माया सांडू के अनुसार, ड्रोन की उड़ान पथ से संकेत मिलता है कि कुछ ड्रोन गलती से मोल्दोवा में पहुंचे, जबकि कुछ को जानबूझकर मोल्दोवा और क्षेत्र के अन्य देशों की हवाई सीमा की ओर भेजा गया। [37][38][44] 9 अगस्त को दक्षिणी मोल्दोवा के क्रोकमाज़ के पास एक ड्रोन मिसाइल विस्फोट में बदल गई। मलबे से कई घरों को नुकसान पहुंचा, ले...
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What did Moldovan President Maia Sandu say about Russia deliberately directing some drones into Moldova’s and other regional countries’ airs. Article summary: Sandu said the trajectories indicated that some Russian drones may stray into Moldovan airspace, but others appear deliberately routed through Moldova and neighboring states.. Topic tags: general web, security, privacy, regulation, robotics. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fake numbers, clickbait thumbnai
मोल्दोवा की राष्ट्रपति माया सांडू ने कहा है कि रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच मोल्दोवा और आसपास के देशों की हवाई सीमाओं में ड्रोन की घुसपैठ को केवल दुर्घटना मानना सही नहीं होगा। उनके अनुसार, ड्रोन की उड़ान-पथ का विश्लेषण यह संकेत देता है कि कुछ ड्रोन रास्ता भटककर इन देशों में पहुंचे, जबकि कुछ को जानबूझकर मोल्दोवा और क्षेत्र के अन्य देशों की ओर भेजा गया।
सांडू ने यह बात 17 अगस्त को टेलीराडियो मोल्दोवा के एक कार्यक्रम में कही। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस तरह की घटनाएं क्षेत्र की प्रतिक्रिया-क्षमता को परखने का प्रयास हो सकती हैं। हालांकि, हर घटना के पीछे इरादे को सार्वजनिक रूप से पूरी तरह साबित नहीं किया गया है।
9 अगस्त को दक्षिणी मोल्दोवा के क्रोकमाज़ गांव के पास एक ड्रोन-मिसाइल जैसी वस्तु गिरकर फट गई। पुलिस के मुताबिक, मलबा बड़े क्षेत्र में बिखरा और कई घरों को नुकसान पहुंचा, लेकिन किसी के हताहत होने की सूचना नहीं थी। शुरुआती जांच में इसके मलबे की कुछ विशेषताएं निर्देशित मिसाइल जैसी बताई गईं।
सांडू ने इस घटना को रूस के यूक्रेन युद्ध का सीधा परिणाम बताया और कहा कि इससे पूरे क्षेत्र के लोगों के लिए खतरा बढ़ रहा है। मोल्दोवा के विदेश मंत्रालय ने घटना के बाद रूस में अपने राजदूत को परामर्श के लिए वापस बुलाया।
इसके बाद 10–11 अगस्त की रात मोल्दोवा की वायु निगरानी प्रणाली ने ओडेसा क्षेत्र की दिशा से आ रहे एक ऐसे विमानन लक्ष्य का पता लगाया, जिसकी विशेषताएं शहीद-138 या गेरान-2 ड्रोन से मिलती थीं। वह कुछ समय के लिए मोल्दोवा की हवाई सीमा में दाखिल हुआ और फिर बाहर निकल गया। एक अन्य घटना में गेरान-3 या शहीद-238 जैसे ड्रोन के ओडेसा क्षेत्र से मोल्दोवा में प्रवेश करने की सूचना दी गई।
15–16 अगस्त की घटना में मोल्दोवा की सेना ने बताया कि एक अनधिकृत विमान करीब 18 मिनट तक उसके हवाई क्षेत्र में रहा। वह यूक्रेन की दिशा से आया और फिर रोमानिया में दाखिल हुआ। रोमानिया की हवाई निगरानी के बाद नाटो की एयर-पुलिसिंग ड्यूटी पर तैनात स्पेन के F/A-18 हॉर्नेट ने उसे रोमानियाई क्षेत्र के ऊपर मार गिराया।
