इतने बड़े विस्तार को केवल परिचालन से आने वाली नकदी से वित्तपोषित करना मुश्किल हो रहा है। Goldman Sachs से जुड़े अनुमानों के अनुसार, हाइपरस्केलर्स का सामूहिक कैपेक्स 2025 में लगभग 405 अरब डॉलर, 2026 में करीब 750 अरब डॉलर और 2027 में लगभग 1.2 ट्रिलियन डॉलर हो सकता है।
2025 में हाइपरस्केलर्स द्वारा जारी निवेश-ग्रेड बॉन्ड की राशि करीब 108 अरब डॉलर बताई गई—जो इस बात का संकेत है कि कंपनियां अपने AI इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार के लिए कर्ज पर भी निर्भर हो रही हैं। 2026 की पहली छमाही में ही निवेश-ग्रेड कर्ज जारी करने की राशि करीब 194 अरब डॉलर बताई गई है और पूरे साल के लिए लगभग 250 अरब डॉलर का अनुमान दिया गया है।
यह अपने आप में संकट का प्रमाण नहीं है। बड़ी टेक कंपनियों की बैलेंस शीट मजबूत है और कर्ज की लागत कई अन्य कंपनियों की तुलना में कम हो सकती है। लेकिन यदि AI से होने वाली कमाई उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ी, तो कम रिटर्न, अतिरिक्त क्षमता और ब्याज भुगतान का दबाव निवेशकों की चिंता बढ़ा सकता है।
AI सेवाओं से राजस्व बढ़ रहा है। कंपनियां क्लाउड उपयोग, उत्पादकता सब्सक्रिप्शन, विज्ञापन में सुधार और शुरुआती एंटरप्राइज पायलट के जरिए कमाई कर रही हैं। समस्या यह है कि यह आय अभी इतनी बड़ी और अलग से स्पष्ट नहीं है कि उससे पूरे इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश पर रिटर्न मापा जा सके।
AI की कमाई अक्सर क्लाउड या सॉफ्टवेयर कारोबार में शामिल होकर आती है। इसलिए यह पता लगाना कठिन है कि किसी डेटा सेंटर, GPU क्लस्टर या मेमोरी खरीद से सीधे कितना राजस्व और मुनाफा पैदा हुआ। द इकोनॉमिस्ट का मुख्य तर्क यही है कि AI राजस्व तेजी से बढ़ने के बावजूद इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च की बढ़ती रफ्तार से मेल नहीं खा रहा।
कंपनियों का दांव इस धारणा पर है कि आने वाले वर्षों में कारोबारी ग्राहक AI मॉडल, एजेंट और क्लाउड सेवाओं का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करेंगे। यदि ऐसा हुआ, तो आज का भारी निवेश उचित साबित हो सकता है। लेकिन यदि प्रयोग सीमित रहे या ग्राहक AI के लिए भुगतान करने को तैयार न हों, तो इस पूंजी पर पर्याप्त रिटर्न मिलना मुश्किल होगा।
AI निवेश के अलग-अलग अनुमानों को एक ही आंकड़ा समझना भ्रम पैदा कर सकता है। Goldman Sachs ने 2026 में वैश्विक AI-संबंधी निवेश करीब 1 ट्रिलियन डॉलर रहने का अनुमान दिया है, जिसमें अमेरिका का हिस्सा लगभग 581 अरब डॉलर है। यह अनुमान वैश्विक और निजी निवेश सहित व्यापक AI-संबंधी पूंजीगत खर्च को मापता है।
इसके विपरीत, द इकोनॉमिस्ट का करीब 900 अरब डॉलर का आंकड़ा अमेरिका की सबसे बड़ी टेक कंपनियों द्वारा भौतिक AI स्टैक—चिप्स, डेटा सेंटर, बिजली और संबंधित क्षमता—पर खर्च का अनुमान है। इसलिए दोनों आंकड़ों को जोड़ना या उन्हें एक ही श्रेणी का मानना सही नहीं होगा।
AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर यह खर्च सीधे AI एक्सेलेरेटर, नेटवर्किंग उपकरण, स्टोरेज और मेमोरी चिप्स की मांग में बदल रहा है। खास तौर पर हाई-बैंडविड्थ मेमोरी (HBM), जिसका इस्तेमाल उन्नत AI प्रोसेसर के साथ किया जाता है, और DRAM तथा NAND मेमोरी की मांग तेजी से बढ़ी है।
WSTS के स्प्रिंग 2026 पूर्वानुमान में वैश्विक सेमीकंडक्टर बाजार के 2026 में 90% बढ़कर 1.51 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया था। इसमें मेमोरी राजस्व करीब 250% बढ़कर 800 अरब डॉलर से अधिक होने का अनुमान था। AI इंफ्रास्ट्रक्चर और तेज कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म को इस वृद्धि का प्रमुख कारण बताया गया।
बाद के आंकड़ों को शामिल करने वाले WSTS अपडेट में 2026 के लिए बाजार का अनुमान करीब 1.655 ट्रिलियन डॉलर, यानी लगभग 108% सालाना वृद्धि, और 2027 के लिए करीब 2.1 ट्रिलियन डॉलर किया गया। Omdia ने भी 2026 में सेमीकंडक्टर राजस्व में 94.1% वृद्धि का अनुमान दिया है, क्योंकि AI मांग DRAM और NAND की आपूर्ति से आगे निकल रही है।
इन अनुमानों में समय और पद्धति का अंतर है। इसलिए 1.51 ट्रिलियन डॉलर, 1.655 ट्रिलियन डॉलर और 94.1% या 108% की वृद्धि दर को एक ही पूर्वानुमान के हिस्से के रूप में नहीं पढ़ना चाहिए।
AI इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग वास्तविक है—चिप ऑर्डर, डेटा सेंटर विस्तार और मेमोरी की कीमतों में उछाल इसका प्रमाण हैं। लेकिन निवेशकों के लिए निर्णायक सवाल मांग का होना नहीं, बल्कि उसका टिकाऊ और लाभदायक राजस्व में बदलना है।
यदि AI एप्लिकेशन पर्याप्त तेज़ी से अपनाए जाते हैं, कंपनियां बेहतर मार्जिन हासिल करती हैं और उत्पादकता में मापने योग्य सुधार आता है, तो यह खर्च चक्र तर्कसंगत साबित हो सकता है। दूसरी ओर, कम उपयोग, अतिरिक्त डेटा सेंटर क्षमता, घटते क्लाउड रिटर्न और बढ़ता कर्ज AI से जुड़ी परिसंपत्तियों के मूल्यांकन पर दबाव डाल सकते हैं।
इसलिए AI की अगली कहानी केवल यह नहीं होगी कि कंपनियां कितना खर्च कर रही हैं। असली परीक्षा यह होगी कि वे इस विशाल, तेजी से पुरानी पड़ने वाली पूंजी को कितनी जल्दी स्थायी कमाई में बदल पाती हैं।