Samsung Electronics, SK Hynix और Micron जैसे प्रमुख निर्माता एक ही सवाल का व्यावसायिक जवाब दे रहे हैं: सीमित उत्पादन क्षमता को उस उत्पाद में लगाया जाए जहां मार्जिन और दीर्घकालिक मांग दोनों अधिक हों।
AI एक्सेलेरेटर के साथ इस्तेमाल होने वाली HBM और उन्नत सर्वर मेमोरी सामान्य PC या स्मार्टफोन DRAM की तुलना में अधिक महंगी और लाभदायक है। इसके अलावा, बड़े क्लाउड सेवा प्रदाता लंबे समय के सप्लाई समझौते करते हैं। इससे निर्माताओं को मांग और राजस्व का अधिक भरोसा मिलता है।
इसलिए यह केवल इतना नहीं है कि AI कंपनियां ज्यादा चिप खरीद रही हैं। उत्पादन लाइन और उन्नत प्रक्रिया-क्षमता भी HBM तथा सर्वर उत्पादों की ओर मोड़ी जा रही है। नतीजतन, उपभोक्ता उपकरणों के लिए उपलब्ध पारंपरिक DRAM और NAND कम पड़ रहे हैं।
Reuters के अनुसार, Samsung और SK Hynix ने AI वर्कलोड को सपोर्ट करने वाली अधिक मार्जिन वाली मेमोरी की ओर उत्पादन मोड़ने के संकेत दिए हैं। Apple के CEO Tim Cook ने भी कहा कि मेमोरी की बढ़ती बाजार कीमतें कंपनी के मुनाफे पर दबाव डालने लगी हैं।
इस संकट के खत्म होने की कोई सर्वमान्य तारीख नहीं है। TrendForce का मौजूदा आकलन है कि DRAM आपूर्ति 2027 तक तंग रह सकती है। J.P. Morgan का कहना है कि मांग और आपूर्ति के बीच असंतुलन को दूर होने में कई साल लग सकते हैं।
कुछ उद्योग अनुमानों में सार्थक राहत 2027–28 या उसके बाद आने की बात कही गई है। Deloitte ने नई क्षमता के उत्पादन में आने की समयसीमा को देखते हुए संकट के 2029 तक बने रहने की संभावना जताई है। ये सभी अनुमान हैं, तय तथ्य नहीं।
कीमतों का सबसे तेज झटका संभवतः 2026 की पहली और दूसरी तिमाही में आया। फिर भी, अगर आगे तिमाही वृद्धि धीमी भी पड़ती है, तो कम आपूर्ति के कारण कीमतें तुरंत पुराने स्तर पर लौटेंगी—ऐसा मानने का आधार नहीं है।
निर्माता बढ़ी हुई मेमोरी लागत को कई तरीकों से संभाल सकते हैं:
कम कीमत वाले उपकरणों पर असर अधिक हो सकता है, क्योंकि उनमें मेमोरी लागत कुल निर्माण लागत का बड़ा हिस्सा होती है और मार्जिन पहले से कम रहता है।
Reuters ने बताया कि HP और Raspberry Pi जैसी कंपनियों ने बढ़ी हुई कंपोनेंट लागत के बीच कीमतों में बदलाव किया या इसकी तैयारी की। स्मार्टफोन, PC और गेमिंग कंसोल की वैश्विक मांग पर भी दबाव पड़ने का अनुमान है।
लैपटॉप, स्मार्टफोन, गेमिंग हार्डवेयर और SSD वाले उपकरणों पर व्यापक कीमत दबाव के संकेत मिल रहे हैं। TVs और हैंडहेल्ड डिवाइसों के मामले में महंगी DRAM और NAND का असर समझ में आता है, लेकिन उपलब्ध स्रोत हर मॉडल या हर बाजार में कीमत बढ़ने की पुष्टि नहीं करते। इसलिए इन श्रेणियों के लिए कोई एक सार्वभौमिक वैश्विक कीमत-वृद्धि आंकड़ा देना उचित नहीं होगा।
मेमोरी उत्पादन बढ़ाना किसी सामान्य फैक्ट्री में अतिरिक्त शिफ्ट शुरू करने जैसा नहीं है। नई फैब के लिए अरबों डॉलर का निवेश, विशेष उपकरण, निर्माण, इंस्टॉलेशन, प्रक्रिया परीक्षण, गुणवत्ता प्रमाणन और ग्राहक सत्यापन जरूरी होता है। HBM के मामले में उन्नत चिप-स्टैकिंग और पैकेजिंग भी शामिल है।
इस पूरी प्रक्रिया में कई साल लग सकते हैं। SK Hynix की दो नई मेमोरी फैब के लिए घोषित 5.4 ट्रिलियन कोरियाई वॉन यानी करीब 38.1 अरब डॉलर की योजना इस निवेश के पैमाने को दिखाती है, लेकिन इससे तत्काल बाजार में चिप उपलब्ध नहीं हो जाती।
