व्यावहारिक तौर पर, अपील अदालत का कहना था कि सार्वजनिक रिकॉर्ड में सबूत दिखाई नहीं दे रहे हैं, इसलिए यह मान लेना पर्याप्त नहीं है कि सरकार का निष्कर्ष सबूतों से समर्थित है। अब निचली अदालत को संबंधित वर्गीकृत रिकॉर्ड की इन-कैमरा यानी बंद कमरे में और एक्स parte यानी एक पक्ष की मौजूदगी के बिना समीक्षा करनी होगी। इसके बाद उसे इस हिस्से पर अपना निष्कर्ष दोबारा देना होगा।
DJI का तर्क था कि रक्षा विभाग ने कंपनी को पर्याप्त सूचना, सबूत या स्पष्टीकरण दिए बिना सूची में शामिल किया और बाद में उसका पदनाम फिर से जारी किया। कंपनी ने कहा कि “चीनी सैन्य कंपनी” का लेबल एक उपभोक्ता और व्यावसायिक ड्रोन निर्माता को चीन की सेना से जोड़ता है, जिससे उसकी प्रतिष्ठा और कारोबार को नुकसान हुआ।
मुकदमे में DJI के अनुसार, इस पदनाम का असर अमेरिकी सरकार के ठेकों और कुछ संघीय ऊर्जा-वित्तपोषण तक उसकी पहुंच पर भी पड़ा। कंपनी का कहना था कि सरकार ने इस लेबल का आधार पर्याप्त रूप से साबित नहीं किया और DJI को जवाब देने का सार्थक अवसर भी नहीं दिया।
फिर भी, अपील अदालत ने DJI की सभी दलीलें स्वीकार नहीं कीं। उसने कंपनी की उचित प्रक्रिया—due process—से जुड़ी चुनौती को खारिज करने वाले निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा और निर्णय के अन्य हिस्सों को भी कायम रहने दिया।
ड्रोन उपयोगकर्ताओं और कारोबारों के लिए यह अंतर महत्वपूर्ण है। अदालत ने पूरे पदनाम को अमान्य घोषित नहीं किया है; उसने केवल यह पाया कि एक प्रमुख साक्ष्य-संबंधी मुद्दे की निचली अदालत ने पर्याप्त तरीके से समीक्षा नहीं की।
DJI का कहना है कि उसने कभी सैन्य उपकरण नहीं बनाए और न ही अपने ड्रोन को युद्धक इस्तेमाल के लिए बाजार में उतारा। कंपनी के अनुसार, वह सार्वजनिक रूप से अपने उत्पादों के युद्ध में इस्तेमाल की निंदा और उसे हतोत्साहित करने वाली पहली ड्रोन कंपनियों में थी। DJI यह भी कहता है कि उसकी नीतियां सैन्य उपयोग पर रोक लगाती हैं और वह इन नीतियों को लागू करने तथा मजबूत बनाने के लिए कदम उठाता रहा है।
ये दावे कंपनी के उस व्यापक पक्ष का हिस्सा हैं कि उसके उत्पादों और कारोबार का उद्देश्य नागरिक उपयोग है। हालांकि, अदालत के सामने कानूनी सवाल यह है कि लागू कानून के तहत रक्षा विभाग ने पदनाम के लिए पर्याप्त और वैध आधार प्रस्तुत किया या नहीं।
DJI को व्यापक रूप से दुनिया की सबसे बड़ी ड्रोन निर्माता कंपनी बताया जाता है। यह उपभोक्ताओं, कारोबारों, सरकारों, शौकिया उपयोगकर्ताओं और अन्य ग्राहकों के लिए ड्रोन सिस्टम बेचती है। इसके उत्पाद हवाई तस्वीरों और वीडियो, औद्योगिक निरीक्षण, सार्वजनिक सुरक्षा और कृषि जैसे क्षेत्रों में इस्तेमाल होते हैं।
इसी व्यापक व्यावसायिक मौजूदगी के कारण मामला केवल DJI तक सीमित नहीं है। पेंटागन का पदनाम सरकारी ठेकों तक कंपनी की पहुंच और उसकी कारोबारी प्रतिष्ठा को प्रभावित कर सकता है। DJI के उपकरणों पर निर्भर संस्थानों और उपयोगकर्ताओं को भी आगे की कानूनी कार्यवाही और संभावित नीतिगत बदलावों पर नजर रखनी पड़ सकती है।
कृषि क्षेत्र में इसका महत्व इसलिए भी है कि एक उद्योग विश्लेषण के अनुसार, कृषि-ड्रोन बाजार में उत्तरी अमेरिका सबसे बड़ा क्षेत्रीय बाजार है। उपलब्ध सामग्री DJI की अमेरिकी व्यावसायिक या कृषि ड्रोन बाजार हिस्सेदारी का कोई विश्वसनीय और मौजूदा प्रतिशत स्थापित नहीं करती। इसलिए कंपनी की सटीक बाजार हिस्सेदारी को लेकर किए जाने वाले दावों को सावधानी से देखना चाहिए।
DJI ने अपील अदालत के फैसले को उस पदनाम को पलटने का महत्वपूर्ण अवसर बताया है, जिसे वह अनुचित मानती है। अदालत ने माना कि निचली अदालत ने गैर-वर्गीकृत रिकॉर्ड पर जरूरत से ज्यादा भरोसा किया, लेकिन उसने DJI को पूरी तरह निर्दोष घोषित नहीं किया और न ही उसे पेंटागन की सूची से हटाया।
अब निचली अदालत को वर्गीकृत सबूतों की समीक्षा करनी होगी और यह दोबारा तय करना होगा कि रक्षा विभाग ने DJI के चीन के रक्षा औद्योगिक आधार में योगदान से जुड़े निष्कर्ष को पर्याप्त रूप से साबित किया था या नहीं। यह प्रक्रिया पूरी होने तक DJI का पदनाम प्रभावी रहेगा।