कंपनी के प्रेस विभाग के अनुसार, रात के हमले के दौरान संयंत्र पर प्रहार हुआ और ऊर्जा तथा ब्लास्ट फर्नेस क्षेत्रों की प्रमुख उत्पादन सुविधाएं क्षतिग्रस्त हुईं। बचाव और तलाशी अभियान के दौरान मलबे से दूसरे पीड़ित का शव बरामद किया गया, जिससे संयंत्र में मृतकों की संख्या दो हो गई।
घायलों की संख्या को लेकर रिपोर्टों में अंतर है। कुछ कंपनी बयानों में 13 घायल कर्मचारियों और ठेकेदारों का उल्लेख है, जबकि यूक्रेनी तथा अंतरराष्ट्रीय मीडिया की कुछ रिपोर्टों में यह संख्या 14 बताई गई।
स्टील निर्माण एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है। इसलिए बिजली उत्पादन और ब्लास्ट फर्नेस जैसी बुनियादी प्रणालियों को नुकसान होने से असर केवल एक हिस्से तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उत्पादन की आपस में जुड़ी कई कड़ियां प्रभावित हो सकती हैं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी केवल आंशिक उत्पादन रोकने की पुष्टि करती है; दीर्घकालिक आर्थिक नुकसान का सत्यापित आकलन सामने नहीं आया है।
रूस के रक्षा मंत्रालय ने व्यापक हमले में किसी औद्योगिक या सैन्य-औद्योगिक लक्ष्य पर प्रहार करने की बात स्वीकार की। इसके विपरीत, यूक्रेन और अरसेलरमित्तल ने संयंत्र को नागरिक खनन एवं धातुकर्म प्रतिष्ठान बताया। इन अलग-अलग बयानों के केंद्र में यह विवाद है कि संयंत्र को किस श्रेणी में रखा जाए और क्या उसकी औद्योगिक भूमिका उसे सैन्य लक्ष्य बनाती है।
अरसेलरमित्तल क्रिवी रिह एक एकीकृत खनन और स्टील परिसर है तथा यूक्रेन के प्रमुख औद्योगिक स्थलों में शामिल है। युद्ध के दौरान संयंत्र को पहले भी व्यवधानों का सामना करना पड़ा है। ऊर्जा संकट के बीच यूक्रेन में उत्पादन सीमित करने और एक अन्य परिचालन इकाई को बंद करने की योजना भी सामने आई थी।
क्रिवी रिह पर हमला उसी रात हुए व्यापक रूसी हवाई हमले का हिस्सा था। कीव, ज़ापोरिज़्झिया, सूमी और अन्य इलाकों में आग लगने, नुकसान और अतिरिक्त लोगों के हताहत होने की खबरें आईं। ज़ेलेंस्की ने कहा कि इससे पहले के एक सप्ताह में रूस ने यूक्रेन पर लगभग 1,300 हमलावर ड्रोन, 1,100 से अधिक निर्देशित हवाई बम और करीब 100 मिसाइलें दागीं। ये आंकड़े ज़ेलेंस्की का आकलन हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से सत्यापित कुल संख्या के रूप में पेश नहीं किया गया है।
यह हमला यूक्रेन के एक अन्य स्टील संयंत्र पर हुए घातक हमले के कुछ ही दिन बाद हुआ। ज़ापोरिज़्झिया स्थित ज़ापोरिज़्झस्ताल संयंत्र पर हमले में सात कर्मचारियों की मौत हुई और संयंत्र को कुछ समय के लिए अपना संचालन रोकना पड़ा। यूक्रेनी अधिकारियों ने कहा कि हमले में उत्तर कोरिया से मिले बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल हुआ, हालांकि उद्धृत रिपोर्टों में इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
इसी दौरान यूक्रेन ने मॉस्को क्षेत्र की दिशा में बड़ा ड्रोन हमला किया। रूसी अधिकारियों के अनुसार, कम-से-कम एक व्यक्ति की मौत हुई। मॉस्को क्षेत्र के अधिकारियों ने यह भी कहा कि पोडोल्स्क में एक ड्रोन हमले के बाद वाइल्डबेरीज़ के गोदाम में आग लग गई। मृतकों और नुकसान से जुड़े ये दावे रूसी अधिकारियों के हैं और इन्हें उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
दोनों पक्षों के हमलों से यह स्पष्ट है कि लंबी दूरी की मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल औद्योगिक, लॉजिस्टिक्स तथा ऊर्जा से जुड़े ठिकानों के खिलाफ बढ़ रहा है। हालांकि, केवल इन घटनाओं के आधार पर हर निशाना साधे गए स्थान के सैन्य उद्देश्य या हर आग के कारण की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की जा सकती।