Deloitte के अनुसार, निर्माताओं का बढ़ता पूंजीगत खर्च नई क्षमता तो बनाएगा, लेकिन उसका प्रभावी उत्पादन 2029 या 2030 से पहले बड़े पैमाने पर दिखना मुश्किल हो सकता है।
अब चिंता केवल DRAM और HBM तक सीमित नहीं है। Nvidia के आगामी Vera Rubin AI सिस्टम में Inference Context Memory Storage (ICMS) जैसी व्यवस्था के लिए बड़ी मात्रा में एंटरप्राइज SSD और NAND Flash की जरूरत पड़ सकती है।
Citi के एक अनुमान के अनुसार, प्रत्येक Vera Rubin सर्वर सिस्टम के लिए करीब 1,152 TB अतिरिक्त NAND की आवश्यकता हो सकती है। कुछ अनुमानों में 2026 में 30,000 और 2027 में 100,000 सिस्टम शिपमेंट मानकर, Nvidia के सर्वरों के लिए NAND मांग 2027 में लगभग 115.2 मिलियन TB तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।
यदि Vera Rubin की तैनाती अनुमान के अनुसार बढ़ती है, तो AI ऑपरेटर लंबे समय के अनुबंधों के जरिए NAND सेल और एंटरप्राइज SSD क्षमता सुरक्षित कर सकते हैं। इसका असर उपभोक्ता SSD, फोन, कंसोल और अन्य फ्लैश-स्टोरेज उत्पादों की उपलब्धता तथा कीमतों पर पड़ सकता है। हालांकि यह अभी एक संभावित जोखिम का अनुमान है, पूर्ण NAND संकट का स्थापित प्रमाण नहीं।
Apple के सामने दोहरा दबाव है। उसे पर्याप्त मेमोरी आपूर्ति चाहिए, लेकिन बढ़ती लागत उसके मार्जिन को प्रभावित कर रही है। वैकल्पिक सप्लायर को Apple की गुणवत्ता और विश्वसनीयता प्रक्रियाओं में शामिल करने में समय लगता है। साथ ही, उसकी सप्लाई चेन अमेरिका-चीन तकनीकी प्रतिबंधों से भी प्रभावित होती है। Apple ने मेमोरी की बढ़ती कीमतों से मुनाफे पर दबाव की बात सार्वजनिक रूप से स्वीकार की है।
चीनी मेमोरी निर्माता पारंपरिक मेमोरी की आपूर्ति में विविधता ला सकते हैं, लेकिन उन्नत HBM में दक्षिण कोरियाई और अमेरिकी प्रमुख कंपनियों की जगह लेना आसान नहीं है। तकनीकी क्षमता, ग्राहक प्रमाणन, निर्यात नियंत्रण और उन्नत सेमीकंडक्टर उपकरणों पर अमेरिकी प्रतिबंध बड़ी बाधाएं हैं। उपलब्ध स्रोत यह साबित नहीं करते कि Apple ने चीनी मेमोरी सप्लायरों की ओर निर्णायक और व्यापक बदलाव कर लिया है।
यही वजह है कि भू-राजनीति केवल कीमतों को प्रभावित नहीं कर रही—वह विकल्पों की संख्या भी सीमित कर रही है। निर्माता कम समय में किसी दूसरे देश में उत्पादन स्थानांतरित नहीं कर सकते और न ही उन्नत HBM क्षमता को तुरंत दोहरा सकते हैं।
‘चिपफ्लेशन’ का मूल कारण AI डेटा सेंटरों की असाधारण मांग और सीमित मेमोरी क्षमता का टकराव है। Samsung और SK Hynix के लिए AI सर्वर मेमोरी अधिक लाभदायक और लंबे समय के अनुबंधों से जुड़ी है, इसलिए उपभोक्ता DRAM और NAND पीछे छूट रहे हैं।
सबसे तेज कीमत वृद्धि का दौर शायद 2026 की पहली छमाही में रहा हो, लेकिन आपूर्ति तंग रहने तक लैपटॉप, फोन, गेमिंग डिवाइस और SSD की कीमतों पर दबाव बना रहेगा। नई फैब और पैकेजिंग क्षमता आने में वर्षों लगेंगे, जबकि Vera Rubin जैसे AI सिस्टम NAND पर एक नया दबाव बिंदु जोड़ सकते हैं। इसलिए निकट भविष्य में राहत की उम्मीद से अधिक, महंगी मेमोरी और सीमित कॉन्फिगरेशन की संभावना दिखाई देती है।