इससे बाजार में concentration risk यानी कुछ बड़ी कंपनियों पर अत्यधिक निर्भरता पैदा होती है। निवेशक किसी व्यापक इंडेक्स फंड को विविधीकृत मान सकते हैं, लेकिन अगर उसके प्रदर्शन का बड़ा हिस्सा कुछ ही कंपनियों से आ रहा हो, तो उन कंपनियों की उम्मीदों में बदलाव पूरे पोर्टफोलियो को प्रभावित कर सकता है।
ये सातों कंपनियां एक जैसी नहीं हैं, लेकिन AI निवेश की अलग-अलग अहम कड़ियों पर उनका प्रभाव है—क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर, चिप्स, सॉफ्टवेयर, डिजिटल विज्ञापन, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और उपभोक्ता तकनीक। इनका आकार इतना बड़ा है कि मजबूत तिमाही नतीजे उनके शेयरों के साथ-साथ उन इंडेक्स को भी ऊपर खींचते हैं, जिनमें उनका वजन अधिक है।
ECB के आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर 2025 की समीक्षा में शामिल एक अवधि के दौरान Magnificent Seven के शेयर 8 अप्रैल से 58% चढ़े, जबकि S&P 500 की बाकी कंपनियों में बढ़त 24% रही।
ऐसी तेजी खुद को और मजबूत कर सकती है। शेयर कीमत बढ़ने पर कंपनी का बाजार मूल्य और इंडेक्स में उसका वजन बढ़ता है। मजबूत नतीजे निवेशकों को भविष्य की कमाई के अनुमान और ऊपर ले जाने के लिए प्रेरित करते हैं। लेकिन यही प्रक्रिया उलटी दिशा में भी काम करती है। अगर कमाई के अनुमान घटते हैं, तो असर इंडेक्स फंड, संस्थागत पोर्टफोलियो और अमेरिकी शेयरों से जुड़े दूसरे निवेशों तक फैल सकता है।
Technology Select Sector SPDR Fund यानी XLK से जुड़ा आंकड़ा पहली नजर में उलझन पैदा करता है। फंड का एक साल का रिटर्न करीब 42% रहा और उपलब्ध आंकड़ों में 45 दिनों की उसकी सबसे तेज रैली दर्ज हुई, फिर भी उसका forward price-to-earnings multiple लगभग 30% घटकर एक रिपोर्टेड निचले स्तर पर पहुंच गया।
इसका कारण P/E अनुपात का दूसरा हिस्सा है:
Forward P/E = शेयर कीमत ÷ भविष्य की अनुमानित कमाई
अगर विश्लेषक भविष्य की कमाई के अनुमान शेयर कीमत से तेज गति से बढ़ा दें, तो कीमत चढ़ने के बावजूद forward P/E घट सकता है। उपलब्ध तुलना में इस multiple में गिरावट को अनुमानित कमाई में करीब 80% बढ़ोतरी से जोड़ा गया था।
हालांकि इन प्रतिशतों को एक ही समयावधि का सटीक लेखा-जोखा नहीं मानना चाहिए। अगर कीमत 42% बढ़े और कमाई 80% बढ़े, तो एक जैसे शुरुआती और अंतिम दिनों, समान कंपनियों और समान अनुमानों की स्थिति में P/E में गिरावट लगभग 21% बनती है। इसलिए रिपोर्ट की गई 30% गिरावट अलग-अलग समयावधियों, कंपनियों की संरचना या कमाई के अनुमान वाली श्रृंखला को दर्शाती हुई लगती है।
फिर भी मूल बात महत्वपूर्ण है: forward P/E का गिरना बाजार के सस्ता होने का प्रमाण नहीं है। यह केवल इस बात का संकेत हो सकता है कि निवेशक भविष्य में बहुत तेज कमाई की उम्मीद कर रहे हैं।
भविष्य की कमाई पर आधारित वैल्यूएशन तभी टिकेगा, जब विश्लेषकों के अनुमान वास्तव में पूरे हों। AI से जुड़े शेयरों की मौजूदा कीमतों में आम तौर पर इन धारणाओं का समावेश है:
Goldman Sachs के अनुमान के अनुसार, 2022 के अंत से AI से जुड़ी कंपनियों के बाजार मूल्य में करीब 27 ट्रिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हुई है। यह आज के अमेरिकी शेयर बाजार के लगभग 36% के बराबर है। Goldman Sachs का कहना है कि इस बाजार मूल्य को भविष्य के मुनाफे की संभावित बढ़ोतरी से जोड़ा जा सकता है, लेकिन इसके लिए अधिक आशावादी धारणाएं अपनानी होंगी।