इसी अवधि में सीमा पार हवाई सुरक्षा से जुड़ी एक घटना भी हुई। रोमानिया के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि मोल्दोवा की दिशा से आया एक ड्रोन रोमानियाई हवाई क्षेत्र में घुस गया। नाटो के एयर-पुलिसिंग मिशन पर तैनात स्पेन के एक एफ-18 लड़ाकू विमान ने उसे आबादी से दूर इलाके में मार गिराया। रोमानिया के शुरुआती बयान में ड्रोन की उत्पत्ति निश्चित रूप से नहीं बताई गई।
यह घटना दिखाती है कि यूक्रेन की सीमाओं के पास होने वाले हमले नाटो के हवाई क्षेत्र के लिए भी जोखिम पैदा कर सकते हैं। हालांकि, उद्धृत रिपोर्टों में रोमानिया को जानबूझकर निशाना बनाए जाने का कोई प्रमाण नहीं है। ड्रोन को गिराना हवाई क्षेत्र के उल्लंघन पर की गई रक्षात्मक कार्रवाई थी, न कि इस बात का प्रमाण कि युद्ध जानबूझकर रोमानियाई क्षेत्र तक फैल गया।
क्रिवी रिह पर हमला दो वजहों से महत्वपूर्ण है। पहली, इसमें एक बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठान पर लोगों की मौत और चोटों के साथ-साथ स्टील उत्पादन के लिए जरूरी बिजली तथा भट्ठी प्रणालियों को नुकसान पहुंचा। दूसरी, यह हमला यूक्रेनी शहरों और औद्योगिक ठिकानों पर व्यापक रूसी हमलों, रूस के भीतर यूक्रेनी ड्रोन हमलों और नाटो सदस्य रोमानिया से जुड़ी हवाई क्षेत्र की घटना के साथ हुआ।
उपलब्ध साक्ष्य से सावधानीपूर्वक इतना कहा जा सकता है कि युद्ध का औद्योगिक और ड्रोन आयाम फैल रहा है। हमले तत्काल युद्धक्षेत्र से बाहर भी बड़े जोखिम पैदा कर रहे हैं। लेकिन उपलब्ध रिपोर्टें क्रिवी रिह को निशाना बनाने का सटीक रणनीतिक उद्देश्य, उत्पादन रुकने की पूरी अवधि या रोमानिया में गिराए गए ड्रोन की उत्पत्ति निश्चित रूप से स्थापित नहीं करतीं।
कंपनी के प्रेस विभाग के अनुसार, रात के हमले के दौरान संयंत्र पर प्रहार हुआ और ऊर्जा तथा ब्लास्ट फर्नेस क्षेत्रों की प्रमुख उत्पादन सुविधाएं क्षतिग्रस्त हुईं। बचाव और तलाशी अभियान के दौरान मलबे से दूसरे पीड़ित का शव बरामद किया गया, जिससे संयंत्र में मृतकों की संख्या दो हो गई।
घायलों की संख्या को लेकर रिपोर्टों में अंतर है। कुछ कंपनी बयानों में 13 घायल कर्मचारियों और ठेकेदारों का उल्लेख है, जबकि यूक्रेनी तथा अंतरराष्ट्रीय मीडिया की कुछ रिपोर्टों में यह संख्या 14 बताई गई।
स्टील निर्माण एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है। इसलिए बिजली उत्पादन और ब्लास्ट फर्नेस जैसी बुनियादी प्रणालियों को नुकसान होने से असर केवल एक हिस्से तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उत्पादन की आपस में जुड़ी कई कड़ियां प्रभावित हो सकती हैं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी केवल आंशिक उत्पादन रोकने की पुष्टि करती है; दीर्घकालिक आर्थिक नुकसान का सत्यापित आकलन सामने नहीं आया है।
रूस के रक्षा मंत्रालय ने व्यापक हमले में किसी औद्योगिक या सैन्य-औद्योगिक लक्ष्य पर प्रहार करने की बात स्वीकार की। इसके विपरीत, यूक्रेन और अरसेलरमित्तल ने संयंत्र को नागरिक खनन एवं धातुकर्म प्रतिष्ठान बताया। इन अलग-अलग बयानों के केंद्र में यह विवाद है कि संयंत्र को किस श्रेणी में रखा जाए और क्या उसकी औद्योगिक भूमिका उसे सैन्य लक्ष्य बनाती है।
अरसेलरमित्तल क्रिवी रिह एक एकीकृत खनन और स्टील परिसर है तथा यूक्रेन के प्रमुख औद्योगिक स्थलों में शामिल है। युद्ध के दौरान संयंत्र को पहले भी व्यवधानों का सामना करना पड़ा है। ऊर्जा संकट के बीच यूक्रेन में उत्पादन सीमित करने और एक अन्य परिचालन इकाई को बंद करने की योजना भी सामने आई थी।
