उनके मुताबिक, खतरे को उसके स्रोत पर कम करने का सबसे प्रभावी तरीका यूक्रेन को सैन्य और राजनीतिक समर्थन देना है, ताकि वह रूसी हमलों को रोकने और अपनी हवाई सुरक्षा मजबूत करने में सक्षम हो सके। सांडू ने मोल्दोवा की रक्षा क्षमता बढ़ाने और यूरोप की साझा सुरक्षा को मजबूत करने पर भी जोर दिया है।
मोल्दोवा में हुई घटनाएं रोमानिया और पोलैंड के हवाई क्षेत्र में रूसी ड्रोन से जुड़ी पिछली घटनाओं की व्यापक पृष्ठभूमि का हिस्सा हैं। नाटो सहयोगियों ने इन उल्लंघनों को सामान्य नेविगेशनल गलती के बजाय गंभीर और खतरनाक उकसावे के रूप में देखा। उत्तर अटलांटिक परिषद ने रोमानिया और पोलैंड की घटनाओं पर चर्चा करते हुए रूस को इन हवाई क्षेत्र उल्लंघनों की जिम्मेदारी के लिए जवाबदेह ठहराया।
जर्मनी के लीपज़िग/हाले हवाई अड्डे पर यूक्रेनी कार्गो विमानों के पास विस्फोटक उपकरण से लैस ड्रोन मिलने से चिंताएं और बढ़ीं। जर्मन अधिकारियों ने आतंकवाद-रोधी जांच शुरू की और गृह मंत्री अलेक्जेंडर डोब्रिंट ने इसे ‘हाइब्रिड हमला’ तथा खतरे का ‘नया स्तर’ बताया।
फिर भी, उस चरण पर रूस से इस घटना का सीधा और सार्वजनिक रूप से निर्णायक संबंध साबित नहीं हुआ था। रूस की कथित भूमिका जांच का विषय बनी रही, इसलिए इसे स्थापित तथ्य के बजाय एक आरोप या जांच की दिशा के रूप में देखना जरूरी है।
सांडू का निष्कर्ष यह है कि हर हवाई सीमा उल्लंघन के बाद अलग-अलग राजनयिक प्रतिक्रिया देने के बजाय यूरोप को क्षेत्रीय हवाई सुरक्षा मजबूत करनी चाहिए और यूक्रेन को रूस के हमलों का मुकाबला करने में सक्षम बनाना चाहिए। उनके अनुसार, यूक्रेन की रक्षा क्षमता बढ़ना ही उन हमलों और ड्रोन घुसपैठों को उनके मूल स्रोत पर रोकने का सबसे असरदार उपाय होगा।
उनके मुताबिक, खतरे को उसके स्रोत पर कम करने का सबसे प्रभावी तरीका यूक्रेन को सैन्य और राजनीतिक समर्थन देना है, ताकि वह रूसी हमलों को रोकने और अपनी हवाई सुरक्षा मजबूत करने में सक्षम हो सके। सांडू ने मोल्दोवा की रक्षा क्षमता बढ़ाने और यूरोप की साझा सुरक्षा को मजबूत करने पर भी जोर दिया है।
मोल्दोवा में हुई घटनाएं रोमानिया और पोलैंड के हवाई क्षेत्र में रूसी ड्रोन से जुड़ी पिछली घटनाओं की व्यापक पृष्ठभूमि का हिस्सा हैं। नाटो सहयोगियों ने इन उल्लंघनों को सामान्य नेविगेशनल गलती के बजाय गंभीर और खतरनाक उकसावे के रूप में देखा। उत्तर अटलांटिक परिषद ने रोमानिया और पोलैंड की घटनाओं पर चर्चा करते हुए रूस को इन हवाई क्षेत्र उल्लंघनों की जिम्मेदारी के लिए जवाबदेह ठहराया।
जर्मनी के लीपज़िग/हाले हवाई अड्डे पर यूक्रेनी कार्गो विमानों के पास विस्फोटक उपकरण से लैस ड्रोन मिलने से चिंताएं और बढ़ीं। जर्मन अधिकारियों ने आतंकवाद-रोधी जांच शुरू की और गृह मंत्री अलेक्जेंडर डोब्रिंट ने इसे ‘हाइब्रिड हमला’ तथा खतरे का ‘नया स्तर’ बताया।
फिर भी, उस चरण पर रूस से इस घटना का सीधा और सार्वजनिक रूप से निर्णायक संबंध साबित नहीं हुआ था। रूस की कथित भूमिका जांच का विषय बनी रही, इसलिए इसे स्थापित तथ्य के बजाय एक आरोप या जांच की दिशा के रूप में देखना जरूरी है।
सांडू का निष्कर्ष यह है कि हर हवाई सीमा उल्लंघन के बाद अलग-अलग राजनयिक प्रतिक्रिया देने के बजाय यूरोप को क्षेत्रीय हवाई सुरक्षा मजबूत करनी चाहिए और यूक्रेन को रूस के हमलों का मुकाबला करने में सक्षम बनाना चाहिए। उनके अनुसार, यूक्रेन की रक्षा क्षमता बढ़ना ही उन हमलों और ड्रोन घुसपैठों को उनके मूल स्रोत पर रोकने का सबसे असरदार उपाय होगा।