मोल्दोवा पहले भी हवाई क्षेत्र के उल्लंघनों पर राजनयिक माध्यमों का इस्तेमाल कर चुका है। लेकिन सांडू का तर्क है कि रूस के राजदूत को निष्कासित करना या एक और विरोध-पत्र भेजना राजनीतिक निंदा तो दर्ज करा सकता है, पर इससे ड्रोन के प्रक्षेपण या उनके मार्ग में भौतिक बदलाव नहीं आएगा।
उनके मुताबिक, खतरे को उसके स्रोत पर कम करने का सबसे प्रभावी तरीका यूक्रेन को सैन्य और राजनीतिक समर्थन देना है, ताकि वह रूसी हमलों को रोकने और अपनी हवाई सुरक्षा मजबूत करने में सक्षम हो सके। सांडू ने मोल्दोवा की रक्षा क्षमता बढ़ाने और यूरोप की साझा सुरक्षा को मजबूत करने पर भी जोर दिया है।
मोल्दोवा में हुई घटनाएं रोमानिया और पोलैंड के हवाई क्षेत्र में रूसी ड्रोन से जुड़ी पिछली घटनाओं की व्यापक पृष्ठभूमि का हिस्सा हैं। नाटो सहयोगियों ने इन उल्लंघनों को सामान्य नेविगेशनल गलती के बजाय गंभीर और खतरनाक उकसावे के रूप में देखा। उत्तर अटलांटिक परिषद ने रोमानिया और पोलैंड की घटनाओं पर चर्चा करते हुए रूस को इन हवाई क्षेत्र उल्लंघनों की जिम्मेदारी के लिए जवाबदेह ठहराया।
जर्मनी के लीपज़िग/हाले हवाई अड्डे पर यूक्रेनी कार्गो विमानों के पास विस्फोटक उपकरण से लैस ड्रोन मिलने से चिंताएं और बढ़ीं। जर्मन अधिकारियों ने आतंकवाद-रोधी जांच शुरू की और गृह मंत्री अलेक्जेंडर डोब्रिंट ने इसे ‘हाइब्रिड हमला’ तथा खतरे का ‘नया स्तर’ बताया।
फिर भी, उस चरण पर रूस से इस घटना का सीधा और सार्वजनिक रूप से निर्णायक संबंध साबित नहीं हुआ था। रूस की कथित भूमिका जांच का विषय बनी रही, इसलिए इसे स्थापित तथ्य के बजाय एक आरोप या जांच की दिशा के रूप में देखना जरूरी है।
सांडू का निष्कर्ष यह है कि हर हवाई सीमा उल्लंघन के बाद अलग-अलग राजनयिक प्रतिक्रिया देने के बजाय यूरोप को क्षेत्रीय हवाई सुरक्षा मजबूत करनी चाहिए और यूक्रेन को रूस के हमलों का मुकाबला करने में सक्षम बनाना चाहिए। उनके अनुसार, यूक्रेन की रक्षा क्षमता बढ़ना ही उन हमलों और ड्रोन घुसपैठों को उनके मूल स्रोत पर रोकने का सबसे असरदार उपाय होगा।
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माया सांडू के अनुसार, ड्रोन की उड़ान पथ से संकेत मिलता है कि कुछ ड्रोन गलती से मोल्दोवा में पहुंचे, जबकि कुछ को जानबूझकर मोल्दोवा और क्षेत्र के अन्य देशों की हवाई सीमा की ओर भेजा गया। [37][38][44]
माया सांडू के अनुसार, ड्रोन की उड़ान पथ से संकेत मिलता है कि कुछ ड्रोन गलती से मोल्दोवा में पहुंचे, जबकि कुछ को जानबूझकर मोल्दोवा और क्षेत्र के अन्य देशों की हवाई सीमा की ओर भेजा गया। [37][38][44] 9 अगस्त को दक्षिणी मोल्दोवा के क्रोकमाज़ के पास एक ड्रोन मिसाइल विस्फोट में बदल गई। मलबे से कई घरों को नुकसान पहुंचा, लेकिन किसी की मौत या घायल होने की सूचना नहीं थी। [34][35][36]
10–11 अगस्त को ओडेसा क्षेत्र से आने वाले शहीद प्रकार के ड्रोन ने मोल्दोवा की हवाई सीमा का उल्लंघन किया। 15–16 अगस्त की घटना में एक ड्रोन करीब 18 मिनट तक मोल्दोवा के ऊपर रहा और बाद में रोमानिया में स्पेन के F/A 18 लड़ा...