क्रिवी रिह पर हमला उसी रात हुए व्यापक रूसी हवाई हमले का हिस्सा था। कीव, ज़ापोरिज़्झिया, सूमी और अन्य इलाकों में आग लगने, नुकसान और अतिरिक्त लोगों के हताहत होने की खबरें आईं। ज़ेलेंस्की ने कहा कि इससे पहले के एक सप्ताह में रूस ने यूक्रेन पर लगभग 1,300 हमलावर ड्रोन, 1,100 से अधिक निर्देशित हवाई बम और करीब 100 मिसाइलें दागीं। ये आंकड़े ज़ेलेंस्की का आकलन हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से सत्यापित कुल संख्या के रूप में पेश नहीं किया गया है।
यह हमला यूक्रेन के एक अन्य स्टील संयंत्र पर हुए घातक हमले के कुछ ही दिन बाद हुआ। ज़ापोरिज़्झिया स्थित ज़ापोरिज़्झस्ताल संयंत्र पर हमले में सात कर्मचारियों की मौत हुई और संयंत्र को कुछ समय के लिए अपना संचालन रोकना पड़ा। यूक्रेनी अधिकारियों ने कहा कि हमले में उत्तर कोरिया से मिले बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल हुआ, हालांकि उद्धृत रिपोर्टों में इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
इसी दौरान यूक्रेन ने मॉस्को क्षेत्र की दिशा में बड़ा ड्रोन हमला किया। रूसी अधिकारियों के अनुसार, कम-से-कम एक व्यक्ति की मौत हुई। मॉस्को क्षेत्र के अधिकारियों ने यह भी कहा कि पोडोल्स्क में एक ड्रोन हमले के बाद वाइल्डबेरीज़ के गोदाम में आग लग गई। मृतकों और नुकसान से जुड़े ये दावे रूसी अधिकारियों के हैं और इन्हें उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
दोनों पक्षों के हमलों से यह स्पष्ट है कि लंबी दूरी की मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल औद्योगिक, लॉजिस्टिक्स तथा ऊर्जा से जुड़े ठिकानों के खिलाफ बढ़ रहा है। हालांकि, केवल इन घटनाओं के आधार पर हर निशाना साधे गए स्थान के सैन्य उद्देश्य या हर आग के कारण की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की जा सकती।
इसी अवधि में सीमा पार हवाई सुरक्षा से जुड़ी एक घटना भी हुई। रोमानिया के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि मोल्दोवा की दिशा से आया एक ड्रोन रोमानियाई हवाई क्षेत्र में घुस गया। नाटो के एयर-पुलिसिंग मिशन पर तैनात स्पेन के एक एफ-18 लड़ाकू विमान ने उसे आबादी से दूर इलाके में मार गिराया। रोमानिया के शुरुआती बयान में ड्रोन की उत्पत्ति निश्चित रूप से नहीं बताई गई।
यह घटना दिखाती है कि यूक्रेन की सीमाओं के पास होने वाले हमले नाटो के हवाई क्षेत्र के लिए भी जोखिम पैदा कर सकते हैं। हालांकि, उद्धृत रिपोर्टों में रोमानिया को जानबूझकर निशाना बनाए जाने का कोई प्रमाण नहीं है। ड्रोन को गिराना हवाई क्षेत्र के उल्लंघन पर की गई रक्षात्मक कार्रवाई थी, न कि इस बात का प्रमाण कि युद्ध जानबूझकर रोमानियाई क्षेत्र तक फैल गया।
क्रिवी रिह पर हमला दो वजहों से महत्वपूर्ण है। पहली, इसमें एक बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठान पर लोगों की मौत और चोटों के साथ-साथ स्टील उत्पादन के लिए जरूरी बिजली तथा भट्ठी प्रणालियों को नुकसान पहुंचा। दूसरी, यह हमला यूक्रेनी शहरों और औद्योगिक ठिकानों पर व्यापक रूसी हमलों, रूस के भीतर यूक्रेनी ड्रोन हमलों और नाटो सदस्य रोमानिया से जुड़ी हवाई क्षेत्र की घटना के साथ हुआ।
उपलब्ध साक्ष्य से सावधानीपूर्वक इतना कहा जा सकता है कि युद्ध का औद्योगिक और ड्रोन आयाम फैल रहा है। हमले तत्काल युद्धक्षेत्र से बाहर भी बड़े जोखिम पैदा कर रहे हैं। लेकिन उपलब्ध रिपोर्टें क्रिवी रिह को निशाना बनाने का सटीक रणनीतिक उद्देश्य, उत्पादन रुकने की पूरी अवधि या रोमानिया में गिराए गए ड्रोन की उत्पत्ति निश्चित रूप से स्थापित नहीं करतीं।