रिपोर्ट किए गए सत्र में हाजिर सोना 0.44% बढ़कर करीब 4,394.70 डॉलर प्रति औंस और हाजिर चांदी 1.32% चढ़कर करीब 65.43 डॉलर प्रति औंस हुई। कमजोर डॉलर और फेडरल रिजर्व की निकट अवधि में ब्याज दर बढ़ाने की घटती संभावना ने कीमत... मॉर्गन स्टेनली के CIO माइक विल्सन ने कहा कि सोना 25 साल से बुल मार्केट में है, लेकिन निवेशकों ने...
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How did gold and silver perform in the reported session, what did Morgan Stanley CIO Mike Wilson say on Bloomberg TV about gold’s 25 year bu. Article summary: Gold and silver were higher in the reported session: spot gold rose 0.44% to about $4,394.70 an ounce, while spot silver gained 1.32% to about $65.43, aided by a softer dollar and reduced expectations of a near term Fed . Topic tags: general web, security, privacy, regulation, video. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, c
रिपोर्ट किए गए सत्र में कीमती धातुओं में मजबूती रही। हाजिर सोना 0.44% बढ़कर करीब 4,394.70 डॉलर प्रति औंस और हाजिर चांदी 1.32% चढ़कर करीब 65.43 डॉलर प्रति औंस पर पहुंची। कमजोर डॉलर और फेडरल रिजर्व की निकट अवधि में ब्याज दर बढ़ाने की घटती उम्मीदों से इन धातुओं को समर्थन मिला।
ब्लूमबर्ग टीवी पर मॉर्गन स्टेनली के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर (CIO) और चीफ यूएस इक्विटी स्ट्रैटेजिस्ट माइक विल्सन ने कहा कि सोना 25 साल से बुल मार्केट में है। उनके मुताबिक निवेशकों ने इस लंबी तेजी को हाल में ही गंभीरता से पहचानना शुरू किया—लगभग साल की शुरुआत के आसपास।
विल्सन सोने को केवल रिटर्न देने वाली संपत्ति के रूप में नहीं, बल्कि पोर्टफोलियो की सुरक्षा करने वाले डिफेंसिव एसेट के तौर पर देखते हैं। उनका तर्क है कि जब शेयरों और बॉन्ड्स में एक साथ दबाव हो, तब कमोडिटी जैसी संपत्तियां पोर्टफोलियो में अलग तरह का जोखिम-प्रोफाइल ला सकती हैं।
पारंपरिक 60/40 पोर्टफोलियो में आम तौर पर 60% हिस्सा शेयरों और 40% हिस्सा बॉन्ड्स का होता है। इसका विचार यह है कि शेयर गिरने पर बॉन्ड्स कुछ हद तक सहारा देंगे। लेकिन 2022 में शेयरों और बॉन्ड्स दोनों में एक साथ गिरावट आई। इससे खास तौर पर रिटायर निवेशकों को वह सामान्य बॉन्ड सुरक्षा नहीं मिल सकी जिसकी इस मॉडल से उम्मीद की जाती है।
विल्सन के अनुसार, 60/40 पोर्टफोलियो की कुल गिरावट कुछ गंभीर इक्विटी बियर मार्केट जैसी रही, भले ही अकेले शेयर बाजार की गिरावट उतनी तीव्र नहीं थी।
उनका सुझाव बॉन्ड्स को पूरी तरह हटाने का नहीं है। वे ड्यूरेशन घटाने की बात करते हैं—यानी ऐसी बॉन्ड होल्डिंग्स पर निर्भरता कम करना जिनकी कीमतें ब्याज दर बढ़ने पर अधिक गिर सकती हैं। इसके साथ सोना और संभावित रूप से बिटकॉइन या अन्य कमोडिटी-जैसी संपत्तियों को मुद्रास्फीति से बचाव और विविधीकरण के साधन के रूप में देखा जा सकता है।
विल्सन ने 2026 को व्यापक कमोडिटी रोटेशन के रूप में वर्णित किया। उनके अनुसार शुरुआत सोना और चांदी खनन कंपनियों से हुई, जिसके बाद निवेशकों का ध्यान रेयर अर्थ और अन्य धातुओं, ऊर्जा तथा सेमीकंडक्टरों की ओर जा सकता है। इस रुझान की साझा कड़ी यह है कि निवेशक अपने इक्विटी-जैसे पोर्टफोलियो जोखिम को संतुलित करने के लिए कमोडिटी-जैसी एक्सपोजर तलाश रहे हैं।
