछ अनुदानों, अनुबंधों और ऋणों तक पहुंच भी प्रतिबंधित हो जाती है।
इसका कारोबारी और प्रतिष्ठित असर भी पड़ सकता है। DJI का कहना है कि उसे “चीनी सैन्य कंपनी” के रूप में वर्गीकृत किए जाने से उसके कुछ कारोबारी सौदे प्रभावित हुए हैं। पहले के अदालती दस्तावेजों में भी इस सूची में शामिल होने को कंपनी की प्रतिष्ठा पर दाग लगाने वाला और कुछ सरकारी सहायता से वंचित करने वाला कदम बताया गया था।
DJI सैन्य संबंधों से इनकार करती है और खुद को उपभोक्ता तथा व्यावसायिक ड्रोन बनाने वाली कंपनी बताती है। अपील अदालत का ताजा आदेश कंपनी को पेंटागन के निष्कर्ष को चुनौती देने का नया मौका देता है, लेकिन यह फैसला DJI के इनकार को सही साबित नहीं करता और न ही अपने-आप में पेंटागन के वर्गीकरण को रद्द करता है।
फिलहाल नतीजा अंतिम बरी होने का नहीं, बल्कि प्रक्रिया से जुड़ी राहत का है। पेंटागन की सूची अभी कायम है, जबकि निचली अदालत को DJI के खिलाफ इस्तेमाल किए गए एक महत्वपूर्ण आधार और उससे जुड़े गोपनीय सबूतों की दोबारा समीक्षा करनी होगी।