यही ‘सस्ता’ शब्द की सबसे बड़ी शर्त है। कम forward P/E का मतलब यह नहीं कि शेयर मौजूदा, वास्तव में हासिल की गई कमाई के मुकाबले सस्ते हैं। इसका अर्थ यह भी हो सकता है कि बाजार ने भविष्य में मुनाफे के बहुत बड़े विस्तार को पहले ही कीमत में शामिल कर लिया है।
मान लीजिए शेयर की कीमत वहीं रहती है, लेकिन विश्लेषक कमाई के अनुमान घटा देते हैं। तब forward P/E अपने-आप बढ़ जाएगा, क्योंकि उसका denominator यानी अनुमानित कमाई कम हो गई है। निवेशक नई कमाई की संभावना के मुकाबले शेयर को महंगा मान सकते हैं और कीमत घटने लग सकती है।
ऐसी उम्मीदों में बदलाव कई कारणों से आ सकता है:
ECB ने पहले भी AI से जुड़े वैल्यूएशन की उम्मीदों में बदलाव के प्रति संवेदनशीलता पर जोर दिया है। DeepSeek-R1 मॉडल के जारी होने के बाद बाजार की प्रतिक्रिया को उसने उदाहरण के तौर पर उद्धृत किया था कि AI की क्षमता और निवेश की जरूरतों को लेकर धारणाएं कितनी तेजी से वैल्यूएशन बदल सकती हैं।
Bank of England (BoE) ने कुछ अमेरिकी वैल्यूएशन संकेतकों की तुलना dot-com boom के शिखर से अधिक सीधे तौर पर की है। उसके विश्लेषण के अनुसार, अमेरिकी इंडेक्स के कुछ multiples dot-com bubble के उच्चतम स्तरों के करीब पहुंच गए थे। BoE ने यह भी अनुमान दिया कि अक्टूबर 2025 में AI शेयर S&P 500 के कुल बाजार पूंजीकरण का करीब 44% थे, जो 2022 के अंत में लगभग 26% था।
BoE की जुलाई 2026 Financial Stability Report में कहा गया कि AI कंपनियों का वैल्यूएशन व्यापक शेयर इंडेक्स की तुलना में तेज गति से बढ़ा है। रिपोर्ट ने चेताया कि बढ़ता concentration risk किसी भी revaluation यानी वैल्यूएशन में दोबारा गिरावट के असर को बढ़ा सकता है।
दोनों केंद्रीय बैंकों के जोर में थोड़ा फर्क है। BoE संभावित गिरावट के आकार और उसके दूसरे बाजारों तक पहुंचने पर अधिक ध्यान देता है। ECB इस बात पर केंद्रित है कि भविष्य की कमाई की उम्मीदें मौजूदा कीमतों को कितना सहारा दे रही हैं और उस कहानी पर भरोसा कमजोर पड़ने पर क्या हो सकता है। निष्कर्ष दोनों का लगभग एक ही है: जब बाजार कुछ बड़ी कंपनियों पर बहुत निर्भर हो, तो उम्मीदों को लगा झटका शुरुआती निराशा से कहीं बड़ा असर पैदा कर सकता है।
उपलब्ध साक्ष्य यह साबित नहीं करते कि हर AI शेयर बबल में है या बाजार में गिरावट निश्चित है। आज की प्रमुख कंपनियां बड़े राजस्व और मुनाफे वाले स्थापित कारोबार हैं। यह स्थिति dot-com दौर के उन अनेक घाटे में चल रहे उपक्रमों से अलग है, जिनके पास टिकाऊ कमाई नहीं थी।
फिर भी लाभ कमाने वाली कंपनी का शेयर भी जरूरत से ज्यादा महंगा हो सकता है। ECB की चेतावनी सशर्त है: अगर शेयर कीमतें वास्तविक मुनाफे से आगे निकलती रहीं या AI से जुड़ी अनुमानित कमाई की बड़ी छलांग नहीं आई, तो वैल्यूएशन में तेज गिरावट हो सकती है। अमेरिकी टेक कंपनियों में दुनिया भर के निवेशकों की हिस्सेदारी है, इसलिए ऐसी repricing अमेरिकी इंडेक्स के अलावा यूरोपीय बाजारों और व्यापक वित्तीय परिस्थितियों को भी प्रभावित कर सकती है।
निवेशकों के लिए व्यावहारिक सबक headline multiple से आगे देखने का है। यह अलग करना जरूरी है कि कौन-सी कमाई पहले ही हासिल हो चुकी है और कौन-सी कमाई आने वाले वर्षों में बिना रुकावट AI अपनाने, डेटा सेंटर निवेश और मजबूत मार्जिन पर निर्भर है। AI रैली का कुछ हिस्सा वास्तविक तकनीकी प्रगति से उचित हो सकता है—लेकिन इसकी टिकाऊ ताकत इस बात पर निर्भर करेगी कि वास्तविक मुनाफा आखिरकार उम्मीदों तक पहुंचता है या नहीं।