मॉर्गन स्टेनली का साल की दूसरी छमाही के लिए 5,200 डॉलर प्रति औंस का लक्ष्य काफी हद तक गोल्ड ETF में निवेश प्रवाह की सार्थक वापसी पर निर्भर है। केंद्रीय बैंकों की खरीद जारी रह सकती है, लेकिन ETF निवेशक फेड की नीति, वास्तविक यील्ड और डॉलर की दिशा के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील होते हैं।
कीमती धातुओं के लिए निकट अवधि की तस्वीर तब बेहतर होगी जब आर्थिक आंकड़े इतने कमजोर हों कि ब्याज दरों में राहत की उम्मीद लौटे, वास्तविक यील्ड घटे, डॉलर नरम पड़े और गोल्ड ETF में निवेश फिर शुरू हो।
दूसरी ओर, अगर महंगाई और भू-राजनीतिक ऊर्जा व्यवधान मौद्रिक नीति को सख्त बनाए रखते हैं, वास्तविक यील्ड ऊंची रहती है और निवेशक लगातार निकासी करते हैं, तो सोना मॉर्गन स्टेनली के लक्ष्य से नीचे रह सकता है। ऐसी स्थिति में चांदी में भी उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।
चांदी के 75 से 100 डॉलर या उससे ऊपर जाने के दावे अभी अनुमान हैं, उपलब्ध साक्ष्यों से पुष्ट परिणाम नहीं। चांदी की अधिक अस्थिरता के कारण कीमती धातुओं और कमोडिटी में नई तेजी आने पर इसमें सोने से अधिक बढ़त संभव है, लेकिन गिरावट भी अपेक्षाकृत बड़ी हो सकती है।
UBS का अनुमान भी तेजी का है, लेकिन इसे निश्चित परिणाम नहीं बल्कि विश्लेषक पूर्वानुमान के रूप में देखना चाहिए। UBS ने सोने को आकर्षक हेज बताया और 2026 के मार्च, जून तथा सितंबर के लक्ष्य को पहले के 5,000 डॉलर से बढ़ाकर 6,200 डॉलर प्रति औंस किया। इसके बाद उसने 2026 के अंत तक कीमत के 5,900 डॉलर तक कुछ नरम पड़ने का अनुमान लगाया है।
कुल मिलाकर, उपलब्ध जानकारी सोने के लिए दीर्घकालिक सकारात्मक आधार दिखाती है। लेकिन आगे की राह केवल महंगाई या भू-राजनीतिक जोखिम पर निर्भर नहीं है। फेड की नीति, वास्तविक ब्याज दरें, डॉलर और निवेश प्रवाह यह तय करने में अहम होंगे कि सोना और चांदी अपनी तेजी को कितना आगे बढ़ा पाते हैं।
Studio Global AI
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
रिपोर्ट किए गए सत्र में हाजिर सोना 0.44% बढ़कर करीब 4,394.70 डॉलर प्रति औंस और हाजिर चांदी 1.32% चढ़कर करीब 65.43 डॉलर प्रति औंस हुई। कमजोर डॉलर और फेडरल रिजर्व की निकट अवधि में ब्याज दर बढ़ाने की घटती संभावना ने कीमत...
रिपोर्ट किए गए सत्र में हाजिर सोना 0.44% बढ़कर करीब 4,394.70 डॉलर प्रति औंस और हाजिर चांदी 1.32% चढ़कर करीब 65.43 डॉलर प्रति औंस हुई। कमजोर डॉलर और फेडरल रिजर्व की निकट अवधि में ब्याज दर बढ़ाने की घटती संभावना ने कीमत... मॉर्गन स्टेनली के CIO माइक विल्सन ने कहा कि सोना 25 साल से बुल मार्केट में है, लेकिन निवेशकों ने इस रुझान को हाल में—खासकर साल की शुरुआत के आसपास—पहचानना शुरू किया। [1][5]
2022 में शेयरों और बॉन्ड्स की एक साथ गिरावट ने 60% शेयर और 40% बॉन्ड वाली पारंपरिक रणनीति की बड़ी कमजोरी सामने ला दी, क्योंकि रिटायर निवेशकों को बॉन्ड्स से सामान्य सुरक्षा नहीं मिल सकी। [5]